पौधों का वर्गीकरण
- पौधों (Plants) का वर्गीकरण प्लांटी जगत (Kingdom Plantae) में होता है। यह पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली (Whittaker 1969) का एक भाग है। पौधे बहुकोशिकीय (multicellular) , यूकेरियोटिक (eukaryotic) एवं प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) करने वाले जीव हैं।
- लिनियस (Carolus Linnaeus) ने पौधों के वर्गीकरण की प्रणाली (System of Plant Classification) दी। उन्होंने 'स्पीशीज़ प्लांटेरम' (Species Plantarum – 1753) पुस्तक लिखी। उन्होंने द्विनाम पद्धति (binomial nomenclature) का प्रयोग किया।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में शैवाल (Algae) शामिल हैं। ये सरलतम पौधे हैं जिनका शरीर थैलस (thallus) जैसा होता है। इनमें जड़, तना और पत्तियों का विभेदन नहीं होता। ये जलीय (aquatic) होते हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में संवहनी ऊतक (vascular tissues – xylem & phloem) अनुपस्थित होते हैं। अतः ये असंवहनीय पौधे (non-vascular plants) कहलाते हैं। जल एवं पोषक तत्वों का संचरण कोशिका-से-कोशिका (cell to cell) होता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में क्लोरेला (Chlorella) शामिल है। क्लोरेला एक हरी एककोशिकीय शैवाल (green unicellular alga) है। इसका उपयोग पोषक पूरक (nutritional supplement) और जैव ईंधन (biofuel) उत्पादन में होता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में स्पाइरोगायरा (Spirogyra) शामिल है। यह एक तंतुमय हरा शैवाल (filamentous green alga) है। इसमें सर्पिलाकार (spiral-shaped) हरितलवक (chloroplasts) पाए जाते हैं। यह मीठे पानी में पाया जाता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में लाइकेन (Lichen) सहजीवी (symbiotic) होते हैं। लाइकेन कवक (fungus) और शैवाल (alga) या सायनोबैक्टीरिया (cyanobacterium) का सहजीवी संबंध (mutualism) है। यह वायु प्रदूषण का सूचक (indicator of air pollution) है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में यूलोथ्रिक्स (Ulothrix) शामिल है। यह एक तंतुमय हरा शैवाल (filamentous green alga) है। यह मीठे पानी और समुद्र दोनों में पाया जाता है। इसके तंतु (filaments) अशाखित (unbranched) होते हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में डायटम (Diatoms) शामिल हैं। ये एककोशिकीय शैवाल (unicellular algae) हैं। इनकी कोशिका भित्ति (cell wall) सिलिका (silica – SiO₂) से बनी होती है, जिसे "फ्रस्ट्यूल" (frustule) कहते हैं। ये ऑक्सीजन उत्पादन में महत्वपूर्ण हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में नॉस्टॉक (Nostoc) शामिल है। यह एक नीला-हरा शैवाल (blue-green alga / cyanobacterium) है। यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (nitrogen fixation) करता है। इसमें हेटेरोसिस्ट (heterocyst) नामक विशेष कोशिकाएँ होती हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में क्लैमाइडोमोनास (Chlamydomonas) शामिल है। यह एक एककोशिकीय हरा शैवाल (unicellular green alga) है। इसमें दो कशाभिकाएँ (flagella) होती हैं, जो गति में सहायक होती हैं। यह मॉडल जीव (model organism) के रूप में प्रयोग किया जाता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में वॉलवॉक्स (Volvox) शामिल है। यह एक औपनिवेशिक हरा शैवाल (colonial green alga) है। सैकड़ों कोशिकाएँ मिलकर एक गोलाकार कॉलोनी (spherical colony) बनाती हैं। यह मीठे पानी में पाया जाता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में ऑसिलेटोरिया (Oscillatoria) शामिल है। यह एक तंतुमय नीला-हरा शैवाल (filamentous cyanobacterium) है। यह दोलनशील (oscillating) गति करता है। यह प्रोकैरियोटिक (prokaryotic) है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में डाइनोफ्लैजलेट्स (Dinoflagellates) शामिल हैं। ये एककोशिकीय शैवाल (unicellular algae) हैं। इनमें दो कशाभिकाएँ (flagella) होती हैं। कुछ डाइनोफ्लैजलेट्स ज्वारीय प्रज्वाल (red tide) का कारण बनते हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में फ्यूकस (Fucus) शामिल है। यह एक भूरा शैवाल (brown alga) है। यह समुद्री जल (marine water) में पाया जाता है। इसमें वायु पुटिकाएँ (air bladders) तैरने में सहायक होती हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में सरगासम (Sargassum) शामिल है। यह एक भूरा शैवाल (brown alga) है। यह "सरगासो सागर" (Sargasso Sea) में बड़ी मात्रा में पाया जाता है। इसका उपयोग उर्वरक (fertilizer) के रूप में होता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में रोडोफाइट्स (Rhodophytes – लाल शैवाल) शामिल हैं। इनमें फाइकोएरिथ्रिन (Phycoerythrin) नामक लाल रंगद्रव्य (red pigment) पाया जाता है। ये गहरे समुद्र (deep sea) में पाए जाते हैं। अगर-अगर (agar-agar) इन्हीं से बनता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में क्लोरेला एकल कोशिका वाली (unicellular) है। यह हरा शैवाल (green alga) है। इसमें प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) होता है। यह प्रोटीन (protein) और विटामिन (vitamins) का समृद्ध स्रोत है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) होता है। यह एक नीला रंगद्रव्य (blue pigment) है, जो नीले-हरे शैवाल (cyanobacteria) में पाया जाता है। इसका उपयोग फूड कलर (food colouring) और अनुसंधान में होता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में अनाबीना (Anabaena) शामिल है। यह एक तंतुमय नीला-हरा शैवाल (filamentous cyanobacterium) है। यह नाइट्रोजन स्थिरीकरण (nitrogen fixation) करता है। यह फर्न एजोला (Azolla) के साथ सहजीवी संबंध रखता है।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में डायटम्स (Diatoms) सिलिका युक्त भित्ति (silica-containing wall) रखते हैं। यह कोशिका भित्ति दो भागों (valves) से बनी होती है। मृत डायटम्स के सिलिका कंकाल "डायटोमेसियस अर्थ" (diatomaceous earth) बनाते हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में सरल संरचना (simple structure) होती है। इनका शरीर थैलस (thallus) कहलाता है। इनमें जड़ (root), तना (stem) और पत्तियों (leaves) का विभेदन (differentiation) नहीं होता। ये असंवहनीय (non-vascular) होते हैं।
- थैलोफाइट्स (Thallophytes) में गैमिटोफाइट (gametophyte) प्रमुख (dominant) होता है। यह अगुणित (haploid – n) अवस्था है। यहाँ यौन प्रजनन (sexual reproduction) गैमेट्स (gametes) द्वारा होता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में मॉस (Mosses) शामिल हैं। ये भूमि (land) पर रहने वाले सरलतम पौधे हैं। इन्हें "उभयचर पौधे" (amphibians of plant kingdom) कहते हैं। इनमें संवहनी ऊतक (vascular tissue) नहीं होते।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में जड़ों (roots) के बजाय राइजॉइड (rhizoids) होते हैं। राइजॉइड बहुकोशिकीय (multicellular) या एककोशिकीय (unicellular) हो सकते हैं। ये पौधे को सतह से जोड़ने (anchoring) और जल अवशोषण (water absorption) का कार्य करते हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में लिवरवॉर्ट्स (Liverworts – मार्केनशिया) शामिल हैं। इनका शरीर थैलस (thallus) जैसा होता है। लिवरवॉर्ट्स का नाम लिवर (यकृत) जैसी आकृति के कारण पड़ा। उदाहरण – मार्केनशिया (Marchantia), रिक्सिया (Riccia) ।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में फनारिया (Funaria) शामिल है। यह एक सामान्य मॉस (common moss) है। इसमें तना (stem) जैसी और पत्ती (leaf) जैसी संरचनाएँ होती हैं। इसका प्रयोग प्रयोगशाला अध्ययन (laboratory study) में किया जाता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में मार्केनशिया (Marchantia) शामिल है। यह एक लिवरवॉर्ट (liverwort) है। इसका शरीर थैलस (thallus) होता है। इसमें छत्रक (gemma cup) द्वारा अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction) होता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में नमी (moisture) की आवश्यकता होती है। ये नम और छायादार स्थानों (moist and shady places) पर पाए जाते हैं। प्रजनन (reproduction) के लिए जल की आवश्यकता होती है। ये सूखा (drought) सहन नहीं कर सकते।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में पॉलीट्रिकम (Polytrichum) शामिल है। यह एक सामान्य मॉस (common moss) है। यह अन्य मॉस की तुलना में बड़ा होता है। इसे "हेयर कैप मॉस" (hair cap moss) भी कहते हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में रिक्सिया (Riccia) शामिल है। यह एक लिवरवॉर्ट (liverwort) है। इसका थैलस (thallus) पत्ती जैसा चपटा (flat) होता है। यह मीठे पानी और नम भूमि पर पाया जाता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में स्पैग्नम (Sphagnum – पीट मॉस) शामिल है। यह पीट (peat) बनाता है। स्पैग्नम अत्यधिक जल अवशोषक (water absorbent) होता है। इसका उपयोग बागवानी (horticulture) और ईंधन (fuel – पीट) के रूप में होता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में जलीय पर्यावरण (aquatic environment) की आवश्यकता होती है। ये नमी (moisture) पर निर्भर होते हैं। निषेचन (fertilization) के लिए जल की आवश्यकता होती है। ये शुष्क (dry) स्थितियों में जीवित नहीं रह सकते।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में थैलस (thallus) संरचना होती है। लिवरवॉर्ट्स (liverworts) में थैलस जैसा शरीर होता है। मॉस (mosses) में तना और पत्ती जैसी संरचनाएँ होती हैं, परंतु ये वास्तविक नहीं हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में एन्थोसेरोस (Anthoceros – हॉर्नवॉर्ट) शामिल है। इसका स्पोरोफाइट (sporophyte) सींग (horn) के आकार का होता है। यह नम स्थानों पर पाया जाता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में प्रजनन (reproduction) जल पर निर्भर (water-dependent) है। नर युग्मक (male gamete – एंथेरिडियम) जल के माध्यम से तैरकर मादा युग्मक (female gamete – आर्कीगोनियम) तक पहुँचता है। अतः ये उभयचर (amphibious) कहलाते हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में मॉस (mosses) मिट्टी के कटाव (soil erosion) को रोकते हैं। ये मिट्टी को बांधकर रखते हैं। ये जल अवशोषण (water absorption) करते हैं। ये पारिस्थितिकी (ecology) में अग्रगामी प्रजातियाँ (pioneer species) हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में राइजॉइड (rhizoids) पानी अवशोषित (absorb water) करते हैं। ये वास्तविक जड़ें (true roots) नहीं हैं। ये पौधे को सतह से जोड़ने और नमी लेने का कार्य करते हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में गैमिटोफाइट (gametophyte) प्रमुख (dominant) होता है। यह पौधे का हरा, पर्णमय (leafy) या थैलस (thallus) भाग होता है। यह अगुणित (haploid – n) अवस्था है। यही प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) करता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में मॉस (mosses) जंगल में नमी बनाए रखते (retain moisture) हैं। ये मिट्टी की नमी बनाए रखने में सहायक होते हैं। ये काई (moss) वन पारिस्थितिकी (forest ecology) में महत्वपूर्ण हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में प्रजनन (reproduction) गैमिटोफाइट (gametophyte) पर होता है। एंथेरिडिया (antheridia – नर अंग) और आर्कीगोनिया (archegonia – मादा अंग) गैमिटोफाइट पर बनते हैं। निषेचन के बाद स्पोरोफाइट (sporophyte) विकसित होता है।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में स्टेम जैसी संरचना (stem-like structure) होती है। मॉस में कॉलम (cauloid) नामक तना जैसी संरचना होती है। यह वास्तविक तना (true stem) नहीं है, क्योंकि इसमें संवहनी ऊतक (vascular tissue) नहीं होते।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में मॉस (mosses) पारिस्थितिकी (ecology) में महत्वपूर्ण (important) हैं। ये मिट्टी बनाने (soil formation) , जल धारण (water retention) और पोषक चक्रण (nutrient cycling) में योगदान करते हैं। ये जैव संकेतक (bioindicators) भी हैं।
- ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) में स्पोरेंजिया (sporangia) बीजाणु (spores) बनाते हैं। स्पोरेंजिया स्पोरोफाइट (sporophyte) पर बनते हैं। बीजाणु अर्धसूत्री विभाजन (meiosis) द्वारा बनते हैं। ये बीजाणु अगुणित (haploid – n) होते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में फर्न (Ferns) शामिल हैं। ये संवहनीय पौधे (vascular plants) हैं। इन्हें "सर्पिड पौधे" (creeping plants) भी कहते हैं। इनमें बीज (seeds) नहीं बनते।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में संवहनी ऊतक (vascular tissues – xylem & phloem) मौजूद होते हैं। ये पहले संवहनीय पौधे (first vascular plants) हैं। जाइलम (xylem) जल एवं फ्लोएम (phloem) भोजन का संचरण करते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में हॉर्सटेल (Horsetails – एक्विसेटम) शामिल हैं। एक्विसेटम (Equisetum) हॉर्सटेल का उदाहरण है। इसके तने खंडित (jointed) और नालीदार (ridged) होते हैं। इसमें सिलिका (silica) जमा होता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में सेलाजिनेला (Selaginella) शामिल है। यह "स्पाइकी मॉस" (spiky moss) कहलाता है। यह टेरिडोफाइट का उदाहरण है। यह नम स्थानों पर पाया जाता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में बीज (seeds) नहीं होते। ये बीजाणु (spores) द्वारा प्रजनन करते हैं। ये अनावृतबीजी (gymnosperms) से भिन्न हैं। टेरिडोफाइट्स बीज रहित संवहनीय पौधे (seedless vascular plants) हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में प्रोटैलियम (Prothallium) होता है। प्रोटैलियम फर्न का गैमिटोफाइट (gametophyte) है। यह छोटा, हरा, हृदयाकार (heart-shaped) होता है। यह अगुणित (haploid – n) होता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में लाइकोपोडियम (Lycopodium) शामिल है। यह "क्लब मॉस" (club moss) कहलाता है। इसके बीजाणु (spores) ज्वलनशील (flammable) होते हैं। इसका उपयोग फायरवर्क्स (fireworks) में होता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में एक्विसेटम (Equisetum) शामिल है। यह हॉर्सटेल (horsetail) है। इसका उपयोग औषधि (medicine) में होता है। यह जीवित जीवाश्म (living fossil) है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में बीजाणुओं (spores) द्वारा प्रजनन (reproduction) होता है। बीजाणु (spores) स्पोरोफाइट (sporophyte) पर बनते हैं। ये अर्धसूत्री विभाजन (meiosis) से बनते हैं। ये अगुणित (haploid – n) होते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में मार्सीलिया (Marsilea) शामिल है। यह एक जलीय फर्न (water fern) है। इसकी पत्तियाँ चार पत्रकों (four leaflets) वाली होती हैं। यह "बैंडिकूट फर्न" (bandicoot fern) भी कहलाता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में ड्रायोप्टेरिस (Dryopteris) शामिल है। यह एक सामान्य फर्न (common fern) है। यह छायादार स्थानों (shady places) पर पाया जाता है। इसका उपयोग सजावटी पौधे (ornamental plant) के रूप में होता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में पत्तियों (leaves) को फ्रॉन्ड (Frond) कहते हैं। फ्रॉन्ड बड़ी, संयुक्त पत्ती (large, compound leaf) होती है। फ्रॉन्ड के नीचे (under surface) बीजाणु कोष (sporangia) बनते हैं। बीजाणु कोषों के समूह को "सोरस" (sorus) कहते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में एडिएंटम (Adiantum – मेडेनहेयर फर्न) शामिल है। इसका तना (stem) काला और चमकदार (black and shiny) होता है। इसका उपयोग सजावट (ornamental) और औषधि (medicine) में होता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में साइकैसिया (Cycad) शामिल है? वास्तव में साइकस (Cycas) जिम्नोस्पर्म (gymnosperm) है। टेरिडोफाइट्स में साइकैसिया नहीं आता। यह एक तथ्यात्मक त्रुटि है। साइकस जिम्नोस्पर्म है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में प्रजनन (reproduction) बीजाणुओं (spores) से होता है। बीजाणु (spores) अलैंगिक (asexual) प्रजनन के रूप में होते हैं। बीजाणु अंकुरित (germinate) होकर गैमिटोफाइट (prothallus) बनाते हैं। गैमिटोफाइट युग्मक (gametes) बनाता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में प्रजनन चक्र (life cycle) जटिल (complex) होता है। इसमें दो पीढ़ियाँ (two generations) होती हैं – स्पोरोफाइट (sporophyte – द्विगुणित) और गैमिटोफाइट (gametophyte – अगुणित)। यह पीढ़ी एकांतरण (alternation of generations) कहलाता है।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में वैस्कुलर बंडल (vascular bundles) होते हैं। ये संवहनीय पौधे (vascular plants) हैं। जाइलम (xylem) और फ्लोएम (phloem) संवहनी बंडल बनाते हैं। ये पौधे के सभी भागों में जल एवं भोजन का संचरण करते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में राइजोम (rhizome) होता है। राइजोम भूमिगत तना (underground stem) होता है। यह प्रकंद (creeping stem) की तरह फैलता है। इससे जड़ें (roots) और पत्तियाँ (fronds) निकलती हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में पॉलीपोडियम (Polypodium) शामिल है। यह एक फर्न (fern) है। यह चट्टानों (rocks) और पेड़ों (trees) पर उगता है। इसे "रॉक पॉलीपोडी" (rock polypody) कहते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में बीजाणु (spores) पत्तियों (leaves) पर बनते हैं। बीजाणु कोष (sporangia) पत्तियों के नीचे (lower side) बनते हैं। कुछ फर्न में बीजाणु कोष विशेष बीजाणु पत्तियों (sporophylls) पर बनते हैं।
- टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) में स्पोरोफाइट (sporophyte) प्रमुख (dominant) होता है। यह द्विगुणित (diploid – 2n) अवस्था है। यह पौधे का दिखने वाला भाग (fronds, stem, roots) होता है। यह प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) करता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में नंगे बीज वाले पौधे (naked seed plants) हैं। बीज (seeds) अंडाशय (ovary) के अंदर बंद नहीं होते। ये अंडाशय रहित (without ovary) होते हैं। बीज शंकु (cones) या स्ट्रोबिलस (strobilus) पर खुले होते हैं।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में साइकस (Cycas) शामिल है। साइकस एक "जीवित जीवाश्म" (living fossil) है। इसकी पत्तियाँ पंखदार (feather-like) होती हैं। यह उष्णकटिबंधीय (tropical) क्षेत्रों में पाया जाता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में पाइनस (Pinus – चीड़) शामिल है। यह एक शंकुधारी वृक्ष (coniferous tree) है। इसकी पत्तियाँ सुई (needle-like) के आकार की होती हैं। यह ठंडे क्षेत्रों (cold regions) में पाया जाता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में जुनिपर (Juniper) शामिल है। यह एक शंकुधारी झाड़ी या वृक्ष (coniferous shrub/tree) है। इसके बीज शंकु (seed cones) बेरी (berry) जैसे होते हैं। इसका उपयोग औषधि (medicine) और लकड़ी (wood) में होता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में गिंग्को (Ginkgo) शामिल है। गिंग्को बिलोबा (Ginkgo biloba) "जीवित जीवाश्म" (living fossil) है। इसकी पत्तियाँ पंखे (fan) के आकार की होती हैं। इसका उपयोग स्मृति वर्धक (memory enhancer) के रूप में होता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीजपत्र (cotyledons) नहीं होते? इनमें बीजपत्र (cotyledons) होते हैं (कई में 2-15)। यह कथन संदिग्ध है। जिम्नोस्पर्म में बीजपत्र (cotyledons) होते हैं, परंतु बीजपत्रों की संख्या परिवर्ती (variable) होती है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में सिकोइया (Sequoia) शामिल है। सिकोइया विश्व का सबसे ऊँचा (tallest) वृक्ष है (लगभग 115 मीटर)। यह कैलिफोर्निया (USA) में पाया जाता है। इसे "रेडवुड" (redwood) भी कहते हैं।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में देवदार (Cedar / देवदारु) शामिल है। यह एक शंकुधारी वृक्ष (coniferous tree) है। इसकी लकड़ी सुगंधित (fragrant) और कीट प्रतिरोधी (insect-resistant) होती है। हिमालय क्षेत्र (Himalayan region) में यह पाया जाता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में एफेड्रा (Ephedra) शामिल है। यह एक झाड़ीदार (shrubby) जिम्नोस्पर्म है। इसका उपयोग दवा (medicine – एफेड्रिन) के रूप में होता है। यह शुष्क (arid) क्षेत्रों में पाया जाता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में टैक्सस (Taxus – यू) शामिल है। यह एक शंकुधारी वृक्ष (coniferous tree) है। इसकी सुई जैसी (needle-like) पत्तियाँ होती हैं। इससे कैंसर रोधी दवा (anticancer drug – पैक्लिटैक्सल / Taxol) बनती है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीज खुले (naked seeds) होते हैं। बीज अंडाशय (ovary) के अंदर नहीं बनते। ये शंकु (cones) के स्ट्रोबिलस (strobilus) पर बनते हैं। यह एंजियोस्पर्म (angiosperms) से मुख्य अंतर है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में वेल्वित्चिया (Welwitschia) शामिल है। यह अफ्रीका के नामीब रेगिस्तान (Namib desert) में पाया जाता है। इसकी केवल दो पत्तियाँ (only two leaves) होती हैं, जो जीवन भर बढ़ती रहती हैं। यह अद्भुत जिम्नोस्पर्म है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में सॉफ्टवुड पेड़ (softwood trees) शामिल हैं। इनकी लकड़ी नरम (soft) होती है। इनमें शंकुधारी (conifers) जैसे पाइन (Pinus), फर (Fir), स्प्रूस (Spruce) आते हैं। इनका उपयोग निर्माण (construction) और कागज (paper) उद्योग में होता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में कॉनिफर (Conifers – शंकुधारी) शामिल हैं। कॉनिफर जिम्नोस्पर्म का सबसे बड़ा समूह है। इनमें पाइन (Pine) , फर (Fir) , देवदार (Cedar) , स्प्रूस (Spruce) , सिकोइया (Sequoia) , जुनिपर (Juniper) आते हैं।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीज फल में बंद (enclosed in fruit) नहीं होते। फल (fruit) केवल एंजियोस्पर्म (angiosperms) में बनते हैं। जिम्नोस्पर्म में फल नहीं बनते। बीज शंकु (cone) पर खुले होते हैं।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में सिडार (Cedar) शामिल है। यह एक शंकुधारी वृक्ष (coniferous tree) है। इसकी लकड़ी सुगंधित (aromatic) होती है। इसका उपयोग फर्नीचर (furniture) और निर्माण में होता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीज अंडाशय (ovary) में नहीं बनते। जिम्नोस्पर्म में अंडाशय (ovary) नहीं होता। बीज बीजपत्र (ovule) पर खुले (naked) बनते हैं। यह एंजियोस्पर्म से भिन्नता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में फर (Fir) शामिल है। यह एक शंकुधारी वृक्ष (coniferous tree) है। इसकी पत्तियाँ सुई जैसी (needle-like) होती हैं। इसका उपयोग क्रिसमस ट्री (Christmas tree) और लकड़ी के लिए होता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में पर्ण संश्लेषी (evergreen) होते हैं। अधिकांश जिम्नोस्पर्म (पाइन, फर, देवदार) सदाबहार (evergreen) होते हैं। ये पूरे वर्ष हरे बने रहते हैं। ये शीत ऋतु (winter) में भी पत्तियाँ नहीं गिराते।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में परागण (pollination) हवा द्वारा (wind – anemophily) होता है। ये वायु परागित (wind-pollinated) पौधे हैं। नर शंकु (male cones) पराग (pollen grains) छोड़ते हैं। पराग हवा के माध्यम से मादा शंकु (female cones) तक पहुँचता है।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में कोणधारी पौधे (conifers) शामिल हैं। कोणधारी (Conifers) शंकुधारी वृक्ष होते हैं। ये जिम्नोस्पर्म का सबसे बड़ा समूह (group) है। उदाहरण – पाइन (Pine) , स्प्रूस (Spruce) , फर (Fir) ।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीज शंकु (cone) में बनते हैं। मादा शंकु (female cone) में बीजपत्र (ovules) खुले होते हैं। निषेचन (fertilization) के बाद ये बीज (seeds) बन जाते हैं। बीज शंकु के अंदर या बाहर खुले होते हैं।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में ढके बीज वाले पौधे (covered seed plants) हैं। बीज (seeds) अंडाशय (ovary) के अंदर बंद होते हैं। अंडाशय परिपक्व होकर फल (fruit) बनाता है। ये सबसे उन्नत (advanced) पौधे हैं।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में गुलाब (Rose – Rosa) शामिल है। गुलाब एक सुगंधित पुष्पीय पौधा (flowering plant) है। इसका उपयोग सजावट (ornamental) और इत्र (perfume) उद्योग में होता है। यह द्विबीजपत्री (dicot) का उदाहरण है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में चावल (Rice – Oryza sativa) शामिल है। चावल एक प्रमुख अनाज (cereal) है। यह एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। यह विश्व की आधी आबादी का मुख्य भोजन है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में सूरजमुखी (Sunflower – Helianthus) शामिल है। सूरजमुखी एक तिलहन फसल (oilseed crop) है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसके बीज से सूरजमुखी तेल (sunflower oil) निकलता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में मक्का (Maize – Zea mays) शामिल है। मक्का एक प्रमुख अनाज (cereal) है। यह एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। इसका उपयोग भोजन, पशु चारा (fodder) और ईंधन (ethanol) में होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में गेहूं (Wheat – Triticum) शामिल है। गेहूं एक प्रमुख अनाज (cereal) है। यह एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। इसका उपयोग आटा (flour) , ब्रेड, पास्ता आदि बनाने में होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में ऑर्किड (Orchids) शामिल हैं। ऑर्किड सुंदर पुष्पीय पौधे (flowering plants) हैं। ये विश्व के सबसे बड़े पौधा परिवारों (largest plant families) में से एक हैं। ये एकबीजपत्री (monocot) होते हैं।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में बांस (Bamboo – Bambusoideae) शामिल है। बांस एक विशाल घास (giant grass) है। यह एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। इसका उपयोग निर्माण, फर्नीचर, कागज और भोजन में होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में कपास (Cotton – Gossypium) शामिल है। कपास एक रेशेदार फसल (fibre crop) है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसके बीजों से वस्त्र उद्योग (textile industry) के लिए रेशा (fibre) प्राप्त होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में मूंगफली (Peanut – Arachis hypogaea) शामिल है। मूंगफली एक तिलहन (oilseed) एवं दलहन (legume) फसल है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसके फल भूमिगत (underground) बनते हैं (जियोकार्पी – geocarpy) ।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में टमाटर (Tomato – Solanum lycopersicum) शामिल है। टमाटर एक सब्जी (vegetable) / फल (fruit) है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसका उपयोग सलाद, सॉस और सब्जी में होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में गन्ना (Sugarcane – Saccharum officinarum) शामिल है। गन्ना एक एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। इसके तने में चीनी (sucrose) जमा होती है। इसका उपयोग चीनी (sugar) और जैव ईंधन (biofuel – ethanol) बनाने में होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में आलू (Potato – Solanum tuberosum) शामिल है। आलू एक कंद (tuber) वाली सब्जी है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। यह विश्व की प्रमुख खाद्य फसल (food crop) है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में दालें (Pulses – दालें) शामिल हैं। दालें फलीदार पौधे (legumes) हैं। ये द्विबीजपत्री (dicot) होते हैं। उदाहरण – चना (chickpea) , मसूर (lentil) , अरहर (pigeon pea) , मूंग (mung bean) ।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में नारियल (Coconut – Cocos nucifera) शामिल है। नारियल एक एकबीजपत्री (monocot) पौधा है। इसका उपयोग तेल (oil) , खोया (copra) , रेशा (coir) , पानी (water) , दूध (milk) और शराब (toddy) के लिए होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में तुलसी (Tulsi – Ocimum sanctum) शामिल है। तुलसी एक औषधीय पौधा (medicinal plant) है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। हिंदू धर्म में इसे पवित्र (sacred) माना जाता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में सरसों (Mustard – Brassica) शामिल है। सरसों एक तिलहन (oilseed) फसल है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसके बीजों से सरसों का तेल (mustard oil) निकलता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में आम (Mango – Mangifera indica) शामिल है। आम भारत का राष्ट्रीय फल (national fruit) है। यह द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है। इसकी कई किस्में (varieties) होती हैं, जैसे दशहरी, लंगड़ा, हापुस।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में एकबीजपत्री (Monocot – Monocotyledon) पौधे शामिल हैं। एकबीजपत्री में एक बीजपत्र (one cotyledon) होता है। उदाहरण – चावल, गेहूं, मक्का, गन्ना, बांस, प्याज, लहसुन, केला, ताड़, घास, ऑर्किड, लिली (lily) । इनमें समानांतर शिराविन्यास (parallel venation) होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में द्विबीजपत्री (Dicot – Dicotyledon) पौधे शामिल हैं। द्विबीजपत्री में दो बीजपत्र (two cotyledons) होते हैं। उदाहरण – गुलाब, सूरजमुखी, आम, सेब, आलू, टमाटर, सरसों, कपास, मूंगफली, दालें (pulses) । इनमें जालिका शिराविन्यास (reticulate venation) होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में फल (fruits) बनते हैं। फल अंडाशय (ovary) के परिपक्व (mature) होने से बनता है। फल बीजों को सुरक्षा प्रदान करता है। फल बीज प्रसार (seed dispersal) में सहायक होता है।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperms) में पुष्प संरचना (flower structure) जटिल (complex) होती है। पुष्प में बाह्यदल (sepals) , दल (petals) , पुमंग (stamens) और स्त्रीकेसर (pistil) होते हैं। पुष्प ही प्रजनन अंग (reproductive organ) है। यह परागण (pollination) और निषेचन (fertilization) में सहायक होता है।