जीव-जंतु एवं वनस्पति संरक्षण
NCERT Based · Exam Specialजैव विविधता (Biodiversity) – पृथ्वी पर पाए जाने वाले पौधों, जानवरों एवं
सूक्ष्मजीवों की विविधता – NCERT।
जैव विविधता के तीन स्तर – आनुवंशिक विविधता, प्रजातीय विविधता,
पारिस्थितिकी विविधता – NCERT।
आनुवंशिक विविधता – एक ही प्रजाति के विभिन्न व्यक्तियों में आनुवंशिक
भिन्नता।
प्रजातीय विविधता – किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की
संख्या।
पारिस्थितिकी विविधता – विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों (जैसे – वन, घासस्थल,
मरुस्थल, जलीय) की विविधता।
जैव विविधता का महत्व – NCERT महत्वपूर्ण –
पारिस्थितिकी संतुलन, भोजन, औषधियाँ, वस्त्र, आवास, जलवायु नियमन।
पारिस्थितिकी सेवाएँ – प्रकाश संश्लेषण, पोषक चक्रण, जल शुद्धिकरण, परागण,
मृदा निर्माण – NCERT।
औषधीय महत्व – कई पौधे एवं सूक्ष्मजीव औषधियों के स्रोत हैं (जैसे –
पेनिसिलिन, सिनकोना, नीम) – NCERT।
जैव विविधता के लिए खतरे – NCERT महत्वपूर्ण –
आवास विनाश, अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, आक्रामक प्रजातियाँ, जलवायु परिवर्तन।
आवास विनाश – वनों की कटाई, शहरीकरण, कृषि विस्तार – जैव विविधता का सबसे बड़ा
खतरा – NCERT।
अत्यधिक दोहन – शिकार, अवैध व्यापार, अत्यधिक मछली पकड़ना – प्रजातियों के
विलुप्त होने का कारण।
आक्रामक प्रजातियाँ – विदेशी प्रजातियाँ जो देशी प्रजातियों को विस्थापित करती
हैं (जैसे – कांटेदार झाड़ी, पार्थेनियम) – NCERT।
जैव विविधता संरक्षण के उपाय – NCERT
महत्वपूर्ण – संरक्षण क्षेत्र, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य,
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम।
संरक्षण के दो मुख्य प्रकार – इन-सीटू (In-situ) एवं
एक्स-सीटू (Ex-situ) – NCERT।
इन-सीटू संरक्षण (In-situ Conservation) – प्राकृतिक आवास में ही जीवों का
संरक्षण – NCERT।
इन-सीटू के उदाहरण – जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान,
वन्यजीव अभयारण्य, संरक्षित वन – NCERT।
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) – बड़े क्षेत्र जहाँ पारिस्थितिक
तंत्र और जैव विविधता का संरक्षण किया जाता है – NCERT।
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र के तीन क्षेत्र – केंद्रीय क्षेत्र,
मध्यवर्ती क्षेत्र, परिवर्ती क्षेत्र – NCERT।
केंद्रीय क्षेत्र (Core Zone) – मानवीय हस्तक्षेप पूर्णतः
प्रतिबंधित – प्राकृतिक अवस्था में संरक्षण।
मध्यवर्ती क्षेत्र (Buffer Zone) – सीमित मानवीय गतिविधियाँ (शिक्षा,
अनुसंधान, पर्यटन) – NCERT।
परिवर्ती क्षेत्र (Transition Zone) – मानव निवास एवं संधारणीय विकास की
अनुमति – NCERT।
भारत के प्रमुख जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – NCERT
महत्वपूर्ण – नंदा देवी, सुंदरवन, कच्छ, नीलगिरि, मन्नार की खाड़ी, सिमलीपाल।
सुंदरवन – पश्चिम बंगाल – रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध
– यूनेस्को विश्व धरोहर।
नंदा देवी – उत्तराखंड – पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र – NCERT।
कच्छ – गुजरात – ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोड़ावण) के लिए
प्रसिद्ध – NCERT।
नीलगिरि – केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु – पश्चिमी घाट का भाग –
NCERT।
मन्नार की खाड़ी – तमिलनाडु – समुद्री जैव विविधता (डॉल्फिन,
समुद्री कछुए) – NCERT।
राष्ट्रीय उद्यान (National Park) – वह क्षेत्र जहाँ वन्यजीवों का संरक्षण
किया जाता है – मानवीय गतिविधियाँ सीमित – NCERT।
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान – जिम कॉर्बेट (पहला), कान्हा,
बांदीपुर, सुंदरवन, काजीरंगा, पेरियार – NCERT।
जिम कॉर्बेट – उत्तराखंड – भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान
(1936) – बार-बार।
काजीरंगा – असम – एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध –
NCERT।
कान्हा – मध्य प्रदेश – बाघ अभयारण्य – NCERT।
वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) – वह क्षेत्र जहाँ वन्यजीवों का
संरक्षण किया जाता है – कुछ मानवीय गतिविधियाँ की अनुमति – NCERT।
राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य में अंतर – राष्ट्रीय उद्यान में मानवीय
गतिविधियाँ सख्ती से सीमित, अभयारण्य में कुछ हद तक अनुमति – NCERT।
एक्स-सीटू संरक्षण (Ex-situ Conservation) – प्राकृतिक आवास के बाहर जीवों का
संरक्षण – NCERT।
एक्स-सीटू के उदाहरण – बीज बैंक, जीन बैंक, वनस्पति उद्यान,
चिड़ियाघर, टिश्यू कल्चर – NCERT।
बीज बैंक – बीजों को संग्रहित करना – आनुवंशिक विविधता का संरक्षण – NCERT।
जीन बैंक – आनुवंशिक पदार्थ (DNA/बीज/युग्मक) का संग्रहण।
वनस्पति उद्यान – विभिन्न पौधों की प्रजातियों का जीवित संग्रह।
टिश्यू कल्चर – पौधों के ऊतकों से नए पौधे उत्पन्न करना – विलुप्त प्रजातियों
को संरक्षित करने में सहायक – NCERT।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) – 1972 –
भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए – NCERT।
वन संरक्षण अधिनियम (Forest Conservation Act) – 1980 – वनों
की कटाई को नियंत्रित करता है – NCERT।
जैव विविधता अधिनियम (Biodiversity Act) – 2002 – भारत में
जैव विविधता संरक्षण के लिए – NCERT।
CITES – 1973 – लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय
व्यापार पर प्रतिबंध – NCERT।
लुप्तप्राय प्रजातियाँ (Endangered Species) – जिन प्रजातियों के विलुप्त होने
का खतरा हो – लाल सूची (Red List) – NCERT।
IUCN (International Union for Conservation of Nature) – लाल
सूची जारी करता है – NCERT।
भारत की लुप्तप्राय प्रजातियाँ – रॉयल बंगाल टाइगर, एक सींग वाला
गैंडा, एशियाई शेर, हिम तेंदुआ, भारतीय हाथी – NCERT।
प्रोजेक्ट टाइगर – 1973 – बाघ संरक्षण के लिए – NCERT।
प्रोजेक्ट एलिफेंट – 1992 – हाथी संरक्षण के लिए – NCERT।
प्रोजेक्ट डॉल्फिन – 2009 – गंगा डॉल्फिन संरक्षण – NCERT।
विश्व वन्यजीव सप्ताह – 1-7 अक्टूबर – NCERT।
पारिस्थितिकी तंत्र – जैविक समुदाय एवं अजैविक पर्यावरण का अंतर्संबंध – NCERT।
खाद्य श्रृंखला – उत्पादक → प्राथमिक उपभोक्ता → द्वितीयक उपभोक्ता → तृतीयक
उपभोक्ता – NCERT।
खाद्य जाल – अनेक खाद्य श्रृंखलाओं का जटिल नेटवर्क – NCERT।
ऊर्जा प्रवाह – सूर्य → उत्पादक → उपभोक्ता → अपघटक – 10% नियम (लिंडमैन) –
NCERT।
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून – NCERT।
विश्व वन्यजीव दिवस – 3 मार्च – NCERT।
वन महोत्सव – जुलाई माह में – वृक्षारोपण हेतु
जागरूकता।
वनों की कटाई के प्रभाव – NCERT – मृदा अपरदन,
बाढ़, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि, मरुस्थलीकरण।
मृदा अपरदन – वनों की कटाई से मिट्टी का कटाव बढ़ता है – उर्वरता कम होती है –
NCERT।
जल चक्र पर प्रभाव – वन वाष्पीकरण एवं वर्षा में सहायक – वनों की कटाई से जल
चक्र प्रभावित होता है – NCERT।
जैव
विविधता → आनुवंशिक, प्रजातीय, पारिस्थितिकी
इन-सीटू →
प्राकृतिक आवास में संरक्षण
एक्स-सीटू
→ आवास के बाहर संरक्षण
जैवमंडल
आरक्षित क्षेत्र → 3 क्षेत्र (केंद्रीय, मध्यवर्ती, परिवर्ती)
पहला
राष्ट्रीय उद्यान → जिम कॉर्बेट (1936)
प्रोजेक्ट
टाइगर → 1973 | प्रोजेक्ट एलिफेंट → 1992
वन्यजीव
संरक्षण अधिनियम → 1972
CITES →
1973 – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
IUCN →
लाल सूची (लुप्तप्राय प्रजातियाँ)
विश्व
पर्यावरण दिवस → 5 जून
विश्व
वन्यजीव दिवस → 3 मार्च
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण NCERT तथ्य (Quick Revision)
जैव विविधता – 3 स्तर
इन-सीटू – प्राकृतिक आवास
एक्स-सीटू – आवास के बाहर
जैवमंडल आरक्षित – 3 क्षेत्र
जिम कॉर्बेट – पहला राष्ट्रीय
उद्यान
सुंदरवन – रॉयल बंगाल टाइगर
काजीरंगा – एक सींग वाला
गैंडा
वन्यजीव अधिनियम – 1972
जैव विविधता अधिनियम – 2002
प्रोजेक्ट टाइगर – 1973
प्रोजेक्ट एलिफेंट – 1992
IUCN – लाल सूची
CITES – 1973
पर्यावरण दिवस – 5 जून
वन्यजीव दिवस – 3 मार्च
केंद्रीय क्षेत्र – पूर्णतः
प्रतिबंधित