धातुएँ, खनिज, अयस्क : गुणधर्म, उपयोग
- धातुएँ सामान्यतः चमकीली, तन्य तथा आघातवर्धनीय होती
हैं। इन्हें पीटकर पतली चादर तथा खींचकर तार बनाया जा सकता है।
- लोहा एक प्रमुख लौह धातु है, जिसमें
चुंबकीय गुण पाए जाते हैं। इसका उपयोग मशीनरी, पुल, रेलवे पटरियों और इस्पात उद्योग में व्यापक रूप से होता
है।
- एल्यूमिनियम का प्रमुख अयस्क बॉक्साइट
है। यह हल्की, संक्षारण-रोधी तथा अच्छी चालक धातु होने के कारण विमान और विद्युत उद्योग में उपयोगी है।
- तांबे का प्रमुख अयस्क क्यूप्राइट है।
तांबा ऊष्मा एवं विद्युत का उत्कृष्ट चालक होता है, इसलिए इसका उपयोग विद्युत तारों और मोटरों में किया जाता
है।
- सोने का अयस्क कैलावराइट कहलाता है।
सोना रासायनिक रूप से निष्क्रिय धातु है तथा आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष उपकरणों में प्रयुक्त होता
है।
- धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक होती हैं।
चांदी सर्वोत्तम विद्युत चालक तथा तांबा व्यावहारिक उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण चालक माना जाता है।
- पारा सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली
धातु है। इसका उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर तथा वैज्ञानिक उपकरणों में किया जाता है।
- सोडियम एक अत्यंत नरम और अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है।
यह जल के साथ तीव्र प्रतिक्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाती है।
- लोहे में जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है, जिसमें
लोहे का ऑक्सीकरण होकर हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड बनता है। नमी और ऑक्सीजन जंग लगने के मुख्य कारण हैं।
- एल्यूमिनियम हल्की धातु होने के साथ-साथ संक्षारण
प्रतिरोधी भी है। इसकी सतह पर बनने वाली ऑक्साइड परत इसे जंग से बचाती है।
- तांबा विद्युत तारों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता
है। इसकी उच्च चालकता तथा तन्यता इसे विद्युत उद्योग के लिए उपयुक्त बनाती है।
- सोना आभूषण निर्माण में सबसे अधिक उपयोगी धातुओं में से
एक है। यह चमकदार, तन्य तथा संक्षारण-रोधी होता है।
- जस्ता का उपयोग गैल्वनाइजेशन में किया
जाता है। लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाने से उसे जंग लगने से बचाया जाता है।
- खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक पदार्थ
होते हैं। इनकी निश्चित रासायनिक संरचना तथा भौतिक गुण होते हैं।
- अयस्क वह खनिज होता है जिससे आर्थिक रूप से धातु
प्राप्त की जा सके। धातु निष्कर्षण धातुकर्म की प्रमुख प्रक्रिया है।
- हीमेटाइट लोहे का प्रमुख अयस्क है, जिसका रासायनिक
सूत्र Fe₂O₃ है। इससे बड़ी मात्रा में लोहा प्राप्त किया जाता है।
- चांदी का प्रमुख अयस्क अर्जेंटाइट है।
चांदी का उपयोग सिक्कों, दर्पणों, बैटरियों और सौर पैनलों में किया जाता है।
- टिन का प्रमुख अयस्क कैसिटेराइट है।
टिन का उपयोग सोल्डर, खाद्य डिब्बों तथा मिश्रधातुओं में होता है।
- धातुएँ सामान्यतः उच्च गलनांक वाली होती हैं। इनके
मजबूत धात्विक बंधन इनके उच्च तापीय स्थायित्व का कारण हैं।
- लोहा इस्पात निर्माण का मुख्य घटक है। इस्पात लोहा और
कार्बन की मिश्रधातु है, जो अत्यधिक मजबूत होती है।
- एल्यूमिनियम का उपयोग हवाई जहाज निर्माण में किया जाता
है। इसका कम घनत्व और अधिक मजबूती इसे विमान उद्योग के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
- तांबा रसोई के बर्तनों तथा ताप विनिमायकों में प्रयुक्त
होता है। इसकी उच्च तापीय चालकता ऊष्मा को तेजी से स्थानांतरित करती है।
- सोना विद्युत परिपथों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में
उपयोगी है। यह उत्कृष्ट चालक तथा संक्षारण-रोधी धातु है।
- जस्ता बैटरी निर्माण में महत्वपूर्ण धातु है। इसका
उपयोग ड्राई सेल तथा रासायनिक बैटरियों में किया जाता है।
- पारा थर्मामीटर में प्रयुक्त होता है क्योंकि यह तापमान
परिवर्तन के साथ समान रूप से फैलता है। इसका चमकीला स्वरूप तापमान पढ़ने में सुविधा देता है।
- लिथियम सबसे हल्की धातु है। इसका उपयोग आधुनिक
रिचार्जेबल बैटरियों तथा अंतरिक्ष तकनीक में किया जाता है।
- कैल्साइट कैल्शियम कार्बोनेट का खनिज रूप है। इसका
उपयोग सीमेंट, चूना तथा निर्माण सामग्री बनाने में होता है।
- जिप्सम एक महत्वपूर्ण खनिज है, जिसका उपयोग प्लास्टर ऑफ
पेरिस और निर्माण कार्यों में किया जाता है। इसका रासायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O है।
- क्वार्ट्ज सिलिका का प्रमुख खनिज है। इसका उपयोग कांच,
घड़ियों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है।
- एल्यूमिनियम की सतह पर बनने वाली ऑक्साइड परत इसे
संक्षारण से बचाती है। यही कारण है कि इसका उपयोग खिड़की फ्रेम और पेय डिब्बों में किया जाता है।
- मैग्नेटाइट भी लोहे का एक महत्वपूर्ण अयस्क है। यह
चुंबकीय गुण वाला अयस्क होता है और इसका सूत्र Fe₃O₄ है।
- तांबे पर जंग लगने से हरे रंग की परत बनती है, जिसे
कॉपर कार्बोनेट कहा जाता है। इसे पैटिना भी कहते हैं।
- सोना रासायनिक रूप से अत्यंत निष्क्रिय धातु है। यह
वायु और जल के संपर्क में आने पर भी आसानी से अभिक्रिया नहीं करता।
- चांदी का उपयोग फोटोग्राफी में सिल्वर ब्रोमाइड के रूप
में किया जाता था। यह प्रकाश के प्रति संवेदनशील होती है।
- धातुएँ आघातवर्धनीय होती हैं, अर्थात इन्हें पीटकर पतली
चादरों में बदला जा सकता है। सोना सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातु है।
- एल्यूमिनियम पन्नी का उपयोग खाद्य पैकेजिंग में किया
जाता है। यह हल्की, लचीली और संक्षारण-रोधी होती है।
- पारा का सतही तनाव अत्यधिक होता है, इसलिए यह कांच को
भिगोता नहीं है। इसी कारण यह गोल बूंदों के रूप में दिखाई देता है।
- हीरा कार्बन का सबसे कठोर खनिज रूप है। मोह्स पैमाने पर
इसकी कठोरता 10 होती है।
- ग्रेफाइट कार्बन का नरम खनिज रूप है। इसका उपयोग
पेंसिल, इलेक्ट्रोड तथा स्नेहक के रूप में किया जाता है।
- स्फैलेराइट जस्ता का प्रमुख अयस्क है। इसका रासायनिक
सूत्र ZnS होता है।
- पीतल तांबा और जस्ता की मिश्रधातु है। इसका उपयोग
सजावटी वस्तुओं और संगीत वाद्ययंत्रों में किया जाता है।
- इस्पात लोहा और कार्बन की मिश्रधातु है। यह निर्माण
कार्यों तथा मशीनरी में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है।
- इलेक्ट्रम सोना और चांदी की मिश्रधातु है। प्राचीन काल
में इसका उपयोग सिक्के बनाने में किया जाता था।
- कांस्य तांबा और टिन की मिश्रधातु है। इसका उपयोग
मूर्तियाँ, बर्तन और पदक बनाने में किया जाता है।
- फेल्सपार पृथ्वी की भूपर्पटी में पाया जाने वाला
सामान्य खनिज है। इसका उपयोग सिरेमिक और कांच उद्योग में होता है।
- माइका एक उत्कृष्ट विद्युत रोधी खनिज है। इसका उपयोग
विद्युत उपकरणों और इन्सुलेशन में किया जाता है।
- लोहे का गलनांक लगभग 1538°C होता है। इसका उच्च गलनांक
इसे भारी उद्योगों में उपयोगी बनाता है।
- एल्यूमिनियम का गलनांक लगभग 660°C होता है। यह कम ताप
पर पिघलने के कारण ढलाई कार्यों में उपयोगी है।
- तांबे का गलनांक लगभग 1085°C होता है। इसकी उच्च चालकता
इसे विद्युत उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
- सोने का गलनांक लगभग 1064°C होता है। इसकी चमक और
तन्यता इसे आभूषण उद्योग में महत्वपूर्ण बनाती है।
- चांदी का गलनांक लगभग 961°C होता है। यह ऊष्मा और
विद्युत की सर्वश्रेष्ठ चालक धातुओं में से एक है।
- पारा का गलनांक -38.83°C होता है। इसलिए यह सामान्य
तापमान पर द्रव अवस्था में रहता है।
- खनिजों की कठोरता मोह्स पैमाने पर
मापी जाती है। इस पैमाने में टैल्क सबसे नरम तथा हीरा सबसे कठोर खनिज है।
- टैल्क मोह्स पैमाने पर सबसे नरम खनिज है। इसकी कठोरता 1
मानी जाती है।
- धातुएँ उच्च विद्युत चालकता, तनन सामर्थ्य तथा यांत्रिक
शक्ति रखती हैं। यही कारण है कि इनका उपयोग उद्योगों और निर्माण कार्यों में व्यापक रूप से होता है।
- एल्यूमिनियम का उपयोग परिवहन उद्योग, विमान ढाँचे और
खिड़की फ्रेम में किया जाता है। यह हल्का होने के साथ मजबूत भी होता है।
- तांबा जल पाइपों, हीट एक्सचेंजर्स और सिक्कों में
उपयोगी धातु है। इसकी ऊष्मीय तथा विद्युत चालकता बहुत अधिक होती है।
- सोना चिकित्सा उपकरणों, दंत चिकित्सा तथा
इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोगी है। यह जैविक रूप से निष्क्रिय धातु मानी जाती है।
- चांदी का उपयोग सौर पैनल, बैटरियों, औषधियों तथा
रासायनिक उत्प्रेरकों में किया जाता है। इसमें जीवाणुरोधी गुण भी पाए जाते हैं।
- पारा का उपयोग वैज्ञानिक उपकरणों तथा दंत भराई में किया
जाता था। हालांकि इसकी विषाक्तता के कारण इसका उपयोग अब सीमित हो गया है।
- क्वार्ट्ज का उपयोग घड़ियों में किया जाता है क्योंकि
इसमें पीजोइलेक्ट्रिक गुण पाए जाते हैं। विद्युत क्षेत्र के प्रभाव से यह कंपन उत्पन्न करता है।
- धातुएँ सामान्यतः क्रिस्टलीय संरचना वाली होती हैं।
इनके मुक्त इलेक्ट्रॉन धातुओं को उच्च चालकता प्रदान करते हैं।
- खनिज भूगर्भीय प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं। ये
पृथ्वी की भूपर्पटी के महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं।