वायु एवं जल प्रदूषण

Environment · Exam Special
प्रदूषण (Pollution) – पर्यावरण में हानिकारक पदार्थों का मिलना जो जीवन को प्रभावित करता है।
प्रदूषक (Pollutant) – वह पदार्थ जो प्रदूषण उत्पन्न करता है (ठोस, द्रव, गैसीय)।
प्रदूषण मुख्यतः 4 प्रकार – वायु, जल, ध्वनि, मृदा प्रदूषण।
वायु प्रदूषण – वायु में हानिकारक गैसों, धूल, धुएं आदि का मिलना – बार-बार
प्रमुख वायु प्रदूषक – CO, CO₂, SO₂, NOx, PM2.5, PM10, CFC, O₃ – महत्वपूर्ण
CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) – साइलेंट किलर – विषैली गैस – बार-बार
CO₂ – प्रमुख ग्रीनहाउस गैस – जीवाश्म ईंधनों के दहन से उत्पन्न – बार-बार
SO₂ – सल्फर डाइऑक्साइड – कोयले के दहन से – अम्लीय वर्षा का कारण – बार-बार
NOx – नाइट्रोजन ऑक्साइड – वाहनों, उद्योगों से – अम्लीय वर्षा का कारण।
PM2.5 और PM10 – सूक्ष्म कण – श्वसन रोगों का कारण – महत्वपूर्ण
CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) – ओजोन परत को क्षति पहुँचाता है – बार-बार
वायु प्रदूषण के स्रोतउद्योग, वाहन, जीवाश्म ईंधन दहन, खनन, ज्वालामुखीमहत्वपूर्ण
मानव निर्मित स्रोत – फैक्ट्रियाँ, ताप विद्युत संयंत्र, निर्माण कार्य।
प्राकृतिक स्रोत – ज्वालामुखी, जंगल की आग, धूल के तूफान, मीथेन उत्सर्जन।
वायु प्रदूषण के प्रभावपरीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं
श्वसन रोग – अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर।
हृदय रोग – उच्च रक्तचाप, हृदयाघात का खतरा।
अम्लीय वर्षा – SO₂ एवं NOx से – इमारतों, जल स्रोतों, वनस्पतियों को नुकसान – बार-बार
ग्रीनहाउस प्रभाव – CO₂, CH₄, N₂O, CFC – वैश्विक ऊष्मीकरण का कारण – सबसे महत्वपूर्ण
ओजोन परत क्षरण – CFC एवं अन्य क्लोरीन युक्त यौगिकों से – बार-बार
धुंध (Smog) – कोहरा + धुआं – दृश्यता कम करता है, श्वसन रोग बढ़ाता है।
वायु प्रदूषण रोकथाम के उपायबार-बार पूछे जाते हैं
वृक्षारोपण – पेड़ CO₂ को अवशोषित करते हैं – महत्वपूर्ण
स्वच्छ ईंधन – CNG, हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा का उपयोग – बार-बार
फ़िल्टर एवं स्क्रबर – उद्योगों में धुआँ फ़िल्टर करना।
उत्प्रेरक कनवर्टर – वाहनों में विषैली गैसों को कम करने के लिए – महत्वपूर्ण
सार्वजनिक परिवहन – निजी वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) – वायु प्रदूषण मापने के लिए – महत्वपूर्ण
जल प्रदूषण – जल स्रोतों में हानिकारक पदार्थों का मिलना – बार-बार
जल प्रदूषक – रासायनिक पदार्थ, सीवेज, कीटनाशक, उर्वरक, प्लास्टिक, भारी धातुएँ – महत्वपूर्ण
भारी धातुएँ – आर्सेनिक, पारा, सीसा, कैडमियम – विषैली – बार-बार
मिनामाता रोग – पारा विषाक्तता – जापान में पाया गया – बार-बार
इटाई-इटाई रोग – कैडमियम विषाक्तता – जापान – बार-बार
जल प्रदूषण के स्रोतपरीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं
औद्योगिक अपशिष्ट – फैक्ट्रियों से रासायनिक अपशिष्ट जल।
कृषि अपशिष्ट – कीटनाशक, उर्वरक – नदियों में मिलकर यूट्रोफिकेशन उत्पन्न करते हैं – बार-बार
घरेलू सीवेज – घरों से निकलने वाला गंदा पानी।
प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट – जल स्रोतों में प्रदूषण फैलाते हैं।
तापीय प्रदूषण – ताप विद्युत संयंत्रों से गर्म पानी – जल में O₂ की मात्रा कम करता है – महत्वपूर्ण
जल प्रदूषण के प्रभावबार-बार पूछे जाते हैं
जलजनित रोग – हैजा, टाइफाइड, पीलिया, डायरिया – बार-बार
यूट्रोफिकेशन – अत्यधिक पोषक तत्वों से शैवाल की वृद्धि – जल में O₂ की कमी – बार-बार
जलीय जीवन पर प्रभाव – मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों की मृत्यु।
पेयजल संकट – स्वच्छ पानी की कमी।
जल प्रदूषण रोकथाम के उपायबार-बार पूछे जाते हैं
अपशिष्ट जल उपचार – सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) – महत्वपूर्ण
जल पुनर्चक्रण – उपचारित जल का पुनः उपयोग।
कीटनाशकों का कम उपयोग – जैविक खेती को बढ़ावा।
प्लास्टिक का उपयोग कम – जल स्रोतों में प्लास्टिक कचरा न डालें।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग – वर्षा जल का संचयन एवं उपयोग – महत्वपूर्ण
ग्रीनहाउस गैसें – CO₂, CH₄, N₂O, CFC, O₃ – सबसे महत्वपूर्ण
CO₂ – सबसे प्रमुख ग्रीनहाउस गैस – जीवाश्म ईंधनों से – बार-बार
CH₄ (मीथेन) – CO₂ से 25 गुना अधिक प्रभावी – कृषि, अपशिष्ट से – महत्वपूर्ण
N₂O (नाइट्रस ऑक्साइड) – CO₂ से 300 गुना अधिक प्रभावी – उर्वरकों से।
वैश्विक ऊष्मीकरण – पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि – बार-बार
वैश्विक ऊष्मीकरण के प्रभाव – हिमनद पिघलना, समुद्र स्तर वृद्धि, मौसम परिवर्तनमहत्वपूर्ण
पेरिस समझौता (2015) – वैश्विक ऊष्मीकरण को 1.5°C तक सीमित करने का लक्ष्य – बार-बार
ओजोन परत – स्ट्रैटोस्फियर में स्थित – सूर्य की UV किरणों से बचाती है – बार-बार
ओजोन परत क्षरण – CFC, हैलोन, HCFC के कारण – बार-बार
ओजोन छिद्र – अंटार्कटिका के ऊपर सबसे बड़ा – महत्वपूर्ण
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) – CFC उत्पादन पर प्रतिबंध – बार-बार
AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) – वायु प्रदूषण मापने का पैमाना – महत्वपूर्ण
AQI श्रेणियाँ – 0-50 (अच्छा), 51-100 (संतोषजनक), 101-200 (मध्यम), 201-300 (खराब), 301-400 (बहुत खराब), 401-500 (गंभीर)महत्वपूर्ण
AQI का प्रमुख प्रदूषक – PM2.5, PM10, SO₂, NO₂, CO, O₃
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) – 2019 – PM2.5 और PM10 में 20-30% कमी लाने का लक्ष्य – महत्वपूर्ण
नमामि गंगे – गंगा नदी की सफाई हेतु कार्यक्रम – बार-बार
स्वच्छ भारत अभियान – स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर।
जल जीवन मिशन – प्रत्येक घर तक पेयजल पहुँचाना – महत्वपूर्ण
बीओडी (BOD) – जैविक ऑक्सीजन मांग – जल प्रदूषण मापने का मानक – बार-बार
सीओडी (COD) – रासायनिक ऑक्सीजन मांग – जल प्रदूषण का माप – महत्वपूर्ण
यूट्रोफिकेशन – नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस की अधिकता से शैवाल वृद्धि – बार-बार
एसिड रेन – pH < 5.6 – SO₂ एवं NOx के कारण – बार-बार
स्मॉग – धुआँ + कोहरा – लंदन स्मॉग (1952) – प्रमुख घटना – महत्वपूर्ण
ई-वेस्ट – इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट – भारी धातुओं का स्रोत – महत्वपूर्ण
बायोमैग्नीफिकेशन – विषैले पदार्थों का खाद्य श्रृंखला में संचयन – बार-बार
डीडीटी (DDT) – प्रतिबंधित कीटनाशक – बायोमैग्नीफिकेशन का उदाहरण – महत्वपूर्ण
कार्बन फुटप्रिंट – किसी व्यक्ति/संस्था द्वारा उत्सर्जित CO₂ की मात्रा – महत्वपूर्ण
वायु प्रदूषक → CO, CO₂, SO₂, NOx, PM, CFC
साइलेंट किलर → CO (कार्बन मोनोऑक्साइड)
ग्रीनहाउस गैसें → CO₂, CH₄, N₂O, CFC
अम्लीय वर्षा → SO₂ और NOx से
ओजोन परत क्षरण → CFC से
मिनामाता रोग → पारा विषाक्तता
इटाई-इटाई रोग → कैडमियम विषाक्तता
BOD → जैविक ऑक्सीजन मांग (जल प्रदूषण)
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल → CFC प्रतिबंध (1987)
पेरिस समझौता → 1.5°C तापमान सीमा
NCAP → 2019 – वायु प्रदूषण कम करने हेतु

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

वायु प्रदूषक – CO, SO₂, NOx, PM
साइलेंट किलर – CO
ग्रीनहाउस गैसें – CO₂, CH₄, N₂O
अम्लीय वर्षा – SO₂, NOx
ओजोन क्षरण – CFC
मिनामाता – पारा
इटाई-इटाई – कैडमियम
BOD – जल प्रदूषण माप
यूट्रोफिकेशन – शैवाल वृद्धि
मॉन्ट्रियल – CFC (1987)
पेरिस – 1.5°C (2015)
NCAP – 2019
नमामि गंगे – गंगा सफाई
AQI – वायु गुणवत्ता
बायोमैग्नीफिकेशन – खाद्य श्रृंखला
DDT – प्रतिबंधित कीटनाशक