यांत्रिकी (Mechanics)
- द्रव्यमान (Mass) पदार्थ की मात्रा (quantity of matter) को मापता है और यह एक अदिश राशि (scalar quantity) है। द्रव्यमान वस्तु का आंतरिक गुण (intrinsic property) है। द्रव्यमान स्थिर (constant) रहता है, चाहे स्थान (location) कोई भी हो। द्रव्यमान जड़त्व (inertia) का माप (measure) है। इसका SI मात्रक (SI unit) किलोग्राम (kilogram – kg) है।
- बल (Force) एक वस्तु की गति (motion) में परिवर्तन (change) लाने वाली राशि है। बल वस्तु को गति प्रदान (provide) कर सकता है या वस्तु को गति रोक (stop) सकता है। बल वस्तु की गति को बदल (change) सकता है। बल का SI मात्रक (SI unit) न्यूटन (Newton – N) है, जिसे kg m/s² में व्यक्त (expressed) किया जाता है। बल की परिभाषा (definition) न्यूटन के दूसरे नियम (Newton's second law) से दी जाती है। बल का परिणाम (result) त्वरण (acceleration) या गति परिवर्तन (change in motion) है।
- घर्षण बल (Frictional Force) गति (motion) का विरोध (oppose) करता है। यह दो सतहों (surfaces) के बीच संपर्क (contact) से उत्पन्न होता है। घर्षण (friction) हमेशा गति की विपरीत दिशा (opposite direction of motion) में लगता है। यह ऊर्जा को ऊष्मा (heat) में परिवर्तित करता है।
- गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) पृथ्वी (Earth) द्वारा वस्तुओं (objects) पर लगाया जाता है। गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional to square of distance) होता है (न्यूटन का सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण नियम – Newton's Universal Law of Gravitation)। यह वह बल है जो वस्तुओं को पृथ्वी के केंद्र (center of Earth) की ओर खींचता है।
- त्वरण (Acceleration) वेग (velocity) में समय (time) के साथ परिवर्तन (change) की दर (rate) है। त्वरण हमेशा बल की दिशा (direction of force) में होता है। त्वरण एक सदिश राशि (vector quantity) है। त्वरण का मान (value) बल (force) के समानुपाती (directly proportional) होता है और द्रव्यमान (mass) के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होता है। त्वरण का परिणाम (result) गति में वृद्धि (increase) या कमी (decrease) हो सकता है।
- त्वरण का SI मात्रक (SI unit) मीटर प्रति सेकंड वर्ग (meter per second squared – m/s²) है। गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण (acceleration due to gravity – g) पृथ्वी की सतह पर लगभग 9.8 m/s² होता है। त्वरण का मान ऋणात्मक (negative) भी हो सकता है (मंदन – retardation / deceleration)।
- जड़त्व (Inertia) द्रव्यमान (mass) का गुण (property) है। जड़त्व का मापन (measurement) द्रव्यमान (mass) से होता है। यह किसी वस्तु का अपनी गति की स्थिति (state of motion) में परिवर्तन का विरोध (resist) करने का गुण है। अधिक द्रव्यमान (more mass) का अर्थ अधिक जड़त्व (more inertia) होता है।
- न्यूटन का पहला नियम (Newton's First Law) जड़त्व का नियम (Law of Inertia) है। यह गति की स्थिति (state of motion) को बनाए रखता है। इसके अनुसार, प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था (rest) या एकसमान गति (uniform motion) की स्थिति में तब तक बनी रहती है जब तक उस पर कोई बाहरी बल (external force) न लगाया जाए।
- न्यूटन का दूसरा नियम (Newton's Second Law) बल (force) और त्वरण (acceleration) को जोड़ता है। इस नियम के अनुसार, बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = m × a)। यह बताता है कि किसी वस्तु पर लगने वाला बल (force) उसके द्रव्यमान (mass) और उत्पन्न त्वरण (acceleration) के गुणनफल (product) के बराबर होता है। बल की दिशा (direction) त्वरण की दिशा के समान होती है।
- न्यूटन का तीसरा नियम (Newton's Third Law) क्रिया-प्रतिक्रिया (Action-Reaction) का नियम है। इसके अनुसार, प्रत्येक क्रिया (action) के बराबर (equal) और विपरीत (opposite) प्रतिक्रिया (reaction) होती है। ये दोनों बल (forces) हमेशा एक साथ (simultaneously) लगते हैं और भिन्न वस्तुओं (different objects) पर कार्य करते हैं।
- कार्य (Work) बल (force) और विस्थापन (displacement) का अदिश गुणनफल (scalar product) है। कार्य केवल तब होता है जब विस्थापन (displacement) होता है। कार्य का SI मात्रक (SI unit) जूल (Joule – J) है। कार्य का सूत्र (formula): W = F × s × cosθ है, जहाँ θ बल (force) और विस्थापन (displacement) के बीच का कोण (angle) है।
- कार्य नकारात्मक (Negative) हो सकता है यदि बल (force) और विस्थापन (displacement) विपरीत (opposite) दिशाओं में हों। कार्य का मान शून्य (zero) हो सकता है यदि विस्थापन (displacement) शून्य (zero) हो (बल लगाने पर भी वस्तु न हिले) या बल विस्थापन के लंबवत (perpendicular) हो (θ = 90°, cos90° = 0)। कार्य का परिणाम (result) ऊर्जा में परिवर्तन (change in energy) होता है।
- ऊर्जा (Energy) कार्य करने की क्षमता (capacity to do work) है। ऊर्जा का SI मात्रक (SI unit) भी जूल (Joule – J) है। ऊर्जा का रूपांतरण (conversion) विभिन्न रूपों (different forms) में संभव है – यांत्रिक (mechanical), ऊष्मीय (thermal), विद्युत (electrical), रासायनिक (chemical), आदि।
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) गति (motion) के कारण होती है। गतिज ऊर्जा गति की स्थिति (state of motion) पर निर्भर (depends) करती है। इसका सूत्र (formula) KE = ½ mv² है, जहाँ m द्रव्यमान (mass) और v वेग (velocity) है। यदि वस्तु स्थिर (at rest) है, तो गतिज ऊर्जा शून्य (zero) होती है।
- संभावित ऊर्जा (Potential Energy) स्थिति (position) के कारण होती है। गुरुत्वीय संभावित ऊर्जा (Gravitational Potential Energy) का सूत्र PE = mgh है, जहाँ m द्रव्यमान (mass), g गुरुत्वीय त्वरण (acceleration due to gravity), और h ऊँचाई (height) है। ऊर्जा का रूपांतरण (conversion) गतिज (kinetic) से संभावित (potential) में हो सकता है (और इसका विलोम – vice versa)।
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) यांत्रिकी का मूल सिद्धांत (fundamental principle of mechanics) है। यह बताता है कि ऊर्जा (energy) नष्ट (destroyed) नहीं होती, न ही उत्पन्न (created) होती है, बल्कि केवल एक रूप (form) से दूसरे रूप में परिवर्तित (converted) होती है। यह यांत्रिक प्रणालियों (mechanical systems) में लागू (applies) होता है।
- संवेग (Momentum) द्रव्यमान (mass) और वेग (velocity) का गुणनफल (product) है। संवेग = द्रव्यमान × वेग (p = m × v)। संवेग एक सदिश राशि (vector quantity) है क्योंकि वेग (velocity) सदिश है। संवेग की दिशा (direction) वेग की दिशा (direction of velocity) के समान (same) होती है। इसका SI मात्रक kg m/s या न्यूटन-सेकंड (N·s) है।
- आवेग (Impulse) संवेग में परिवर्तन (change in momentum) के बराबर (equal) होता है। संवेग का परिवर्तन (change in momentum) आवेग (impulse) के बराबर होता है। आवेग (Impulse) = बल (Force) × समय (Time) = Δp (संवेग में परिवर्तन)। यह बताता है कि किसी वस्तु पर लगने वाला बल (force) और उसके लगने का समय (time) संवेग में परिवर्तन (change in momentum) को निर्धारित करते हैं।
- संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) टक्करों (collisions) में लागू (applies) होता है। यह न्यूटन के तीसरे नियम (Newton's third law) से संबंधित (related) है। संवेग का संरक्षण (conservation of momentum) बाहरी बलों (external forces) की अनुपस्थिति (absence) में होता है। इसके अनुसार, किसी निकाय (system) का कुल संवेग (total momentum) स्थिर (constant) रहता है यदि उस पर कोई बाहरी बल (external force) न लगे।
- शक्ति (Power) कार्य करने की दर (rate of doing work) है। कार्य (work) शक्ति (power) का समय (time) के साथ गुणनफल (product) है। इसका SI मात्रक वाट (Watt – W) है, जहाँ 1 वाट = 1 जूल/सेकंड (J/s)। शक्ति = कार्य/समय (P = W/t) या बल × वेग (P = F × v)।