जैविक संसाधन (Biological Resources)
1. वन्य जीवन
परिभाषा और महत्व
वन्य जीवन में सभी जंगली प्रजातियाँ, जैसे स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप, उभयचर, मछलियाँ, और कीट शामिल हैं, जो प्राकृतिक आवासों में रहते हैं। ये पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन, परागण, और खाद्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- पारिस्थितिक महत्व: जैव विविधता बनाए रखना, मृदा उर्वरता, और जल चक्र।
- आर्थिक महत्व: पर्यटन, औषधीय संसाधन, और मत्स्य पालन।
- सांस्कृतिक महत्व: भारत में बाघ और मोर जैसे प्राणी सांस्कृतिक प्रतीक हैं।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 2025 में 50,000 से अधिक प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जो विश्व की जैव विविधता का 8.1% है।
भारत में प्रमुख वन्य जीवन
भारत में विविध जलवायु और भौगोलिक क्षेत्रों के कारण समृद्ध वन्य जीवन है। प्रमुख प्रजातियाँ:
| प्रजाति |
आवास |
संरक्षण स्थिति |
| बंगाल टाइगर |
सुंदरबन, जिम कॉर्बेट |
संकटग्रस्त (IUCN) |
| एशियाई शेर |
गिर वन, गुजरात |
संकटग्रस्त |
| गंगा डॉल्फिन |
गंगा, ब्रह्मपुत्र |
अति संकटग्रस्त |
| भारतीय गैंडा |
काजीरंगा, असम |
सुभेद्य |
| हिम तेंदुआ |
हिमाचल, लद्दाख |
सुभेद्य |
अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत में बाघों की जनसंख्या 4,000 तक पहुँच गई है, जो प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता को दर्शाता है।
2. राष्ट्रीय उद्यान
परिभाषा और विशेषताएँ
राष्ट्रीय उद्यान संरक्षित क्षेत्र हैं, जो वन्य जीवन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए स्थापित किए गए हैं। इनमें मानवीय गतिविधियाँ (जैसे खनन, शिकार) पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
- उद्देश्य: जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन।
- प्रबंधन: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत।
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान
| राष्ट्रीय उद्यान |
स्थान |
प्रमुख प्रजातियाँ |
| जिम कॉर्बेट |
उत्तराखंड |
बाघ, हाथी |
| काजीरंगा |
असम |
एक सींग वाला गैंडा |
| सुंदरबन |
पश्चिम बंगाल |
बंगाल टाइगर, मैंग्रोव |
| रंथंभौर |
राजस्थान |
बाघ, तेंदुआ |
| पेरियार |
केरल |
हाथी, नीलगाय |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: जिम कॉर्बेट भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1936 में स्थापित किया गया। भारत में 2025 में 106 राष्ट्रीय उद्यान हैं।
3. अभयारण्य
परिभाषा और विशेषताएँ
वन्यजीव अभयारण्य संरक्षित क्षेत्र हैं, जहाँ सीमित मानवीय गतिविधियाँ (जैसे पर्यटन) की अनुमति होती है। ये विशिष्ट प्रजातियों के संरक्षण के लिए स्थापित किए जाते हैं।
- उद्देश्य: प्रजातियों का संरक्षण, अनुसंधान, और पर्यावरण शिक्षा।
- प्रबंधन: राज्य सरकारों द्वारा।
प्रमुख अभयारण्य
| अभयारण्य |
स्थान |
प्रमुख प्रजातियाँ |
| पेरियार वन्यजीव अभयारण्य |
केरल |
हाथी, बारहसिंगा |
| सारिस्का |
राजस्थान |
तेंदुआ, सांभर |
| मुदुमलाई |
तमिलनाडु |
हाथी, गौर |
| घाना पक्षी अभयारण्य |
राजस्थान |
साइबेरियन सारस, डेमोइसेल क्रेन |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 2025 में 565 वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो देश के 4% क्षेत्र को कवर करते हैं।
4. बॉयोस्फीयर रिजर्व
परिभाषा और विशेषताएँ
बॉयोस्फीयर रिजर्व बड़े संरक्षित क्षेत्र हैं, जो जैव विविधता, मानव गतिविधियों, और अनुसंधान के बीच संतुलन बनाते हैं। ये UNESCO के मैन एंड बॉयोस्फीयर (MAB) कार्यक्रम के तहत मान्यता प्राप्त हैं।
- क्षेत्र:
- मुख्य क्षेत्र: पूर्ण संरक्षण।
- बफर क्षेत्र: सीमित मानवीय गतिविधियाँ।
- संक्रमण क्षेत्र: टिकाऊ विकास।
भारत के प्रमुख बॉयोस्फीयर रिजर्व
| बॉयोस्फीयर रिजर्व |
स्थान |
विशेषताएँ |
| नीलगिरि |
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक |
पश्चिमी घाट, हाथी, नीलगाय |
| सुंदरबन |
पश्चिम बंगाल |
मैंग्रोव, बंगाल टाइगर |
| नंदा देवी |
उत्तराखंड |
हिम तेंदुआ, हिमालयी वनस्पति |
| मानस |
असम |
गैंडा, जंगली भैंस |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 18 बॉयोस्फीयर रिजर्व हैं, जिनमें से 11 UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।
अतिरिक्त तथ्य: सुंदरबन बॉयोस्फीयर रिजर्व विश्व का एकमात्र मैंग्रोव क्षेत्र है, जहाँ बाघ पाए जाते हैं। 2025 में यह समुद्र स्तर वृद्धि के कारण खतरे में है।
5. जैव विविधता हॉटस्पॉट
परिभाषा और विशेषताएँ
जैव विविधता हॉटस्पॉट वे क्षेत्र हैं, जहाँ उच्च प्रजाति विविधता और संकटग्रस्त प्रजातियाँ होती हैं, लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण खतरा है। विशेषताएँ:
- कम से कम 1,500 स्थानिक पौधों की प्रजातियाँ।
- कम से कम 70% मूल वनस्पति का नुकसान।
भारत में जैव विविधता हॉटस्पॉट
भारत में दो प्रमुख जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं:
- पश्चिमी घाट:
- स्थान: महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल।
- विशेषताएँ: 7,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ, 325 संकटग्रस्त प्रजातियाँ।
- उदाहरण: नीलगिरि बॉयोस्फीयर रिजर्व।
- पूर्वी हिमालय:
- स्थान: अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम।
- विशेषताएँ: 10,000 पौधों की प्रजातियाँ, हिम तेंदुआ, लाल पांडा।
- उदाहरण: नमदफा राष्ट्रीय उद्यान।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: पश्चिमी घाट विश्व के 36 जैव विविधता हॉटस्पॉट्स में से एक है और UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।
खतरे और संरक्षण
जैव विविधता हॉटस्पॉट पर खतरे:
- वनों की कटाई: कृषि और शहरीकरण।
- जलवायु परिवर्तन: प्रजातियों का स्थानांतरण।
- आक्रामक प्रजातियाँ: स्थानिक प्रजातियों को नुकसान।
संरक्षण उपाय:
- संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार।
- पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: CITES, रामसर संधि।
अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत ने जैव विविधता संरक्षण के लिए राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना को और मजबूत किया, जिससे 30% संरक्षित क्षेत्रों में वृद्धि हुई है।