मराठों का उदय

History · Exam Special · NCERT
मराठा – पश्चिमी दक्कन (महाराष्ट्र) के योद्धा कृषक समुदाय – NCERT
उदय के कारण – मुगल-दक्कन सल्तनतों का संघर्ष, भू-राजस्व का दबाव, स्थानीय वीरता की परंपरा, शिवाजी का नेतृत्व – NCERT
भौगोलिक लाभ – सह्याद्रि (पश्चिमी घाट) की पहाड़ियाँ – गुरिल्ला युद्ध के लिए अनुकूल – NCERT
पूर्व स्थिति – अहमदनगर, बीजापुर, गोलकोंडा सल्तनतों की सेवा में मराठा सरदार – NCERT
शाहजी भोसले – शिवाजी के पिता – अहमदनगर एवं बीजापुर के सरदार – NCERT
जीजाबाई – शिवाजी की माता – धार्मिक एवं वीरता के संस्कार दिए – NCERT
जन्म – 19 फरवरी 1630 (कुछ स्रोत 1627) – शिवनेरी दुर्ग (पुणे के पास) –
बाल्यकाल – पूना एवं संगमनेर क्षेत्र में – दादाजी कोंडदेव के संरक्षण में शिक्षा – NCERT
प्रारंभिक विजय – तोरणा, रायगढ़, सिंहगढ़, पुरंदर आदि दुर्ग कब्जे में लिए – NCERT
हिंदवी स्वराज – शिवाजी का लक्ष्य – हिंदवियों का स्वशासन –
प्रथम संघर्ष – बीजापुर सल्तनत से – अफजल खान का वध (1659) – प्रतापगढ़ –
अफजल खान घटना – शिवाजी ने छल से अफजल खान का वध किया – मराठा शक्ति का प्रतीक – NCERT
शाइस्ता खान पर आक्रमण – 1663 – पुणे में रात्रि आक्रमण – शाइस्ता खान घायल – NCERT
सूरत की लूट – 1664 एवं 1670 – मुगल समृद्ध बंदरगाह – आर्थिक स्रोत – NCERT
पुरंदर की संधि (1665) – जयसिंह के साथ – 23 दुर्ग मुगलों को सौंपे – कुँवर संभाजी मुगल सेवा में –
आगरा प्रवास – 1666 – औरंगजेब ने नजरबंद किया – छद्म वेश में भाग निकले –
पुनः संघर्ष – 1670 के बाद शिवाजी ने खोए दुर्ग वापस लिए – NCERT
मीरा उल-बहरी – शिवाजी की नौसेना – कोंकण तट पर नियंत्रण – NCERT
राज्याभिषेक – 6 जून 1674 – रायगढ़ दुर्ग पर – छत्रपति की उपाधि –
हिंदवी स्वराज की घोषणा – स्वतंत्र मराठा राज्य की औपचारिक स्थापना – NCERT
दक्षिण अभियान – 1677–78 – कर्नाटक तक विस्तार – जिंजी, वेल्लोर कब्जे – NCERT
मृत्यु – 3 अप्रैल 1680 – रायगढ़ – 50 वर्ष की आयु में –
उत्तराधिकारी – संभाजी (ज्येष्ठ पुत्र) – बाद में राजाराम – NCERT
अष्टप्रधान मंडल – आठ मंत्रियों की परिषद – शिवाजी की प्रशासनिक विशेषता –
अष्टप्रधान – पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त), मंत्री (रिकॉर्ड), सचिव, सुमंत (विदेश), सेनापति, पंडितराव (धर्म), न्यायाधीश – NCERT
पेशवा – सबसे महत्वपूर्ण पद – बाद में वंशानुगत एवं वास्तविक शासक बने – NCERT
राजस्व व्यवस्था – लगान नकद एवं अनाज दोनों – रयतवाड़ी प्रवृत्ति – किसानों से सीधा संपर्क – NCERT
चौथ एवं सरदेशमुखी – चौथ = 1/4 कर (सुरक्षा कर), सरदेशमुखी = 1/10 अतिरिक्त – पड़ोसी क्षेत्रों से –
दुर्ग प्रशासन – प्रत्येक दुर्ग में हवलदार, साबरनिस, कारखानीस – NCERT
न्याय व्यवस्था – स्थानीय पंचायत + राज्य स्तर पर न्यायाधीश – NCERT
धार्मिक सहिष्णुता – सभी धर्मों का सम्मान – मुस्लिम अधिकारियों को भी पद – NCERT
गुरिल्ला युद्ध (गनिमी कावा) – शिवाजी की सैन्य रणनीति – तेज धावा, पहाड़ी क्षेत्र का लाभ –
सेना के अंग – पैदल (मावले), घुड़सवार (पागा एवं सिलेदार), नौसेना – NCERT
पागा – राज्य द्वारा वेतनभोगी घुड़सवार – NCERT
सिलेदार – अपने घोड़े एवं शस्त्र लेकर सेवा – NCERT
नौसेना – कोंकण तट पर किले (सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग) – जंजीरा के सिद्धियों से संघर्ष – NCERT
दुर्ग – मराठा शक्ति का आधार – लगभग 300 दुर्ग – NCERT
अनुशासन – स्त्रियों, किसानों एवं धार्मिक स्थानों का सम्मान – कठोर नियम – NCERT
संभाजी – 1680–1689 – औरंगजेब से कठिन संघर्ष – पकड़े गए एवं मारे गए – NCERT
राजाराम – 1689–1700 – जिंजी तक संघर्ष जारी रखा – NCERT
ताराबाई – राजाराम की पत्नी – मुगलों के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व – NCERT
शाहू – संभाजी के पुत्र – 1707 में मुगल कैद से मुक्त – पेशवाओं का उदय – NCERT
बालाजी विश्वनाथ – प्रथम पेशवा – शाहू के पेशवा – मराठा संघ का संगठन –
बाजीराव I – महान पेशवा – उत्तर भारत में विस्तार – खानवा, दिल्ली तक अभियान –
बाजीराव की नीति – “अटक तक झंडा” – मुगल साम्राज्य को चुनौती – NCERT
बालाजी बाजीराव (नानासाहेब) – साम्राज्य का चरम – पंजाब तक प्रभाव – NCERT
पानीपत का तृतीय युद्ध (14 जनवरी 1761) – मराठा vs अहमद शाह अब्दाली – मराठों की भारी पराजय –
प्रभाव – मराठा शक्ति अस्थायी रूप से कमजोर – परंतु पूर्णतः नष्ट नहीं हुई – NCERT
माधवराव I – पेशवा – साम्राज्य का पुनरुद्धार – NCERT
मराठा संघ – पेशवा + गायकवाड़ (बड़ौदा), होल्कर (इंदौर), सिंधिया (ग्वालियर), भोंसले (नागपुर) – NCERT
अंग्रेजों से संघर्ष – तीन एंग्लो-मराठा युद्ध – 1775–82, 1803–05, 1817–18 –
तृतीय एंग्लो-मराठा युद्ध – 1817–18 – मराठा स्वतंत्रता का अंत – NCERT
बाजीराव II – अंतिम पेशवा – पराजित – पेंशन पर रहे – NCERT
चौथ-सरदेशमुखी – साम्राज्य की आय का प्रमुख स्रोत – NCERT
कृषि – लगान व्यवस्था में सुधार – किसानों को प्रोत्साहन – NCERT
व्यापार – सुरत, कल्याण, भड़ौच आदि व्यापार केंद्र – NCERT
मुद्रा – शिवराई (तांबे के सिक्के) – शिवाजी काल में – NCERT
पेशवा प्रशासन – पुणे केंद्र – अधिक केंद्रीकृत – NCERT
हिंदवी स्वराज – स्वतंत्रता एवं स्वाभिमान का प्रतीक –
मुगल साम्राज्य को चुनौती – मराठों ने मुगलों को सबसे बड़ी चुनौती दी – NCERT
राष्ट्रीय जागरण – शिवाजी को बाद के स्वतंत्रता सेनानियों ने प्रेरणा स्रोत माना – NCERT
प्रशासनिक नवाचार – अष्टप्रधान, दुर्ग व्यवस्था, गुरिल्ला नीति – NCERT
नौसेना – भारतीय शासकों में समुद्री शक्ति का विकास – NCERT
सहिष्णुता – धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण – विभिन्न समुदायों को शामिल किया – NCERT
आधुनिक महाराष्ट्र – शिवाजी महाराष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक – NCERT
ऐतिहासिक मूल्यांकन – कुशल योद्धा, प्रशासक, राष्ट्र निर्माता – NCERT
रायगढ़ – शिवाजी की राजधानी – राज्याभिषेक स्थल – NCERT
सिंहगढ़ – तानाजी मालुसरे की वीरता से प्रसिद्ध – NCERT
तानजी – “गढ़ आला पर सिंह गेला” – सिंहगढ़ विजय – NCERT
मोरोपंत पिंगले – प्रथम पेशवा (शिवाजी काल) – NCERT
रामचंद्रपंत अमात्य – आज्ञापत्र ग्रंथ – मराठा प्रशासन का वर्णन – NCERT
सभासद बखर – शिवाजी काल का महत्वपूर्ण स्रोत – NCERT
शिवजयंती – 19 फरवरी – महाराष्ट्र में बड़े उत्साह से मनाई जाती है – NCERT

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

जन्म – 19 फरवरी 1630, शिवनेरी
हिंदवी स्वराज – शिवाजी का लक्ष्य
अफजल खान – 1659, प्रतापगढ़
पुरंदर संधि – 1665
आगरा से पलायन – 1666
राज्याभिषेक – 6 जून 1674, रायगढ़
अष्टप्रधान – आठ मंत्री
चौथ – 1/4 कर
सरदेशमुखी – 1/10 कर
गनिमी कावा – गुरिल्ला युद्ध
बाजीराव I – महान पेशवा
पानीपत III – 1761, अब्दाली
एंग्लो-मराठा युद्ध – तीन युद्ध
तानजी – सिंहगढ़
मृत्यु – 3 अप्रैल 1680
बालाजी विश्वनाथ – प्रथम पेशवा
नौसेना – सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग
मुगल चुनौती – सबसे बड़ी
रयतवाड़ी प्रवृत्ति – लगान
विरासत – स्वतंत्रता प्रतीक