जल प्रदूषण एवं सूक्ष्मजीवी रोग

Exam Special · NCERT Based
जल संदूषण, जल जनित रोग, रोकथाम एवं शुद्धिकरण 90+ facts
जल प्रदूषण – जल में हानिकारक पदार्थों/सूक्ष्मजीवों का मिलना – पेय एवं उपयोग के अयोग्य।
मुख्य स्रोत – घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि रसायन, प्लास्टिक, तेल।
बिंदु स्रोत – निश्चित स्थान से प्रदूषण (कारखाना पाइप, सीवेज आउटलेट)।
गैर-बिंदु स्रोत – फैला हुआ – कृषि अपवाह, शहरी वर्षा जल।
BOD – बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड – जैविक प्रदूषण का माप – उच्च BOD = अधिक प्रदूषण।
COD – केमिकल ऑक्सीजन डिमांड – रासायनिक प्रदूषण माप।
DO – घुलित ऑक्सीजन – जलीय जीवन के लिए आवश्यक – प्रदूषण से कम।
यूट्रोफिकेशन – पोषक तत्व (N, P) से शैवाल वृद्धि – ऑक्सीजन कमी – मछली मृत्यु।
जैविक आवर्धन – खाद्य श्रृंखला में विषैले पदार्थों की सांद्रता बढ़ना (DDT, पारा)।
भूजल प्रदूषण – आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट, भारी धातुएँ – भारत में गंभीर।
आर्सेनिक – पश्चिम बंगाल, बिहार – भूजल में – कैंसर, त्वचा रोग।
फ्लोराइड – राजस्थान, आंध्र – दंत/अस्थि फ्लोरोसिस।
तेल रिसाव – समुद्री पारिस्थितिकी को भारी नुकसान – पक्षी, मछली।
प्लास्टिक प्रदूषण – सूक्ष्म प्लास्टिक – जलीय जीवों में प्रवेश।
तापीय प्रदूषण – उद्योगों से गर्म जल – ऑक्सीजन घुलनशीलता कम।
जल जनित रोग – दूषित पेयजल से फैलने वाले रोग।
हैजा (Cholera) – Vibrio cholerae – तीव्र दस्त, निर्जलीकरण – महामारी।
टाइफाइड – Salmonella typhi – बुखार, सिरदर्द – दूषित जल/भोजन।
पेचिश (Dysentery) – बैक्टीरियल (Shigella) / अमीबीय (Entamoeba) – खूनी दस्त।
हेपेटाइटिस A / E – वायरस – पीलिया – दूषित जल से।
पोलियो – पोलियोवायरस – दूषित जल/भोजन – लकवा (अब लगभग उन्मूलन)।
गियार्डिया / क्रिप्टोस्पोरिडियम – प्रोटोजोआ – दस्त – क्लोरीन प्रतिरोधक हो सकते।
कृमि संक्रमण – राउंडवॉर्म, हुकवॉर्म – दूषित जल/मिट्टी से।
डायरिया – बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण – दूषित जल।
मलेरिया / डेंगू – जल से सीधे नहीं – लेकिन रुके जल में मच्छर प्रजनन।
फाइलेरिया – मच्छर जनित – रुके जल से मच्छर वृद्धि।
बिहारिया (Schistosomiasis) – घोंघा वाहक – दूषित जल संपर्क।
बैक्टीरिया – हैजा, टाइफाइड, पेचिश, तपेदिक।
वायरस – हेपेटाइटिस, पोलियो, रोटावायरस (दस्त)।
प्रोटोजोआ – अमीबियासिस, गियार्डिया, मलेरिया (मच्छर)।
कृमि (Helminths) – राउंडवॉर्म, हुकवॉर्म, टेपवॉर्म।
कवक – कुछ त्वचा/श्वसन संक्रमण – जल से कम जुड़े।
रोगाणु संचरण – मल-मुँह मार्ग (faecal-oral route) – मुख्य।
हैजा लक्षण – चावल धोवन जैसा दस्त, उल्टी, तीव्र निर्जलीकरण।
टाइफाइड लक्षण – लगातार बुखार, कमजोरी, पेट दर्द।
निर्जलीकरण – जल जनित दस्त का खतरा – ORS से उपचार।
ORS – ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन – नमक, चीनी, जल – जीवन रक्षक।
WIDAL टेस्ट – टाइफाइड निदान।
दीर्घकालिक प्रभाव – कुपोषण, विकास रुकना, मृत्यु (विशेषकर बच्चे)।
उबला जल – सबसे सरल घरेलू शुद्धिकरण – रोगाणु नष्ट।
क्लोरिनेशन – क्लोरीन डालकर रोगाणु नाश – नगरपालिका जल।
ओजोनेशन / UV – आधुनिक शुद्धिकरण विधियाँ।
फिल्टर – सिरेमिक, RO, सक्रिय कार्बन – कण एवं कुछ रोगाणु हटाना।
RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) – झिल्ली से शुद्धिकरण – घुलित लवण भी कम।
सौर जल कीटाणुशोधन (SODIS) – PET बोतल में धूप – कम लागत।
हाथ धोना – साबुन से – रोग संचरण रोकने का प्रभावी तरीका।
स्वच्छ शौचालय – खुले में शौच बंद – मल संदूषण रोक।
स्वच्छ भारत मिशन – शौचालय निर्माण एवं जागरूकता।
टीकाकरण – पोलियो, टाइफाइड, हेपेटाइटिस A – रोकथाम।
ORS + जिंक – दस्त प्रबंधन – WHO अनुशंसित।
जल गुणवत्ता मानक – BIS / WHO – पेयजल मापदंड।
सीवेज उपचार – प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक – रोगाणु एवं पोषक कम।
STP – सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।
नमामि गंगे – गंगा नदी सफाई एवं संरक्षण।
जल जीवन मिशन – हर घर नल से जल – सुरक्षित पेयजल।
ARWSP / NRDWP – ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम।
जल अधिनियम 1974 – जल प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) – निगरानी एवं मानक।
विश्व जल दिवस – 22 मार्च।
विश्व हाथ धुलाई दिवस – 15 अक्टूबर।
उपयोगी सूक्ष्मजीव – अपशिष्ट अपघटन, सीवेज उपचार, दही/पावरोटी।
बायोरेमेडिएशन – सूक्ष्मजीवों से प्रदूषक हटाना।
लैक्टोबैसिलस – दूध → दही – हानिकारक नहीं।
खमीर (Yeast) – किण्वन – ब्रेड, अल्कोहल।
हैजा → Vibrio cholerae
टाइफाइड → Salmonella typhi
BOD उच्च → अधिक प्रदूषण
ORS → निर्जलीकरण उपचार
मल-मुँह मार्ग → मुख्य संचरण
उबला जल → सरल शुद्धिकरण
यूट्रोफिकेशन → शैवाल वृद्धि
आर्सेनिक → प. बंगाल, बिहार
विश्व जल दिवस → 22 मार्च
जल अधिनियम → 1974
नमामि गंगे → नदी सफाई
स्वच्छ भारत → शौचालय / स्वच्छता

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

हैजा – Vibrio cholerae
टाइफाइड – Salmonella typhi
BOD – जैविक प्रदूषण माप
यूट्रोफिकेशन – शैवाल + O₂ कमी
ORS – निर्जलीकरण
उबला जल – रोगाणु नष्ट
क्लोरिनेशन – नगर जल
आर्सेनिक – प. बंगाल
जल अधिनियम – 1974
विश्व जल दिवस – 22 मार्च
नमामि गंगे – गंगा सफाई
मल-मुँह – संचरण मार्ग
पेचिश – Shigella / अमीबा
स्वच्छ भारत – शौचालय
DO – घुलित ऑक्सीजन
WIDAL – टाइफाइड टेस्ट