खाना पकाने एवं भोजन संरक्षण की विधियाँ

Exam Facts · SSC UPSC Railway
खाना पकाने का मुख्य लाभ – हानिकारक रोगाणु नष्ट होना।
पकाने से – भोजन आसानी से पचता है एवं स्वाद बेहतर होता है।
कच्चा भोजन – कभी-कभी परजीवी एवं बैक्टीरिया से रोग का कारण।
उबालना (Boiling) – 100°C पर पानी में पकाना।
भाप से पकाना (Steaming) – पोषक तत्व अधिक सुरक्षित रहते हैं।
प्रेशर कुकर – दाब↑ → क्वथनांक↑ → कम समय में पकना।
तलना (Frying) – तेल/घी में उच्च तापमान पर पकाना।
भूनना / सेंकना – सीधी आँच या ओवन की सूखी गर्मी से।
माइक्रोवेव – सूक्ष्म तरंगों से जल अणु गर्म होकर भोजन पकता है।
भोजन खराब होने का मुख्य कारण – बैक्टीरिया, कवक एवं यीस्ट।
सूक्ष्मजीव वृद्धि के लिए – नमी, उचित तापमान, ऑक्सीजन आवश्यक।
खाद्य विषाक्तता – खराब भोजन से उल्टी, दस्त, बुखार।
कटे फल का भूरा होना – ऑक्सीकरण (एंजाइम क्रिया)।
सड़न के लक्षण – दुर्गंध, रंग परिवर्तन, फफूंद, गैस बनना।
भोजन संरक्षण का उद्देश्य – सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रोकना।
संरक्षण का मुख्य सिद्धांत – नमी, तापमान या ऑक्सीजन नियंत्रित करना।
नमी हटाना – सूक्ष्मजीव वृद्धि रोकने का प्रमुख तरीका।
सुखाना (Drying) – सबसे प्राचीन भोजन संरक्षण विधि।
किशमिश – अंगूर को सुखाकर बनाई जाती है।
नमक डालना (Salting) – नमी कम कर सूक्ष्मजीव रोकता है।
चीनी से संरक्षण – मुरब्बा, जैम, जेली।
अचार (Pickling) – नमक, तेल, मसाले एवं सिरका से।
धुआँ देना (Smoking) – मांस एवं मछली संरक्षण की विधि।
किण्वन (Fermentation) – लाभकारी सूक्ष्मजीवों से भोजन बदलना।
दही – Lactobacillus बैक्टीरिया द्वारा किण्वन।
इडली / डोसा – चावल-दाल के किण्वन से बनते हैं।
सिरका (Vinegar) – अम्लीय माध्यम से संरक्षण।
तेल में डुबोना – हवा से बचाकर संरक्षण।
नीम पत्ते – अनाज भंडारण में पारंपरिक कीटरोधी।
पाश्चुरीकरण – दूध को निश्चित ताप पर गर्म→ठंडा कर रोगाणु कम करना।
पाश्चुरीकरण के जनक – लुई पाश्चर (Louis Pasteur)।
पाश्चुरीकरण तापमान – सामान्यतः 63°C (30 मिनट) या 72°C (15 सेकंड)।
प्रशीतन (Refrigeration) – 0°C से 5°C तापमान।
हिमीकरण (Freezing) – −18°C या उससे कम।
डिब्बाबंदी (Canning) – हवा रहित डिब्बे में गर्म कर सील करना।
UHT – Ultra High Temperature – लंबे समय तक रखने योग्य दूध।
निर्वात पैकेजिंग – हवा निकालकर पैक – चिप्स, मांस।
विकिरण (Irradiation) – गामा किरणों से सूक्ष्मजीव नाश।
रासायनिक परिरक्षक – सोडियम बेंजोएट, पोटैशियम मेटाबाइसल्फाइट।
निर्जलीकरण (Dehydration) – मशीन से नमी हटाना – दूध पाउडर।
फ्रीज-ड्राइंग – हिमीकरण + निर्वात शुष्कन – कॉफी, फल।
दूध उबालना – घरेलू स्तर पर रोगाणु कम करने की विधि।
Lactobacillus – दूध → दही बनाने वाला बैक्टीरिया।
विटामिन C – अधिक उबालने से नष्ट हो जाता है।
भाप में पकाना – जल-घुलनशील विटामिन की बेहतर रक्षा।
तेल बार-बार गरम करना – हानिकारक यौगिक बन सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा – कच्चा एवं पका भोजन अलग रखें।
साफ हाथ एवं बर्तन – भोजन संदूषण रोकने का मूल नियम।
Expiry Date – पैक भोजन की समाप्ति तिथि अवश्य देखें।
बचा खाना – जल्दी ठंडा कर फ्रिज में रखें।
NCERT Class 6 – Food: Where Does It Come From / Components of Food से जुड़ा विषय।
FSSAI – भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण।
AGMARK – कृषि उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणन चिह्न।
ISI / BIS – औद्योगिक उत्पादों के मानक चिह्न।
विश्व खाद्य दिवस – 16 अक्टूबर।
खाद्य श्रृंखला संरक्षण – खेत से थाली तक सुरक्षा (Farm to Fork)।
पाश्चुरीकरण → लुई पाश्चर
प्रशीतन → 0–5°C
हिमीकरण → −18°C
दही → Lactobacillus
सुखाना → सबसे प्राचीन विधि
अचार → नमक + तेल + मसाला
भोजन खराब → सूक्ष्मजीव
प्रेशर कुकर → दाब↑ क्वथनांक↑
विटामिन C → उबालने से नष्ट
FSSAI → खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण
विश्व खाद्य दिवस → 16 अक्टूबर
UHT → Ultra High Temperature

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण (Quick Revision)

पाश्चुरीकरण – लुई पाश्चर
फ्रिज – 0–5°C
फ्रीज – −18°C
सुखाना – सबसे प्राचीन
किण्वन – दही / इडली
Lactobacillus – दही
खराब होना – बैक्टीरिया/कवक
पकाना – रोगाणु नाश
प्रेशर कुकर – दाब↑ क्वथनांक↑
अचार – नमक+तेल
डिब्बाबंदी – हवा रहित सील
विटामिन C – उबालने से नष्ट
FSSAI – खाद्य सुरक्षा
16 अक्टूबर – विश्व खाद्य दिवस
UHT – उच्च ताप दूध
AGMARK – कृषि प्रमाणन