राजनीतिक संगठन (Political Organization)

1. ऐतिहासिक दृष्टिकोण: एकता और विविधता

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत का राजनीतिक संगठन प्राचीन काल से ही एकता और विविधता का अद्वितीय मिश्रण रहा है। प्राचीन भारत में मौर्य, गुप्त, और चोल जैसे साम्राज्यों ने केंद्रीकृत शासन स्थापित किया, जबकि क्षेत्रीय राजवंशों ने विविधता को बनाए रखा। मध्यकाल में मुगल और मराठा शासन ने क्षेत्रीय और केंद्रीय शक्ति के बीच संतुलन बनाया।

एकता और विविधता

भारत की एकता सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से समृद्ध रही है, लेकिन भाषा, धर्म, और क्षेत्रीय पहचान ने विविधता को बढ़ाया। संविधान (1950) ने एकता को मजबूत करने के लिए संघीय ढांचा अपनाया, जो विविधता को समायोजित करता है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत का संविधान एकता और विविधता को संतुलित करने के लिए विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है, जिसमें 470 अनुच्छेद हैं।

2. राज्यों का पुनर्गठन

ऐतिहासिक संदर्भ

स्वतंत्रता (1947) के बाद, भारत में 562 रियासतों और ब्रिटिश प्रांतों का एकीकरण हुआ। राज्यों का पुनर्गठन भाषाई, सांस्कृतिक, और प्रशासनिक आधार पर किया गया।

प्रभाव

परीक्षा उपयोगी तथ्य: 2025 में भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जो 1956 के पुनर्गठन का परिणाम हैं।

3. क्षेत्रीय चेतना

परिभाषा और कारक

क्षेत्रीय चेतना क्षेत्रीय पहचान, संस्कृति, और हितों पर आधारित जागरूकता है, जो राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों को प्रेरित करती है।

प्रमुख क्षेत्रीय दल

दल राज्य प्रमुख विचारधारा
DMK तमिलनाडु द्रविड़ पहचान, सामाजिक न्याय
शिवसेना महाराष्ट्र मराठी अस्मिता, हिंदुत्व
अकाली दल पंजाब सिख पहचान, क्षेत्रीय स्वायत्तता
बीजद ओडिशा क्षेत्रीय विकास
परीक्षा उपयोगी तथ्य: क्षेत्रीय दलों की संख्या 2025 में 50 से अधिक है, जो भारत की बहुदलीय व्यवस्था को दर्शाते हैं।[](https://byjus.com/ias-hindi/regional-political-parties-in-hindi/)

4. केंद्र–राज्य संबंध

संवैधानिक ढांचा

भारत का संविधान केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन करता है (सातवीं अनुसूची):

राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356): केंद्र सरकार राज्य सरकार को हटा सकती है।

चुनौतियाँ

अतिरिक्त तथ्य: 2025 में 16वें वित्त आयोग ने राज्यों को करों में 41% हिस्सेदारी की सिफारिश की है।

5. भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ और भू-राजनीतिक मुद्दे

अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ

भारत की 14,103 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा 7 देशों (पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, अफगानिस्तान) से लगती है।

देश सीमा लंबाई (किमी) प्रमुख मुद्दे
पाकिस्तान 3,323 LoC, कश्मीर विवाद
चीन 3,488 लद्दाख, अरुणाचल विवाद
बांग्लादेश 4,096 प्रवास, तस्करी
नेपाल 1,751 कालापानी विवाद

भू-राजनीतिक मुद्दे

परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत-पाकिस्तान सीमा (LoC) 740 किमी लंबी है और विश्व की सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक है।

6. भारत–हिंद महासागर भू-राजनीति

रणनीतिक महत्व

हिंद महासागर भारत की भू-राजनीति का केंद्र है, जो विश्व व्यापार का 50% और तेल व्यापार का 80% वहन करता है। भारत की 7,500 किमी तट रेखा इसे रणनीतिक शक्ति प्रदान करती है।

चुनौतियाँ

अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत ने हिंद महासागर में नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) को QUAD के साथ बढ़ाया है।

7. SAARC में भारत की भूमिका

परिचय

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) 1985 में स्थापित हुआ, जिसमें 8 सदस्य देश (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान) हैं। भारत SAARC का सबसे बड़ा और प्रभावशाली सदस्य है।

भारत की भूमिका

चुनौतियाँ

परीक्षा उपयोगी तथ्य: SAARC का मुख्यालय काठमांडू (नेपाल) में है, और भारत ने 2025 तक SAFTA के तहत 25% टैरिफ में कमी की है।
अतिरिक्त तथ्य: 2025 में भारत ने BIMSTEC को SAARC के विकल्प के रूप में मजबूत किया, जिसमें 7 देश शामिल हैं।

150 Unique Facts on भारत का भूगोल - जैविक संसाधन, राजनीतिक संगठन