प्राकृतिक परिघटनाएँ

Natural Phenomena
प्रतियोगी परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण 50+ facts
प्राकृतिक परिघटनाएँ – प्रकृति में स्वतः घटित होने वाली घटनाएँ।
उदाहरण: बिजली, भूकंप, चक्रवात, सुनामी, ज्वालामुखी आदि।
बिजली – बादलों में धनात्मक एवं ऋणात्मक आवेशों के पृथक्करण एवं संचय से उत्पन्न होती है।
तड़ित अत्यधिक शक्तिशाली विद्युत विसर्जन है – वायुमंडलीय विद्युत का परिणाम।
बिजली की चमक का तापमान ≈ 30,000°C (सूर्य की सतह से 5 गुना अधिक गर्म)।
प्रकाश की गति (3×10⁸ m/s) ध्वनि की गति (340 m/s) से अधिक → पहले चमक, फिर गर्जन।
चमक के बाद सुनाई देने वाली ध्वनि → गर्जन (Thunder)।
तड़ित चालक (Lightning Conductor) का आविष्कार → बेंजामिन फ्रैंकलिन
फ्रैंकलिन ने पतंग प्रयोग द्वारा सिद्ध किया – बिजली विद्युत का ही रूप है।
तड़ित चालक भवनों को बिजली गिरने से बचाता है।
सुरक्षा: खुले मैदान में न खड़े रहें, पेड़ के नीचे शरण न लें, धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
रबर विद्युत का कुचालक है। मोबाइल से अधिक खतरा खुले क्षेत्र में खड़े होने का है।
पृथ्वी एक विशाल विद्युत उदासीन (Neutral) पिंड मानी जाती है।
भूकंप – पृथ्वी की पर्पटी/ विवर्तनिक प्लेटों की गति या अचानक ऊर्जा मुक्त होने से।
स्थलमंडल (Lithosphere) कई विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित; प्लेटों के टकराने, खिसकने या अलग होने से भूकंप।
भूकंप अध्ययन → सिस्मोलॉजी (Seismology); वैज्ञानिक → सिस्मोलॉजिस्ट।
मापने का यंत्र → सिस्मोग्राफ; अभिलेख → सिस्मोग्राम
तीव्रता → रिक्टर पैमाना (Richter Scale)। मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल (Mw) भी उपयोग होता है।
रिक्टर पैमाने में प्रत्येक एकांक वृद्धि ऊर्जा में 32 गुना वृद्धि दर्शाती है।
उद्गम केंद्र (पृथ्वी के भीतर) → हाइपोसेन्टर / Focus।
सतह पर ठीक ऊपर बिंदु → अधिकेंद्र / Epicentre – यहाँ प्रभाव सर्वाधिक।
7 या अधिक तीव्रता का भूकंप अत्यंत विनाशकारी हो सकता है।
भारत – 4 भूकंपीय क्षेत्र (Zone II, III, IV, V)। Zone-V सर्वाधिक संभावित (कश्मीर, उत्तर-पूर्व, हिमाचल, उत्तराखंड)।
हिमालयी क्षेत्र – भारत का सर्वाधिक भूकंप संवेदनशील क्षेत्र।
भारत का भूकंप मापन नेटवर्क – IMD (भारतीय मौसम विभाग) संचालित करता है।
महत्वपूर्ण: 1905 कांगड़ा, 2001 भुज (गुजरात), 2015 नेपाल भूकंप।
पृथ्वी पर प्रतिदिन ≈ 8,000 भूकंप दर्ज; अधिकांश महासागरों में।
सुरक्षा: भूकंप के समय लिफ्ट का उपयोग न करें
सुनामी – जापानी शब्द; “सु” = बंदरगाह, “नामी” = लहर → “बंदरगाह की लहर” (Harbour Wave)।
प्रमुख कारण: समुद्र तल के नीचे भूकंप; ज्वालामुखी विस्फोट एवं समुद्री भूस्खलन भी।
खुले समुद्र में गति 800 किमी/घंटा तक; सामान्य लहरों से अधिक ऊँची एवं विनाशकारी।
26 दिसम्बर 2004 की सुनामी – भारतीय महासागर क्षेत्र की सबसे विनाशकारी (सुमात्रा के निकट 9.1 तीव्रता)।
भारत में सबसे अधिक प्रभावित: अंडमान-निकोबार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश
भारत का सुनामी चेतावनी केंद्र → INCOIS, हैदराबाद
चक्रवात – निम्न वायुदाब केंद्र के चारों ओर तेज गति से घूमने वाली हवाएँ। उष्णकटिबंधीय महासागरों में बनते हैं।
शांत केंद्र → आँख (Eye); चारों ओर Eyewall – यहाँ सबसे तेज हवाएँ।
उत्तरी गोलार्ध → वामावर्त (Anticlockwise); दक्षिणी → दक्षिणावर्त (Clockwise)।
कोरिओलिस बल – महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्षेत्रीय नाम: हिंद महासागर → Cyclone, अटलांटिक → Hurricane, प्रशांत → Typhoon।
बंगाल की खाड़ी में अरब सागर की अपेक्षा अधिक चक्रवात बनते हैं।
ओडिशा – भारत का सर्वाधिक चक्रवात प्रभावित राज्य।
महत्वपूर्ण: 1999 सुपर साइक्लोन (ओडिशा), 2019 फानी (ओडिशा)।
गति 119 किमी/घंटा से अधिक; भारी वर्षा एवं बाढ़ लाते हैं।
निगरानी: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)।
चक्रवात नामकरण – विश्व मौसम संगठन (WMO) द्वारा स्वीकृत।
पूर्व चेतावनी प्रणाली से जान-माल की हानि कम की जा सकती है।
पृथ्वी के अंदर पिघली चट्टानें → मैग्मा; सतह पर निकलने पर → लावा
पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा एवं मुख्यतः प्लेट सीमाओं का परिणाम।
प्रकार: सक्रिय (नियमित विस्फोट), निष्क्रिय (लंबे समय शांत), मृत (पुनः सक्रिय होने की संभावना बहुत कम)।
विस्फोट से राख, गैसें एवं लावा निकलता है।
ज्वालामुखीय मिट्टी कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ होती है।
विश्व का ≈ 75% सक्रिय ज्वालामुखी – प्रशांत महासागर के चारों ओर “Ring of Fire” में।
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखीबैरन द्वीप (अंडमान-निकोबार) / बंगाल की खाड़ी।
तड़ित चालक के आविष्कारक / बिजली को विद्युत सिद्ध करने वाले → बेंजामिन फ्रैंकलिन
भूकंप मापने का यंत्र → सिस्मोग्राफ
भूकंप का अध्ययन → सिस्मोलॉजी
भूकंप का केंद्र → हाइपोसेन्टर (Focus)
सतह पर केंद्र का बिंदु / सर्वाधिक प्रभाव → एपिसेंटर
भूकंप मापने का पैमाना → रिक्टर स्केल
भारत का सर्वाधिक भूकंप संभावित क्षेत्र → Zone-V
हिमालय क्षेत्र प्रसिद्ध है → भूकंपीय गतिविधियों के लिए
सुनामी शब्द की उत्पत्ति → जापानी भाषा
सुनामी चेतावनी केंद्र (भारत) → INCOIS, हैदराबाद
2004 की सुनामी का कारण → सुमात्रा के निकट समुद्री भूकंप (26 दिसम्बर 2004)
चक्रवात का शांत भाग → Eye
Hurricane → अटलांटिक | Typhoon → प्रशांत | Cyclone → हिंद महासागर
भारत का सक्रिय ज्वालामुखी → बैरन द्वीप (अंडमान-निकोबार)
प्रशांत महासागर का ज्वालामुखीय क्षेत्र → Ring of Fire
पृथ्वी के अंदर पिघला पदार्थ → मैग्मा | सतह पर → लावा

प्रतियोगी परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य

तड़ित चालक – बेंजामिन फ्रैंकलिन
भूकंप मापन – सिस्मोग्राफ
भूकंप अध्ययन – सिस्मोलॉजी
रीक्टर स्केल – भूकंप तीव्रता
सर्वाधिक भूकंप Zone – Zone-V (भारत)
सुनामी शब्द – जापानी
सुनामी चेतावनी – INCOIS, हैदराबाद
चक्रवात का शांत भाग – Eye
Cyclone – हिंद महासागर
भारत का सक्रिय ज्वालामुखी – बैरन द्वीप