विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

Electrochemistry · Exam Special
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव – जब विद्युत धारा किसी द्रव/विलयन से गुजरती है तो रासायनिक प्रतिक्रियाएँ होती हैं।
विद्युत धारा के तीन प्रमुख प्रभाव – तापीय, चुंबकीय, रासायनिक
रासायनिक प्रभाव में विद्युत ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव का अध्ययन – विद्युत रसायन (Electrochemistry)।
चालक (Conductor) – वे पदार्थ जिनसे विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
धातु चालक – ताँबा, एल्युमिनियम, लोहा, चाँदी, सोना (मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण)।
द्रव चालक – अम्ल, क्षार, लवण के जलीय विलयन (आयनों के कारण)।
कुचालक (Insulator) – वे पदार्थ जिनसे विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती।
कुचालक के उदाहरण – रबर, प्लास्टिक, लकड़ी, काँच, मिट्टी का बर्तन।
अर्धचालक (Semiconductor) – सिलिकॉन, जर्मेनियम (चालक एवं कुचालक के बीच)।
विद्युत अपघट्य (Electrolyte) – वे पदार्थ जो जलीय विलयन या पिघली अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं और रासायनिक अपघटन होता है।
विद्युत अपघट्य आयनों में विभक्त होते हैं – धनायन (Cation) और ऋणायन (Anion)।
धनायन – धनावेशित आयन (Na⁺, K⁺, Cu²⁺, H⁺) – कैथोड की ओर गति करते हैं।
ऋणायन – ऋणावेशित आयन (Cl⁻, OH⁻, SO₄²⁻) – एनोड की ओर गति करते हैं।
प्रबल विद्युत अपघट्य – HCl, H₂SO₄, NaOH, NaCl (पूर्णतः आयनित)।
दुर्बल विद्युत अपघट्य – CH₃COOH (एसिटिक अम्ल), NH₄OH (आंशिक आयनित)।
अ-विद्युत अपघट्य – चीनी का विलयन, मिट्टी का तेल, शुद्ध जल (आयन नहीं बनाते)।
आसुत जल विद्युत का कुचालक है – इसमें आयन नहीं होते।
नल का जल विद्युत का चालक होता है – इसमें घुले लवणों के आयन होते हैं।
विद्युत अपघटन (Electrolysis) – विद्युत धारा द्वारा किसी विद्युत अपघट्य का रासायनिक अपघटन।
विद्युत अपघटन में विद्युत ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
विद्युत अपघटन के लिए आवश्यक – विद्युत अपघट्य, इलेक्ट्रोड, बैटरी
इलेक्ट्रोड – वे छड़ें/तार जो विद्युत अपघट्य में डुबोई जाती हैं।
एनोड (Anode) – धनात्मक इलेक्ट्रोड – ऋणायन यहाँ आकर्षित होते हैं।
कैथोड (Cathode) – ऋणात्मक इलेक्ट्रोड – धनायन यहाँ आकर्षित होते हैं।
विद्युत अपघटन के प्रयोग – धातुओं का निष्कर्षण, विद्युत-लेपन, धातुओं का शोधन
फैराडे का प्रथम नियम – इलेक्ट्रोड पर निक्षिप्त पदार्थ की मात्रा प्रवाहित विद्युत की मात्रा के समानुपाती होती है।
फैराडे का द्वितीय नियम – विभिन्न विद्युत अपघट्यों में समान विद्युत मात्रा से निक्षिप्त पदार्थों की मात्रा उनके तुल्यांकी भारों के समानुपाती होती है।
फैराडे स्थिरांक – 1 फैराडे = 96500 कूलॉम = 1 मोल इलेक्ट्रॉनों का आवेश।
विद्युत-लेपन (Electroplating) – विद्युत अपघटन द्वारा किसी धातु पर दूसरी धातु की परत चढ़ाना।
विद्युत-लेपन का उद्देश्य – सौंदर्य, संक्षारण प्रतिरोध, दृढ़ता बढ़ाना।
लोहे पर जस्ता (Zinc) चढ़ाना – गैल्वनाइजेशन (Galvanization) कहलाता है।
लोहे पर टिन (Tin) चढ़ाना – टिनिंग (करछुल/बर्तन)।
लोहे पर क्रोमियम (Chromium) चढ़ाना – मोटर वाहनों के पुर्जे।
आभूषणों पर सोना या चाँदी चढ़ाना – विद्युत-लेपन द्वारा।
विद्युत-लेपन में वस्तु कैथोड (ऋणात्मक) होती है, चढ़ाने वाली धातु एनोड (धनात्मक) होती है।
विद्युत-लेपन के लिए विद्युत अपघट्य में चढ़ाने वाली धातु के लवण का विलयन होता है।
विद्युत शोधन (Electrorefining) – अशुद्ध धातु को शुद्ध करने की प्रक्रिया।
विद्युत शोधन में अशुद्ध धातु एनोड होती है, शुद्ध धातु कैथोड होती है।
ताँबा का विद्युत शोधन – अशुद्ध Cu एनोड, शुद्ध Cu कैथोड, CuSO₄ विलयन
विद्युत शोधन में अशुद्धियाँ एनोड के नीचे जमा हो जाती हैं (एनोड स्लज)।
सोना, चाँदी, प्लैटिनम एनोड स्लज से प्राप्त होते हैं।
जल का विद्युत अपघटन – H₂O → 2H₂ ↑ + O₂ ↑
जल के विद्युत अपघटन में कैथोड पर H₂ (हाइड्रोजन) और एनोड पर O₂ (ऑक्सीजन) प्राप्त होती है।
हाइड्रोजन गैस का आयतन – ऑक्सीजन गैस का 2:1 (वॉल्यूम अनुपात)।
जल का विद्युत अपघटन अम्लीय/क्षारीय जल में तीव्रता से होता है (शुद्ध जल में धीमा)।
NaCl विलयन का विद्युत अपघटन – कैथोड पर H₂, एनोड पर Cl₂, विलयन में NaOH बनता है।
CuSO₄ विलयन का विद्युत अपघटन – कैथोड पर ताँबा जमा होता है, एनोड पर ऑक्सीजन।
AgNO₃ विलयन का विद्युत अपघटन – कैथोड पर चाँदी जमा होती है।
विद्युत-रासायनिक सेल (Electrochemical Cell) – रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
गैल्वेनिक सेल – रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत उत्पन्न करता है (जैसे – डैनियल सेल)।
विद्युत-अपघटनी सेल (Electrolytic Cell) – विद्युत ऊर्जा से रासायनिक अभिक्रिया कराता है।
प्राथमिक सेल – एक बार उपयोग (शुष्क सेल)।
द्वितीयक सेल – पुनः आवेशित किया जा सकता है (लेड-एसिड बैटरी, लिथियम-आयन बैटरी)।
लेड-एसिड बैटरी – Pb + PbO₂ + H₂SO₄ – वाहनों में प्रयोग।
निकल-कैडमियम बैटरी – Ni-Cd – रिचार्जेबल।
लिथियम-आयन बैटरी – हल्की, अधिक क्षमता – मोबाइल, लैपटॉप में।
संक्षारण (Corrosion) – धातुओं का वातावरण से अभिक्रिया कर खराब होना – विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया।
जंग (Rusting) – लोहे का संक्षारण (Fe₂O₃·xH₂O) – नमी और O₂ आवश्यक।
संक्षारण रोकने के उपाय – तैलरंजन, गैल्वनाइजेशन, टिनिंग, पेंट, एनोडाइजिंग
सैक्रिफिशियल एनोड – अधिक क्रियाशील धातु (Mg, Zn) का उपयोग संक्षारण रोकने के लिए।
माइकल फैराडे – विद्युत अपघटन के नियमों का प्रतिपादन।
एलेसेंड्रो वोल्टा – पहली बैटरी (वोल्टाई पाइल) का आविष्कार।
हम्फ्री डेवी – विद्युत अपघटन द्वारा सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम की खोज।
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव का अध्ययन → विद्युत रसायन
धातु चालक → मुक्त इलेक्ट्रॉन | द्रव चालक → आयन
धनायन → कैथोड | ऋणायन → एनोड की ओर
प्रबल विद्युत अपघट्य → HCl, H₂SO₄, NaOH, NaCl
दुर्बल विद्युत अपघट्य → CH₃COOH, NH₄OH
आसुत जल → कुचालक | नल का जल → चालक
गैल्वनाइजेशन → जस्ता (Zinc) चढ़ाना
विद्युत-लेपन में वस्तु → कैथोड (ऋणात्मक)
फैराडे स्थिरांक → 96500 कूलॉम
जल के विद्युत अपघटन में H₂ : O₂ → 2:1 (वॉल्यूम)
ताँबा का विद्युत शोधन → अशुद्ध Cu एनोड, शुद्ध Cu कैथोड, CuSO₄ विलयन
प्राथमिक सेल → शुष्क सेल | द्वितीयक सेल → लीड-एसिड, Li-ion

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

रासायनिक प्रभाव – विद्युत रसायन
धातु चालक – मुक्त इलेक्ट्रॉन
विद्युत अपघट्य – आयनों में विभक्त
धनायन – कैथोड की ओर
ऋणायन – एनोड की ओर
गैल्वनाइजेशन – जस्ता (Zn)
विद्युत-लेपन – वस्तु कैथोड
फैराडे स्थिरांक – 96500 कूलॉम
H₂ : O₂ – 2:1 (वॉल्यूम)
प्रबल अपघट्य – HCl, H₂SO₄, NaOH
दुर्बल अपघट्य – CH₃COOH, NH₄OH
आसुत जल – कुचालक
प्राथमिक सेल – शुष्क सेल
द्वितीयक सेल – लीड-एसिड, Li-ion
फैराडे – विद्युत अपघटन नियम
वोल्टा – प्रथम बैटरी