📘 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
घोषणा तिथि: 29 जुलाई 2020
1. पृष्ठभूमि
- भारत में पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में लागू हुई।
- दूसरी शिक्षा नीति 1986 में आई (1992 में संशोधित)।
- NEP 2020 भारत की तीसरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति है।
2. समिति का गठन
- 2017 में समिति गठित की गई।
- अध्यक्ष: डॉ. के. कस्तूरीरंगन (ISRO के पूर्व अध्यक्ष)।
- मसौदा (Draft) मई 2019 में प्रस्तुत।
3. मंत्रालय का नाम परिवर्तन
MHRD का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) किया गया।
4. उच्च शिक्षा से जुड़े प्रमुख प्रावधान
- M.Phil. को समाप्त कर दिया गया।
- स्नातक से सीधे Ph.D. करने की व्यवस्था।
- बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षा पर जोर।
🏫 विद्यालयी शिक्षा – नई संरचना (5+3+3+4)
- पुरानी 10+2 व्यवस्था के स्थान पर नई 5+3+3+4 संरचना।
(1) आधारभूत चरण (Foundational Stage) – 5 वर्ष
- आयु: 3–8 वर्ष
- कक्षाएँ: 3 वर्ष प्री-स्कूल/आंगनवाड़ी + कक्षा 1–2
- शिक्षण माध्यम: खेल, गतिविधि, कहानी, गीत आधारित
(2) प्रारंभिक चरण (Preparatory Stage) – 3 वर्ष
- आयु: 8–11 वर्ष
- कक्षा: 3–5
- गतिविधि आधारित शिक्षण, भाषा एवं गणित पर जोर
(3) मध्य चरण (Middle Stage) – 3 वर्ष
- आयु: 11–14 वर्ष
- कक्षा: 6–8
- विषय आधारित, प्रयोगात्मक शिक्षण
(4) माध्यमिक चरण (Secondary Stage) – 4 वर्ष
- आयु: 14–18 वर्ष
- कक्षा: 9–12
- विषयों का लचीला चयन (Arts, Science, Commerce का कठोर विभाजन नहीं)
NEP 2020 के आधारभूत सिद्धांत
- रटने के स्थान पर अवधारणात्मक समझ
- करके सीखना (Learning by Doing)
- अनुभवात्मक, खोज आधारित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण
- रचनात्मकता एवं आलोचनात्मक सोच का विकास
📗 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2005 – प्रमुख सुझाव
1. शिक्षण से संबंधित विचार
- बच्चा सक्रिय सीखने वाला होता है।
- सीखने में यांत्रिकता (रटंत) नहीं होनी चाहिए।
- शिक्षा बालक-केंद्रित होनी चाहिए।
- बच्चे की मातृभाषा को सम्मान दिया जाए।
2. भाषा शिक्षण
- त्रिभाषा सूत्र का समर्थन
- बहुभाषिक कक्षाओं की वकालत
- भाषा के चार कौशल: सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना
3. आकलन एवं मूल्यांकन
- सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)
- रचनात्मक एवं निदानात्मक आकलन
- बोर्ड परीक्षाओं का बोझ कम
- कक्षा 10 की परीक्षा ऐच्छिक
4. शिक्षण सूत्र
- ज्ञात से अज्ञात की ओर
- मूर्त से अमूर्त की ओर
- सरल से जटिल की ओर
5. सामाजिक एवं नैतिक मूल्य
- दंड-पुरस्कार की भावना सीमित
- समुदाय को मानवीय संसाधन के रूप में उपयोग
- लैंगिक समानता एवं महिलाओं के प्रति सम्मान
- समावेशी शिक्षा पर जोर
👩🏫 शिक्षण विधियाँ (NCF 2005)
- निरीक्षण विधि
- करके सीखना (Learning by Doing)
- परीक्षण विधि
- सामूहिक विधि
- मिश्रित विधि
शिक्षक की भूमिका: Facilitator (सहायक)
📜 RTE अधिनियम 2009 – प्रमुख प्रावधान
- 6–14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा
- किसी बच्चे को शारीरिक/मानसिक दंड या अपमान नहीं
- निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु 25% आरक्षण
- शिक्षक निजी ट्यूशन नहीं पढ़ाएगा
विद्यालय एवं शिक्षक संबंधी नियम
- प्राथमिक विद्यालय: घर से 1 किमी के दायरे में
- उच्च प्राथमिक: 3 किमी के भीतर
- छात्र–शिक्षक अनुपात: प्राथमिक 30:1, उच्च प्राथमिक 35:1
- 120 छात्रों पर 5 शिक्षक + 1 प्रधानाध्यापक
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- मिड-डे मील योजना: 1995 से
- कार्यदिवस: कक्षा 1–5 → 200 दिन (800 घंटे), कक्षा 6–8 → 220 दिन
- स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) में अभिभावकों की भागीदारी