खनिज भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे उद्योगों, ऊर्जा उत्पादन, और बुनियादी ढांचे के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।
1. अयस्क
अयस्क वह खनिज है जिसमें धातु की मात्रा इतनी होती है कि उसे आर्थिक रूप से निकालना संभव हो। उदाहरण: लौह अयस्क से लोहा, बक्साइट से एल्यूमिनियम।महत्त्व: अयस्क धातु उद्योगों के लिए आवश्यक हैं।
2. खनिज पदार्थों के प्रकार
खनिज पदार्थों को उनके गुणों के आधार पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- धात्विक खनिज: ये खनिज धातुओं को प्रदान करते हैं और चमकदार होते हैं। उदाहरण: लौह अयस्क, बक्साइट, मैंगनीज, अभ्रक।
- अधात्विक खनिज: ये खनिज धातु नहीं प्रदान करते और गैर-चमकदार होते हैं। उदाहरण: चूना पत्थर, जिप्सम, नमक।
3. प्रमुख धात्विक खनिज पदार्थ
भारत में प्रमुख धात्विक खनिज, उनके प्राप्ति स्थान, और आर्थिक महत्व निम्न तालिका में दिए गए हैं:
| खनिज | प्रमुख प्राप्ति स्थान | आर्थिक महत्व |
|---|---|---|
| लौह अयस्क | छत्तीसगढ़ (बस्तर, दुर्ग), ओडिशा (मयूरभंज), झारखंड (सिंहभूम) | इस्पात उद्योग, मशीनरी, निर्माण सामग्री। |
| बक्साइट | ओडिशा (कलाहांडी), झारखंड (रांची), गुजरात (जामनगर) | एल्यूमिनियम उत्पादन, हल्के वाहन, पैकेजिंग। |
| मैंगनीज | मध्य प्रदेश (बालाघाट), महाराष्ट्र (नागपुर), ओडिशा (सुंदरगढ़) | इस्पात को मजबूती, बैटरी निर्माण। |
| अभ्रक | झारखंड (हजारीबाग), बिहार (गया), आंध्र प्रदेश (नेल्लोर) | विद्युत इन्सुलेशन, पेंट, सौंदर्य प्रसाधन। |
4. प्रमुख अधात्विक खनिज पदार्थ
भारत में प्रमुख अधात्विक खनिज, उनके प्राप्ति स्थान, और आर्थिक महत्व निम्न तालिका में दिए गए हैं:
| खनिज | प्रमुख प्राप्ति स्थान | आर्थिक महत्व |
|---|---|---|
| चूना पत्थर | राजस्थान (जोधपुर), मध्य प्रदेश (कटनी), आंध्र प्रदेश (कुर्नूल) | सीमेंट, चूना, निर्माण सामग्री। |
| जिप्सम | राजस्थान (बीकानेर), तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली) | प्लास्टर ऑफ पेरिस, सीमेंट, उर्वरक। |
| नमक (रॉक सॉल्ट) | हिमाचल प्रदेश (मंडी), गुजरात (कच्छ) | खाद्य, रासायनिक उद्योग। |
| डोलोमाइट | मध्य प्रदेश (जबलपुर), छत्तीसगढ़ (रायपुर) | इस्पात, सीमेंट, कांच उद्योग। |