19वीं शताब्दी
नीचतावाद (Determinism)
मानव समाज और संस्कृति पर भौतिक पर्यावरण के निर्णायक प्रभाव का सिद्धांत। फ्रेडरिक रैटजेल और एल्सवर्थ हंटिंगटन के विचार।
20वीं शताब्दी आरंभ
संभावितवाद (Possibilism)
पॉल विडाल डी ला ब्लाश द्वारा प्रतिपादित - मानव पर्यावरण को संशोधित कर सकता है, पर्यावरण संभावनाएँ प्रदान करता है।
1920-1950
क्षेत्रवाद (Regionalism)
अल्फ्रेड हेटनर और रिचर्ड हार्टशोर्न द्वारा - भूगोल को क्षेत्रीय विभिन्नताओं के अध्ययन के रूप में देखना।
1950-1960
प्रत्यक्षवाद (Positivism)
वैज्ञानिक पद्धति पर जोर, सिद्धांत निर्माण और परीक्षण। फ्रेड के. शेफर द्वारा "विज्ञान के रूप में भूगोल की अपवादिकता" लेख।
1960-1970
मात्रात्मक क्रांति (Quantitative Revolution)
सांख्यिकीय विधियों और गणितीय मॉडलों का उपयोग। पीटर हैगेट, डब्ल्यू. बंज आदि द्वारा प्रवर्तित।
| विचारधारा |
मुख्य विचार |
प्रमुख विद्वान |
| व्यवहारवादी भूगोल (Behavioral) |
मानव व्यवहार और धारणा पर जोर, निर्णय प्रक्रिया |
के. लिंच, डी. लोवेन्थल |
| कट्टरपंथी भूगोल (Radical) |
सामाजिक असमानताओं का विश्लेषण, मार्क्सवादी दृष्टिकोण |
डेविड हार्वे, नील स्मिथ |
| मानवतावादी भूगोल (Humanistic) |
मानव अनुभव, अर्थ और मूल्यों पर ध्यान |
यी-फू तुआन, एडवर्ड रेल्फ |
| उत्तर-आधुनिक भूगोल (Post-modern) |
बहुलवाद, सापेक्षवाद, विविध दृष्टिकोण |
एडवर्ड सोजा, माइकल डियर |
| नारीवादी भूगोल (Feminist) |
लैंगिक असमानताओं का स्थानिक विश्लेषण |
डोरिन मैसी, जिलियन रोज |
| पारिस्थितिक भूगोल (Ecological) |
मानव-पर्यावरण संबंध, स्थायित्व |
इयान मैकहार्ग, गिल्बर्ट व्हाइट |