पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)
1. पारिस्थितिकी तंत्र की अवधारणा
पारिस्थितिकी तंत्र जीवों और उनके भौतिक वातावरण की एक क्रियाशील इकाई है जिसमें जैविक और अजैविक घटकों के बीच
पारस्परिक क्रियाएँ होती हैं।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: "पारिस्थितिकी तंत्र" शब्द का प्रथम प्रयोग 1935 में ए.जी. टैन्सले ने
किया था। भारत में पारिस्थितिकी तंत्र अध्ययन के जनक रामदेव मिश्रा को माना जाता है।
पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना
| घटक |
विवरण |
उदाहरण |
| अजैविक घटक (Abiotic) |
भौतिक और रासायनिक कारक |
तापमान, जल, प्रकाश, खनिज |
| जैविक घटक (Biotic) |
सभी जीवित घटक |
उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक |
पारिस्थितिकी तंत्र के कार्य
- ऊर्जा प्रवाह: सूर्य → उत्पादक → उपभोक्ता → अपघटक
- पोषक चक्रण: कार्बन, नाइट्रोजन, जल चक्र आदि
- जैविक उत्पादकता: प्राथमिक और द्वितीयक उत्पादकता
- पिरामिड: संख्या, जैवभार और ऊर्जा के पिरामिड
[ऊर्जा प्रवाह का आरेख: सूर्य → पौधे → शाकाहारी → मांसाहारी → अपघटक]
2. पारिस्थितिकी तंत्र के प्रकार
प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र
| प्रकार |
विशेषताएँ |
उदाहरण |
| स्थलीय (Terrestrial) |
भूमि आधारित, विविध जलवायु |
वन, घासस्थल, मरुस्थल |
| जलीय (Aquatic) |
जल आधारित, लवणता के आधार पर |
तालाब, नदी, समुद्र |
मानव निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र
- कृषि पारिस्थितिकी तंत्र: फसल उगाने के लिए निर्मित
- शहरी पारिस्थितिकी तंत्र: नगरों और महानगरों में
- औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र: कारखानों के आसपास
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में विश्व के केवल 2.4% भूभाग पर 8% जैव विविधता पाई जाती है। भारत
में 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं: पूर्वी हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा और सुंडालैंड।
3. प्रमुख बायोम (Major Biomes)
बायोम बड़े भौगोलिक क्षेत्र हैं जिनकी विशिष्ट जलवायु, वनस्पति और जीव होते हैं।
| बायोम |
जलवायु |
वनस्पति |
जीव |
| उष्णकटिबंधीय वर्षावन |
गर्म, आर्द्र, वर्ष भर वर्षा |
सदाबहार वृक्ष, लताएँ |
बंदर, तोता, सर्प |
| मरुस्थल |
शुष्क, कम वर्षा, दैनिक तापांतर |
कैक्टस, कंटीले पौधे |
ऊँट, रेगिस्तानी लोमड़ी |
| घासस्थल |
मध्यम वर्षा, गर्म ग्रीष्म |
घास, छितरे वृक्ष |
बाइसन, ज़ेबरा, शेर |
| टैगा |
ठंडी, लंबी सर्दियाँ |
कोनिफर वृक्ष (चीड़, स्प्रूस) |
भालू, भेड़िया, मूस |
| टुंड्रा |
अत्यंत ठंड, छोटी गर्मी |
काई, लाइकेन, बौने पौधे |
कारिबू, ध्रुवीय भालू |
भारत के प्रमुख बायोम
- हिमालयन बायोम: अल्पाइन टुंड्रा से उष्णकटिबंधीय वन तक
- पश्चिमी घाट वर्षावन: उच्च जैव विविधता
- थार मरुस्थल: शुष्क बायोम
- सुंदरबन मैंग्रोव: ज्वारीय बायोम
- दक्कन पठार: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
4. पर्यावरण पर मानव प्रभाव
प्रमुख मानवजनित प्रभाव
| प्रभाव |
कारण |
परिणाम |
| वनोन्मूलन |
कृषि विस्तार, शहरीकरण, लकड़ी |
जैव विविधता ह्रास, मृदा अपरदन |
| प्रदूषण |
औद्योगिक अपशिष्ट, वाहन, कृषि रसायन |
वायु, जल, मृदा प्रदूषण |
| जलवायु परिवर्तन |
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन |
ग्लोबल वार्मिंग, मौसम चरम |
| जैव विविधता ह्रास |
आवास विनाश, अति दोहन |
प्रजातियों का विलुप्त होना |
| मृदा अवक्रमण |
अति चराई, रासायनिक उर्वरक |
मृदा उर्वरता ह्रास |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत में वार्षिक वन ह्रास दर लगभग 0.56% है। भारत में सर्वाधिक वन
क्षेत्र वाले राज्य: मध्य प्रदेश > अरुणाचल प्रदेश > छत्तीसगढ़ (भारतीय वन सर्वेक्षण 2021 के अनुसार)।
5. वैश्विक पारिस्थितिक समस्याएँ
प्रमुख वैश्विक पारिस्थितिक समस्याएँ
- ग्लोबल वार्मिंग: CO₂, CH₄ जैसी गैसों के कारण वायुमंडलीय तापमान वृद्धि
- ओजोन परत का क्षरण: CFCs के कारण स्ट्रैटोस्फेरिक ओजोन की कमी
- अम्ल वर्षा: SO₂ और NOx के कारण वर्षा जल का अम्लीय होना
- जैव विविधता ह्रास: प्रतिदिन 100-150 प्रजातियों का विलुप्त होना
- समुद्री प्रदूषण: प्लास्टिक, तेल रिसाव से महासागरों का प्रदूषण
भारत की प्रमुख पारिस्थितिक समस्याएँ
- वायु प्रदूषण: दिल्ली, कानपुर जैसे शहरों में PM2.5 का उच्च स्तर
- जल प्रदूषण: गंगा, यमुना जैसी नदियों का प्रदूषण
- मृदा अवक्रमण: राजस्थान, गुजरात में मरुस्थलीकरण
- वन्यजीव संकट: बाघ, गैंडा, शेर संरक्षण की चुनौतियाँ
- ग्लेशियर पिघलाव: हिमालयी ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना
संरक्षण के उपाय
| समस्या |
समाधान |
भारतीय पहल |
| जलवायु परिवर्तन |
अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता |
राष्ट्रीय सोलर मिशन, INDC लक्ष्य |
| वन ह्रास |
वनीकरण, सामाजिक वानिकी |
वन संरक्षण अधिनियम 1980, ग्रीन इंडिया मिशन |
| प्रदूषण |
अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ तकनीक |
स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे |
| जैव विविधता ह्रास |
संरक्षित क्षेत्र, जीन बैंक |
प्रोजेक्ट टाइगर, जैव विविधता अधिनियम 2002 |
परीक्षा उपयोगी तथ्य: भारत की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय योजनाएँ:
- राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT): 2010 में स्थापित
- प्रोजेक्ट टाइगर: 1973 में शुरू, 54 टाइगर रिजर्व
- राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC): 2008 में लॉन्च
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA): भारत की पहल