अंतःस्रावी ग्रंथियाँ एवं हार्मोन

NCERT Based · Exam Special
हार्मोन – अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ जो शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करते हैं – NCERT
हार्मोन का परिवहन – रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाए जाते हैं – NCERT
हार्मोन की प्रकृति – बहुत कम मात्रा में प्रभावी होते हैं – NCERT
हार्मोन का नियंत्रण – शरीर की वृद्धि, चयापचय, प्रजनन एवं अन्य क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं – NCERT
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands) – नलिकाविहीन ग्रंथियाँ जो हार्मोन सीधे रक्त में स्रावित करती हैं – NCERT
मुख्य अंतःस्रावी ग्रंथियाँ – पिट्यूटरी, थायरॉयड, अधिवृक्क, अग्न्याशय, वृषण, अंडाशय – NCERT
एक्सोक्राइन ग्रंथियाँ – नलिकाओं वाली ग्रंथियाँ (जैसे लार ग्रंथि, स्वेद ग्रंथि) – हार्मोन नहीं स्रावित करतीं – NCERT
पिट्यूटरी ग्रंथि – मस्तिष्क के आधार पर स्थित – मास्टर ग्रंथि कहलाती है – बार-बार
पिट्यूटरी का कार्य – अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है – NCERT
वृद्धि हार्मोन – पिट्यूटरी द्वारा स्रावित – शरीर की वृद्धि को नियंत्रित करता है – NCERT
वृद्धि हार्मोन की कमी – बौनापन (Dwarfism) हो सकता है – NCERT
वृद्धि हार्मोन की अधिकता – अतिवृद्धि (Gigantism) हो सकती है – NCERT
पिट्यूटरी एवं यौवनारंभ – यौवनारंभ की शुरुआत को नियंत्रित करती है – NCERT
थायरॉयड ग्रंथि – गर्दन में स्थित – थायरॉक्सिन हार्मोन स्रावित करती है – NCERT
थायरॉक्सिन – चयापचय (metabolism) एवं शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक – बार-बार
आयोडीन – थायरॉक्सिन निर्माण के लिए आवश्यक – आयोडीन युक्त नमक का सेवन जरूरी – NCERT
घेघा (Goitre) – आयोडीन की कमी से थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना – बार-बार
थायरॉक्सिन की कमी – बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक विकास बाधित हो सकता है – NCERT
अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) – गुर्दे के ऊपर स्थित – NCERT
एड्रीनलीन – अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित – तनाव एवं आपात स्थिति में सक्रिय – बार-बार
एड्रीनलीन का प्रभाव – हृदय गति बढ़ना, साँस तेज होना, मांसपेशियों में रक्त प्रवाह बढ़ना – NCERT
फाइट-ऑर-फ्लाइट – एड्रीनलीन शरीर को आपात स्थिति के लिए तैयार करता है – NCERT
अग्न्याशय (Pancreas) – इंसुलिन हार्मोन स्रावित करता है – NCERT
इंसुलिन – रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करता है – बार-बार
मधुमेह (Diabetes) – इंसुलिन की कमी या अनुपस्थिति से रक्त में शर्करा बढ़ जाती है – NCERT
अग्न्याशय की विशेषता – अंतःस्रावी एवं बहिःस्रावी दोनों प्रकार की ग्रंथि है – NCERT
वृषण (Testes) – लड़कों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन स्रावित करते हैं – NCERT
टेस्टोस्टेरोन – लड़कों के द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास करता है – बार-बार
टेस्टोस्टेरोन के प्रभाव – दाढ़ी-मूँछ, आवाज़ भारी होना, मांसपेशियों का विकास – NCERT
अंडाशय (Ovaries) – लड़कियों में एस्ट्रोजन हार्मोन स्रावित करते हैं – NCERT
एस्ट्रोजन – लड़कियों के द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास करता है – बार-बार
एस्ट्रोजन के प्रभाव – स्तनों का विकास, कूल्हों का चौड़ा होना – NCERT
प्रोजेस्टेरोन – अंडाशय द्वारा स्रावित – गर्भावस्था को बनाए रखने में सहायक – NCERT
हार्मोनल संतुलन – शरीर के सही विकास एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक – NCERT
हार्मोन असंतुलन – वृद्धि, चयापचय एवं प्रजनन संबंधी विकार पैदा कर सकता है – NCERT
फीडबैक तंत्र – हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करने का शरीर का तंत्र – NCERT
यौवनारंभ एवं हार्मोन – लैंगिक हार्मोन यौवनारंभ के परिवर्तनों के लिए जिम्मेदार – NCERT
किशोरावस्था में हार्मोन – शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक परिवर्तनों का मुख्य कारण – NCERT
हार्मोन की कमी/अधिकता – रोग उत्पन्न कर सकती है (जैसे घेघा, मधुमेह, बौनापन) – NCERT
आयोडीन युक्त नमक – घेघा की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहित – NCERT
लिंग हार्मोन – वृषण एवं अंडाशय द्वारा स्रावित – द्वितीयक लैंगिक लक्षण नियंत्रित करते हैं – NCERT
हार्मोन की क्रिया – धीमी लेकिन लंबे समय तक प्रभाव डालती है – NCERT
अंतःस्रावी तंत्र – सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों का सामूहिक तंत्र – NCERT
लक्ष्य अंग – हार्मोन जिस अंग या ऊतक पर कार्य करता है – NCERT
रक्त में हार्मोन – बहुत कम सांद्रता में मौजूद होते हैं फिर भी प्रभावी – NCERT
चिकित्सकीय उपयोग – कुछ हार्मोन दवा के रूप में दिए जाते हैं (जैसे इंसुलिन) – NCERT
जन्म के समय – हार्मोन जन्म से ही शरीर में कार्य करते हैं – NCERT
तनाव हार्मोन – एड्रीनलीन को तनाव हार्मोन भी कहते हैं – NCERT
रक्त शर्करा नियंत्रण – इंसुलिन द्वारा – NCERT
हड्डियों की वृद्धि – वृद्धि हार्मोन एवं थायरॉक्सिन दोनों महत्वपूर्ण – NCERT
हार्मोन → रासायनिक संदेशवाहक
पिट्यूटरी → मास्टर ग्रंथि
थायरॉक्सिन → थायरॉयड (चयापचय)
एड्रीनलीन → अधिवृक्क (तनाव)
इंसुलिन → अग्न्याशय (शर्करा)
टेस्टोस्टेरोन → वृषण
एस्ट्रोजन → अंडाशय
घेघा → आयोडीन की कमी
मधुमेह → इंसुलिन की कमी
बौनापन → वृद्धि हार्मोन की कमी
अंतःस्रावी → नलिकाविहीन
आयोडीन युक्त नमक → घेघा रोकथाम

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण NCERT तथ्य (Quick Revision)

हार्मोन – रासायनिक संदेशवाहक
पिट्यूटरी – मास्टर ग्रंथि
थायरॉक्सिन – थायरॉयड (चयापचय)
एड्रीनलीन – अधिवृक्क (तनाव)
इंसुलिन – अग्न्याशय (शर्करा)
टेस्टोस्टेरोन – वृषण
एस्ट्रोजन – अंडाशय
घेघा – आयोडीन की कमी
मधुमेह – इंसुलिन की कमी
बौनापन – वृद्धि हार्मोन की कमी
अंतःस्रावी – नलिकाविहीन
आयोडीन नमक – घेघा रोकथाम
लैंगिक हार्मोन – द्वितीयक लक्षण
संतुलन – स्वास्थ्य के लिए जरूरी
रक्त – हार्मोन का परिवहन
यौवनारंभ – हार्मोन नियंत्रित