बहुलक, कार्बनिक अम्ल, विस्फोटक पदार्थ, ईंधन
- बहुलक (पॉलिमर) उच्च आणविक द्रव्यमान (हजारों से लाखों ग्राम/मोल) वाले यौगिक होते हैं जो छोटी इकाइयों (मोनोमर) के बार-बार सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ने से बनते हैं। ये प्राकृतिक (रबर, सेल्यूलोज, प्रोटीन) और कृत्रिम (प्लास्टिक, नायलॉन, टेफ्लॉन) दोनों प्रकार के होते हैं। पॉलिमराइजेशन प्रक्रिया में मोनोमर की संख्या (डिग्री ऑफ पॉलिमराइजेशन) पॉलिमर के गुण (शक्ति, लचीलापन, गलनांक) निर्धारित करती है।
- कार्बनिक अम्ल (कार्बोक्सिलिक अम्ल) में -COOH (कार्बोक्सिल) क्रियात्मक समूह होता है यह समूह कार्बन (=O) और हाइड्रॉक्सिल (-OH) से मिलकर बना होता है। ये अम्ल दुर्बल अम्ल होते हैं, जो जल में आंशिक रूप से आयनित होकर H⁺ आयन देते हैं। उदाहरण: एसीटिक अम्ल (CH₃COOH), फॉर्मिक अम्ल (HCOOH), लैक्टिक अम्ल (C₃H₆O₃), साइट्रिक अम्ल (C₆H₈O₇), ऑक्सेलिक अम्ल (C₂H₂O₄), बेंजोइक अम्ल (C₆H₅COOH)। ये प्राकृतिक रूप से फलों, दही, सिरके आदि में पाए जाते हैं।
- नाइट्रोग्लिसरीन (C₃H₅N₃O₉) एक अत्यधिक अस्थिर विस्फोटक (विस्फोटक) पदार्थ है यह ग्लिसरॉल (प्रोपेन-1,2,3-ट्राऑल) के नाइट्रेशन (सान्द्र HNO₃ + सान्द्र H₂SO₄) से बनता है। यह झटके, घर्षण, या ताप (200°C) से तीव्र ऊष्माक्षेपी अपघटन द्वारा प्रचंड मात्रा में गैसें (N₂, CO₂, H₂O, O₂) उत्पन्न करता है, जिससे विस्फोट होता है। अल्फ्रेड नोबेल ने इसे डायनामाइट (कीज़लगुहर नामक मिट्टी में अवशोषित) में बदलकर सुरक्षित बनाया। इसका उपयोग हृदय की दवा (एनजाइना पेक्टोरिस में वैसोडिलेटर) के रूप में भी होता है।
- पेट्रोल (गैसोलीन) एक हाइड्रोकार्बन ईंधन है, जो कच्चे तेल के प्रभाजी आसवन (फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन) से प्राप्त होता है इसमें C₅ से C₁₂ तक के हाइड्रोकार्बन (एल्केन, साइक्लोएल्केन, एरोमैटिक्स) होते हैं। इसका क्वथनांक परास 30°C से 200°C होता है। इसका उपयोग स्पार्क-इग्निशन (पेट्रोल) इंजनों में ईंधन के रूप में होता है। इसकी गुणवत्ता ऑक्टेन संख्या (प्री-इग्निशन प्रतिरोध) द्वारा मापी जाती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन ईंधन (प्रीमियम पेट्रोल) नॉकिंग कम करता है।
- पॉलीथीन (पॉलिथीन) एक थर्मोप्लास्टिक बहुलक (थर्मोप्लास्टिक पॉलिमर) है, जो एथिलीन (C₂H₄) मोनोमर के पॉलिमराइजेशन से बनता है यह दो मुख्य प्रकारों में पाया जाता है: निम्न-घनत्व पॉलिथीन (LDPE) - लचीला, पारदर्शी, बैग, फिल्म, बोतलें; उच्च-घनत्व पॉलिथीन (HDPE) - कठोर, अपारदर्शी, डिब्बे, पाइप, खिलौने। यह थर्मोप्लास्टिक है, अर्थात गर्म करने पर पिघलता है और ठंडा करने पर फिर से ठोस हो जाता है, जिससे इसे पुनर्नवीनीकरण (रीसाइकिल) किया जा सकता है।
- एसीटिक अम्ल (CH₃COOH) सिरके (विनेगर) में 4-8% सांद्रता में पाया जाता है यह एक दुर्बल कार्बनिक अम्ल है, जो सिरके को खट्टा स्वाद एवं तीखी गंध प्रदान करता है। इसका निर्माण एथेनॉल (C₂H₅OH) के जीवाणु (एसीटोबैक्टर) किण्वन द्वारा होता है। शुद्ध (लगभग 100%) एसीटिक अम्ल को ग्लेशियल एसीटिक अम्ल कहते हैं, क्योंकि यह 16.7°C पर जमकर बर्फ जैसा ठोस बन जाता है। इसका उपयोग खाद्य संरक्षण (अचार, सॉस), प्लास्टिक (पीवीए, सेल्यूलोज एसीटेट), और दवाओं (एस्पिरिन) के उत्पादन में होता है।
- TNT (ट्राइनाइट्रोटॉल्यूईन) का रासायनिक नाम 2,4,6-ट्राइनाइट्रोमिथाइलबेंजीन है, जो टॉल्यूनि (C₆H₅CH₃) के नाइट्रेशन से बनता है यह एक पीला क्रिस्टलीय ठोस है, जो बिना किसी तीव्र झटके के सुरक्षित है तथा इसे पिघलाकर (गलनांक 80.8°C) गोले, बम, खदानों में डाला जाता है। यह आग लगने पर जलता है लेकिन आसानी से विस्फोट नहीं करता (स्थिर विस्फोटक), जबकि एक डेटोनेटर (ब्लास्टिंग कैप) से विस्फोटित होता है। इसका उपयोग सैन्य, खनन, निर्माण (विध्वंस) और आतिशबाजी में होता है।
- डीजल (डीजल) का उपयोग संपीड़न-प्रज्वलन (कम्प्रेशन-इग्निशन) इंजनों (ट्रक, बस, ट्रेन, जनरेटर, खनन उपकरण, जहाज) में ईंधन के रूप में होता है यह C₁₅ से C₂₀ तक के हाइड्रोकार्बन (भारी एल्केन) का मिश्रण होता है, जिसका क्वथनांक परास 250°C से 350°C होता है। इसकी गुणवत्ता सेटेन संख्या (इग्निशन विलंब) द्वारा मापी जाती है, जिसमें उच्च सेटेन संख्या तेजी से जलने एवं सुचारू दहन को दर्शाती है। डीजल पेट्रोल से अधिक घना और ऊर्जा-घना (लगभग 15% अधिक) होता है।
- नायलॉन (नायलॉन) एक कृत्रिम बहुलक (सिंथेटिक पॉलिमर) है, जो पहला पूर्णतः संश्लेषित रेशा (सिंथेटिक फाइबर) था, जिसे वालेस कैरदर्स ने 1935 में ड्यूपॉन्ट में विकसित किया था यह एक पॉलियामाइड (पॉलियामाइड) है, जो डाइअमीन (हेक्सामेथिलीन डाइअमीन) और डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल (एडिपिक अम्ल) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है। नायलॉन-66 सबसे सामान्य प्रकार है। यह मजबूत, लोचदार, हल्का, घर्षण प्रतिरोधी, रसायन प्रतिरोधी और त्वरित सूखने वाला होता है। इसका उपयोग कपड़े (मोजे, अंडरगारमेंट, स्विमसूट), रस्सियाँ, पैराशूट, टायर कॉर्ड, मछली पकड़ने की रेखा, दाँत का ब्रश, कालीन, सीट बेल्ट, एयरबैग, और यांत्रिक पुर्जे (गियर, बेयरिंग) में किया जाता है।
- लैक्टिक अम्ल (C₃H₆O₃) दही (योगर्ट), छाछ, खट्टा दूध, अचार, और किण्वित खाद्य पदार्थों (केफिर, सॉरक्राट, किम्ची) में पाया जाता है यह लैक्टोज (दूध शर्करा) के लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणुओं द्वारा किण्वन (लैक्टिक एसिड किण्वन) से बनता है, जो दूध को दही में बदलता है। यह पेय पदार्थों (दही स्मूदी, किण्वित पेय), खाद्य परिरक्षक (E270), और सौंदर्य प्रसाधन (त्वचा नमीकारक) में उपयोग किया जाता है। व्यायाम के दौरान (अवायवीय श्वसन) मांसपेशियों में इसका जमाव होना थकान, दर्द (मसल क्रैम्प) और जलन का कारण होता है।
- RDX (रिसर्च डेवलपमेंट एक्सप्लोसिव) का उपयोग सैन्य विस्फोटकों (मिसाइल वारहेड, बम, आर्टिलरी शेल, ग्रेनेड, प्लास्टिक विस्फोटक - सेमटेक्स, सी4) में किया जाता है इसका रासायनिक नाम साइक्लोट्राइमिथाइलीन ट्राइनाइट्रामाइन (C₃H₆N₆O₆) है। यह TNT की तुलना में 1.5 गुना अधिक शक्तिशाली होता है, और अत्यधिक स्थिर होता है। इसका उपयोग प्लास्टिक विस्फोटक (RDX + प्लास्टिसाइज़र), टॉरपीडो, एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, और खनन (विस्फोटक बोरिंग) में भी किया जाता है।
- बायोगैस (बायोगैस) में मेथेन (CH₄) मुख्य घटक होता है (50-75%), शेष CO₂ (25-45%), और अल्प मात्रा में H₂S, NH₃, N₂, H₂ होते हैं यह जैविक कचरे (गोबर, कृषि अवशेष, सीवेज, खाद्य अपशिष्ट) के अवायवीय (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) अपघटन (एनारोबिक डाइजेशन) से बनती है। यह एक नवीकरणीय (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोत है, जिसका उपयोग खाना पकाने, प्रकाश, बिजली उत्पादन (जनरेटर), और वाहन ईंधन (CBG - संपीड़ित बायोगैस) के रूप में होता है। इसका अवशेष (डाइजेस्टेट) एक उत्तम जैविक उर्वरक होता है।
- PVC (पॉलिविनाइल क्लोराइड) का उपयोग पाइप बनाने (जल आपूर्ति, सीवरेज, विद्युत नलिका), केबल इन्सुलेशन, खिड़की के फ्रेम, फर्श, छत झिल्ली, कृत्रिम चमड़ा, रक्त बैग, IV ट्यूब, खिलौने, क्रेडिट कार्ड, पैकेजिंग और कपड़े कोटिंग्स में होता है यह विनाइल क्लोराइड मोनोमर (CH₂=CHCl) के पॉलिमराइजेशन से बनता है। यह सस्ता, टिकाऊ, रासायनिक प्रतिरोधी है, लेकिन इसके उत्पादन एवं निपटान में विषैले क्लोरीनयुक्त यौगिक (डाइऑक्सिन) उत्सर्जित होने का खतरा होता है।
- ऑक्सेलिक अम्ल (C₂H₂O₄) पालक (स्पिनेच), टमाटर, चुकंदर, कोको, रूबर्ब, अजमोद और काजू में पाया जाता है यह एक द्विबीजक (डाइबेसिक) कार्बनिक अम्ल है, जो कैल्शियम (Ca²⁺) के साथ अघुलनशील कैल्शियम ऑक्सेलेट (CaC₂O₄) बनाता है, जो गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) का प्रमुख कारण है। इसका उपयोग दाग (स्याही, रस्ट, रंजक) हटाने, धातु सफाई (रस्ट रिमूवर), कपड़ा विरंजन, चमड़ा कमाने, और प्रयोगशाला अभिकर्मक में किया जाता है। इसका pH अत्यधिक निम्न (लगभग 1.3) होता है।
- डायनामाइट (डायनामाइट) में नाइट्रोग्लिसरीन होता है, जिसे अल्फ्रेड नोबेल ने 1867 में डायटोमेसियस अर्थ (कीज़लगुहर, एक सिलिका-आधारित तलछटी चट्टान) में अवशोषित कर सुरक्षित बनाया था शुद्ध नाइट्रोग्लिसरीन अत्यधिक अस्थिर एवं झटके से विस्फोटित हो जाता है, जबकि डायनामाइट सुरक्षित है। बाद में नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन को गन कॉटन (नाइट्रोसेल्यूलोज) और सोडियम नाइट्रेट के साथ मिलाकर ब्लास्टिंग जिलेटिन बनाया, जो अधिक शक्तिशाली था। डायनामाइट का उपयोग खनन (चट्टानों को तोड़ने), निर्माण (सुरंग, सड़क, बांध), और विध्वंस में किया जाता है।
- केरोसिन (केरोसीन) का उपयोग लैंप (हरेकेन लैंप, पेट्रोमैक्स), स्टोव, हीटर, और जेट इंजन ईंधन (विमानन ईंधन - एविएशन टर्बाइन फ्यूल, जेट ए-1) में किया जाता है यह C₁₂ से C₁₆ तक के हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होता है, जिसका क्वथनांक परास 150°C से 275°C होता है। यह पेट्रोल से अधिक चिपचिपा एवं कम अस्थिर होता है, और डीजल से हल्का होता है। इसका उपयोग कुछ देशों में खाना पकाने (रसोई) और प्रकाश व्यवस्था के लिए भी किया जाता है।
- टेफ्लॉन (टेफ्लॉन) एक नॉन-स्टिक बहुलक (पॉलिमर) है, जिसका रासायनिक नाम पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (PTFE) है, जो टेट्राफ्लुओरोएथिलीन (CF₂=CF₂) के पॉलिमराइजेशन से बनता है यह अत्यधिक अक्रिय (रासायनिक रूप से निष्क्रिय) है, क्योंकि C-F बंध अत्यधिक मजबूत (485 kJ/mol) होता है। इसका घर्षण गुणांक बहुत कम है, जिससे लगभग कोई भी पदार्थ इससे चिपकता नहीं है। इसका उपयोग नॉन-स्टिक कुकवेयर (तवा, बर्तन), पाइप कोटिंग्स, बेयरिंग, गैस्केट, सील, केबल इन्सुलेशन, और सर्जिकल उपकरणों (ग्राफ्ट) में होता है।
- टार्टरिक अम्ल (C₄H₆O₆) अंगूर (द्राक्षा), केला, इमली, एवोकाडो, और खट्टे फलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है यह अंगूर का प्रमुख अम्ल है (वाइन में 0.3-0.5%)। इसका पोटैशियम लवण (पोटैशियम बाइटार्ट्रेट, क्रीम ऑफ टार्टर) वाइन बनाने के दौरान अवक्षेपित (तलछट) होता है। इसका उपयोग बेकिंग पाउडर (अम्लीय घटक), शीतल पेय (स्वाद), दवाइयाँ (फिजी टैबलेट), कैंडी, जैम, जिलेटिन, सौंदर्य प्रसाधन, और रासायनिक संश्लेषण में किया जाता है।
- अमोनियम नाइट्रेट (NH₄NO₃) एक विस्फोटक उर्वरक है, जो 34% नाइट्रोजन (उर्वरक के रूप में) और एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक (विस्फोटक के रूप में) प्रदान करता है यह अमोनिया (NH₃) और नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) के उदासीनकरण से बनता है। गर्म करने पर यह अलग-अलग तरीकों से अपघटित होता है; नियंत्रित ताप पर N₂O (लाफिंग गैस) बनती है, लेकिन 200°C से अधिक या झटके/संदूषण (तेल, धातु) पर यह हिंसक विस्फोटक रूप से अपघटित होता है। 2020 के बेरूत विस्फोट (2,750 टन NH₄NO₃) इसी का एक विनाशकारी उदाहरण है। इसका उपयोग खनन (ANFO विस्फोटक) और आतिशबाजी में भी किया जाता है।
- CNG (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) में मेथेन (CH₄) मुख्य गैस (लगभग 85-90%) होती है, जिसे 200-250 bar दबाव पर संपीड़ित किया जाता है यह परिवहन ईंधन (बस, कार, ऑटो रिक्शा) के रूप में पेट्रोल/डीजल की तुलना में स्वच्छ है, क्योंकि यह CO, HC, NOₓ, पार्टिकुलेट मैटर, और ग्रीनहाउस गैसों का कम उत्सर्जन करता है। यह सस्ता और नवीकरणीय (बायो-सीएनजी) भी हो सकता है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन (गैस टर्बाइन) और घरेलू खाना पकाने (पाइपलाइन गैस) में भी होता है।
- पॉलिस्टर (पॉलिएस्टर) कपड़ों (शर्ट, पैंट, साड़ी, टी-शर्ट, स्पोर्ट्सवियर, सूट) में व्यापक रूप से उपयोगी है, जो अपने स्थायित्व, शिकन प्रतिरोध, सिकुड़न प्रतिरोध, और त्वरित सुखाने के गुणों के कारण लोकप्रिय है यह एक थर्मोप्लास्टिक पॉलिमर है, जो डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे टेरेफ्थैलिक अम्ल) और डाइऑल (जैसे एथिलीन ग्लाइकॉल) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है। पॉलिएस्टर फाइबर का उपयोग कपड़ा उद्योग (मिलावट कपास, ऊन, लिनेन), बोतल (PET), फिल्म (ज़ाइलर पैकेजिंग), टायर कॉर्ड, होज़, बेल्ट, और औद्योगिक कपड़े (फेल्ट, फ़िल्टर) में किया जाता है।
- फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) चींटी (फॉर्मिका रूफा) और मधुमक्खी के डंक (स्टिंग) में पाया जाता है, जो जलन, दर्द, लालिमा, और सूजन का कारण होता है यह सबसे सरल कार्बोक्सिलिक अम्ल है। इसका उपयोग चमड़ा उद्योग (टैनिंग, कमाना), कपड़ा रंगाई (मॉर्डेंट), कीटनाशक (विशेष रूप से मधुमक्खी पालन में वैरोआ माइट के नियंत्रण में), रबर उद्योग (कोएगुलेटर), खाद्य परिरक्षक (E236), और सिलेज (पशु चारा) के परिरक्षण में किया जाता है। डंक का प्रभाव बेकिंग सोडा (क्षार) लगाने से कम हो जाता है।
- पिकरिक अम्ल (2,4,6-ट्राइनाइट्रोफिनोल, C₆H₃N₃O₇) एक पीला क्रिस्टलीय विस्फोटक है, जिसका उपयोग प्रथम विश्व युद्ध (फ्रांसीसी मेलिनाइट, ब्रिटिश लिड्डाइट) में गोला-बारूद और बम भराव के रूप में किया गया था यह फिनोल के नाइट्रेशन से बनता है। यह TNT की तुलना में अधिक संवेदनशील एवं शक्तिशाली है, लेकिन धातुओं (लोहा, तांबा) के साथ यह अत्यधिक संवेदनशील पिक्रेट लवण बनाता है, जो खतरनाक है। इसका उपयोग रंजक (पीला), जैविक अभिकर्मक (प्रोटीन के लिए), प्राथमिक चिकित्सा (जलन, एक्जिमा), और विस्फोटक प्रणोदक (रॉकेट ईंधन) में भी किया जाता है।
- इथेनॉल (C₂H₅OH) बायोफ्यूल (जैव-ईंधन) के रूप में उपयोगी है, जो नवीकरणीय (गन्ना, मक्का, गेहूँ, ज्वार, बायोमास) स्रोतों के किण्वन से बनता है यह एक कार्बन-तटस्थ ईंधन है (पौधे विकास के दौरान उतनी ही CO₂ अवशोषित करते हैं, जितनी दहन से निकलती है)। ब्राजील में E100 (शुद्ध इथेनॉल) व्यापक रूप से उपलब्ध है, संयुक्त राज्य में E10-E85, भारत में E10 (लक्ष्य E20)। इसका उपयोग पेट्रोल मिश्रण (गैसोहोल) में ऑक्टेन बूस्टर के रूप में, और रासायनिक उद्योग में विलायक, एंटीफ्रीज, दवाएँ, कॉस्मेटिक्स, इत्र, एसीटैल्डिहाइड, एसीटिक अम्ल, एथिल एसीटेट, और एथिलीन के उत्पादन में किया जाता है।
- रबर (रबर) एक प्राकृतिक बहुलक (प्राकृतिक पॉलिमर) है, जो हेविया ब्रासिलिएंसिस (रबर के पेड़) के लेटेक्स (दूधिया रस) से प्राप्त होता है यह आइसोप्रीन (C₅H₈) का एक पॉलिमर है (cis-1,4-पॉलीआइसोप्रीन)। प्राकृतिक रबर लचीला, लोचदार, जलरोधी, लेकिन गर्मी में चिपचिपा और ठंड में भंगुर होता है। सल्फर के साथ वल्कनीकरण (चार्ल्स गुडइयर, 1839) से क्रॉस-लिंकिंग होती है, जिससे रबर मजबूत, ताप-प्रतिरोधी, और अधिक टिकाऊ बन जाता है। इसका उपयोग टायर, ट्यूब, कन्वेयर बेल्ट, गैस्केट, सील, जूते के तलवे, खिलौने, और चिकित्सा उपकरणों (ग्लोव्स, कैथेटर) में होता है।
- साइट्रिक अम्ल (C₆H₈O₇) नींबू (लिमोन), संतरा, मौसंबी, ग्रेपफ्रूट, कीवी, और अन्य खट्टे फलों (सिट्रस फल) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह एक दुर्बल ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जो कोशिकीय श्वसन (क्रेब्स चक्र / साइट्रिक अम्ल चक्र) का एक मध्यवर्ती यौगिक है। इसका उपयोग खाद्य परिरक्षक (E330), खट्टे स्वाद के लिए (पेय, कैंडी, जैम), एंटीऑक्सीडेंट, पानी मृदुकारक (डिटर्जेंट में), फार्मास्यूटिकल्स (स्वाद बढ़ाने), सौंदर्य प्रसाधन (pH समायोजन), और विटामिन C के ऑक्सीकरण को रोकने के लिए किया जाता है।
- बारूद (गनपाउडर, काला बारूद) में पोटैशियम नाइट्रेट (KNO₃, साल्टपीटर, 75%), चारकोल (कार्बन, ईंधन, 15%), और सल्फर (S, ईंधन और स्टेबलाइज़र, 10%) होते हैं यह पहला ज्ञात रासायनिक विस्फोटक था, जिसका आविष्कार चीन में 9वीं शताब्दी में हुआ था। KNO₃ एक ऑक्सीकारक है; गर्म करने पर यह ऑक्सीजन मुक्त करता है, जो चारकोल और सल्फर को तीव्रता से जलाता है, जिससे बड़ी मात्रा में गैसें (N₂, CO₂, SO₂) उत्पन्न होती हैं (विस्फोट)। इसका उपयोग आतिशबाजी (रॉकेट, पटाखे, फव्वारे), पटाखे, सिग्नल फ्लेयर्स, और ऐतिहासिक आग्नेयास्त्रों (मस्कट, तोप) में किया जाता है। आधुनिक आग्नेयास्त्र स्मोकलेस पाउडर (नाइट्रोसेल्यूलोज-आधारित) का उपयोग करते हैं।
- LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) में प्रोपेन (C₃H₈) और ब्यूटेन (C₄H₁₀) होते हैं, मुख्यतः प्रोपेन (60-80%) और ब्यूटेन (20-40%) यह पेट्रोलियम शोधन और प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण का उपोत्पाद है। इसे मध्यम दबाव (5-10 bar) पर द्रवित किया जाता है, जिससे भंडारण और परिवहन आसान हो जाता है। यह रंगहीन, गंधहीन होती है, लेकिन रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टन (तीखी गंध) मिलाया जाता है। इसका उपयोग घरेलू खाना पकाने (रसोई गैस सिलेंडर), हीटिंग, रेफ्रिजरेंट (R290), एरोसोल प्रणोदक, पोर्टेबल स्टोव, बारबेक्यू (BBQ) ग्रिल, और वाहन ईंधन (ऑटोगैस) के रूप में किया जाता है।
- पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) प्लास्टिक की बोतलों, कंटेनर, पैकेजिंग, खिलौने, ऑटोमोबाइल पार्ट्स (बम्पर, बैटरी केस), कालीन, रस्सी, मेडिकल डिवाइस (सिरिंज, वायल), कपड़ा (नॉनवोवन फैब्रिक - मास्क, डायपर, सैनिटरी पैड), और उपकरण (टपरवेयर) में उपयोगी है यह प्रोपिलीन (CH₂=CH-CH₃) मोनोमर के पॉलिमराइजेशन से बनता है। यह एक थर्मोप्लास्टिक है, जो उच्च तापमान (गलनांक 160-170°C) और रासायनिक प्रतिरोध (एसिड, बेस) रखता है। यह हल्का, मजबूत, लचीला, और नमी प्रतिरोधी होता है।
- मेलिक अम्ल (C₄H₄O₅) सेब (एप्पल), नाशपाती, आलूबुखारा, चेरी, आड़ू, अमरूद, टमाटर, अंगूर, केला, और खट्टे फलों में पाया जाता है यह एक डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जो सेब को खट्टा स्वाद प्रदान करता है। इसका उपयोग खाद्य उद्योग में अम्लता नियामक (E296), स्वाद बढ़ाने (कैंडी, जूस, शीतल पेय, जैम, जिलेटिन), और खट्टेपन के लिए किया जाता है। यह दवाइयों (कफ सिरप, खट्टे फ्लेवर), सौंदर्य प्रसाधन (pH समायोजन), और धातु सफाई (रस्ट रिमूवर) में भी प्रयुक्त होता है।
- नाइट्रोसेल्यूलोज (सेल्यूलोज नाइट्रेट) को गन कॉटन (सूती बारूद) कहा जाता है, क्योंकि यह कपास (सेल्यूलोज) के सान्द्र HNO₃ + H₂SO₄ (नाइट्रेटिंग मिश्रण) से उपचार से बनता है यह एक अत्यधिक ज्वलनशील, विस्फोटक नाइट्रेट एस्टर है, जो झटके या ताप पर बहुत तेजी से जलता है (लगभग विस्फोटित होता है) और कोई धुआँ नहीं छोड़ता, इसलिए इसे 'स्मोकलेस पाउडर' कहते हैं। इसका उपयोग प्रणोदक (रॉकेट ईंधन, आग्नेयास्त्रों में), प्लास्टिक (सेल्यूलॉइड - पहला थर्मोप्लास्टिक, पिंग-पोंग बॉल, गिटार पिक), नेल पॉलिश, लाह (गिटार कोटिंग), और चिपकने वाले पदार्थों में किया जाता है।
- बायोडीजल (बायोडीजल) वनस्पति तेल (पाम, सोयाबीन, सूरजमुखी, कैनोला, नारियल), पशु वसा (बीफ टैलो, लार्ड), या इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल (यूसीओ) के ट्रांसएस्टरीफिकेशन से बनता है इसमें फैटी एसिड मिथाइल एस्टर (FAME) होते हैं। यह नवीकरणीय, बायोडिग्रेडेबल, गैर-विषैला, और कार्बन-तटस्थ ईंधन है, जो डीजल की तुलना में कम SO₂ और पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जित करता है। इसका उपयोग डीजल इंजनों में बिना किसी संशोधन के शुद्ध रूप में (B100) या पेट्रोडीजल के साथ मिश्रण (B5, B20, B50) में किया जाता है।
- पॉलियूरेथेन (PU) फोम (लचीला फोम - फर्नीचर, गद्दे, तकिए, कुशन, स्पंज; कठोर फोम - इन्सुलेशन बोर्ड, रेफ्रिजरेटर इन्सुलेशन, पैकेजिंग, सर्फबोर्ड) में उपयोगी है यह पॉलीओल (पॉलीएल्कोहल) और डाइआइसोसाइनेट (TDI, MDI) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है। इसका उपयोग कोटिंग्स (पेंट, वार्निश), चिपकने वाले (गोंद), सीलेंट, इलास्टोमेर (पहिये, रोलर), कृत्रिम चमड़ा, और ऑटोमोटिव पार्ट्स (स्टीयरिंग व्हील, डैशबोर्ड, सीट फोम) में भी किया जाता है।
- ब्यूटिरिक अम्ल (C₄H₈O₂, ब्यूटेनोइक अम्ल) बासी मक्खन (रैन्सिड बटर), बासी घी, खराब दूध, पनीर (विशेष रूप से रोक्फोर्ट, परमेसन) और पसीने (विशेषकर बकरी) में पाया जाता है यह एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है, जो वसा के हाइड्रोलिसिस (जल अपघटन) और ऑक्सीकरण (रैन्सिडिटी) से बनता है, और इसकी विशिष्ट अप्रिय, तीखी दुर्गंध (बासी मक्खन, बासी घी) के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग स्वाद बढ़ाने वाले (बटर फ्लेवर, कृत्रिम फल सुगंध), प्लास्टिसाइज़र, इत्र (सेल्यूलोज एसीटेट ब्यूटिरेट) और रासायनिक संश्लेषण में मध्यवर्ती के रूप में होता है।
- ट्राइनाइट्रोबेंजीन (C₆H₃N₃O₆, TNB) एक उच्च विस्फोटक (हाई एक्सप्लोसिव) है, जो बेंजीन (C₆H₆) के नाइट्रेशन (HNO₃ + H₂SO₄) से बनता है यह TNT (ट्राइनाइट्रोटॉल्यूनि) के समान है, लेकिन इसमें मिथाइल (-CH₃) समूह के बजाय हाइड्रोजन (-H) होता है। यह TNT की तुलना में अधिक संवेदनशील और शक्तिशाली है, लेकिन कम स्थिर है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सैन्य विस्फोटकों, बम, गोला-बारूद, और विस्फोटक यौगिकों के मिश्रण (ट्रिटोनल, टेट्रिल) में एक घटक के रूप में किया जाता है।
- कोयला (कोयला) एक जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) है, जो लाखों वर्षों पहले पेड़-पौधों (वनस्पति) के दलदली वातावरण में अवायवीय परिस्थितियों में भूगर्भीय दबाव एवं ताप के कारण क्रमिक रूपांतरण (कार्बोनीकरण) से बना है इसमें कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, और अन्य अकार्बनिक पदार्थ होते हैं। इसके प्रकार: पीट, लिग्नाइट (भूरा कोयला), बिटुमिनस (काला कोयला), एन्थ्रेसाइट (उच्चतम कार्बन) हैं। इसका उपयोग बिजली उत्पादन (ताप विद्युत संयंत्र), इस्पात निर्माण (कोक बनाना), सीमेंट उद्योग, और घरेलू ईंधन (अंगीठी) में किया जाता है। इसका दहन वायु प्रदूषण (SO₂, NOₓ, PM2.5, CO₂) और अम्ल वर्षा का प्रमुख कारण है।
- बेकेलाइट (बेकेलाइट) एक थर्मोसेटिंग बहुलक (थर्मोसेटिंग पॉलिमर) है, जो फिनोल और फॉर्मल्डिहाइड के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है, जिसका आविष्कार लियो बेकेलैंड ने 1907 में किया था यह पहला पूर्णतः सिंथेटिक प्लास्टिक था। यह थर्मोप्लास्टिक के विपरीत, गर्म करने पर पिघलता नहीं, बल्कि स्थायी रूप से कठोर हो जाता है (क्रॉस-लिंक्ड), इसलिए इसे दोबारा पिघलाकर आकार नहीं दिया जा सकता। यह अच्छा विद्युत इन्सुलेटर है, गर्मी प्रतिरोधी, रासायनिक प्रतिरोधी है। इसका उपयोग विद्युत स्विच, सॉकेट, बिजली के उपकरणों के हैंडल, टेलीफोन रिसीवर, बिलियर्ड बॉल, रेडियो कैबिनेट, बटन, और आभूषणों में किया जाता है।
- स्टीयरिक अम्ल (C₁₈H₃₆O₂) मोमबत्तियों, साबुन (सोडियम स्टीयरेट), सौंदर्य प्रसाधन (लोशन, क्रीम, लिपस्टिक), रबर (वल्कनीकरण सहायक), चिकनाई ग्रीस (लिथियम स्टीयरेट), और खाद्य योज्य (E570) में पाया जाता है यह एक संतृप्त फैटी अम्ल है, जो पशु वसा (बीफ टैलो, लार्ड) और वनस्पति तेल (कोकोआ बटर, शीया बटर) में प्रचुर मात्रा में होता है। मोमबत्तियों में यह कठोरता, चमक, और धुआँ रहित दहन प्रदान करता है। साबुन में यह झाग और सफाई शक्ति बढ़ाता है। कॉस्मेटिक्स में यह एक थिकनर और इमल्सीफायर (पायसीकारक) के रूप में कार्य करता है।
- गनपाउडर (बारूद, गनपाउडर) में सल्फर (S) होता है, जो ईंधन के साथ-साथ स्टेबलाइज़र का काम करता है सल्फर की ज्वलनशीलता मिश्रण को अधिक तेजी से प्रज्वलित करने और स्थिर रूप से जलने में मदद करती है। बारूद का ऐतिहासिक मानक अनुपात 75% पोटेशियम नाइट्रेट (KNO₃, ऑक्सीकारक), 15% चारकोल (ईंधन, कार्बन), और 10% सल्फर (ईंधन, स्टेबलाइज़र) है। सल्फर के बिना, चारकोल और KNO₃ का मिश्रण अधिक धीरे और अप्रत्याशित रूप से जलता है।
- मेथेनॉल (CH₃OH, मिथाइल एल्कोहल, वुड एल्कोहल) का उपयोग रेसिंग कारों, रॉकेट ईंधन, रेसिंग बोट, एफ1 (प्रारंभिक), और कभी-कभी इनडोर प्रतियोगिताओं (मॉडल इंजन) में ईंधन के रूप में किया जाता है इसका उच्च ऑक्टेन संख्या (109) और शीतलन प्रभाव इसे उच्च-प्रदर्शन इंजनों में उपयोगी बनाता है। यह जहरीला होता है (अंधापन, मृत्यु), इसलिए इसका उपयोग सावधानी से किया जाता है। इसका व्यापक उपयोग औद्योगिक विलायक, एंटीफ्रीज (विंडशील्ड वॉशर द्रव), फॉर्मल्डिहाइड (HCHO), एसीटिक अम्ल (CH₃COOH), DME (डाइमेथिल ईथर), MTBE (मिथाइल टर्शरी-ब्यूटिल ईथर), और डीजल विकल्प के रूप में किया जाता है।
- पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) का उपयोग इन्सुलेशन (बिजली के तारों, केबलों, विद्युत नालियों) में उत्कृष्ट विद्युत इन्सुलेटिंग गुणों और अग्नि प्रतिरोध (स्व-बुझाने) के कारण किया जाता है यह थर्माप्लास्टिक है, जो कठोर (रिजिड, पाइप, फ्रेम) और लचीले (प्लास्टिसाइज़र युक्त, केबल, फिल्म) दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसका उपयोग भवन निर्माण (पाइप, वायर डक्ट, सीलेंट), स्वास्थ्य देखभाल (रक्त बैग, IV ट्यूब, कैथेटर), पैकेजिंग (ब्लिस्टर पैक), खिलौने, फर्श, छत झिल्ली, कृत्रिम चमड़ा (अपहोल्स्ट्री), कपड़ा कोटिंग (रेडकोट), गास्केट, सील, और ऑटोमोबाइल भागों में होता है।
- फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) का उपयोग चमड़ा उद्योग (टैनिंग, कमाना), कपड़ा रंगाई (मॉर्डेंट), कीटनाशक (मधुमक्खी पालन - वैरोआ माइट नियंत्रण), रबर उद्योग (कोएगुलेटर), सिलेज परिरक्षक, खाद्य परिरक्षक (E236), और जल उपचार (कैल्शियम/मैग्नीशियम स्केल रिमूवर) में किया जाता है चमड़ा उद्योग में, फॉर्मिक अम्ल हाइड्रोक्लोरिक या सल्फ्यूरिक अम्ल की तुलना में कम हानिकारक है और चमड़े को नरम रखता है। यह क्रोम टैनिंग से पहले अम्लता को समायोजित करता है और चमड़े को अधिक टिकाऊ बनाता है।
- RDX (साइक्लोट्राइमिथाइलीन ट्राइनाइट्रामाइन, C₃H₆N₆O₆) एक शक्तिशाली उच्च विस्फोटक है, जिसका उपयोग प्लास्टिक विस्फोटक (C4, सेमटेक्स), सैन्य ग्रेड बम, मिसाइल वारहेड, आर्टिलरी शेल, टॉरपीडो, ग्रेनेड, और खदानों (लैंड माइन) में किया जाता है यह TNT की तुलना में 1.5 गुना अधिक शक्तिशाली होता है। इसका रासायनिक नाम 1,3,5-ट्राइनाइट्रो-1,3,5-ट्राइअज़ाइनेन (हेक्सोजन) है। इसे 1899 में जॉर्ज फ्रेडरिक हेनिंग ने जर्मनी में पेटेंट कराया था। यह एक सफेद पाउडर होता है, जो पानी में अघुलनशील और अपेक्षाकृत स्थिर होता है।
- प्राकृतिक गैस (प्राकृतिक गैस) में मेथेन (CH₄) लगभग 90% (85-95%) होता है, शेष ईथेन (C₂H₆, 2-6%), प्रोपेन (C₃H₈, 1-3%), ब्यूटेन (C₄H₁₀, 0.5-1%), CO₂, N₂, और H₂S होते हैं यह एक जीवाश्म ईंधन है, जो पेट्रोलियम और कोयले की तुलना में स्वच्छ जलता है (कम CO₂, NOₓ, SO₂, पार्टिकुलेट)। इसका उपयोग खाना पकाने (रसोई गैस), हीटिंग, बिजली उत्पादन (गैस टर्बाइन), वाहन ईंधन (CNG, LNG), उर्वरक (अमोनिया, यूरिया), मेथनॉल, हाइड्रोजन, और अमोनिया उत्पादन में होता है। इसे पाइपलाइनों, CNG सिलेंडरों या LNG (तरलीकृत) टैंकरों के माध्यम से परिवहन किया जाता है।
- नायलॉन-66 (नायलॉन-66) एक कृत्रिम फाइबर (सिंथेटिक फाइबर) है, जो हेक्सामेथिलीन डाइअमीन (C₆H₁₆N₂) और एडिपिक अम्ल (C₆H₁₀O₄) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है यह पहला व्यावसायिक रूप से सफल सिंथेटिक पॉलिमर था, जिसे 1935 में ड्यूपॉन्ट (वालेस कैरदर्स) ने विकसित किया था। इसका गलनांक 265°C होता है, जो नायलॉन-6 (220°C) से अधिक है। इसका उपयोग कपड़ा (मोजे, स्पोर्ट्सवियर, अंडरगारमेंट, कार्पेट), मछली पकड़ने की रेखा, रस्सियाँ, टायर कॉर्ड, पैराशूट, सीट बेल्ट, एयरबैग, दाँत का ब्रश, गियर, बेयरिंग, जिपर, और चिकित्सा उपकरण (सिवनी धागा) में किया जाता है।
- ऑक्सेलिक अम्ल (C₂H₂O₄) का उपयोग स्याही (इंक), रस्ट (जंग), और रंजक (डाई) के दाग हटाने (रिमूवर) के लिए एक सफाई एजेंट के रूप में किया जाता है यह Ca²⁺, Fe²⁺, Fe³⁺, और Cu²⁺ आयनों के साथ घुलनशील परिसर (कॉम्प्लेक्स) बनाता है, जिससे रंगीन अवक्षेप घुलकर हट जाते हैं। इसका उपयोग लकड़ी (रस्ट स्टेन), पत्थर, चीनी मिट्टी के बरतान, बाथरूम टाइल्स, कार रेडिएटर क्लीनर (पैमाना हटाने), धातु पॉलिशिंग (एल्युमीनियम, पीतल), और प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में किया जाता है। यह एक प्रभावी ब्लीचिंग एजेंट भी है।
- डायनामाइट (डायनामाइट) का आविष्कार अल्फ्रेड नोबेल (अल्फ्रेड नोबेल) ने 1867 में नाइट्रोग्लिसरीन को डायटोमेसियस अर्थ (कीज़लगुहर) में अवशोषित कर सुरक्षित बनाने के लिए किया था इस आविष्कार ने उन्हें भारी धन अर्जित कराया, जिसका उपयोग उन्होंने नोबेल पुरस्कार (भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य, शांति) की स्थापना के लिए किया। उनके पास 355 पेटेंट थे, जिनमें डायनामाइट सबसे प्रसिद्ध था। उन्होंने बाद में गन कॉटन और नाइट्रोग्लिसरीन के मिश्रण से 'ब्लास्टिंग जिलेटिन' विकसित किया, जो डायनामाइट से अधिक शक्तिशाली था।
- पेट्रोल (गैसोलीन) का उपयोग गाड़ियों (कार, बाइक, ऑटो रिक्शा, स्कूटर, हल्के वाणिज्यिक वाहन) में स्पार्क-इग्निशन इंजनों में ईंधन के रूप में किया जाता है यह कच्चे तेल का प्रभाजी आसवन अंश (C₅-C₁₂) है, जिसमें एल्केन, साइक्लोएल्केन, एरोमैटिक्स (बेंजीन, टॉल्यूनि, जाइलीन) होते हैं। इसकी गुणवत्ता ऑक्टेन संख्या (RON - रिसर्च ऑक्टेन नंबर) द्वारा मापी जाती है, जो नॉकिंग (समय से पहले विस्फोट) के प्रतिरोध को दर्शाती है। प्रीमियम पेट्रोल (91-95 RON) में एंटी-नॉक एडिटिव्स (जैसे MTBE, एथेनॉल) होते हैं। पेट्रोल में एडिटिव्स (डिटर्जेंट, एंटीऑक्सीडेंट, कोरोसियन इनहिबिटर) भी मिलाए जाते हैं।
- पॉलिस्टाइरीन (पॉलीस्टाइरीन, पीएस) डिस्पोजेबल कप, प्लेट, कटलरी, फूड कंटेनर, फोम ट्रे (मांस, अंडे), पैकेजिंग फोम पीनट, इन्सुलेशन फोम बोर्ड (दीवार, छत), सीडी/डीवीडी केस, मॉडल किट, रूलर, बॉलपॉइंट पेन बॉडी, योग मैट, और हेलमेट लाइनर में उपयोगी है यह स्टाइरीन (C₆H₅-CH=CH₂) मोनोमर के पॉलिमराइजेशन से बनता है। फोमयुक्त पॉलिस्टाइरीन (एक्सपैंडेड पॉलिस्टाइरीन, ईपीएस - थर्मोकोल) में 95-98% वायु होती है, जो इसे हल्का और उत्कृष्ट इन्सुलेटर बनाती है। यह थर्मोप्लास्टिक है, लेकिन इसका पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) महंगा और अक्षम है, जिससे यह एक बड़े पर्यावरणीय प्रदूषण का कारण है।
- लैक्टिक अम्ल (C₃H₆O₃) जोरदार व्यायाम (तेज दौड़ना, भारोत्तोलन, साइक्लिंग, स्विमिंग) के दौरान मांसपेशियों (मसल्स) में अवायवीय श्वसन (बिना ऑक्सीजन के ग्लूकोज का टूटना) से उत्पन्न होता है जब मांसपेशियों को ऑक्सीजन की कमी होती है, तो ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) का टूटना लैक्टिक अम्ल (और 2 ATP) में होता है, न कि CO₂ और H₂O (ऑक्सीजन के साथ क्रेब्स चक्र में, जो 36 ATP देता है)। लैक्टिक अम्ल के जमा होने से मांसपेशियों में जलन, दर्द, थकान, और ऐंठन (मसल क्रैम्प) होती है। व्यायाम के बाद, यकृत लैक्टिक अम्ल को पुनः ग्लूकोज में परिवर्तित करता है (कोरी चक्र)।
- अमोनियम पिक्रेट (C₆H₂(NO₂)₃ONH₄, डूनामाइट) एक उच्च विस्फोटक है, जो पिकरिक अम्ल (C₆H₃N₃O₇) को अमोनिया (NH₃) के साथ उदासीन करने से बनता है यह पिकरिक अम्ल की तुलना में अधिक स्थिर और कम संवेदनशील होता है। इसका उपयोग 20वीं शताब्दी की शुरुआत में सैन्य विस्फोटकों (गोला-बारूद, बम, टॉरपीडो) में किया गया था, लेकिन बाद में TNT और RDX ने इसे प्रतिस्थापित कर दिया। इसका उपयोग विस्फोटक के रूप में, और पीला रंग बनाने के लिए भी किया जाता है।
- बायोएथनॉल (जैव-इथेनॉल) गन्ना (ब्राजील), मक्का (यूएस), गेहूँ (यूरोप), ज्वार (भारत), चुकंदर, आलू, और सेल्यूलोसिक बायोमास (लिग्नोसेल्यूलोसिक) के किण्वन से बनता है यह एक नवीकरणीय ईंधन है, जो CO₂ उत्सर्जन को कम करता है (कार्बन-तटस्थ) और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करता है। इसका उपयोग पेट्रोल में मिश्रण (E10, E20, E85, E100) या शुद्ध ईंधन के रूप में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में किया जाता है। भारत सरकार E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) लक्ष्य 2025 तक प्राप्त करने का प्रयास कर रही है, जिससे सालाना कई हजार करोड़ रुपये की आयात बचत होगी और किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
- सिलिकॉन बहुलक (सिलिकॉन पॉलिमर, पॉलीसिलोक्सेन) रबर (सिलिकॉन रबर) में उपयोगी है, जो अपने उत्कृष्ट ताप प्रतिरोध (-100°C से 300°C तक), लचीलापन, रासायनिक निष्क्रियता, जल प्रतिरोध, और विद्युत इन्सुलेशन के लिए जाना जाता है यह जैव-संगत भी है, जिसका उपयोग मेडिकल डिवाइस (इम्प्लांट, कैथेटर, कॉन्टैक्ट लेंस), कुकवेयर (बेकिंग मैट, स्पैटुला), गास्केट, सील, विद्युत इन्सुलेशन, स्नेहक, सौंदर्य प्रसाधन (शैम्पू, कंडीशनर), सीलेंट (कौल्क), चिकनाई, और ऑटोमोबाइल (होज़, गैस्केट) में किया जाता है। यह सिलिकॉन (Si) और ऑक्सीजन (O) की मुख्य श्रृंखला (Si-O-Si-O) वाला एक अकार्बनिक-कार्बनिक हाइब्रिड पॉलिमर है।
- साइट्रिक अम्ल (C₆H₈O₇) का उपयोग खाद्य संरक्षण (परिरक्षक) में जीवाणु और कवक वृद्धि को रोकने, pH कम करने, और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में किया जाता है यह डिब्बाबंद फल, सब्जी, जूस, शीतल पेय, जैम, जेली, मुरब्बा, सॉस, केचप, ड्रेसिंग, मेयोनेज़, पनीर, मांस, और समुद्री भोजन में E330 के रूप में मिलाया जाता है। यह विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) के ऑक्सीकरण को भी रोकता है, जिससे रंग और पोषण मूल्य बना रहता है।
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) विस्फोटक बनाने में उपयोगी है, क्योंकि यह एक प्रबल ऑक्सीकारक (ऑक्सीडाइजिंग एजेंट) और नाइट्रेटिंग एजेंट (नाइट्रो समूह, -NO₂, जोड़ने) है इसका उपयोग TNT (ट्राइनाइट्रोटॉल्यूनि), नाइट्रोग्लिसरीन, पिकरिक अम्ल, RDX, HMX, नाइट्रोसेल्यूलोज (गन कॉटन), अमोनियम नाइट्रेट (ANFO), एथिलीन ग्लाइकॉल डाइनाइट्रेट (EGDN), और अन्य उच्च विस्फोटकों के नाइट्रेशन में किया जाता है। नाइट्रिक अम्ल के बिना अधिकांश आधुनिक विस्फोटक असंभव हैं।
- LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस, तरलीकृत प्राकृतिक गैस) में मेथेन (CH₄) तरल रूप (द्रव) में होता है, जिसे प्राकृतिक गैस को -162°C पर ठंडा करके संघनित किया जाता है इससे गैस का आयतन 600 गुना कम हो जाता है, जिससे लंबी दूरी के समुद्री परिवहन (टैंकर जहाजों) में आसानी होती है। LNG रंगहीन, गंधहीन, गैर-विषैला, और गैर-संक्षारक होता है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन, शहरी गैस वितरण (पाइपलाइन), वाहन ईंधन (LNG ट्रक), और औद्योगिक ईंधन के रूप में किया जाता है।
- एक्रिलिक बहुलक (एक्रिलिक पॉलिमर) कृत्रिम ऊन (सिंथेटिक ऊन) में उपयोगी है, जिसे एक्रिलिक फाइबर (पैन - पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल) के रूप में जाना जाता है यह एक्रिलोनाइट्राइल (CH₂=CH-C≡N) मोनोमर के पॉलिमराइजेशन से बनता है। यह गर्म, हल्का, नरम, और प्राकृतिक ऊन के समान दिखता है, लेकिन यह कीट (पतंगा) प्रतिरोधी, सिकुड़न प्रतिरोधी, और त्वरित सूखने वाला होता है। इसका उपयोग स्वेटर, कंबल, बाहरी कपड़े, स्कार्फ, टोपी, मोजे, कालीन, और असबाब में किया जाता है।
- टार्टरिक अम्ल (C₄H₆O₆) का उपयोग बेकिंग पाउडर (बेकिंग सोडा, NaHCO₃ के साथ) में अम्लीय घटक के रूप में किया जाता है, जो नमी या गर्मी पर अभिक्रिया कर CO₂ गैस उत्पन्न करता है, जिससे आटा फूलता है बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल (या क्रीम ऑफ टार्टर, पोटैशियम बाइटार्ट्रेट, KC₄H₅O₆) अम्ल प्रदान करता है, सोडियम बाइकार्बोनेट क्षार प्रदान करता है, और कॉर्नस्टार्च नमी अवशोषक के रूप में होता है। इसका उपयोग केक, बिस्कुट, ब्रेड, पिज्जा बेस, मफिन, पैनकेक, वफ़ल, और डोनट्स बनाने में किया जाता है।
- TNT (ट्राइनाइट्रोटॉल्यूनि) का उपयोग खदानों (माइन्स) में चट्टानों को तोड़ने, सुरंगों, सड़कों, बांधों के निर्माण, और खनन (कोयला, लौह अयस्क, सोना, चूना पत्थर) में किया जाता है यह एक स्थिर, सुरक्षित, और अपेक्षाकृत कम संवेदनशील विस्फोटक है, जिसे डेटोनेटर (ब्लास्टिंग कैप) द्वारा विस्फोटित किया जाता है। यह पानी में अघुलनशील है, जो इसे गीली परिस्थितियों में उपयोगी बनाता है। खनन में, TNT का उपयोग अक्सर अमोनियम नाइट्रेट (ANFO) के साथ मिश्रण (ट्रिटोनल) में किया जाता है।
- हाइड्रोजन (H₂) ईंधन सेल (फ्यूल सेल, विशेष रूप से प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन, पीईएम) में उपयोगी है, जो H₂ और O₂ की अभिक्रिया (2H₂ + O₂ → 2H₂O + विद्युत) से प्रत्यक्ष रूप से बिजली उत्पन्न करता है, बिना दहन के यह एक स्वच्छ, कुशल (40-60% दक्षता, 85% तक संयुक्त ताप और बिजली), और शून्य-उत्सर्जन (केवल जल वाष्प) ऊर्जा स्रोत है। इसका उपयोग हाइड्रोजन वाहन (टोयोटा मिराई, हुंडई NEXO), बस, ट्रक, फोर्कलिफ्ट, स्थिर बिजली उत्पादन (बैकअप पावर), अंतरिक्ष यान (अपोलो, स्पेस शटल), पनडुब्बियों (AIP) और पोर्टेबल चार्जर में किया जाता है।
- पॉलियामाइड (पॉलियामाइड) नायलॉन (नायलॉन) का दूसरा नाम है, क्योंकि नायलॉन एक प्रकार का पॉलियामाइड बहुलक है, जिसमें आवर्ती एमाइड (-CO-NH-) क्रियात्मक समूह होता है पॉलियामाइड्स डाइअमीन (H₂N-R-NH₂) और डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल (HOOC-R'-COOH) के पॉलीकंडेंसेशन से बनते हैं। नायलॉन-66 (सामान्य), नायलॉन-6 (कैप्रोलैक्टम), नायलॉन-11, नायलॉन-12, नायलॉन-46, नायलॉन-6/6,6, और नायलॉन-6,10 कई प्रकार हैं। वे उच्च शक्ति, लचीलापन, घर्षण प्रतिरोध, रसायन प्रतिरोध, और थर्मल स्थिरता प्रदर्शित करते हैं।
- फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) एक कार्बनिक अम्ल है, जो कार्बोक्सिलिक अम्लों की सबसे सरल और सबसे कम आणविक भार वाली श्रृंखला का पहला सदस्य है इसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में किया जाता है: चमड़ा (टैनिंग), कपड़ा (रंगाई, मॉर्डेंट), रबर (कोएगुलेटर), कीटनाशक, जल उपचार (डीस्केलिंग), खाद्य परिरक्षक (E236), सिलेज परिरक्षक, दवाइयाँ (लिनिमेंट), धातु सफाई (रस्ट रिमूवर), और रासायनिक संश्लेषण में। यह चींटी, मधुमक्खी, और बिच्छू के डंक में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
- गन कॉटन (नाइट्रोसेल्यूलोज) का उपयोग प्रणोदक (प्रोपेलेंट) में किया जाता है, जैसे स्मोकलेस पाउडर (धुआं रहित बारूद) जिसका उपयोग आधुनिक आग्नेयास्त्रों (बंदूक, राइफल, पिस्तौल) और आर्टिलरी में होता है यह काला बारूद (गनपाउडर) की तुलना में अधिक शक्तिशाली और लगभग कोई धुआँ नहीं पैदा करता, जिससे छिपना आसान हो जाता है। यह रॉकेट ईंधन (ठोस प्रणोदक), पटाखे, फ्लेयर्स, और सिग्नल रॉकेट में भी उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग सेल्यूलॉइड (पहला थर्मोप्लास्टिक) बनाने के लिए किया गया था।
- कोक (कोक) कोयले (बिटुमिनस कोयला) के अवायवीय (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) तापन (कार्बोनाइजेशन या डिस्टिलेशन) से बनता है, जिसमें अस्थिर घटक (तारकोल, बेंजीन, अमोनिया) हटा दिए जाते हैं इसमें लगभग 90-95% कार्बन होता है, और यह लगभग अशुद्धि रहित (कम सल्फर, कम राख) ईंधन होता है। इसका उपयोग ब्लास्ट फर्नेस (इस्पात निर्माण) में अपचायक के रूप में (लौह अयस्क से ऑक्सीजन हटाने), धातु गलाने, कार्बाइड उत्पादन, सिंटरिंग, और उच्च-तापीय उद्योगों (फाउंड्री) में किया जाता है।
- पॉलीथीन टेरेफ्थालेट (PET) बोतलों (पानी, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस, तेल, केचप, सॉस) में उपयोगी है, क्योंकि यह हल्का, टिकाऊ, पारदर्शी, रासायनिक प्रतिरोधी, और बाधा गुण (गैस/नमी) प्रदान करता है यह टेरेफ्थैलिक अम्ल (C₆H₄(COOH)₂) और एथिलीन ग्लाइकॉल (HO-CH₂-CH₂-OH) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है। PET पूर्णतः पुनर्चक्रणीय (रीसाइकिलेबल) है, जिसे rPET बनाने के लिए पिघलाया जाता है, जिसका उपयोग फाइबर (कपड़े, कालीन), नई बोतलें, फिल्म (ज़ाइलर पैकेजिंग), और स्ट्रैपिंग में किया जाता है। यह दुनिया का सबसे अधिक पुनर्चक्रित प्लास्टिक है।
- मेलिक अम्ल (C₄H₄O₅) का उपयोग खाद्य उद्योग (खाद्य योज्य E296) में अम्लता नियामक, स्वाद बढ़ाने (खट्टा स्वाद), pH नियंत्रण, और परिरक्षक के रूप में किया जाता है यह सेब, नाशपाती, अंगूर, और अन्य फलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसका उपयोग कैंडी, जूस, शीतल पेय, जैम, जेली, फलों के डिब्बाबंदी, वाइन, बीयर, सलाद ड्रेसिंग, सॉस, और डेयरी उत्पादों में किया जाता है। यह एक सुरक्षित और व्यापक रूप से स्वीकृत खाद्य योज्य है।
- नाइट्रोबेंजीन (C₆H₅NO₂) विस्फोटक निर्माण में उपयोगी है, क्योंकि यह एनिलिन (C₆H₅NH₂) बनाने का अग्रदूत (प्रीकर्सर) है, जो आगे चलकर कई विस्फोटकों और रंगों का आधार है नाइट्रोबेंजीन का अपचयन (कमी) एनिलिन देता है, जिसका उपयोग एजो डाई, सल्फा दवाएँ, रबर केमिकल, फोटोग्राफिक डेवलपर, विस्फोटक (एनिलिन नाइट्रेशन से पिकरिक अम्ल), और पॉलिमर (पॉलीयूरेथेन) में किया जाता है। नाइट्रोबेंजीन स्वयं कभी-कभी बेंज़ोइक अम्ल या फिनोल के उत्पादन में मध्यवर्ती होता है।
- मेथेन (CH₄) का उपयोग रसोई गैस (रसोई गैस) के रूप में पाइपलाइन (सिटी गैस), CNG सिलेंडर, या LNG के रूप में किया जाता है, जो प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है यह एक स्वच्छ, कुशल, और सुविधाजनक ईंधन है, जो नीली ज्वाला (पूर्ण दहन) देता है। इसका उपयोग खाना पकाने (स्टोव, ओवन, हॉब्स), वॉटर हीटर, सेंट्रल हीटिंग (बॉयलर), और ड्रायर में किया जाता है। भारत में, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का उपयोग घरेलू रसोई में बढ़ रहा है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में।
- पॉलिकार्बोनेट (पीसी) पारदर्शी शीट (पारदर्शी शीट) में उपयोगी है, जो कांच (ग्लास) की तुलना में अधिक प्रभाव प्रतिरोधी (200 गुना), हल्का, और लचीला होता है यह बिस्फेनॉल ए (BPA) और फॉस्जीन (COCl₂) के पॉलीकंडेंसेशन से बनता है। इसका उपयोग सुरक्षा चश्मा, हेलमेट वाइजर, बुलेटप्रूफ ग्लास, डीवीडी/ब्लू-रे डिस्क, ग्रीनहाउस पैनल, स्काईलाइट, सनरूफ, ट्रक विंडशील्ड, कार हेडलैंप लेंस, मेडिकल डिवाइस (डायलाइजर हाउसिंग), इलेक्ट्रॉनिक कैबिनेट (मोबाइल फोन कवर), पानी की बोतलें (BPA-मुक्त अब), और बेबी बोतल (अब प्रतिबंधित) में किया जाता है।
- स्टीयरिक अम्ल (C₁₈H₃₆O₂) का उपयोग साबुन (साबुन) में सोडियम स्टीयरेट (सोडियम स्टीयरेट) के रूप में किया जाता है, जो साबुन को कठोरता, स्थिरता, झाग (फोम), और सफाई शक्ति प्रदान करता है यह पशु वसा और वनस्पति तेलों से प्राप्त एक संतृप्त फैटी अम्ल है। साबुनीकरण (सैपोनिफिकेशन) प्रक्रिया में, स्टीयरिक अम्ल (या ट्राइस्टीयरिन, एक ट्राइग्लिसराइड) क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया कर सोडियम स्टीयरेट (साबुन) और ग्लिसरॉल बनाता है। स्टीयरेट्स का उपयोग साबुन, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स, और चिकनाई ग्रीस में किया जाता है।
- अमोनियम नाइट्रेट (NH₄NO₃) उर्वरक (34-35% N) और विस्फोटक (ऑक्सीकारक) दोनों है, जो इसे एक दोधारी (ड्यूल-यूज़) पदार्थ बनाता है उर्वरक के रूप में, यह पौधों को तत्काल नाइट्रोजन प्रदान करता है। विस्फोटक के रूप में, यह ANFO (अमोनियम नाइट्रेट + ईंधन तेल) का मुख्य घटक है। इसका सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, इसे अक्सर कैल्शियम कार्बोनेट या अन्य पदार्थों के साथ मिश्रित (लेपित) कर विस्फोटक गुणों को कम किया जाता है (फॉस्फेट उर्वरक के रूप में), लेकिन फिर भी इसे संभालते समय अत्यधिक सावधानी बरती जाती है।
- LPG (रसोई गैस) का उपयोग रसोई (खाना पकाने) में घरेलू सिलेंडरों (LPG सिलेंडर) में किया जाता है, जो प्रोपेन (C₃H₈) और ब्यूटेन (C₄H₁₀) का मिश्रण होता है यह सुविधाजनक, पोर्टेबल, स्वच्छ (कोई कालिख नहीं), कुशल, और उच्च कैलोरी मान वाला ईंधन है। भारत में, भारत सरकार 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन प्रदान करती है। इसमें रिसाव का पता लगाने के लिए एथिल मर्कैप्टन गंध मिलाई जाती है।
- सेल्यूलोज (सेल्यूलोज) एक प्राकृतिक बहुलक (प्राकृतिक पॉलिमर) है, जो β-ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) मोनोमर के लंबे, रैखिक श्रृंखलाओं से बना होता है, और पौधों (पेड़, कपास, भांग, लकड़ी, घास) की कोशिका भित्ति का मुख्य संरचनात्मक घटक है यह पृथ्वी पर सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला कार्बनिक पॉलिमर है। इसका उपयोग कागज, कार्डबोर्ड, कपास (कपड़ा), रेयॉन (कृत्रिम रेशा), सेल्यूलोज एसीटेट (फोटोग्राफी फिल्म, सिगरेट फिल्टर), सेल्यूलोज ईथर (गाढ़ा करने वाला, खाद्य योज्य), नाइट्रोसेल्यूलोज (गन कॉटन), और जैव ईंधन (सेल्यूलोसिक इथेनॉल) के उत्पादन में किया जाता है।
- ऑक्सेलिक अम्ल (C₂H₂O₄) का उपयोग धातु की सफाई (धातु सफाई) में रस्ट (जंग), पैमाना (स्केल, कैल्शियम कार्बोनेट), और अन्य अघुलनशील धातु ऑक्साइड (लोहा, तांबा, एल्युमीनियम) को हटाने के लिए किया जाता है यह एक प्रभावी चेलेटिंग एजेंट (केलेटिंग एजेंट) है, जो धातु आयनों (Fe³⁺, Ca²⁺, Mg²⁺) से जुड़कर पानी में घुलनशील परिसर (कॉम्प्लेक्स) बनाता है। इसका उपयोग ऑटोमोटिव (कार रेडिएटर), औद्योगिक सफाई (बॉयलर, हीट एक्सचेंजर), बाथरूम टाइल्स, सीमेंट के फर्श, और बर्तन साफ करने के लिए किया जाता है।
- पोटैशियम नाइट्रेट (KNO₃) बारूद (गनपाउडर) का घटक है, जहाँ यह ऑक्सीकारक (ऑक्सीडाइज़र) के रूप में कार्य करता है, जो गर्म करने पर ऑक्सीजन मुक्त करता है, जिससे चारकोल और सल्फर का तीव्र दहन होता है बारूद में KNO₃ 75% होता है। यह एक प्राकृतिक खनिज (साल्टपीटर) है, जो दीवारों, गुफाओं, और मिट्टी (विशेष रूप से भारत के शुष्क क्षेत्रों) में पाया जाता है। इसका उपयोग उर्वरक (नाइट्रोजन और पोटैशियम स्रोत), खाद्य परिरक्षक (E252), दाँत संवेदनशीलता पेस्ट, और आतिशबाजी में भी किया जाता है।
- बायोमास (बायोमास) - पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों से प्राप्त जैविक पदार्थ - से बायोएथनॉल (बायोएथनॉल) किण्वन (ग्लूकोज को शराब में परिवर्तित करना) द्वारा बनता है बायोमास के स्रोत: गन्ना (भारत, ब्राजील), मक्का (यूएस), गेहूँ, ज्वार, चुकंदर, सेल्यूलोसिक बायोमास (लकड़ी, चूरा, कृषि अवशेष - पुआल, भूसी, बगास)। सेल्यूलोसिक इथेनॉल को एंजाइम (सेल्यूलेज़) के साथ सेल्यूलोज को तोड़कर किण्वित किया जाता है। बायोएथनॉल एक नवीकरणीय ईंधन है।
- पॉलीविनाइल एसीटेट (PVAc) गोंद (चिपकने वाला, विशेष रूप से सफेद गोंद, लकड़ी गोंद, स्कूल गोंद) में उपयोगी है, क्योंकि यह छिद्रपूर्ण सतहों (लकड़ी, कागज, कपड़ा) से मजबूत बंधन बनाता है यह विनाइल एसीटेट मोनोमर (CH₃COO-CH=CH₂) के पॉलिमराइजेशन से बनता है। यह एक थर्मोप्लास्टिक है, जो पानी में अघुलनशील है, लेकिन कार्बनिक विलायक (एसीटोन, टॉल्यूनि) में घुलनशील है। इसका उपयोग पेंट (इमल्शन पेंट - लेटेक्स पेंट), कोटिंग्स, टेक्सटाइल फिनिशिंग, कागज कोटिंग, और च्युइंग गम बेस के रूप में भी किया जाता है।
- लैक्टिक अम्ल (C₃H₆O₃) का उपयोग खाद्य संरक्षण (खाद्य संरक्षण) में अम्लता नियामक और परिरक्षक (E270) के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह pH को कम करता है, जिससे रोगजनक जीवाणुओं (पैथोजेनिक बैक्टीरिया) की वृद्धि रुकती है यह अचार, जैतून, सॉकरक्राट (किण्वित गोभी), किम्ची, और किण्वित डेयरी उत्पादों (दही, छाछ, खट्टा क्रीम) में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसका उपयोग मांस (सॉसेज, बेकन), सलाद ड्रेसिंग, और पेय पदार्थों में भी किया जाता है।
- नाइट्रोग्लिसरीन (C₃H₅N₃O₉) डायनामाइट (डायनामाइट) का मुख्य घटक है, जो अल्फ्रेड नोबेल के द्वारा बनाया गया विस्फोटक है शुद्ध नाइट्रोग्लिसरीन अत्यधिक अस्थिर है और झटके से फट जाता है। डायनामाइट में, नाइट्रोग्लिसरीन को एक अक्रिय अवशोषक (डायटोमेसियस अर्थ, कीज़लगुहर) में अवशोषित किया जाता है, जो इसे सुरक्षित बनाता है। आधुनिक डायनामाइट में नाइट्रोग्लिसरीन के बजाय अक्सर अन्य अवशोषक या जेल (ब्लास्टिंग जिलेटिन) का उपयोग होता है।
- डीजल (डीजल) का गलनांक (फ्रीजिंग पॉइंट) पेट्रोल (पेट्रोल) से अधिक होता है क्योंकि डीजल में भारी हाइड्रोकार्बन (लंबी कार्बन श्रृंखला, C₁₅-C₂₀) होते हैं, जो पेट्रोल (C₅-C₁₂) की तुलना में अधिक तापमान पर जमते हैं डीजल का गलनांक लगभग -40°C से -8°C (शीतकालीन डीजल कम ताप पर भी बहता है) होता है, जबकि पेट्रोल लगभग -60°C से -50°C पर जमता है। इसी कारण, ठंडे देशों में सर्दियों में डीजल ट्रकों को ब्लॉक हीटर या एंटी-जेल एडिटिव्स की आवश्यकता होती है।
- पॉलियूरिया (पॉलियूरिया) कपड़ों (कपड़ा) में एक कोटिंग (लेप) के रूप में उपयोगी है, जो जल प्रतिरोधकता, सांस लेने की क्षमता, और स्थायित्व प्रदान करता है यह डाइआइसोसाइनेट और डाइअमीन की तीव्र अभिक्रिया से बनता है। इसका उपयोग रेनकोट, विंडब्रेकर, पोंचो, वेटसूट, शुष्क सूट, तिरपाल, फ़िल्टर बैग, टैंक लाइनिंग, और पाइप कोटिंग्स में किया जाता है। यह पॉलियूरेथेन की तुलना में अधिक तेजी से ठीक होता है (क्योरिंग सेकंड में) और अधिक कठोर होता है।
- साइट्रिक अम्ल (C₆H₈O₇) का pH 2-3 (अम्लीय) के बीच होता है, जो इसे एक कमजोर अम्ल (दुर्बल अम्ल) बनाता है, जो पूरी तरह से आयनित नहीं होता इसके 0.1 M विलयन का pH लगभग 2.2 होता है। इसका pH खट्टे फलों (नींबू pH ~2, संतरा pH ~3) में देखा जा सकता है। यह अम्लता साइट्रिक अम्ल को एक प्रभावी कीटाणुनाशक, जल मृदुकारक, डीस्केलिंग एजेंट, और एंटीऑक्सीडेंट बनाती है।
- RDX (रिसर्च डेवलपमेंट एक्सप्लोसिव) का उपयोग प्लास्टिक विस्फोटक (प्लास्टिक एक्सप्लोसिव) में किया जाता है, जैसे C4 (संयुक्त राज्य), सेमटेक्स (चेक गणराज्य), PE4 (यूके), और डेटाशीट (दुनिया भर में) प्लास्टिक विस्फोटक में RDX (या HMX) को प्लास्टिसाइज़र (जैसे डाइऑक्टाइल सेबकेट, पॉलीइसोब्यूटिलीन) और बाइंडर (जैसे, मोटर तेल) के साथ मिलाया जाता है, जिससे यह प्लास्टिसिन (मिट्टी) जैसा लचीला, मोल्ड करने योग्य, और पानी प्रतिरोधी बन जाता है। यह छोटे विस्फोटकों (पेटन ट्यूब) और डिटोनेटर द्वारा सक्रिय किया जाता है। इसका उपयोग सैन्य विध्वंस, खनन, और आतंकवादी गतिविधियों में भी हुआ है (जैसे, 1988 पैन एएम फ्लाइट 103 हादसा जिसमें C4 का उपयोग हुआ था)।
- मेथेन (CH₄) एक ग्रीनहाउस गैस (ग्रीनहाउस गैस) है, जो वायुमंडल में CO₂ की तुलना में प्रति अणु 28-84 गुना अधिक शक्तिशाली ऊष्मा अवरोधक है यह दलदल, चावल के खेत, लैंडफिल (कचरा डंप), पशुधन (एंटेरिक किण्वन, गोबर), और जीवाश्म ईंधन (प्राकृतिक गैस, कोयला खदानों) से उत्सर्जित होती है। यह ग्लोबल वार्मिंग में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है। वायुमंडल में इसकी औसत सांद्रता लगभग 1.9 भाग प्रति मिलियन (ppm) है।
- पॉलिमराइजेशन (पॉलिमराइजेशन) वह प्रक्रिया है जिसमें छोटे अणुओं (मोनोमर) को एक साथ जोड़कर बहुलक (पॉलिमर) का निर्माण किया जाता है दो मुख्य प्रकार हैं: (i) योगात्मक पॉलिमराइजेशन (एडिशन पॉलिमराइजेशन) - मोनोमर (जैसे एथिलीन) बिना किसी उपोत्पाद के पॉलिमर में जुड़ते हैं; (ii) संघनन पॉलिमराइजेशन (कंडेंसेशन पॉलिमराइजेशन) - मोनोमर जुड़ते समय एक छोटा अणु (जैसे पानी, HCl) निकलता है (जैसे नायलॉन, पॉलिएस्टर)। पॉलिमराइजेशन के बिना आधुनिक प्लास्टिक, रबर, फाइबर, चिपकने वाले, और कोटिंग्स संभव नहीं होते।
- फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) का उपयोग कीटाणुनाशक (डिसइन्फेक्टेंट) और संरक्षक (परिरक्षक) के रूप में पशु चारा (साइलेज), चमड़ा, और खाद्य (अचार, मछली) में किया जाता है यह बैक्टीरिया और फफूंद के विकास को रोकता है। फॉर्मिक अम्ल की 1-2% सांद्रता सिलेज (किण्वित पशु चारा) को खराब होने से बचाती है। चमड़े के उद्योग में, यह बैक्टीरिया को मारता है और चमड़े को सड़ने से बचाता है। खाद्य उद्योग में, इसका उपयोग E236 के रूप में, स्मोक्ड मछली, अचार, और सॉस में किया जाता है।
- TNT (ट्राइनाइट्रोटॉल्यूनि) का क्वथनांक उच्च (240°C से ऊपर, विस्फोट से पहले) होता है, जो इसे बिना विस्फोट के पिघलाने (गलनांक 80.8°C) और गोले, बम, या मूसलों में डालने की अनुमति देता है यह TNT को सुरक्षित रूप से संभालने और ढालने (कास्टिंग) में सक्षम बनाता है, क्योंकि यह पिघले हुए रूप में स्थिर रहता है (बशर्ते अत्यधिक गर्म न किया जाए)। इसके विपरीत, कम स्थिर विस्फोटक (जैसे, पिकरिक अम्ल) पिघलने पर विस्फोटित हो सकते हैं। यह TNT को विस्फोटकों का 'मानक' बनाता है, जिसके सापेक्ष अन्य विस्फोटकों की शक्ति (आरई फैक्टर) मापी जाती है (TNT का RE = 1.00)।
- बायोडीजल (बायोडीजल) पर्यावरण के लिए अनुकूल (पर्यावरण अनुकूल) है क्योंकि यह नवीकरणीय (नवीकरणीय), बायोडिग्रेडेबल, कार्बन-तटस्थ (कार्बन-तटस्थ), और जीवाश्म डीजल की तुलना में कम उत्सर्जन (CO, HC, PM, SOx) करता है यह वनस्पति तेल (ताड़, सोयाबीन, कैनोला) या पुनर्नवीनीकृत तेल (फ्रेंच फ्राई तेल) से बनता है। इसे बिना किसी इंजन संशोधन के मौजूदा डीजल इंजनों में शुद्ध (B100) या मिश्रित (B20, B5) किया जा सकता है। यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 50-80% कमी करता है।
- नायलॉन (नायलॉन) रस्सियों (रस्सियाँ) में उपयोगी है क्योंकि यह अत्यधिक मजबूत, लोचदार (खिंचाव), घर्षण प्रतिरोधी, रसायन प्रतिरोधी, और नमी प्रतिरोधी होता है नायलॉन रस्सी (पॉलियामाइड) पॉलिएस्टर, पॉलीप्रोपाइलीन, या मनीला रस्सी की तुलना में अधिक मजबूत होती है, यह अधिक खिंचती है (ऊर्जा अवशोषण), और पानी (नाव, समुद्री) के लिए प्रतिरोधी होती है। इसका उपयोग चढ़ाई रस्सी, टो रस्सी, एंकर लाइन, पैराशूट कॉर्ड, फिशिंग लाइन, डॉग लीड, पशु रस्सी, और बंजी कॉर्ड में किया जाता है।
- टार्टरिक अम्ल (C₄H₆O₆) का उपयोग दवा (औषधि) में स्वाद बढ़ाने (खट्टा स्वाद), pH समायोजन, और फिजी टैबलेट (एफ्फेरवेसेंट टैबलेट) के अम्लीय घटक के रूप में किया जाता है यह एंटासिड (पेट के एसिड को बेअसर करने वाली) फिजी टैबलेट (जैसे, एनो, डाइजेस्टिफ) में साइट्रिक अम्ल के साथ या एक विकल्प के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह कफ सिरप, कैंडी, विटामिन सी टैबलेट, और दर्द निवारक (एस्पिरिन) फिजी टैबलेट में स्वाद सुधारक और अम्लीय एजेंट है।
- गन कॉटन (नाइट्रोसेल्यूलोज) का उपयोग गोला-बारूद (स्मोकलेस पाउडर) में प्रणोदक (प्रोपेलेंट) के रूप में किया जाता है, जो आधुनिक आग्नेयास्त्रों (राइफल, पिस्तौल, शॉटगन) और आर्टिलरी में उपयोग किया जाता है यह लगभग धुआं रहित है, जो युद्ध में दुश्मन के लिए दृष्टि को स्पष्ट रखता है। यह काला बारूद (गनपाउडर) की तुलना में अधिक शक्तिशाली है और कम अवशेष छोड़ता है, जिससे बंदूक की सफाई आसान हो जाती है। यह रॉकेट प्रणोदक (ठोस ईंधन) और पटाखों में भी उपयोग किया जाता है।
- केरोसिन (केरोसीन) का उपयोग विमान ईंधन (एविएशन टर्बाइन ईंधन - Jet A, Jet A-1, या परावर्तक केरोसिन) के रूप में किया जाता है, विशेष रूप से जेट इंजन (गैस टर्बाइन) में इसमें उच्च ऊर्जा घनत्व, कम अस्थिरता, और कम पैराफिन वैक्स सामग्री होती है, जो उच्च ऊंचाई (ठंडे तापमान) पर ईंधन को जमने से रोकती है। Jet A-1 का हिमांक -47°C होता है। यह सबसे सुरक्षित विमानन ईंधन माना जाता है।
- पॉलिसल्फोन (पॉलीसल्फोन) उच्च तापमान पर स्थिर (थर्मली स्टेबल) है, जिसका उपयोग इंजीनियरिंग प्लास्टिक (इंजीनियरिंग प्लास्टिक) के रूप में उच्च-ताप अनुप्रयोगों (माइक्रोवेव ओवन कंटेनर, ऑटोमोबाइल अंडर-हुड पार्ट्स, बैटरी केस, पानी पंप) में किया जाता है यह एक एमोर्फस थर्मोप्लास्टिक है, जिसका गलनांक लगभग 180-190°C (लगातार उपयोग तापमान -40°C से 150°C तक) होता है। यह रासायनिक प्रतिरोधी (एसिड, बेस, तेल), हाइड्रोलाइटिक स्थिरता (नमी प्रतिरोधी), और अच्छा ढांकता हुआ (विद्युत इन्सुलेटर) है। इसका उपयोग मेडिकल डिवाइस (सर्जिकल ट्रे, स्टेरिलाइज़ करने योग्य उपकरण), पानी के कनेक्टर, और रिवर्स ऑस्मोसिस झिल्ली में भी किया जाता है।
- मेलिक अम्ल (C₄H₄O₅) का उपयोग खट्टेपन (खट्टा स्वाद) के लिए किया जाता है, विशेष रूप से कार्बोनेटेड पेय (जैसे, स्प्राइट, फैंटा), कैंडी (जैसे, चूसने वाली मिठाई, हार्ड कैंडी, सोर पाउडर), शीतल पेय, जूस, और जैम में इसका खट्टापन साइट्रिक और टार्टरिक अम्ल की तुलना में अधिक तीव्र और लंबे समय तक रहने वाला होता है। यह कृत्रिम स्वाद (जैसे, सेब, नाशपाती) को बढ़ाने में भी उपयोगी है।
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) विस्फोटकों में उपयोगी है क्योंकि यह एक नाइट्रेटिंग एजेंट है, जो कार्बनिक यौगिकों (जैसे, टॉल्यूनि, ग्लिसरॉल, सेल्यूलोज, फिनोल) में नाइट्रो (-NO₂) समूह जोड़ता है यह प्रक्रिया (नाइट्रेशन) TNT, नाइट्रोग्लिसरीन, पिकरिक अम्ल, नाइट्रोसेल्यूलोज, RDX, और HMX जैसे अधिकांश उच्च विस्फोटकों के उत्पादन का एक अनिवार्य कदम है। नाइट्रिक अम्ल के बिना आधुनिक सैन्य और औद्योगिक विस्फोटक अकल्पनीय होंगे।
- CNG (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) पर्यावरण अनुकूल (पर्यावरण अनुकूल) ईंधन है, क्योंकि यह पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी कम कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ), हाइड्रोकार्बन (HC), पार्टिकुलेट मैटर (PM), और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जित करता है यह कोई धुआं या कालिख नहीं पैदा करता है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। CNG सिलेंडर हल्के (कंपोजिट) और सुरक्षित होते हैं। इसका उपयोग सार्वजनिक परिवहन (बस, ऑटो रिक्शा, टैक्सी) में भारत और दुनिया भर में व्यापक रूप से किया जाता है।
- पॉलिमर (बहुलक) रीसाइक्लिंग योग्य (पुनर्चक्रण योग्य) होते हैं, हालांकि उनका पुनर्चक्रण चुनौतीपूर्ण (महंगा, क्रमिक गिरावट) है थर्मोप्लास्टिक्स (जैसे, पॉलिथीन, पॉलीप्रोपिलीन, पॉलिस्टाइरीन, पीवीसी, पीईटी) को पिघलाकर और पुन: गढ़ा (री-मोल्ड) कर पुनर्नवीनीकरण (पुनर्चक्रण) किया जा सकता है। थर्मोसेट (जैसे, बेकेलाइट, यूरिया-फॉर्मल्डिहाइड) को पुनर्नवीनीकरण नहीं किया जा सकता, केवल कुचलकर भराव (फिलर) के रूप में उपयोग किया जाता है। पीईटी बोतलों को फाइबर (कपड़े, कालीन) या नई बोतलों (रीसाइक्लिंग) में परिवर्तित किया जाता है। पॉलिमर पुनर्चक्रण अपशिष्ट कम करता है और प्राकृतिक संसाधनों की बचत करता है।
- स्टीयरिक अम्ल (C₁₈H₃₆O₂) का उपयोग कॉस्मेटिक्स (सौंदर्य प्रसाधन) में एक थिकनर (गाढ़ा करने वाला), इमल्सीफायर (पायसीकारक), सर्फेक्टेंट (पृष्ठ सक्रिय कारक), और रिओलॉजी मॉडिफायर के रूप में किया जाता है यह लोशन, क्रीम, मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन, मेकअप, फाउंडेशन, लिपस्टिक, लिप बाम, डिओडोरेंट, साबुन, शैम्पू, कंडीशनर, और रेजर (शेविंग क्रीम) में पाया जाता है। यह कॉस्मेटिक्स को चिकनी बनावट, स्थिरता, और फैलाने की क्षमता प्रदान करता है। यह एक इमल्शन (तेल और पानी के मिश्रण) को अलग होने से रोकता है।
- अमोनियम नाइट्रेट (NH₄NO₃) का उपयोग खदानों (खनन) में चट्टानों को तोड़ने के लिए ANFO (अमोनियम नाइट्रेट + ईंधन तेल) विस्फोटक के रूप में किया जाता है ANFO सबसे सस्ता, व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला, और अपेक्षाकृत सुरक्षित खनन विस्फोटक है, जिसे डेटोनेटर द्वारा सक्रिय किया जाता है। यह गीले परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि NH₄NO₃ पानी में घुलनशील है। सुरक्षा के लिए, अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण और परिवहन को सख्त नियमों (ऊष्मा, ईंधन, दूषण, प्रतिबंधित) के अधीन किया जाता है।
- मेथेनॉल (CH₃OH) का उपयोग रेसिंग कारों (रेसिंग कार) में ईंधन के रूप में किया जाता है (विशेष रूप से इंडियानापोलिस 500, यूएसएसी, और ड्रैग रेसिंग में), क्योंकि इसकी उच्च ऑक्टेन संख्या (109), शीतलन प्रभाव (वाष्पीकरण के दौरान ऊष्मा अवशोषित), और उच्च शक्ति उत्पादन होता है