नए आरंभ : नगर एवं राज्य

History · Exam Special · NCERT
नए आरंभ – लौह युग की शुरुआत के साथ कृषि, नगर एवं राज्यों का विकास – लगभग 1000–600 ई.पू. – NCERT
लौह प्रौद्योगिकी – लोहे के औजार एवं हथियार – जंगलों की सफाई, गहन कृषि एवं सैन्य शक्ति में वृद्धि –
कृषि में परिवर्तन – लोहे के हल, रोपाई पद्धति, सिंचाई – अधिशेष उत्पादन – NCERT
अधिशेष का महत्व – नगरों, व्यापारियों, शासकों एवं सैनिकों के भरण-पोषण के लिए आवश्यक – NCERT
द्वितीय नगरीकरण – सिंधु सभ्यता के बाद भारत में नगरों का पुनः उदय (6वीं शताब्दी ई.पू.) –
जनपद – जन (लोग) + पद (पैर रखने का स्थान) – जनजाति के बसने का क्षेत्र – NCERT
महाजनपद – बड़े जनपद – 16 महाजनपद (बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय के अनुसार) –
16 महाजनपद – अंग, मगध, काशी, कोसल, वज्जि, मल्ल, चेदि, वत्स, कुरु, पांचाल, मत्स्य, शूरसेन, अस्मक, अवन्ति, गांधार, कंबोज –
अवस्थिति – अधिकतर गंगा घाटी एवं आसपास – उपजाऊ भूमि एवं नदियों के कारण – NCERT
राजतंत्र एवं गणराज्य – अधिकांश राजतंत्र, कुछ गण/संघ (वज्जि, मल्ल) – NCERT
गणराज्य (Republics) – शासक का चुनाव या सामूहिक निर्णय – राजा नहीं, बल्कि गणमुख्य – NCERT
वज्जि संघ – लिच्छवि प्रमुख – वैशाली राजधानी – प्रसिद्ध गणराज्य –
मगध – सबसे शक्तिशाली महाजनपद – बाद में साम्राज्य का केंद्र –
मगध की भौगोलिक लाभ – उपजाऊ भूमि, लोहे की खानें (दक्षिण बिहार), हाथी, गंगा-सोन नदियाँ – NCERT
प्रथम राजधानी – राजगृह (गिरिव्रज) – पहाड़ियों से सुरक्षित – NCERT
बाद की राजधानी – पाटलिपुत्र (पटना) – गंगा-सोन संगम पर –
बिंबिसार – हर्यक वंश – मगध का विस्तार – विवाह एवं विजय नीति – NCERT
अजातशत्रु – बिंबिसार का पुत्र – वज्जि संघ पर विजय – NCERT
महापद्मनंद – नंद वंश – विशाल सेना – मगध को साम्राज्य बनाया – NCERT
नंद वंश का अंत – चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा (चाणक्य की सहायता से) – NCERT
द्वितीय नगरीकरण के नगर – पाटलिपुत्र, राजगृह, वैशाली, श्रावस्ती, कौशांबी, उज्जैनी, तक्षशिला, चंपा – NCERT
नगरों की विशेषता – किलेबंदी, बाजार, शिल्पी बस्तियाँ, प्रशासनिक केंद्र – NCERT
कोट एवं प्राचीर – लकड़ी, ईंट या पत्थर की दीवारें – सुरक्षा के लिए – NCERT
शिल्प एवं उद्योग – लोहार, कुम्हार, बढ़ई, जौहरी, वस्त्र – श्रेणी (Guild) संगठन – NCERT
श्रेणी (Guilds) – शिल्पियों एवं व्यापारियों के संगठन – नियम, गुणवत्ता एवं मूल्य नियंत्रण – NCERT
मुद्रा का प्रचलन – पंचमार्क सिक्के (Punch-marked coins) – व्यापार को बढ़ावा –
व्यापार मार्ग – उत्तरापथ एवं दक्षिणापथ – तक्षशिला से पाटलिपुत्र एवं आगे – NCERT
बंदरगाह – भाड़ौच (भृगुकच्छ), तम्रलिप्ति – विदेशी व्यापार – NCERT
प्रारंभिक प्रशासन – राजा + पुरोहित + सैनिक + अधिकारी – NCERT
राजा की स्थिति – सेना एवं प्रशासन का प्रमुख – कर वसूली का अधिकार – NCERT
कर प्रणाली – भाग (फसल का हिस्सा), बलि, शुल्क – नियमित कर की शुरुआत – NCERT
सेना – स्थायी सेना का विकास – पैदल, रथ, हाथी, घोड़े – NCERT
दुर्ग – राजधानी की सुरक्षा – प्रशासन का केंद्र – NCERT
महामात्र / अमात्य – उच्च अधिकारी – विभिन्न विभागों का कार्यभार – NCERT
ग्राम प्रशासन – ग्रामिक / ग्राम प्रधान – गाँव स्तर पर व्यवस्था – NCERT
मौर्य साम्राज्य – चंद्रगुप्त मौर्य (लगभग 321 ई.पू.) – प्रथम विशाल साम्राज्य –
चाणक्य / कौटिल्य – अर्थशास्त्र के लेखक – प्रशासन का सैद्धांतिक आधार –
अर्थशास्त्र – राज्य, अर्थव्यवस्था, गुप्तचर, कर, कानून का ग्रंथ – NCERT
मौर्य प्रशासन की विशेषता – केंद्रीकृत, सुव्यवस्थित, गुप्तचर प्रणाली मजबूत – NCERT
प्रांत (जनपद/चक्र) – कुमार / आर्यपुत्र शासक – पाटलिपुत्र से नियंत्रण – NCERT
अशोक – धम्म नीति – कल्याणकारी प्रशासन – शिलालेखों में निर्देश – NCERT
अशोक के अधिकारी – धम्ममहामात्र – नैतिक एवं कल्याण कार्यों के लिए – NCERT
सार्वजनिक कार्य – सड़कें, कुएँ, विश्राम गृह, औषधालय – NCERT
कृषक वर्ग – अधिशेष उत्पादन का आधार – करदाता – NCERT
शिल्पी एवं व्यापारी – नगरों में केंद्रित – श्रेणियों में संगठित – NCERT
दास प्रथा – युद्ध बंदी, ऋण आदि से – घरेलू एवं कृषि कार्य – NCERT
वर्ण व्यवस्था – इस काल में कठोर होती गई – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र – NCERT
नए धार्मिक विचार – बौद्ध एवं जैन धर्म का उदय – वर्ण एवं यज्ञ की आलोचना – NCERT
नगरीय जीवन – विलासिता की वस्तुएँ, मनोरंजन, शिक्षा केंद्र – NCERT
बौद्ध साहित्य – अंगुत्तर निकाय, जातक कथाएँ – महाजनपदों का वर्णन – NCERT
जैन साहित्य – भगवती सूत्र आदि – समकालीन विवरण – NCERT
अर्थशास्त्र – कौटिल्य – प्रशासन एवं अर्थव्यवस्था का विस्तृत वर्णन – NCERT
मेगस्थनीज का इंडिका – चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार का विवरण – NCERT
पुरातात्विक साक्ष्य – पंचमार्क सिक्के, किलेबंदी, मिट्टी के बर्तन (NBPW) – NCERT
NBPW – Northern Black Polished Ware – इस काल की विशेषता – NCERT
अशोक के अभिलेख – प्रशासन, धम्म एवं सीमाओं का साक्ष्य – NCERT
राज्य का उदय – जनजातीय व्यवस्था से संगठित राज्य में संक्रमण – NCERT
नगरीकरण का प्रभाव – विशेषीकरण, व्यापार, सामाजिक स्तरीकरण – NCERT
राजनीतिक एकीकरण – मगध के नेतृत्व में बड़े साम्राज्य की नींव – NCERT
प्रशासनिक नवाचार – नियमित कर, स्थायी सेना, अधिकारी तंत्र – NCERT
सांस्कृतिक परिवर्तन – नए धर्म, नगरीय संस्कृति, शिक्षा केंद्र – NCERT
आधुनिक प्रासंगिकता – राज्य निर्माण, नगरीकरण एवं प्रशासन की जड़ें इसी काल में – NCERT
गंगा घाटी – द्वितीय नगरीकरण का मुख्य क्षेत्र – NCERT
लोहे की खानें – मगध की शक्ति का महत्वपूर्ण कारण – NCERT
हाथी – मगध की सेना का विशेष अंग – जंगलों से प्राप्त – NCERT
वैशाली – विश्व का प्रथम गणराज्य माना जाता है –
पाटलिपुत्र – मौर्य एवं बाद के कई वंशों की राजधानी – NCERT
उत्तरापथ – उत्तर-पश्चिम से पूर्व की ओर व्यापार मार्ग – NCERT
दक्षिणापथ – दक्षिण की ओर जाने वाला मार्ग – NCERT
नंद वंश की सेना – विशाल संख्या – यूनानी स्रोतों में उल्लेख – NCERT

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

द्वितीय नगरीकरण – 6वीं शताब्दी ई.पू.
लौह प्रौद्योगिकी – कृषि + सैन्य शक्ति
16 महाजनपद – अंगुत्तर निकाय
वज्जि – प्रसिद्ध गणराज्य
मगध – सबसे शक्तिशाली
राजगृह → पाटलिपुत्र – राजधानी
बिंबिसार-अजातशत्रु – हर्यक वंश
चाणक्य – अर्थशास्त्र
चंद्रगुप्त मौर्य – 321 ई.पू.
पंचमार्क सिक्के – व्यापार
श्रेणी – शिल्पी संगठन
भाग – फसल का कर
NBPW – विशेषता बर्तन
मेगस्थनीज – इंडिका
वैशाली – प्रथम गणराज्य
उत्तरापथ-दक्षिणापथ – व्यापार मार्ग
अधिशेष – नगर एवं राज्य का आधार
धम्ममहामात्र – अशोक
गणराज्य – सामूहिक शासन
लोहा + हाथी – मगध की शक्ति