यौवनारंभ के दौरान परिवर्तन
NCERT Based · Exam Specialयौवनारंभ (Puberty) – वह प्रक्रिया जिसमें शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जो
व्यक्ति को प्रजनन योग्य बनाते हैं – NCERT।
यौवनारंभ का आरंभ – किशोरावस्था के दौरान (लगभग 11–13 वर्ष) – NCERT।
यौवनारंभ का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन – लड़के और लड़कियाँ प्रजनन के
योग्य हो जाते हैं – बार-बार।
यौवनारंभ का अंत – जब किशोर प्रजनन परिपक्वता प्राप्त कर लेता है – NCERT।
यौवनारंभ में परिवर्तनों का नियंत्रण – मुख्यतः हार्मोन
द्वारा – NCERT।
ऊँचाई में वृद्धि – यौवनारंभ के दौरान शरीर तेजी से बढ़ता है – NCERT।
वृद्धि की दर – लड़कियों में ऊँचाई की वृद्धि लड़कों से पहले शुरू होती है –
NCERT।
अंतिम ऊँचाई – यौवनारंभ के बाद वृद्धि धीमी पड़ती है और अंत में रुक जाती है –
NCERT।
हड्डियों की वृद्धि – ऊँचाई में वृद्धि मुख्यतः हड्डियों की लंबाई बढ़ने से
होती है – NCERT।
वृद्धि हार्मोन – पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित – शरीर की वृद्धि को
नियंत्रित करता है – NCERT।
लड़कों में शरीर का आकार – कंधे चौड़े हो जाते हैं, छाती चौड़ी होती है,
मांसपेशियाँ विकसित होती हैं – NCERT।
लड़कियों में शरीर का आकार – कमर के नीचे का भाग (कूल्हे) चौड़ा हो जाता है –
NCERT।
शरीर के आकार में अंतर – लड़के और लड़कियों का शरीर अलग-अलग रूप लेने लगता है
– NCERT।
मांसपेशियों का विकास – लड़कों में मांसपेशियाँ अधिक विकसित होती हैं – NCERT।
आवाज़ में परिवर्तन – लड़कों में स्वरयंत्र (लैरिंक्स) बड़ा होने से आवाज़
भारी हो जाती है – बार-बार।
एडम का सेब – लड़कों में गले में उभरा हुआ स्वरयंत्र – यौवनारंभ का संकेत –
NCERT।
आवाज़ का फटना – लड़कों में आवाज़ अस्थायी रूप से कर्कश (hoarse) हो सकती है –
NCERT।
लड़कियों की आवाज़ – लड़कियों में आवाज़ में हल्का परिवर्तन होता है, लेकिन
उतना नहीं जितना लड़कों में – NCERT।
द्वितीयक लैंगिक लक्षण (Secondary Sexual Characters) – यौवनारंभ के दौरान
प्रकट होने वाले लक्षण जो प्रजनन अंगों से सीधे संबंधित नहीं – NCERT।
लड़कों में द्वितीयक लक्षण – दाढ़ी-मूँछ, चेहरे एवं शरीर पर बाल, कंधे चौड़े
होना, आवाज़ भारी होना – NCERT।
लड़कियों में द्वितीयक लक्षण – स्तनों का विकास, कूल्हों का चौड़ा होना, बगल
एवं जघन क्षेत्र में बाल – NCERT।
शरीर पर बाल – बगल, जघन क्षेत्र तथा लड़कों में चेहरे, छाती एवं अन्य स्थानों
पर बाल उगना – NCERT।
स्तनों का विकास – लड़कियों में यौवनारंभ का प्रमुख लक्षण – NCERT।
दाढ़ी एवं मूँछ – लड़कों में चेहरे पर बालों का उगना – NCERT।
पसीने की ग्रंथियाँ – यौवनारंभ में अधिक सक्रिय हो जाती हैं – NCERT।
वसा ग्रंथियाँ (Sebaceous glands) – अधिक सक्रिय होने से त्वचा तैलीय हो जाती
है – NCERT।
मुँहासे (Pimples / Acne) – वसा ग्रंथियों की अधिक सक्रियता के कारण हो सकते
हैं – NCERT।
व्यक्तिगत स्वच्छता – मुँहासे एवं गंध से बचने के लिए नियमित स्नान आवश्यक –
NCERT।
जनन अंगों का विकास – यौवनारंभ में नर एवं मादा जनन अंग परिपक्व होते हैं –
NCERT।
लड़कों में – वृषण शुक्राणु (sperm) बनाने लगते हैं – NCERT।
लड़कियों में – अंडाशय अंडाणु (ova) परिपक्व करने लगते हैं – NCERT।
मासिक धर्म का आरंभ – लड़कियों में यौवनारंभ का महत्वपूर्ण संकेत – NCERT।
मेनार्चे (Menarche) – पहली मासिक धर्म – यौवनारंभ का प्रमुख चिह्न – बार-बार।
हार्मोन – अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ – यौवनारंभ के
परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं – NCERT।
पिट्यूटरी ग्रंथि – मास्टर ग्रंथि – यौवनारंभ की शुरुआत को
नियंत्रित करती है – बार-बार।
टेस्टोस्टेरोन – लड़कों का मुख्य लैंगिक हार्मोन – वृषण द्वारा स्रावित –
बार-बार।
एस्ट्रोजन – लड़कियों का मुख्य लैंगिक हार्मोन – अंडाशय द्वारा स्रावित –
बार-बार।
थायरॉक्सिन – थायरॉयड ग्रंथि द्वारा – चयापचय एवं वृद्धि के लिए आवश्यक –
NCERT।
एड्रीनलीन – अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा – तनाव एवं आपात स्थिति में सक्रिय –
NCERT।
लैंगिक हार्मोन का कार्य – द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास एवं जनन अंगों की
परिपक्वता – NCERT।
मानसिक परिपक्वता – यौवनारंभ के दौरान सोचने, समझने एवं निर्णय लेने की क्षमता
बढ़ती है – NCERT।
भावनात्मक परिवर्तन – मूड स्विंग्स, स्वतंत्रता की इच्छा, आत्म-पहचान की खोज –
NCERT।
बौद्धिक विकास – किशोर अधिक तार्किक एवं अमूर्त सोच विकसित करते हैं – NCERT।
सामाजिक परिवर्तन – मित्रता, जिम्मेदारी एवं सामाजिक भूमिकाओं में बदलाव –
NCERT।
संतुलित आहार – यौवनारंभ में तीव्र वृद्धि के कारण प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन
आवश्यक – NCERT।
प्रोटीन – मांसपेशियों एवं ऊतकों की वृद्धि के लिए – दाल, दूध, अंडा – NCERT।
कैल्शियम – हड्डियों की मजबूती के लिए – दूध, हरी सब्जियाँ – NCERT।
आयरन – रक्त निर्माण एवं थकान से बचाव के लिए – पालक, फल – NCERT।
नियमित व्यायाम – शरीर के सही विकास एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक – NCERT।
यौवनारंभ की अवधि – व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न होती है – NCERT।
लड़कियों में जल्दी आरंभ – लड़कियों में यौवनारंभ आमतौर पर लड़कों से 1–2 वर्ष
पहले शुरू होता है – NCERT।
नशे से दूर – यौवनारंभ के दौरान तंबाकू, शराब एवं ड्रग्स से बचना आवश्यक –
NCERT।
प्रजनन स्वास्थ्य – स्वच्छता, सही जानकारी एवं स्वस्थ आदतें महत्वपूर्ण –
NCERT।
हार्मोनल संतुलन – सही शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक – NCERT।
सही जानकारी – यौवनारंभ के परिवर्तनों के बारे में सही ज्ञान होना चाहिए –
NCERT।
यौवनारंभ
→ प्रजनन योग्यता
ऊँचाई
वृद्धि → हड्डियों की लंबाई
लड़के →
कंधे चौड़े
लड़कियाँ
→ कूल्हे चौड़े
आवाज़
भारी → स्वरयंत्र बड़ा
एडम का
सेब → लड़कों में
मुँहासे →
वसा ग्रंथियाँ सक्रिय
टेस्टोस्टेरोन → लड़के
एस्ट्रोजन
→ लड़कियाँ
मेनार्चे
→ पहली मासिक धर्म
मास्टर
ग्रंथि → पिट्यूटरी
द्वितीयक
लक्षण → बाल, स्तन, आवाज़
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण NCERT तथ्य (Quick Revision)
यौवनारंभ – प्रजनन योग्यता
ऊँचाई वृद्धि – हड्डियों की
लंबाई
लड़के – कंधे चौड़े, मांसपेशियाँ
लड़कियाँ – कूल्हे चौड़े, स्तन
आवाज़ भारी – स्वरयंत्र
बड़ा
एडम का सेब – लड़कों में
मुँहासे – वसा ग्रंथियाँ सक्रिय
टेस्टोस्टेरोन – लड़कों का
हार्मोन
एस्ट्रोजन – लड़कियों का
हार्मोन
पिट्यूटरी – मास्टर ग्रंथि
मेनार्चे – पहली मासिक
धर्म
द्वितीयक लक्षण – बाल, स्तन,
आवाज़
पोषण – प्रोटीन, कैल्शियम,
आयरन
भावनात्मक – मूड स्विंग्स
सामान्य
स्वच्छता – नियमित स्नान जरूरी
नशा – से दूर रहें