स्थलरूप एवं जीवन
Geography · Exam Special · NCERTस्थलरूप (Landforms) – पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले प्राकृतिक स्वरूप जैसे पर्वत, पठार, मैदान, घाटी आदि – NCERT।
स्थलरूपों का निर्माण – आंतरिक बल (ज्वालामुखी, भूकंप, प्लेट विवर्तनिकी) एवं बाह्य बल (अपरदन, निक्षेपण) से – NCERT।
मुख्य स्थलरूप – पर्वत, पठार एवं मैदान – मानव जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं – NCERT।
स्थलरूप एवं जीवन – स्थलरूप मानव के रहन-सहन, कृषि, परिवहन, अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति को निर्धारित करते हैं – NCERT।
पर्वत – उच्च एवं खड़ी ढाल वाली प्राकृतिक ऊँचाई – सामान्यतः 600 मीटर से अधिक – NCERT।
पर्वतों के प्रकार – वलित (Fold), ब्लॉक (Block), ज्वालामुखी (Volcanic) एवं अवशिष्ट (Residual) पर्वत – NCERT।
वलित पर्वत – पृथ्वी की परत के मुड़ने से बने – सबसे ऊँचे एवं नवीनतम (हिमालय, आल्प्स, एंडीज) –
ब्लॉक पर्वत – भ्रंश (Fault) के कारण बने – जैसे वोस्जेस (फ्रांस), ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी), विंध्य-सतपुड़ा – NCERT।
ज्वालामुखी पर्वत – लावा के जमाव से बने – किलिमंजारो, फूजीयामा, माउंट एटना – NCERT।
अवशिष्ट पर्वत – अपरदन से बचे हुए पुराने पर्वत – अरावली, नीलगिरि, राजमहल पहाड़ियाँ –
हिमालय – विश्व की सबसे ऊँची एवं नवीनतम वलित पर्वत श्रृंखला – युवा पर्वत – NCERT।
अरावली – भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला – अवशिष्ट पर्वत –
पश्चिमी घाट – सह्याद्रि – जैव विविधता हॉटस्पॉट – NCERT।
पूर्वी घाट – विच्छिन्न एवं कम ऊँचाई वाले – NCERT।
पर्वतों पर जीवन – कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ – कम जनसंख्या घनत्व – NCERT।
कृषि – सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) – चावल, मक्का, आलू, सेब, चाय – NCERT।
पशुपालन – भेड़, बकरी, याक पालन – ऊन, मांस, दूध – NCERT।
वन संसाधन – इमारती लकड़ी, जड़ी-बूटी, फल – आजीविका का मुख्य स्रोत – NCERT।
पर्यटन – प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थल, साहसिक पर्यटन – आय का महत्वपूर्ण स्रोत – NCERT।
जल विद्युत – तीव्र ढाल वाली नदियों से बिजली उत्पादन – NCERT।
परिवहन की कठिनाई – सड़क एवं रेल निर्माण महंगा एवं कठिन – सुरंग एवं पुल की आवश्यकता – NCERT।
जलवायु प्रभाव – ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है – स्वास्थ्य के लिए अनुकूल (हिल स्टेशन) – NCERT।
प्राकृतिक आपदाएँ – भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप का अधिक खतरा – NCERT।
सांस्कृतिक प्रभाव – अलग-अलग जनजातियाँ, भाषाएँ, रीति-रिवाज – NCERT।
उदाहरण – हिमालय में गढ़वाल, कुमाऊँ, लद्दाख, सिक्किम की जीवनशैली – NCERT।
पठार – ऊँची एवं सपाट भूमि – आसपास की भूमि से ऊपर उठी हुई – NCERT।
पठार की विशेषता – चौड़ी चोटी, खड़ी ढाल किनारे – NCERT।
पठारों के प्रकार – अंतरपर्वतीय, पpiedmont एवं Contingental (महाद्वीपीय) पठार – NCERT।
दक्कन का पठार – भारत का सबसे बड़ा पठार – प्राचीनतम स्थलखंड –
छोटा नागपुर पठार – खनिज संपन्न – कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट –
मालवा का पठार – मध्य प्रदेश – काली मिट्टी – NCERT।
तिब्बत का पठार – विश्व का सबसे ऊँचा पठार – “विश्व की छत” –
दक्कन ट्रैप – ज्वालामुखीय बेसाल्ट चट्टानें – काली मिट्टी का स्रोत – NCERT।
खनिज संसाधन – पठार खनिजों से समृद्ध – खनन उद्योग का विकास – NCERT।
कृषि – कम उपजाऊ मिट्टी वाले भागों में सीमित कृषि – काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में कपास, गन्ना – NCERT।
पशुपालन – चरागाह उपलब्ध – पशुपालन महत्वपूर्ण – NCERT।
जलविद्युत – नदियों के प्रपात से बिजली – जैसे जोग फॉल्स – NCERT।
बसावट – मध्यम जनसंख्या घनत्व – खनन एवं औद्योगिक नगरों का विकास – NCERT।
परिवहन – अपेक्षाकृत आसान (मैदान से कम, पर्वत से अधिक) – NCERT।
उदाहरण – छोटा नागपुर में जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद जैसे औद्योगिक शहर – NCERT।
मैदान – समतल एवं निचली भूमि – नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से बने – NCERT।
मैदानों का निर्माण – मुख्यतः नदियों के निक्षेपण से (जलोढ़ मैदान) – NCERT।
भारत का उत्तरी मैदान – सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान – विश्व के सबसे बड़े जलोढ़ मैदानों में –
तटीय मैदान – पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय मैदान – NCERT।
पूर्वी तटीय मैदान – अधिक चौड़ा – महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी डेल्टा – NCERT।
पश्चिमी तटीय मैदान – संकीर्ण – मालाबार एवं कोंकण तट – NCERT।
जलोढ़ मिट्टी – मैदानों की सबसे उपजाऊ मिट्टी – NCERT।
कृषि – सबसे अनुकूल – गहन कृषि – गेहूँ, चावल, गन्ना, कपास, जूट – NCERT।
जनसंख्या – सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व – बसावट के लिए आदर्श –
परिवहन – सड़क, रेल, जलमार्ग का आसान विकास – NCERT।
उद्योग – कृषि आधारित उद्योगों का विकास – चीनी, वस्त्र, जूट – NCERT।
नगरीकरण – बड़े-बड़े शहर एवं महानगर – दिल्ली, कोलकाता, पटना, लखनऊ – NCERT।
सिंचाई – नहरों का जाल – कृषि उत्पादकता अधिक – NCERT।
बाढ़ का खतरा – नदियों की बाढ़ से नुकसान – NCERT।
सांस्कृतिक विकास – सभ्यताओं का उद्गम स्थल – सिंधु घाटी, गंगा घाटी सभ्यता – NCERT।
पर्वत vs मैदान – पर्वत: कम जनसंख्या, कठिन जीवन; मैदान: अधिक जनसंख्या, आसान जीवन – NCERT।
पठार की स्थिति – पर्वत एवं मैदान के बीच का संक्रमण – खनिज एवं सीमित कृषि – NCERT।
सबसे अधिक अनुकूल स्थलरूप – मैदान – मानव बसावट, कृषि एवं विकास के लिए –
सबसे कम अनुकूल – ऊँचे पर्वतीय क्षेत्र – कठोर जलवायु एवं दुर्गम भूभाग – NCERT।
भारत में स्थलरूप वितरण – उत्तर में हिमालय, मध्य में मैदान, दक्षिण में पठार – NCERT।
आर्थिक महत्व – मैदान: कृषि; पठार: खनिज; पर्वत: वन, पर्यटन, जलविद्युत – NCERT।
सीढ़ीदार खेती – पर्वतीय क्षेत्रों में मिट्टी एवं जल संरक्षण हेतु –
डेल्टा – नदियों के मुहाने पर मैदान का विस्तार – गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा – NCERT।
दोआब – दो नदियों के बीच का मैदानी क्षेत्र – गंगा-यमुना दोआब प्रसिद्ध – NCERT।
तराई – शिवालिक के दक्षिण में दलदली मैदान – NCERT।
भाबर – शिवालिक के गिरिपद में कंकरीली भूमि – NCERT।
नदी द्वारा निर्मित स्थलरूप – V-आकार घाटी, जलप्रपात, बाढ़ मैदान, डेल्टा, प्राकृतिक तटबंध – NCERT।
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
वलित पर्वत – हिमालय, आल्प्स
अवशिष्ट पर्वत – अरावली
ब्लॉक पर्वत – विंध्य-सतपुड़ा
ज्वालामुखी पर्वत – किलिमंजारो
दक्कन पठार – सबसे बड़ा (भारत)
तिब्बत पठार – विश्व का सबसे ऊँचा
छोटा नागपुर – खनिज भंडार
उत्तरी मैदान – जलोढ़, सबसे उपजाऊ
गंगा डेल्टा – विश्व का सबसे बड़ा
मैदान – सर्वाधिक जनसंख्या
पर्वत – कम जनसंख्या घनत्व
सीढ़ीदार खेती – पर्वतीय क्षेत्र
पठार – खनन उद्योग
मैदान – गहन कृषि + नगरीकरण
दोआब – दो नदियों के बीच
भाबर-तराई – शिवालिक गिरिपद
सबसे अनुकूल – मैदान
आर्थिक आधार – मैदान: कृषि, पठार: खनिज, पर्वत: पर्यटन/वन
हिमालय – युवा वलित पर्वत
अरावली – सबसे पुरानी