स्वाद एवं पाचन
Exam Special · NCERT Based
स्वाद, पाचन तंत्र, एंजाइम एवं पोषण
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स्वाद – जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं से महसूस होता है।
स्वाद कलिका (Taste Buds) – जीभ के पैपिला में स्थित संवेदी अंग।
पाँच मूल स्वाद – मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, उमामी (सवादिष्ट)।
मीठा – जीभ के आगे के भाग पर अधिक संवेदनशील।
कड़वा – जीभ के पिछले भाग पर – विष का संकेत।
खट्टा / नमकीन – जीभ के किनारों पर।
उमामी – ग्लूटामेट से – प्रोटीन युक्त भोजन।
सूंघने से स्वाद – गंध स्वाद अनुभव को बढ़ाती है।
लार – भोजन को गीला करती है – स्वाद कलिकाओं तक पहुँचाती है।
पैपिला – जीभ की सतह पर उभार – स्वाद कलिकाएँ इनमें।
पाचन – जटिल भोजन को सरल अवशोष्य रूप में तोड़ना।
यांत्रिक पाचन – चबाना, मंथन – भोजन को छोटे टुकड़ों में।
रासायनिक पाचन – एंजाइमों द्वारा अणुओं का विखंडन।
पाचन तंत्र – मुँह → ग्रासनली → आमाशय → छोटी आँत → बड़ी आँत →
मलद्वार।
सहायक ग्रंथियाँ – लार ग्रंथि, यकृत, अग्न्याशय, पित्ताशय।
मुँह में पाचन – चबाना + लार एंजाइम।
लार – लार ग्रंथियों से – जल, म्यूसिन, एमाइलेज।
सलाइवेरी एमाइलेज (टायलिन) – स्टार्च → माल्टोज।
दाँत – काटना, पीसना – यांत्रिक पाचन।
जिह्वा – भोजन मिलाना एवं निगलने में मदद।
ग्रासनली (Oesophagus) – भोजन को आमाशय तक ले जाने वाली नली।
पेरिस्टालसिस – ग्रासनली/आँत की तरंगवत गति – भोजन धकेलना।
आमाशय (Stomach) – J-आकार की थैली – भोजन भंडारण एवं पाचन।
गैस्ट्रिक जूस – HCl + पेप्सिन + म्यूसिन।
HCl – अम्लीय माध्यम – जीवाणु नाश + पेप्सिन सक्रिय।
पेप्सिन – प्रोटीन → पेप्टोन (अम्लीय माध्यम में)।
म्यूसिन – आमाशय की दीवार की रक्षा – श्लेष्मा।
काइम (Chyme) – आमाशय से निकला अर्ध-पाचित भोजन।
रेनिन – शिशुओं में दूध प्रोटीन (केसीन) जमाना।
छोटी आँत – पाचन एवं अवशोषण का मुख्य स्थान – ≈6 मीटर।
भाग – ग्रहणी (डुओडेनम), जेजुनम, इलियम।
यकृत – पित्त बनाता है – वसा का इमल्सीकरण।
पित्ताशय – पित्त का भंडारण।
पित्त – वसा को छोटे गोलकों में तोड़ता (इमल्सीकरण) – एंजाइम नहीं।
अग्न्याशय (Pancreas) – अग्न्याशयी रस – एमाइलेज, ट्रिप्सिन, लाइपेज।
अग्न्याशयी एमाइलेज – स्टार्च → माल्टोज।
ट्रिप्सिन – प्रोटीन/पेप्टोन → पेप्टाइड।
लाइपेज – वसा → फैटी अम्ल + ग्लिसरॉल।
आंत्र रस – माल्टेज, सुक्रेज, लैक्टेज, पेप्टिडेज़।
माल्टेज – माल्टोज → ग्लूकोज।
विली (Villi) – छोटी आँत की अंगुलीनुमा संरचना – अवशोषण बढ़ाती।
अवशोषण – ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, फैटी अम्ल रक्त/लसीका में।
बड़ी आँत – जल अवशोषण – मल निर्माण।
सीकम / कोलन / रेक्टम – बड़ी आँत के भाग।
अपेंडिक्स – अवशेषी अंग – सीकम से जुड़ा।
मल – अपचित भोजन + बैक्टीरिया + जल।
मलाशय – मल भंडारण – मलत्याग।
कार्बोहाइड्रेट – ऊर्जा का मुख्य स्रोत – ग्लूकोज।
प्रोटीन – वृद्धि एवं मरम्मत – अमीनो अम्ल।
वसा – ऊर्जा भंडारण – फैटी अम्ल + ग्लिसरॉल।
विटामिन – सूक्ष्म पोषक – चयापचय के लिए।
खनिज – कैल्शियम, आयरन, आयोडीन आदि।
जल – शरीर का ≈70% – सभी प्रक्रियाओं के लिए।
रेशे (Fibre) – अपचनशील – मल त्याग में सहायक।
संतुलित आहार – सभी पोषक उचित मात्रा में।
विटामिन C – खट्टा फल – स्कर्वी रोकथाम।
विटामिन D – धूप/दूध – हड्डियाँ (रिकेट्स)।
विटामिन A – गाजर – रात का अंधापन।
आयरन – हीमोग्लोबिन – एनीमिया रोकथाम।
आयोडीन – थायरॉक्सिन – घेघा रोकथाम।
कैल्शियम – हड्डियाँ एवं दाँत।
एंजाइम – जैविक उत्प्रेरक – पाचन प्रतिक्रिया तेज।
स्टार्च पाचन – एमाइलेज (लार + अग्न्याशय)।
प्रोटीन पाचन – पेप्सिन (आमाशय) + ट्रिप्सिन (अग्न्याशय)।
वसा पाचन – लाइपेज + पित्त (इमल्सीकरण)।
अंतिम उत्पाद – ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, फैटी अम्ल+ग्लिसरॉल।
स्वाद
कलिका → जीभ
पाँच
स्वाद → मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, उमामी
टायलिन →
स्टार्च→माल्टोज
पेप्सिन →
प्रोटीन (आमाशय)
HCl →
आमाशय अम्ल
पित्त →
वसा इमल्सीकरण
लाइपेज →
वसा पाचन
विली →
अवशोषण
छोटी आँत
→ मुख्य पाचन+अवशोषण
बड़ी आँत
→ जल अवशोषण
कार्बोहाइड्रेट → ऊर्जा
प्रोटीन →
वृद्धि/मरम्मत
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
स्वाद – 5 प्रकार
टायलिन – स्टार्च→माल्टोज
पेप्सिन – प्रोटीन (आमाशय)
HCl – आमाशय
पित्त – वसा इमल्सीकरण
लाइपेज – वसा
ट्रिप्सिन – प्रोटीन
विली – अवशोषण
छोटी आँत – मुख्य पाचन
बड़ी आँत – जल अवशोषण
कार्ब्स – ऊर्जा
प्रोटीन – वृद्धि
विटामिन C – स्कर्वी
आयोडीन – घेघा
आयरन – एनीमिया
एंजाइम – जैव उत्प्रेरक