सागरशास्त्र (Oceanography)

1. महासागर का तल (Ocean Floor)

महासागर तल को मुख्यतः चार भागों में विभाजित किया जा सकता है:

भाग विवरण गहराई महत्वपूर्ण उदाहरण
महाद्वीपीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का जलमग्न विस्तार, अधिकांश समुद्री जीवन यहाँ 0-200 मीटर सुंडा शेल्फ (दक्षिण पूर्व एशिया), ग्रांड बैंक्स (उत्तर अमेरिका)
महाद्वीपीय ढाल (Continental Slope) मग्नतट से गहरे समुद्र तक का तीव्र ढाल 200-3000 मीटर सुंडा ट्रेंच के पास ढाल
महाद्वीपीय उद्भेद (Continental Rise) ढाल के निचले भाग में तलछट का जमाव 3000-4000 मीटर अटलांटिक महासागर में अच्छी तरह विकसित
गहरे समुद्र का मैदान (Abyssal Plain) समतल, गहरे क्षेत्र, समुद्री तलछट से ढके 4000-6000 मीटर विश्व के महासागरों का ~40% भाग
परीक्षा उपयोगी तथ्य: विश्व का सबसे चौड़ा महाद्वीपीय मग्नतट साइबेरियाई मग्नतट है (1,500 किमी चौड़ा)। भारत में पूर्वी तट पर मग्नतट पश्चिमी तट की तुलना में अधिक चौड़ा है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मग्नतट पर तलछट जमाव बढ़ रहा है।

महासागर तल की अन्य महत्वपूर्ण स्थलाकृतियाँ

अतिरिक्त तथ्य: मध्य-महासागरीय कटकों पर समुद्र तल विस्तार की दर 2-15 सेमी प्रति वर्ष है, जो प्लेट टेक्टॉनिक्स को प्रभावित करता है।

2. समुद्री धाराएँ (Ocean Currents)

समुद्री धाराएँ महासागरों में निरंतर प्रवाहित होने वाले जल की धाराएँ हैं। ये दो प्रकार की होती हैं:

गर्म धाराएँ (Warm Currents)

ठंडी धाराएँ (Cold Currents)

समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाले कारक

परीक्षा उपयोगी तथ्य: "एल नीनो" (El Niño) एक समुद्री धारा संबंधी घटना है जिसमें पेरू के तट के साथ गर्म जल का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे वैश्विक मौसम प्रभावित होता है। यह भारतीय मानसून को कमजोर कर सकता है। 2023-2024 में एल नीनो के कारण भारत में मानसून 15% कमजोर रहा। 5
अतिरिक्त तथ्य: ला नीना (La Niña) एल नीनो के विपरीत होती है, जो ठंडे जल के प्रवाह को बढ़ाती है और भारत में भारी मानसूनी वर्षा ला सकती है।

3. लहरें (Waves) और ज्वार-भाटा (Tides)

समुद्री लहरें

लहरें मुख्यतः पवनों द्वारा उत्पन्न होती हैं। लहर के मुख्य भाग:

ज्वार-भाटा (Tides)

चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र तल का नियमित उतार-चढ़ाव।

ज्वार प्रकार विवरण उदाहरण
उच्च ज्वार (Spring Tide) पूर्णिमा और अमावस्या पर, सूर्य-चंद्रमा-पृथ्वी एक सीध में अधिकतम ज्वारीय परिसर
निम्न ज्वार (Neap Tide) अष्टमी तिथि पर, सूर्य और चंद्रमा समकोण पर न्यूनतम ज्वारीय परिसर
दैनिक ज्वार (Diurnal Tide) 24 घंटे 50 मिनट में एक उच्च और एक निम्न ज्वार मैक्सिको की खाड़ी
अर्ध-दैनिक ज्वार (Semi-diurnal Tide) 24 घंटे 50 मिनट में दो उच्च और दो निम्न ज्वार भारत का पूर्वी तट
मिश्रित ज्वार (Mixed Tide) दैनिक और अर्ध-दैनिक ज्वार का मिश्रण प्रशांत महासागर के कई भाग
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में कांडला (गुजरात) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में सबसे अधिक ज्वारीय परिसर (Tidal Range) देखा जाता है। विश्व में सबसे अधिक ज्वारीय परिसर कनाडा के फंडी की खाड़ी में (16 मीटर तक) देखा जाता है। 2025 में ज्वारीय ऊर्जा परियोजनाएँ भारत में बढ़ रही हैं। 7

4. समुद्री तलछट (Marine Sediments)

समुद्री तलछट मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं:

प्रकार स्रोत विशेषताएँ वितरण
स्थलीय तलछट (Terrigenous) महाद्वीपों से अपरदन द्वारा मोटे कण, रेत और गाद महाद्वीपीय मग्नतट और ढाल
जैविक तलछट (Biogenous) समुद्री जीवों के अवशेष चूना और सिलिका युक्त गहरे समुद्र के मैदान
हाइड्रोजनस तलछट (Hydrogenous) समुद्री जल में रासायनिक अवक्षेपण मैंगनीज नोड्यूल, फॉस्फेट महासागरों के विभिन्न भाग
अंतरिक्षज तलछट (Cosmogenous) उल्कापिंड और अंतरिक्ष धूल बहुत कम मात्रा में समान रूप से वितरित

महत्वपूर्ण समुद्री तलछट संरचनाएँ

अतिरिक्त तथ्य: मैंगनीज नोड्यूल की खोज और खनन 2025 में पर्यावरणीय चिंताओं के कारण विवादास्पद बना हुआ है। 11

5. प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs)

प्रवाल भित्तियाँ समुद्री जीवों (कोरल पॉलिप्स) द्वारा निर्मित कैल्शियम कार्बोनेट संरचनाएँ हैं।

प्रवाल भित्तियों के प्रकार

प्रकार विवरण उदाहरण
तटीय भित्ति (Fringing Reef) महाद्वीपीय तट के निकट सीधे जुड़ी हुई अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप
अवरोधक भित्ति (Barrier Reef) तट से दूर, गहरी लैगून द्वारा अलग ग्रेट बैरियर रीफ (ऑस्ट्रेलिया), बेलीज बैरियर रीफ
प्रवाल द्वीप (Atoll) गोलाकार या घोड़े की नाल के आकार की, केन्द्र में लैगून लक्षद्वीप के अधिकांश द्वीप, मालदीव
परीक्षा उपयोगी तथ्य: प्रवाल भित्तियों के विकास के लिए आदर्श परिस्थितियाँ: 2025 तक, प्रवाल भित्तियों का 30% से अधिक हिस्सा विरंजन से प्रभावित हुआ है। 15

प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching)

जब प्रवाल अपने सहजीवी शैवाल (जूक्सांथेली) को खो देते हैं, तो वे सफेद हो जाते हैं। कारण:

भारत में प्रमुख प्रवाल भित्तियाँ

6. समुद्री पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन (New Section)

जलवायु परिवर्तन समुद्री पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है:

परीक्षा उपयोगी तथ्य: समुद्र स्तर वृद्धि से भारत के तटीय क्षेत्र जैसे सुंदरबन और लक्षद्वीप प्रभावित हो रहे हैं। 2025 में भारत ने समुद्री संरक्षण के लिए नए संरक्षित क्षेत्र घोषित किए हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य