भारत की कला एवं संस्कृति
Exam Special · Deep Notes
शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोक कला, चित्रकला एवं विरासत
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शास्त्रीय नृत्य – भारत में 8 मान्यता प्राप्त शास्त्रीय नृत्य रूप।
भरतनाट्यम – तमिलनाडु – सबसे प्राचीन – नटराज मंदिर (चितंबरम) से जुड़ा – एकांकी नृत्य।
कथक – उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, राजस्थान) – कथा कहने की परंपरा – मुगल प्रभाव – लखनऊ, जयपुर, बनारस घराना।
कथकली – केरल – मुखौटा एवं रंगीन मेकअप – पुरुष प्रधान – रामायण-महाभारत कथाएँ।
ओडिसी – ओडिशा – मंदिर नृत्य – लचीला त्रिभंग मुद्रा – जयदेव के गीत गोविंद से जुड़ा।
कुचिपुड़ी – आंध्र प्रदेश – गांव कुचिपुड़ी से नाम – नृत्य-नाट्य – महिलाओं द्वारा भी।
मणिपुरी – मणिपुर – राधा-कृष्ण लीला – कोमल एवं लयात्मक – संकीर्तन।
मोहिनीअट्टम – केरल – “मोहिनी का नृत्य” – केवल महिलाएँ – लास्य प्रधान।
सत्त्रिया – असम – शंकरदेव द्वारा प्रवर्तित – वैष्णव मठों (सत्त्र) से – 2000 में शास्त्रीय मान्यता।
नाट्यशास्त्र – भरत मुनि – नृत्य, संगीत, नाटक का प्राचीन ग्रंथ।
दो मुख्य शैलियाँ – हिंदुस्तानी (उत्तर) एवं कर्नाटक (दक्षिण)।
हिंदुस्तानी संगीत – खयाल, ध्रुपद, ठुमरी, टप्पा, तराना – राग आधारित।
कर्नाटक संगीत – कृति, वर्णम, पल्लवी – त्यागराज, मुत्तुस्वामी दीक्षित, श्यामा शास्त्री (त्रिमूर्ति)।
सप्तक – सा रे ग म प ध नि – सात सुर।
राग – सुरों का व्यवस्थित क्रम – भाव एवं समय से जुड़ा।
ताल – लय चक्र – तीनताल, झपताल, एकताल, रूपक आदि।
घराना – हिंदुस्तानी संगीत की शैलीगत परंपरा – ग्वालियर, किराना, आगरा, पटियाला, जयपुर।
ध्रुपद – सबसे प्राचीन शास्त्रीय गायन शैली – गंभीर एवं वैदिक प्रभाव।
खयाल – हिंदुस्तानी का प्रमुख गायन रूप – कल्पना एवं विस्तार।
वाद्य – सितार, सरोद, बांसुरी, शहनाई, तबला, मृदंगम, वीणा, वायलिन।
तानसेन – अकबर के दरबार – हिंदुस्तानी संगीत के महान स्तंभ।
त्यागराज – कर्नाटक संगीत के महानतम संगीतकार – तेलुगु कृतियाँ।
भांगड़ा / गिद्धा – पंजाब – फसल एवं उत्सव नृत्य।
गरबा / डांडिया – गुजरात – नवरात्रि – गरबा वृत्ताकार, डांडिया डंडे के साथ।
लावणी – महाराष्ट्र – तमाशा शैली – ऊर्जावान।
घूमर – राजस्थान – महिलाओं का घूमता नृत्य – घूंघट के साथ।
कालबेलिया – राजस्थान – सर्प नृत्य – कालबेलिया जनजाति।
बिहू – असम – बिहू त्योहार का नृत्य।
छऊ – ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल – मुखौटा नृत्य – युद्ध एवं पौराणिक।
थेय्यम – केरल – अनुष्ठानिक नृत्य – देवता का अवतार।
यक्षगान – कर्नाटक – नृत्य-नाट्य – पौराणिक कथाएँ।
करगा – कर्नाटक (बेंगलुरु) – जल कुंभ के साथ नृत्य।
रोऊफ / डुम्हाल – जम्मू-कश्मीर – लोक नृत्य।
नाटी – हिमाचल प्रदेश – लोक नृत्य।
छोलिया / पाण्डवानी – उत्तराखंड / छत्तीसगढ़ – लोक कथा नृत्य।
तेराताली / माण्ड – राजस्थान – लोक संगीत एवं नृत्य।
कोलट्टम / कummi – तमिलनाडु – डंडे एवं ताल नृत्य।
थिरुपथु / कवड़ी – तमिलनाडु – भक्ति नृत्य।
बाउल – बंगाल – सूफी-भक्ति लोक संगीत।
लावणी / पोवाड़ा – महाराष्ट्र – लोक गायन।
सुगम संगीत / भजन / क़व्वाली – भक्ति एवं सूफी परंपरा।
लोक वाद्य – ढोल, नगाड़ा, मंजीरा, हारमोनियम, एकतारा, सारंगी, शहनाई।
अजंता चित्र – बौद्ध गुफाएँ – भित्ति चित्र – विश्व धरोहर।
एलोरा / बाघ गुफाएँ – भित्ति चित्र एवं मूर्तिकला।
मुगल चित्रकला – लघु चित्र (Miniature) – अकबर, जहाँगीर काल।
राजपूत / पहाड़ी चित्रकला – कांगड़ा, बसोहली, मेवाड़, मारवाड़ शैलियाँ।
मधुबनी (मिथिला) – बिहार – महिलाओं द्वारा – प्राकृतिक रंग – यूनेस्को मान्यता।
वारली – महाराष्ट्र – जनजातीय ज्यामितीय चित्र।
गोण्ड / पट्टचित्र / कलमकारी – मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र – लोक चित्र शैलियाँ।
तंजौर चित्रकला – तमिलनाडु – सोने की पन्नी एवं रत्न जड़ित।
कलमकारी – आंध्र प्रदेश / तेलंगाना – हाथ से चित्रित वस्त्र।
बंगाल स्कूल – अबनिंद्रनाथ टैगोर – स्वदेशी चित्रकला आंदोलन।
नागर शैली – उत्तर भारत – शिखर वाला मंदिर (खजुराहो, कोणार्क)।
द्रविड़ शैली – दक्षिण भारत – गोपुरम (मेनाकshi, बृहदेश्वर)।
वेसर शैली – मिश्रित – होयसल मंदिर (बेलूर, हलेबिड)।
मुगल वास्तुकला – ताज महल, लाल किला, जामा मस्जिद – संगमरमर एवं गुंबद।
बौद्ध वास्तुकला – स्तूप (सांची), चैत्य, विहार।
जैन वास्तुकला – दिलवाड़ा (माउंट आबू), श्रवणबेलगोला।
यूनेस्को विश्व धरोहर – ताज, अजंता-एलोरा, खजुराहो, हम्पी, कुतुब, महाबलिपुरम, पश्चिमी घाट आदि।
संस्कृत नाटक – कालिदास, भवभूति, शूद्रक (मृच्छकटिकम्)।
लोक नाट्य – नौटंकी (उत्तर), जात्रा (बंगाल), तमाशा (महाराष्ट्र), भवई (गुजरात), यक्षगान (कर्नाटक)।
कथकलि / कूड़ियाट्टम – केरल – संस्कृत रंगमंच परंपरा (कूड़ियाट्टम यूनेस्को)।
संगीत नाटक अकादमी – 1953 – संगीत, नृत्य, नाटक का राष्ट्रीय संस्थान।
ललित कला अकादमी – 1954 – दृश्य कला।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) – नई दिल्ली – रंगमंच प्रशिक्षण।
कलाक्षेत्र – चेन्नई – रुक्मिणी देवी अरुंडेल द्वारा – भरतनाट्यम।
बनारसी रेशम / कांचीपुरम साड़ी – वाराणसी, तमिलनाडु – प्रसिद्ध वस्त्र।
चंदेरी / मैसूर रेशम / पोचमपल्ली – मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना।
बिदरी / मीनाकारी / पीतल – धातु शिल्प – कर्नाटक, राजस्थान।
कुंदन / मीना / थर्मल – राजस्थान आभूषण कला।
शास्त्रीय नृत्य → 8 (भरतनाट्यम, कथक, कथकली, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, सत्त्रिया)
भरतनाट्यम → तमिलनाडु
कथक → उत्तर भारत
कथकली → केरल
सत्त्रिया → असम
हिंदुस्तानी vs कर्नाटक → उत्तर vs दक्षिण
गरबा → गुजरात
भांगड़ा → पंजाब
मधुबनी → बिहार
नागर / द्रविड़ → उत्तर / दक्षिण मंदिर शैली
नाट्यशास्त्र → भरत मुनि
संगीत नाटक अकादमी → 1953
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
शास्त्रीय नृत्य – 8
भरतनाट्यम – तमिलनाडु
कथक – उत्तर भारत
कथकली – केरल
ओडिसी – ओडिशा
सत्त्रिया – असम
हिंदुस्तानी – उत्तर
कर्नाटक – दक्षिण
गरबा – गुजरात
भांगड़ा – पंजाब
मधुबनी – बिहार
नागर शैली – उत्तर मंदिर
द्रविड़ शैली – दक्षिण मंदिर
नाट्यशास्त्र – भरत मुनि
संगीत नाटक अकादमी – 1953
तानसेन – अकबर दरबार