बीज अंकुरण एवं बीज प्रसार

NCERT Based · Exam Special
बीज (Seed) – परिपक्व बीजांड (Ovule) – पौधों की अगली पीढ़ी का प्रारंभिक रूप – NCERT
बीज के भागबीज आवरण (Seed Coat), भ्रूण (Embryo), बीजपत्र (Cotyledon) – NCERT
बीज आवरण – बीज की बाहरी सुरक्षात्मक परत – NCERT
भ्रूण – बीज का वह भाग जो अंकुरण पर नया पौधा बनता है – NCERT
बीजपत्र (Cotyledon) – भ्रूण का पहला पत्ता – भोजन संग्रहित करता है – NCERT
बीज अंकुरण (Seed Germination) – बीज से नए पौधे के विकास की प्रक्रिया – NCERT
अंकुरण हेतु आवश्यक शर्तेंजल, वायु (ऑक्सीजन), उपयुक्त तापमानNCERT
जल की आवश्यकता – बीज को स्फीत (Swollen) करता है – अंकुरण को सक्रिय करता है – NCERT
ऑक्सीजन की आवश्यकता – श्वसन के लिए – ऊर्जा उत्पादन – NCERT
तापमान की आवश्यकता – उपयुक्त तापमान (लगभग 25-30°C) – एंजाइम गतिविधि के लिए – NCERT
कुछ बीजों को प्रकाश की आवश्यकता होती है (जैसे – सलाद) – NCERT
सुषुप्तावस्था (Dormancy) – कुछ बीज अनुकूल परिस्थितियों में भी अंकुरित नहीं होते – बाहरी उत्तेजना आवश्यक – NCERT
अंकुरण दो प्रकारभूमिगत अंकुरण (Hypogeal) एवं भूमिगत से ऊपर अंकुरण (Epigeal) – NCERT
भूमिगत अंकुरण (Hypogeal) – बीजपत्र भूमि के अंदर रहते हैं – मक्का, मटर, गेहूँ – NCERT
भूमिगत से ऊपर अंकुरण (Epigeal) – बीजपत्र भूमि के ऊपर आ जाते हैं – राजमा, सूरजमुखी, मूँग – NCERT
बीज प्रसार (Seed Dispersal) – बीजों को जनक पौधे से दूर ले जाना – NCERT
बीज प्रसार की आवश्यकताNCERT – प्रतिस्पर्धा कम करना, नए क्षेत्रों में फैलना, प्रजाति की निरंतरता।
बीज प्रसार की विधियाँवायु, जल, जंतु, स्व-प्रसारNCERT
वायु द्वारा प्रसार (Anemochory) – हल्के बीज – पंख, रोयेंNCERT
वायु द्वारा प्रसार के उदाहरणडंडेलियन, मक्का, कपास, कुमुदिनी, सन, चीड़NCERT
बीजों पर रोयें (पप्पस) – हवा में उड़ने में सहायक – डंडेलियन, कपास – NCERT
बीजों पर पंख – मक्का, चीड़ – वायु द्वारा दूर तक जाने में सहायक – NCERT
जल द्वारा प्रसार (Hydrochory) – बीज जल में तैरते हैं – NCERT
जल द्वारा प्रसार के उदाहरणनारियल, कमल, केवड़ा, सिंधु, जलकुंभीNCERT
नारियल का बीजजल में तैरता है – रेशेदार बाहरी आवरण – NCERT
कमल के बीज – जल में तैरते हैं – वायु कोष्ठ (Air chambers) – NCERT
जंतुओं द्वारा प्रसार (Zoochory) – NCERT – जंतु बीजों को खाते हैं या चिपक जाते हैं।
जंतुओं द्वारा प्रसार – विधि 1 – बीजों का पाचन तंत्र से गुजरना (पक्षी, चमगादड़, बंदर) – NCERT
जंतुओं द्वारा प्रसार के उदाहरणआम, अमरूद, बेर, जामुन, टमाटरNCERT
जंतुओं द्वारा प्रसार – विधि 2 – बीजों का बाहरी सतह पर चिपकना (कांटे/चिपचिपे) – NCERT
चिपकने वाले बीजों के उदाहरणबबूल, चिरचिटा, कोकल, पत्थरचट्टाNCERT
चींटियाँ – बीजों को इकट्ठा करती हैं – कुछ बीजों पर तेलयुक्त भाग (Elaiosome) – NCERT
स्व-प्रसार (Autochory) – बीजों का फटकर बिखरना – NCERT
स्व-प्रसार के उदाहरणबालसम, लेडीफिंगर (भिंडी), बिच्छू घास, करेलाNCERT
फटने वाले फल – सूखने पर फल फटता है – बीज चारों ओर बिखर जाते हैं – NCERT
मानव द्वारा बीज प्रसार – कृषि में बीज बोना, व्यापार, बागवानी – NCERT
पादप प्रजननNCERT – अलैंगिक (कायिक) एवं लैंगिक (बीज द्वारा) प्रजनन।
लैंगिक प्रजननपुष्प द्वारा – परागण, निषेचन, बीज निर्माण – NCERT
परागण (Pollination) – परागकणों का वर्तिकाग्र पर पहुँचना – NCERT
निषेचन (Fertilization) – पुंकेसर (नर) एवं अंडप (मादा) युग्मकों का संलयन – NCERT
निषेचन के बादबीजांड → बीज, अंडाशय → फलNCERT
अंकुरण प्रयोग 1 – बीज को गीले रूई पर रखना – जल एवं वायु की आवश्यकता – NCERT
अंकुरण प्रयोग 2 – बीज को पानी में डुबोना – अंकुरण नहीं होता (वायु की कमी) – NCERT
अंकुरण प्रयोग 3 – बीज को सूखा रखना – अंकुरण नहीं होता (जल की कमी) – NCERT
बीज के भाग → बीज आवरण, भ्रूण, बीजपत्र
अंकुरण हेतु → जल, वायु, तापमान
भूमिगत अंकुरण → मक्का, मटर, गेहूँ
ऊपर अंकुरण → राजमा, सूरजमुखी
वायु द्वारा → डंडेलियन, कपास
जल द्वारा → नारियल, कमल
जंतु द्वारा → आम, अमरूद
स्व-प्रसार → बालसम, भिंडी
परागण → वर्तिकाग्र
निषेचन → युग्मक संलयन
बीजांड → बीज | अंडाशय → फल

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण NCERT तथ्य (Quick Revision)

अंकुरण – जल, वायु, तापमान
भूमिगत – मक्का, मटर
ऊपर – राजमा, सूरजमुखी
वायु – डंडेलियन, कपास
जल – नारियल, कमल
जंतु – आम, अमरूद
स्व-प्रसार – बालसम, भिंडी
परागण – वर्तिकाग्र
निषेचन – युग्मक संलयन
बीजपत्र – भोजन संग्रह
सुषुप्तावस्था – अंकुरण विलंब
बीजांड → बीज
अंडाशय → फल
नारियल – जल में तैरता
डंडेलियन – पप्पस
आम – पक्षी/जंतु