किशोरावस्था की ओर
NCERT Based · Exam Specialकिशोरावस्था (Adolescence) – जीवन की वह अवधि जब शरीर में परिवर्तन होते हैं
जो प्रजनन परिपक्वता की ओर ले जाते हैं – NCERT।
किशोरावस्था की आयु – सामान्यतः 11 वर्ष से 18 या 19 वर्ष तक
– NCERT।
टीनेजर्स – 13 से 19 वर्ष की आयु के व्यक्ति – NCERT।
लड़कियों में किशोरावस्था – लड़कों की तुलना में एक या दो वर्ष
पहले शुरू हो सकती है – NCERT।
किशोरावस्था की अवधि – व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न होती है – NCERT।
यौवनारंभ (Puberty) – किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन जो व्यक्ति को
प्रजनन योग्य बनाते हैं – NCERT।
यौवनारंभ का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन – लड़के और लड़कियाँ प्रजनन के
योग्य हो जाते हैं – बार-बार।
यौवनारंभ का अंत – जब किशोर प्रजनन परिपक्वता प्राप्त कर लेता है – NCERT।
ऊँचाई में वृद्धि – किशोरावस्था में शरीर तेजी से बढ़ता है – NCERT।
लड़कों में शरीर का आकार – कंधे चौड़े हो जाते हैं, छाती चौड़ी होती है –
NCERT।
लड़कियों में शरीर का आकार – कमर के नीचे का भाग चौड़ा हो जाता है (कूल्हे) –
NCERT।
आवाज़ में परिवर्तन – लड़कों में स्वरयंत्र (लैरिंक्स) बड़ा होने से आवाज़
भारी (hoarse) हो जाती है – बार-बार।
एडम का सेब – लड़कों में गले में उभरा हुआ स्वरयंत्र – NCERT।
पसीने एवं वसा ग्रंथियाँ – किशोरावस्था में सक्रिय हो जाती हैं – मुँहासे
(pimples) आ सकते हैं – NCERT।
द्वितीयक लैंगिक लक्षण (Secondary Sexual Characters) – यौवनारंभ के दौरान
प्रकट होने वाले लक्षण – NCERT।
लड़कों में द्वितीयक लक्षण – दाढ़ी-मूँछ, शरीर पर बाल, कंधे चौड़े होना, आवाज़
भारी होना – NCERT।
लड़कियों में द्वितीयक लक्षण – स्तनों का विकास, कूल्हों का चौड़ा होना, बगल
एवं जघन क्षेत्र में बाल – NCERT।
शरीर पर बाल – बगल, जघन क्षेत्र तथा लड़कों में चेहरे पर बाल उगना – NCERT।
जनन अंगों का विकास – यौवनारंभ में नर एवं मादा जनन अंग परिपक्व होते हैं –
NCERT।
लड़कों में – शुक्राणु (sperm) का निर्माण शुरू होता है – NCERT।
लड़कियों में – अंडाणु (ova) का परिपक्व होना एवं मासिक धर्म शुरू होना –
NCERT।
हार्मोन – अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ जो शरीर के
कार्यों को नियंत्रित करते हैं – NCERT।
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ – पिट्यूटरी, थायरॉयड, अधिवृक्क, अंडाशय, वृषण आदि –
NCERT।
पिट्यूटरी ग्रंथि – मास्टर ग्रंथि – अन्य ग्रंथियों को
नियंत्रित करती है – बार-बार।
लड़कों का मुख्य हार्मोन – टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) –
वृषण द्वारा स्रावित – बार-बार।
लड़कियों का मुख्य हार्मोन – एस्ट्रोजन (Estrogen) – अंडाशय
द्वारा स्रावित – बार-बार।
थायरॉक्सिन – थायरॉयड ग्रंथि द्वारा स्रावित – चयापचय एवं वृद्धि के लिए
आवश्यक – NCERT।
वृद्धि हार्मोन – पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित – शरीर की वृद्धि नियंत्रित
करता है – NCERT।
अधिवृक्क ग्रंथि – एड्रीनलीन स्रावित करती है – तनाव एवं आपात स्थिति में
सक्रिय – NCERT।
मासिक धर्म (Menstruation) – गर्भाशय की आंतरिक परत का नियमित रूप से झड़ना –
NCERT।
मेनार्चे (Menarche) – पहली मासिक धर्म – यौवनारंभ का संकेत – बार-बार।
रजोनिवृत्ति (Menopause) – मासिक धर्म का स्थायी रूप से बंद होना (लगभग 45–50
वर्ष) – NCERT।
मासिक धर्म चक्र – लगभग 28 दिन का – NCERT।
मासिक धर्म का कारण – यदि अंडाणु निषेचित नहीं होता तो गर्भाशय की परत झड़
जाती है – NCERT।
मानसिक एवं भावनात्मक परिवर्तन – किशोरावस्था में बौद्धिक, भावनात्मक एवं
सामाजिक परिपक्वता – NCERT।
भावनात्मक उतार-चढ़ाव – किशोरों में मूड स्विंग्स, स्वतंत्रता की इच्छा –
NCERT।
आत्म-पहचान – किशोरावस्था में स्वयं की पहचान बनाने की प्रक्रिया – NCERT।
बौद्धिक विकास – सोचने, समझने एवं निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है – NCERT।
संतुलित आहार – किशोरावस्था में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन एवं
खनिज आवश्यक – NCERT।
प्रोटीन – मांसपेशियों एवं ऊतकों की वृद्धि के लिए – दाल, दूध, अंडा, मांस –
NCERT।
कैल्शियम – हड्डियों एवं दाँतों के लिए – दूध, हरी सब्जियाँ – NCERT।
आयरन – रक्त निर्माण के लिए – पालक, सेब, खजूर – NCERT।
शारीरिक व्यायाम – किशोरावस्था में नियमित व्यायाम आवश्यक – NCERT।
व्यक्तिगत स्वच्छता – प्रतिदिन स्नान, साफ कपड़े, जननांगों की सफाई – NCERT।
लिंग निर्धारण – शुक्राणु में X या Y गुणसूत्र – माँ से X, पिता से X या Y –
बार-बार।
XX
संयोजन – लड़की (महिला) – NCERT।
XY
संयोजन – लड़का (पुरुष) – NCERT।
लिंग निर्धारण में पिता की भूमिका – बच्चे का लिंग पिता के शुक्राणु पर निर्भर
करता है – बार-बार।
नशे से दूर रहना – किशोरावस्था में तंबाकू, शराब, ड्रग्स से बचना आवश्यक –
NCERT।
प्रजनन स्वास्थ्य – स्वच्छता, सही जानकारी एवं स्वस्थ आदतें – NCERT।
सामाजिक परिवर्तन – मित्रता, जिम्मेदारी एवं स्वतंत्रता की भावना बढ़ती है –
NCERT।
वृद्धि का रुकना – यौवनारंभ के बाद वृद्धि धीमी पड़ती है एवं अंत में रुक जाती
है – NCERT।
हड्डियों की वृद्धि – किशोरावस्था में लंबाई मुख्यतः हड्डियों की वृद्धि से
होती है – NCERT।
त्वचा की समस्याएँ – वसा ग्रंथियों की अधिक सक्रियता से मुँहासे हो सकते हैं –
NCERT।
आवाज़ का फटना – लड़कों में आवाज़ अस्थायी रूप से कर्कश हो सकती है – NCERT।
हार्मोनल संतुलन – सही विकास के लिए हार्मोन का संतुलन आवश्यक – NCERT।
शिक्षा का महत्व – किशोरावस्था में सही जानकारी एवं मार्गदर्शन आवश्यक – NCERT।
किशोरावस्था → 11–19 वर्ष
यौवनारंभ
→ प्रजनन योग्यता
लड़कों का
हार्मोन → टेस्टोस्टेरोन
लड़कियों
का हार्मोन → एस्ट्रोजन
मास्टर
ग्रंथि → पिट्यूटरी
पहली
मासिक धर्म → मेनार्चे
मासिक
धर्म बंद होना → रजोनिवृत्ति
XX →
लड़की
XY →
लड़का
आवाज़
भारी होना → स्वरयंत्र बड़ा होना
संतुलित
आहार + व्यायाम + स्वच्छता → स्वस्थ किशोरावस्था
नशा →
से दूर रहें
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण NCERT तथ्य (Quick Revision)
किशोरावस्था – 11 से 19 वर्ष
यौवनारंभ – प्रजनन योग्यता
टेस्टोस्टेरोन – लड़कों का
हार्मोन
एस्ट्रोजन – लड़कियों का
हार्मोन
पिट्यूटरी – मास्टर ग्रंथि
मेनार्चे – पहली मासिक
धर्म
रजोनिवृत्ति – मासिक धर्म
बंद
XX – लड़की
XY – लड़का
आवाज़ भारी – स्वरयंत्र
बड़ा
लड़के – कंधे चौड़े
लड़कियाँ – कूल्हे चौड़े
पोषण – संतुलित आहार आवश्यक
स्वच्छता – व्यक्तिगत स्वच्छता
जरूरी
नशा – से दूर रहें
भावनात्मक – मूड स्विंग्स
सामान्य