पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण
Geography · Exam Special · NCERTग्लोब – पृथ्वी का त्रि-आयामी (3D) मॉडल – सबसे सटीक प्रतिनिधित्व – NCERT।
पृथ्वी की आकृति – लगभग गोलाकार (Oblate Spheroid) – ध्रुवों पर चपटी, विषुवत रेखा पर उभरी – NCERT।
अक्ष (Axis) – पृथ्वी का काल्पनिक घूर्णन अक्ष – उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव को जोड़ता है – NCERT।
पृथ्वी का घूर्णन – पश्चिम से पूर्व दिशा में – 24 घंटे में एक चक्कर – NCERT।
स्थान निर्धारण – किसी स्थान की स्थिति अक्षांश एवं देशांतर की सहायता से बताई जाती है – NCERT।
अक्षांश – विषुवत रेखा से उत्तर या दक्षिण में किसी स्थान की कोणीय दूरी – डिग्री में मापी जाती है – NCERT।
विषुवत रेखा (Equator) – 0° अक्षांश – पृथ्वी को उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्ध में बाँटती है – सबसे लंबी अक्षांश रेखा –
उत्तरी ध्रुव – 90° उत्तरी अक्षांश – NCERT।
दक्षिणी ध्रुव – 90° दक्षिणी अक्षांश – NCERT।
कर्क रेखा (Tropic of Cancer) – 23½° उत्तरी अक्षांश –
मकर रेखा (Tropic of Capricorn) – 23½° दक्षिणी अक्षांश –
आर्कटिक वृत्त – 66½° उत्तरी अक्षांश – NCERT।
अंटार्कटिक वृत्त – 66½° दक्षिणी अक्षांश – NCERT।
अक्षांश रेखाओं की विशेषता – समानांतर होती हैं, विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर लंबाई घटती है – NCERT।
भारत का अक्षांशीय विस्तार – 8°4'N से 37°6'N – NCERT।
कर्क रेखा भारत में – 8 राज्यों से गुजरती है – गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम –
ऊष्मा कटिबंध – अक्षांश के आधार पर पृथ्वी के तीन प्रमुख ऊष्मा क्षेत्र – NCERT।
उष्ण कटिबंध (Torrid Zone) – कर्क रेखा से मकर रेखा के बीच – सबसे अधिक गर्मी – NCERT।
शीतोष्ण कटिबंध (Temperate Zone) – कर्क/मकर रेखा से आर्कटिक/अंटार्कटिक वृत्त तक – मध्यम तापमान – NCERT।
शीत कटिबंध (Frigid Zone) – आर्कटिक/अंटार्कटिक वृत्त से ध्रुवों तक – अत्यंत ठंडा – NCERT।
भारत की स्थिति – अधिकतर उष्ण कटिबंध एवं कुछ भाग शीतोष्ण कटिबंध में – NCERT।
देशांतर – प्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व या पश्चिम में किसी स्थान की कोणीय दूरी – NCERT।
प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) – 0° देशांतर – ग्रीनविच (लंदन) से गुजरती है –
देशांतर रेखाएँ – अर्धवृत्त होती हैं, ध्रुवों पर मिलती हैं, सभी समान लंबाई की – NCERT।
कुल देशांतर – 360° (180° पूर्व + 180° पश्चिम) – NCERT।
भारत का देशांतरीय विस्तार – 68°7'E से 97°25'E – NCERT।
स्थान निर्धारण – अक्षांश + देशांतर = किसी स्थान की सटीक स्थिति – NCERT।
समय एवं देशांतर का संबंध – पृथ्वी 360° घूमने में 24 घंटे लेती है – 1° = 4 मिनट –
15° देशांतर – 1 घंटे का अंतर – NCERT।
पूर्व की ओर – समय बढ़ता है (आगे) – NCERT।
पश्चिम की ओर – समय घटता है (पीछे) – NCERT।
ग्रीनविच माध्य समय (GMT) – प्रधान मध्याह्न रेखा का समय – विश्व का मानक – NCERT।
भारतीय मानक समय (IST) – 82½° पूर्वी देशांतर (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) – GMT से 5 घंटे 30 मिनट आगे –
भारत में एक ही समय – पूरे देश में IST लागू – पूर्वी एवं पश्चिमी छोर में लगभग 2 घंटे का प्राकृतिक अंतर – NCERT।
अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा – 180° देशांतर के पास – पार करने पर तिथि बदलती है – NCERT।
मानचित्र – पृथ्वी की सतह का समतल (2D) प्रतिनिधित्व – NCERT।
ग्लोब vs मानचित्र – ग्लोब सटीक पर असुविधाजनक; मानचित्र सुविधाजनक पर कुछ विकृति – NCERT।
मानचित्र के प्रकार – भौतिक, राजनीतिक, विषयगत (Thematic) – NCERT।
भौतिक मानचित्र – पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ, ऊँचाई दर्शाता है – NCERT।
राजनीतिक मानचित्र – देश, राज्य, शहर, सीमाएँ दर्शाता है – NCERT।
विषयगत मानचित्र – वर्षा, जनसंख्या, फसल, खनिज आदि किसी एक विषय पर – NCERT।
बड़े पैमाने का मानचित्र – कम क्षेत्र, अधिक विवरण (गाँव, शहर) – NCERT।
छोटे पैमाने का मानचित्र – अधिक क्षेत्र, कम विवरण (देश, महाद्वीप, विश्व) – NCERT।
मानचित्र के आवश्यक घटक – दूरी (पैमाना), दिशा, प्रतीक एवं रंग – NCERT।
पैमाना (Scale) – मानचित्र पर दूरी एवं वास्तविक दूरी का अनुपात –
पैमाने के प्रकार – कथन विधि, रेखीय पैमाना, प्रतिनिधि भिन्न (R.F.) – NCERT।
प्रतीक (Symbols) – मानचित्र पर वस्तुओं को दर्शाने के लिए पारंपरिक चिह्न – NCERT।
रंगों का उपयोग – नीला: जल, हरा: मैदान/वन, पीला: कृषि, भूरा: पर्वत – NCERT।
मानचित्र शीर्षक – मानचित्र किस क्षेत्र/विषय का है, बताता है – NCERT।
दिक्सूचक (Compass) – दिशा ज्ञात करने का उपकरण – NCERT।
चार मुख्य दिशाएँ – उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम (Cardinal Directions) – NCERT।
चार उप-दिशाएँ – उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम – NCERT।
सूर्य से दिशा ज्ञान – सूर्योदय = पूर्व, सूर्यास्त = पश्चिम – NCERT।
ध्रुवतारा (Pole Star) – रात्रि में उत्तर दिशा बताता है – उत्तरी गोलार्ध में –
दिक्सूचक की सुई – हमेशा चुंबकीय उत्तर की ओर इशारा करती है – NCERT।
मानचित्र पर दिशा – सामान्यतः ऊपर की ओर उत्तर माना जाता है – NCERT।
दिशा ज्ञान का महत्व – यात्रा, नौवहन, सैन्य, मानचित्र पठन में आवश्यक – NCERT।
अक्षांश एवं देशांतर का प्रतिच्छेदन – किसी स्थान का ग्रिड संदर्भ (Grid Reference) – NCERT।
1 डिग्री अक्षांश – लगभग 111 किमी – महत्वपूर्ण।
भारत की मानक मध्याह्न रेखा – 82°30'E – इलाहाबाद (प्रयागराज) के पास से गुजरती थी, अब मिर्जापुर –
मानचित्र कला (Cartography) – मानचित्र बनाने की कला एवं विज्ञान – NCERT।
टोहिनी (Sketch) – बिना पैमाने का rough नक्शा – NCERT।
योजना (Plan) – छोटे क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विस्तृत मानचित्र – NCERT।
उपग्रह चित्र एवं GIS – आधुनिक स्थान निर्धारण एवं मानचित्रण तकनीक – महत्वपूर्ण।
GPS – ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम – उपग्रहों द्वारा सटीक स्थान निर्धारण – महत्वपूर्ण।
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
विषुवत रेखा – 0° अक्षांश
कर्क रेखा – 23½°N
मकर रेखा – 23½°S
आर्कटिक वृत्त – 66½°N
प्रधान मध्याह्न – 0° (ग्रीनविच)
1° देशांतर – 4 मिनट
15° देशांतर – 1 घंटा
IST – 82½°E (GMT+5:30)
पूर्व दिशा – समय आगे
उष्ण कटिबंध – कर्क से मकर
शीतोष्ण – मध्यम तापमान
शीत कटिबंध – ध्रुवीय क्षेत्र
पैमाना – दूरी का अनुपात
बड़ा पैमाना – अधिक विवरण
ध्रुवतारा – उत्तर दिशा
चार मुख्य दिशा – N-S-E-W
भारत अक्षांश – 8°4'N–37°6'N
भारत देशांतर – 68°7'E–97°25'E
नीला रंग – जल
1° अक्षांश – ≈111 किमी