जनसंख्या और बस्तियाँ (Population and Settlements)
1. जनसंख्या: वितरण, विकास, संरचना
जनसंख्या वितरण
जनसंख्या वितरण पृथ्वी पर लोगों का स्थानिक फैलाव दर्शाता है, जो प्राकृतिक और मानवीय कारकों पर निर्भर करता है।
भारत में जनसंख्या वितरण असमान है:
- उच्च घनत्व क्षेत्र: गंगा मैदान, तटीय क्षेत्र (जैसे पश्चिम बंगाल, केरल)।
- निम्न घनत्व क्षेत्र: हिमालय, थार मरुस्थल, पूर्वोत्तर पहाड़ियाँ।
- विश्व परिदृश्य: सबसे घने क्षेत्र: दक्षिण और पूर्वी एशिया (भारत, चीन)।
| क्षेत्र |
जनसंख्या घनत्व (2025) |
विशेषताएँ |
| गंगा मैदान |
800-1000 व्यक्ति/वर्ग किमी |
उपजाऊ मृदा, कृषि |
| थार मरुस्थल |
50-100 व्यक्ति/वर्ग किमी |
शुष्क, कम संसाधन |
| हिमालय |
20-50 व्यक्ति/वर्ग किमी |
पर्वतीय, कम पहुँच |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 2025 में औसत जनसंख्या घनत्व 480 व्यक्ति/वर्ग किमी है, जो
विश्व औसत (60 व्यक्ति/वर्ग किमी) से काफी अधिक है।
जनसंख्या विकास
जनसंख्या विकास जन्म दर, मृत्यु दर, और प्रवास पर निर्भर करता है। भारत में जनसंख्या विकास के चरण:
- चरण I (1920 तक): उच्च जन्म और मृत्यु दर, धीमा विकास।
- चरण II (1920-1980): उच्च जन्म दर, घटती मृत्यु दर, तीव्र विकास।
- चरण III (1980-वर्तमान): घटती जन्म और मृत्यु दर, मध्यम विकास।
वर्तमान स्थिति (2025): भारत की जनसंख्या 1.45 बिलियन, वार्षिक वृद्धि दर 0.8%।
अतिरिक्त तथ्य: भारत ने 2022 में चीन को पीछे छोड़कर विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन
गया।
जनसंख्या संरचना
जनसंख्या संरचना में आयु, लिंग, और सामाजिक-आर्थिक विशेषताएँ शामिल हैं:
- आयु संरचना: भारत में 2025 में 65% जनसंख्या कार्यशील आयु (15-59 वर्ष) में है।
- लिंग अनुपात: 940 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष (2025)।
- साक्षरता: 82% (पुरुष: 88%, महिला: 76%)।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत की जनसंख्या में युवा वर्ग (15-34 वर्ष) 35% है, जो "जनसांख्यिकीय
लाभांश" प्रदान करता है।
2. ग्रामीण बस्तियाँ: प्रकार, पैटर्न, आकारिकी
प्रकार
ग्रामीण बस्तियाँ प्राकृतिक और आर्थिक कारकों पर आधारित होती हैं। भारत में प्रमुख प्रकार:
| प्रकार |
विवरण |
उदाहरण |
| कृषि बस्तियाँ |
कृषि और पशुपालन पर आधारित |
पंजाब, हरियाणा |
| मछली पकड़ने वाली |
तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन |
केरल, गोवा |
| खनन बस्तियाँ |
खनिज संसाधनों के निकट |
झारखंड, छत्तीसगढ़ |
| पशुचारण बस्तियाँ |
अस्थायी, पशुपालन पर आधारित |
राजस्थान बंजारा |
पैटर्न
ग्रामीण बस्तियों का स्थानिक वितरण विभिन्न पैटर्न में होता है:
- गुच्छित (Clustered): घर निकट, उपजाऊ क्षेत्रों में। उदाहरण: गंगा मैदान।
- रेखीय (Linear): नदियों, सड़कों के किनारे। उदाहरण: यमुना नदी के गाँव।
- विकिरण (Dispersed): दूर-दूर, पहाड़ी क्षेत्रों में। उदाहरण: हिमालय।
- ताराकार (Star-shaped): सड़कों के चौराहे पर। उदाहरण: दक्कन पठार।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 70% ग्रामीण बस्तियाँ गुच्छित पैटर्न की हैं, विशेष रूप से
उत्तर भारत में।
आकारिकी
ग्रामीण बस्तियों की आकारिकी उनके आकार और संरचना को दर्शाती है, जो जलवायु, मिट्टी, और सामाजिक कारकों पर निर्भर
करती है:
- कॉम्पैक्ट: घने बस्तियाँ, जैसे पंजाब के गाँव।
- प्रकीर्ण: बिखरे हुए घर, जैसे हिमाचल के गाँव।
- रेखीय: सड़क या नदी के साथ, जैसे उत्तराखंड।
अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 95% गाँवों
में स्वच्छता सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
3. शहरी बस्तियाँ: वर्गीकरण, पदानुक्रम, शहरीकरण, स्मार्ट सिटी/विलेज
वर्गीकरण
शहरी बस्तियाँ उनके कार्यों और जनसंख्या के आधार पर वर्गीकृत की जाती हैं:
| प्रकार |
विवरण |
उदाहरण |
| प्रशासकीय |
प्रशासनिक केंद्र |
नई दिल्ली, भोपाल |
| औद्योगिक |
उद्योगों पर आधारित |
जमशेदपुर, भिलाई |
| वाणिज्यिक |
व्यापार और वित्त |
मुंबई, कोलकाता |
| पर्यटन |
पर्यटक आकर्षण |
जयपुर, गोवा |
| परिवहन |
परिवहन नेटवर्क |
हावड़ा, नागपुर |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 2025 में 8,000 से अधिक शहरी बस्तियाँ हैं, जिनमें 53 शहरों की
जनसंख्या 1 मिलियन से अधिक है।
शहर का पदानुक्रम
शहरों को उनके कार्यों और जनसंख्या के आधार पर पदानुक्रम में व्यवस्थित किया जाता है:
- महानगर (Metropolis): जनसंख्या >10 लाख, जैसे दिल्ली, मुंबई।
- मध्यम शहर: जनसंख्या 1-10 लाख, जैसे लखनऊ, जयपुर।
- छोटे कस्बे: जनसंख्या 20,000-1 लाख, जैसे मेरठ।
अतिरिक्त तथ्य: भारत में शहरों का पदानुक्रम रैंक-साइज़ नियम का पालन करता है, जहाँ मुंबई की
जनसंख्या के बाद अन्य शहर अनुपात में छोटे हैं।
शहरीकरण
शहरीकरण ग्रामीण जनसंख्या का शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरण और शहरी जीवन शैली का प्रसार है। भारत में शहरीकरण के
कारक:
- औद्योगीकरण: कारखानों और उद्योगों का विकास।
- प्रवास: ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में रोज़गार के लिए।
- आधुनिकीकरण: बुनियादी ढाँचे और सेवाएँ।
प्रभाव:
- सकारात्मक: आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ।
- नकारात्मक: झुग्गी-झोपड़ियाँ, प्रदूषण, संसाधन दबाव।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में 2025 में शहरीकरण की दर 35% है, और 2030 तक इसके 40% होने की
संभावना है।
स्मार्ट सिटी/विलेज
स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढाँचे के माध्यम से शहरी जीवन को बेहतर बनाना है।
भारत में स्मार्ट सिटी मिशन (2015) के तहत 100 शहरों का चयन किया गया।
- विशेषताएँ: स्मार्ट परिवहन, ऊर्जा दक्षता, डिजिटल गवर्नेंस।
- उदाहरण: पुणे, अहमदाबाद, सूरत।
स्मार्ट विलेज
स्मार्ट विलेज पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देती है।
- विशेषताएँ: सौर ऊर्जा, डिजिटल शिक्षा, स्वच्छता।
- उदाहरण: गुजरात का धुंडी गाँव (सौर ऊर्जा आधारित)।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: स्मार्ट सिटी मिशन ने 2025 तक 50 शहरों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया
है, और स्मार्ट विलेज पहल ने 1,000 गाँवों को डिजिटल रूप से जोड़ा है।
अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में 2 ट्रिलियन रुपये का निवेश किया
है, और स्मार्ट विलेजों में सौर माइक्रो-ग्रिड का उपयोग 30% बढ़ा है।