साम्राज्यों का उदय
History · Exam Special · NCERTसाम्राज्य – कई जनपदों/राज्यों पर नियंत्रण रखने वाला विशाल राजनीतिक संगठन – NCERT।
उदय के कारण – लौह प्रौद्योगिकी, कृषि अधिशेष, व्यापार, सैन्य संगठन, कर प्रणाली एवं कुशल प्रशासन – NCERT।
मगध की भूमिका – भौगोलिक लाभ, लोहा, हाथी एवं नदियों के कारण प्रथम साम्राज्य का केंद्र बना –
साम्राज्य की विशेषताएँ – केंद्रीकृत प्रशासन, स्थायी सेना, नियमित कर, प्रांतीय शासन, राजमार्ग – NCERT।
मौर्य साम्राज्य – भारत का प्रथम विशाल साम्राज्य – 321 ई.पू. से 185 ई.पू. –
संस्थापक – चंद्रगुप्त मौर्य – चाणक्य (कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश का अंत –
राजधानी – पाटलिपुत्र – NCERT।
सेल्यूकस निकेटर से युद्ध – चंद्रगुप्त की विजय – संधि में भू-भाग एवं मैत्री – NCERT।
मेगस्थनीज – सेल्यूकस का दूत – इंडिका ग्रंथ –
बिंदुसार – विस्तार जारी – दक्षिण तक प्रभाव – NCERT।
अशोक – सबसे प्रसिद्ध मौर्य शासक – कलिंग युद्ध के बाद धम्म अपनाया –
कलिंग युद्ध – 261 ई.पू. – भारी विनाश – अशोक का हृदय परिवर्तन –
धम्म – अशोक की नीति – नैतिक जीवन, सहिष्णुता, अहिंसा, लोक कल्याण – NCERT।
अशोक के अभिलेख – शिलालेख, स्तंभ लेख, गुहा लेख – ब्राह्मी लिपि –
साम्राज्य विस्तार – अफगानिस्तान से कर्नाटक तक, पश्चिम में सौराष्ट्र, पूर्व में बंगाल – NCERT।
प्रशासन – केंद्रीकृत – प्रांत, जिले, गुप्तचर, धम्ममहामात्र – NCERT।
अर्थशास्त्र – कौटिल्य – राज्य व्यवस्था का सैद्धांतिक आधार – NCERT।
पतन – अशोक के बाद कमजोर उत्तराधिकारी – 185 ई.पू. में पुष्यमित्र शुंग द्वारा अंत – NCERT।
शुंग वंश – पुष्यमित्र शुंग – मौर्य के बाद – NCERT।
सातवाहन – दक्कन का शक्तिशाली वंश – गौतमीपुत्र शातकर्णि प्रसिद्ध – NCERT।
कुषाण साम्राज्य – कनिष्क – उत्तर-पश्चिम एवं मध्य एशिया तक – बौद्ध धर्म का प्रसार (महायान) –
कनिष्क – चौथी बौद्ध संगीति – गांधार कला का संरक्षण – NCERT।
चोल, चेर, पांड्य – संगम युग के दक्षिण भारतीय राज्य – बाद में साम्राज्य के रूप में विकसित – NCERT।
गुप्त साम्राज्य – स्वर्ण युग (Golden Age) – 4थी–6ठी शताब्दी ई. –
संस्थापक – श्रीगुप्त – वास्तविक शक्ति चंद्रगुप्त I से – NCERT।
चंद्रगुप्त I – महाराजाधिराज – लिच्छवि विवाह से शक्ति बढ़ी – NCERT।
समुद्रगुप्त – महान विजेता – प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण) – उत्तर एवं दक्षिण दोनों में विजय –
चंद्रगुप्त II (विक्रमादित्य) – स्वर्ण युग का शिखर – शकों पर विजय – उज्जैन को दूसरी राजधानी –
फाह्यान – चीनी यात्री – चंद्रगुप्त II के समय भारत भ्रमण – NCERT।
कुमारगुप्त – नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ा – NCERT।
स्कंदगुप्त – हूण आक्रमणों का सामना – NCERT।
प्रशासन – विकेंद्रीकृत तत्व – सामंत व्यवस्था की शुरुआत – NCERT।
स्वर्ण मुद्रा – उच्च गुणवत्ता के सोने के सिक्के – आर्थिक समृद्धि का प्रतीक – NCERT।
सांस्कृतिक योगदान – कालिदास, आर्यभट्ट, वरahamiहिर, नालंदा, मंदिर कला – NCERT।
पतन – हूण आक्रमण, आंतरिक कमजोरी, सामंतों का उदय – NCERT।
चोल साम्राज्य – दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली एवं दीर्घकालिक साम्राज्य –
विजयालय – चोल शक्ति का पुनरुत्थान – NCERT।
राजराज चोल I – साम्राज्य का विस्तार – श्रीलंका विजय – बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर) –
राजेंद्र चोल I – गंगईकोंडचोलपुरम – दक्षिण-पूर्व एशिया तक नौसैनिक अभियान –
नौसैनिक शक्ति – चोलों की सबसे बड़ी विशेषता – व्यापार एवं विजय – NCERT।
स्थानीय स्वशासन – उर, सभा, नगरम् – ग्राम सभाएँ अत्यंत संगठित – NCERT।
मंदिर – आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र – भूमि अनुदान – NCERT।
कांस्य मूर्तियाँ – नटराज की प्रसिद्ध मूर्तियाँ – NCERT।
विजयनगर साम्राज्य – 1336 ई. – हरिहर एवं बुक्का द्वारा स्थापना –
राजधानी – हम्पी (कर्नाटक) – यूनेस्को विश्व धरोहर – NCERT।
कृष्णदेवराय – सबसे प्रसिद्ध शासक – तुलुव वंश – साहित्य एवं वास्तुकला का संरक्षण –
अष्टदिग्गज – कृष्णदेवराय के दरबार के आठ प्रसिद्ध तेलुगु कवि – NCERT।
ताबलीकोटा / राक्षसी-तंगड़ी युद्ध (1565) – दक्कन सल्तनतों से पराजय – साम्राज्य का पतन शुरू –
प्रशासन – नायंकर प्रणाली – सैन्य सामंत – NCERT।
व्यापार – घोड़ों, मसालों, वस्त्रों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार – पुर्तगाली संपर्क – NCERT।
दिल्ली सल्तनत – 1206–1526 – गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी वंश – NCERT।
अलाउद्दीन खिलजी – बाजार नियंत्रण, दक्षिणी अभियान – NCERT।
मुगल साम्राज्य – 1526–1857 – बाबर से बहadur शाह जफर तक –
बाबर – पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) – लोदी वंश का अंत –
अकबर – सबसे महान मुगल – सुलह-ए-कुल, दीन-ए-इलाही, मनसबदारी, राजपूत नीति –
मनसबदारी प्रणाली – सैन्य एवं प्रशासनिक पद – जात एवं सवार – NCERT।
जहांगीर एवं शाहजहां – कला, वास्तुकला का चरम (ताजमहल) – NCERT।
औरंगजेब – साम्राज्य का सबसे अधिक विस्तार – परंतु विद्रोह एवं आर्थिक दबाव – NCERT।
पतन के कारण – उत्तराधिकार संघर्ष, नादिर शाह/अहमद शाह अब्दाली आक्रमण, क्षेत्रीय शक्तियों का उदय, ब्रिटिश हस्तक्षेप – NCERT।
हर्षवर्धन – 7वीं शताब्दी – कन्नौज केंद्र – उत्तर भारत का अंतिम बड़ा हिंदू साम्राज्य – NCERT।
पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट – त्रिपक्षीय संघर्ष – NCERT।
मराठा साम्राज्य – शिवाजी से पेशवा तक – मुगलों के बाद प्रमुख शक्ति – NCERT।
शिवाजी – हिंदवी स्वराज – गुरिल्ला युद्ध – प्रशासनिक सुधार –
सिख मिस्ल एवं साम्राज्य – महाराजा रणजीत सिंह – पंजाब का एकीकरण – NCERT।
केंद्रीकरण vs विकेंद्रीकरण – मौर्य अधिक केंद्रीय, गुप्त एवं मुगल में सामंती तत्व – NCERT।
सैन्य संगठन – स्थायी सेना, हाथी, घुड़सवार, बाद में तोपखाने – NCERT।
राजमार्ग एवं संचार – अशोक एवं मुगल काल में सड़कों का विकास – NCERT।
कला-साहित्य-विज्ञान – प्रत्येक बड़े साम्राज्य ने संस्कृति को संरक्षण दिया – NCERT।
धर्म नीति – अशोक (धम्म), अकबर (सुलह-ए-कुल), औरंगजेब (कठोर) – भिन्न दृष्टिकोण – NCERT।
आर्थिक आधार – कृषि कर, व्यापार, शिल्प – साम्राज्य की रीढ़ – NCERT।
प्रथम साम्राज्य – मौर्य | स्वर्ण युग – गुप्त –
सबसे बड़ा विस्तार (प्राचीन) – मौर्य (अशोक) – NCERT।
नौसैनिक साम्राज्य – चोल – NCERT।
अंतिम शक्तिशाली भारतीय साम्राज्य – मुगल (औरंगजेब तक) – NCERT।
प्रयाग प्रशस्ति – समुद्रगुप्त की विजयों का विवरण –
सुलह-ए-कुल – अकबर की सार्वभौमिक सहिष्णुता नीति –
ताबलीकोटा 1565 – विजयनगर का निर्णायक पराजय – NCERT।
पानीपत के तीन युद्ध – 1526 (बाबर), 1556 (अकबर), 1761 (मराठा-अब्दाली) –
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
मौर्य – प्रथम विशाल साम्राज्य (321 ई.पू.)
चंद्रगुप्त + चाणक्य – संस्थापक
अशोक – कलिंग + धम्म
अभिलेख – ब्राह्मी लिपि
गुप्त – स्वर्ण युग
समुद्रगुप्त – प्रयाग प्रशस्ति
चंद्रगुप्त II – विक्रमादित्य
राजराज एवं राजेंद्र चोल – विस्तार + नौसेना
बृहदेश्वर मंदिर – तंजावुर
विजयनगर – 1336, हम्पी
कृष्णदेवराय – अष्टदिग्गज
ताबलीकोटा – 1565
बाबर – पानीपत 1526
अकबर – सुलह-ए-कुल, मनसबदारी
ताजमहल – शाहजहां
कनिष्क – कुषाण, गांधार कला
शिवाजी – हिंदवी स्वराज
मेगस्थनीज – इंडिका
फाह्यान – गुप्त काल
स्वर्ण युग – गुप्त साम्राज्य