जमीनी स्तर का लोकतंत्र
Polity · Exam Special · NCERTजमीनी स्तर का लोकतंत्र – गाँव एवं शहर के स्तर पर जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी वाली शासन व्यवस्था – NCERT।
स्थानीय स्वशासन – स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय लोगों द्वारा – NCERT।
महत्व – लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करना, सत्ता का विकेंद्रीकरण, जनभागीदारी बढ़ाना – NCERT।
गांधीजी का दृष्टिकोण – ग्राम स्वराज – गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने का आदर्श –
संविधान में स्थान – मूल संविधान में स्थानीय शासन राज्य सूची का विषय था – NCERT।
बलवंत राय मेहता समिति (1957) – लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश – त्रि-स्तरीय पंचायती राज –
प्रथम पंचायती राज – 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में उद्घाटन –
अशोक मेहता समिति (1977-78) – द्वि-स्तरीय प्रणाली की सिफारिश – NCERT।
जी.वी.के. राव समिति (1985) – जिला स्तर को मजबूत करने की सिफारिश – NCERT।
एल.एम. सिंघवी समिति (1986) – पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देने की सिफारिश –
73वाँ संविधान संशोधन – 1992 में पारित, 24 अप्रैल 1993 से लागू –
74वाँ संविधान संशोधन – 1992 में पारित, 1 जून 1993 से लागू – नगरीय निकायों के लिए –
73वाँ संशोधन – पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा – भाग IX जोड़ा गया –
अनुच्छेद – 243 से 243O तक – NCERT।
11वीं अनुसूची – पंचायतों के 29 विषय (कृषि, भूमि सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि) –
त्रि-स्तरीय संरचना – ग्राम पंचायत, पंचायत समिति (ब्लॉक/मध्यवर्ती), जिला परिषद –
ग्राम सभा – गाँव के सभी वयस्क मतदाताओं की सभा – पंचायती राज की नींव –
कार्यकाल – 5 वर्ष – NCERT।
आरक्षण – अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए जनसंख्या के अनुपात में + महिलाओं के लिए 1/3 (अब कई राज्यों में 50%) –
राज्य निर्वाचन आयोग – पंचायत चुनाव कराने के लिए – NCERT।
राज्य वित्त आयोग – प्रत्येक 5 वर्ष में गठित – संसाधन वितरण के लिए – NCERT।
ग्राम पंचायत – गाँव स्तर की संस्था – सबसे निचला स्तर – NCERT।
सरपंच – ग्राम पंचायत का प्रमुख – प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निर्वाचित – NCERT।
ग्राम पंचायत के कार्य – स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, लघु सिंचाई – NCERT।
पंचायत समिति – मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक/तालुका) – कई ग्राम पंचायतों का समूह – NCERT।
जिला परिषद – जिला स्तर की सर्वोच्च पंचायत संस्था – NCERT।
जिला परिषद के कार्य – पंचायत समितियों का समन्वय, जिला स्तरीय योजनाएँ, माध्यमिक शिक्षा, अस्पताल – NCERT।
जिलाधिकारी / CEO – जिला परिषद का प्रशासनिक प्रमुख अक्सर – NCERT।
ग्राम सभा – गाँव के सभी पंजीकृत मतदाताओं की संस्था –
शक्तियाँ – पंचायत के कार्यों पर नियंत्रण, योजनाओं का अनुमोदन, लाभार्थियों का चयन – NCERT।
बैठक – वर्ष में कम से कम 2-4 बार (राज्य अनुसार) – NCERT।
महत्व – प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण – जमीनी स्तर पर जवाबदेही – NCERT।
74वाँ संशोधन – नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा – भाग IXA –
अनुच्छेद – 243P से 243ZG – NCERT।
12वीं अनुसूची – नगरपालिकाओं के 18 विषय –
नगरीय निकायों के प्रकार – नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद, नगर निगम – NCERT।
नगर पंचायत – संक्रमणशील क्षेत्र (गाँव से शहर) – NCERT।
नगरपालिका परिषद – छोटे शहरों के लिए – NCERT।
नगर निगम – बड़े शहरों के लिए – मेयर प्रमुख – NCERT।
वार्ड समिति – बड़े शहरों में वार्ड स्तर पर – NCERT।
महिला आरक्षण – नगरीय निकायों में भी 1/3 (कई राज्यों में 50%) – NCERT।
अनिवार्य कार्य – पेयजल, स्वच्छता, सड़क, स्ट्रीट लाइट, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य – NCERT।
ऐच्छिक कार्य – पार्क, पुस्तकालय, खेल सुविधाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम – NCERT।
विकास योजनाएँ – स्थानीय स्तर पर योजना बनाना एवं क्रियान्वयन – NCERT।
सामाजिक न्याय – कमजोर वर्गों के कल्याण की योजनाएँ – NCERT।
कर वसूली – संपत्ति कर, जल कर, बाजार शुल्क आदि – NCERT।
आय के स्रोत – स्थानीय कर, राज्य सरकार से अनुदान, केन्द्र प्रायोजित योजनाएँ – NCERT।
राज्य वित्त आयोग – पंचायतों एवं नगरपालिकाओं को वित्तीय संसाधन आवंटित करने की सिफारिश – NCERT।
केंद्रीय वित्त आयोग – भी स्थानीय निकायों के लिए सिफारिशें करता है – NCERT।
समस्या – अपर्याप्त वित्तीय संसाधन – कई पंचायतें निर्भर – NCERT।
महिला आरक्षण – 73वें एवं 74वें संशोधन में 1/3 आरक्षण – कई राज्यों में 50% तक बढ़ाया –
प्रभाव – लाखों महिलाएँ सरपंच/सदस्य बनीं – सशक्तिकरण – NCERT।
SC/ST आरक्षण – जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित – NCERT।
पिछड़ा वर्ग – कई राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी आरक्षण – NCERT।
चुनौतियाँ – अपर्याप्त संसाधन, अफसरशाही का दखल, जागरूकता की कमी, पति-प्रॉक्सी (सरपंचपति) – NCERT।
क्षमता निर्माण – प्रशिक्षण एवं जागरूकता आवश्यक – NCERT।
उपलब्धियाँ – महिलाओं की भागीदारी, स्थानीय विकास, सेवाओं की पहुँच – NCERT।
लोकतंत्र का सशक्तिकरण – सत्ता का विकेंद्रीकरण – जनता तक शासन पहुँचाना – NCERT।
24 अप्रैल – राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस –
अनुसूचित क्षेत्रों में – पेसा अधिनियम (PESA) 1996 – आदिवासी क्षेत्रों में विशेष प्रावधान –
PESA – पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम – ग्राम सभा को विशेष शक्तियाँ – NCERT।
नगर एवं ग्राम योजना – स्थानीय निकाय विकास योजना बनाते हैं – NCERT।
ई-गवर्नेंस – कई राज्यों में पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाएँ – महत्वपूर्ण।
समिति प्रणाली – ग्राम पंचायत में उत्पादन, सामाजिक न्याय, स्वच्छता आदि समितियाँ – NCERT।
निर्वाचन – गुप्त मतदान द्वारा – राज्य निर्वाचन आयोग के अधीन – NCERT।
अयोग्यता – राज्य कानून के अनुसार – NCERT।
सशक्तिकरण का सूचक – स्थानीय निकाय जितने मजबूत, लोकतंत्र उतना ही मजबूत – NCERT।
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
बलवंत राय मेहता – 1957, त्रि-स्तरीय
प्रथम उद्घाटन – 2 अक्टूबर 1959, नागौर
73वाँ संशोधन – 1992 (24 अप्रैल 1993)
74वाँ संशोधन – 1992 (नगरीय)
11वीं अनुसूची – 29 विषय
12वीं अनुसूची – 18 विषय
त्रि-स्तरीय – ग्राम, समिति, जिला परिषद
ग्राम सभा – प्रत्यक्ष लोकतंत्र
महिला आरक्षण – 1/3 (कई राज्यों में 50%)
नगर निगम – बड़े शहर
नगर पंचायत – संक्रमणशील क्षेत्र
राज्य वित्त आयोग – 5 वर्ष में
PESA 1996 – अनुसूचित क्षेत्र
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस – 24 अप्रैल
सिंघवी समिति – संवैधानिक दर्जा
गांधीजी – ग्राम स्वराज
सरपंच – ग्राम पंचायत प्रमुख
कार्यकाल – 5 वर्ष
राज्य निर्वाचन आयोग – चुनाव कराने हेतु
सत्ता विकेंद्रीकरण – मुख्य लक्ष्य