सार्वभौमिक मताधिकार एवं निर्वाचन प्रणाली

Polity · Exam Special · NCERT
सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Adult Franchise) – 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा, संपत्ति के भेदभाव के बिना वोट देने का अधिकार – NCERT
भारत में प्रारंभ – संविधान लागू होने के साथ 1950 से (शुरुआत में 21 वर्ष) –
आयु में कमी – 61वें संविधान संशोधन (1988) द्वारा 21 से घटाकर 18 वर्ष – 1989 के चुनाव से लागू –
महत्व – लोकतंत्र की आधारशिला – समानता एवं राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित – NCERT
विश्व में भारत – स्वतंत्रता के तुरंत बाद सार्वभौमिक मताधिकार अपनाने वाले देशों में अग्रणी – NCERT
मतदाता सूची – चुनाव आयोग द्वारा तैयार – नाम शामिल होना आवश्यक – NCERT
मतदान का अधिकार – संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 326) – NCERT
भारत की निर्वाचन प्रणाली – प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों – NCERT
प्रत्यक्ष निर्वाचन – लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय – जनता सीधे चुनती है – NCERT
अप्रत्यक्ष निर्वाचन – राष्ट्रपति, राज्यसभा, विधान परिषद – निर्वाचक मंडल द्वारा – NCERT
फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली – भारत में प्रचलित – सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार विजयी –
आनुपातिक प्रतिनिधित्व – राज्यसभा एवं राष्ट्रपति चुनाव में उपयोग – NCERT
एकल संक्रमणीय मत – आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एक विधि – NCERT
निर्वाचन क्षेत्र – भौगोलिक आधार पर विभाजित – लोकसभा एवं विधानसभा के लिए – NCERT
आरक्षित सीटें – अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षण – NCERT
निर्वाचन आयोग – स्वतंत्र संवैधानिक निकाय – अनुच्छेद 324 –
गठन – मुख्य निर्वाचन आयुक्त + अन्य निर्वाचन आयुक्त (राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त) – NCERT
कार्यकाल – 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो पहले हो) – NCERT
मुख्य कार्य – चुनावों का संचालन, मतदाता सूची तैयार करना, आचार संहिता लागू करना – NCERT
पहला मुख्य निर्वाचन आयुक्त – सुकुमार सेन –
स्वतंत्रता – कार्यपालिका से स्वतंत्र – निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित – NCERT
आदर्श आचार संहिता – चुनाव घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों पर लागू –
मतदान मशीन (EVM) – इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन – 2004 से पूर्ण रूप से उपयोग – NCERT
VVPAT – वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल – पारदर्शिता बढ़ाने के लिए – महत्वपूर्ण
चुनाव की घोषणा – चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी – NCERT
नामांकन – उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करते हैं – NCERT
जांच एवं वापसी – नामांकन की जांच, वापसी की तिथि – NCERT
प्रचार – आचार संहिता के अधीन प्रचार अभियान – मतदान से 48 घंटे पहले समाप्त – NCERT
मतदान – गुप्त मतदान – मतदाता अपनी पसंद से वोट देता है – NCERT
मतगणना – निर्धारित तिथि पर मतों की गिनती – परिणाम घोषित – NCERT
पुनर्मतदान / उपचुनाव – अनियमितता या रिक्ति की स्थिति में – NCERT
निर्वाचन याचिका – परिणाम के विरुद्ध उच्च न्यायालय में चुनौती – NCERT
गुप्त मतदान – मतदाता की पसंद गोपनीय – लोकतंत्र की विशेषता – NCERT
नोटा (NOTA) – नोन ऑफ द एबव – 2013 से लागू – कोई उम्मीदवार पसंद न होने पर –
मतदान केंद्र – मतदाताओं की सुविधा के लिए स्थापित – NCERT
मतदाता पहचान – EPIC (मतदाता पहचान पत्र) या अन्य वैध पहचान पत्र – NCERT
प्रॉक्सी मतदान – कुछ श्रेणियों (सशस्त्र बल आदि) को अनुमति – NCERT
डाक मतपत्र – सेवा मतदाताओं एवं कुछ अन्य के लिए – NCERT
मतदान प्रतिशत – लोकतंत्र की भागीदारी का सूचक – NCERT
लोकसभा – अधिकतम 552 सदस्य (वर्तमान 543 निर्वाचित) – 5 वर्ष का कार्यकाल – NCERT
विधानसभा – राज्य स्तर पर – कार्यकाल 5 वर्ष – NCERT
मध्यावधि चुनाव – लोकसभा/विधानसभा भंग होने पर – NCERT
सामान्य चुनाव – पूरे देश/राज्य में एक साथ – NCERT
उपचुनाव – किसी सीट रिक्त होने पर – NCERT
राष्ट्रपति चुनाव – निर्वाचक मंडल (संसद + राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य) द्वारा – आनुपातिक प्रतिनिधित्व –
राज्यसभा – अप्रत्यक्ष निर्वाचन – राज्य विधानसभाओं द्वारा – 6 वर्ष का कार्यकाल (1/3 सदस्य प्रत्येक 2 वर्ष में सेवानिवृत्त) – NCERT
उपराष्ट्रपति – संसद के दोनों सदनों के सदस्य चुनते हैं – NCERT
राजनीतिक दल – लोकतंत्र के आवश्यक अंग – चुनाव लड़ते हैं, सरकार बनाते हैं – NCERT
राष्ट्रीय दल – चुनाव आयोग द्वारा मान्यता – पूरे देश में प्रभाव – NCERT
राज्य दल – किसी राज्य विशेष में मान्यता – NCERT
चुनावी प्रतीक – चुनाव आयोग द्वारा आवंटित – मतदाताओं की पहचान के लिए – NCERT
चुनावी बॉन्ड – राजनीतिक चंदे की एक विधि (वर्तमान में विवादित/रद्द) – महत्वपूर्ण
दल-बदल कानून – 10वीं अनुसूची – दल बदलने पर अयोग्यता – NCERT
लोकतंत्र में चुनाव – सरकार को वैधता प्रदान करते हैं – NCERT
जवाबदेही – नियमित चुनाव से सरकार जनता के प्रति जवाबदेह रहती है – NCERT
प्रतिनिधित्व – विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों एवं समुदायों का प्रतिनिधित्व – NCERT
शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन – लोकतंत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि – NCERT
बहुदलीय प्रणाली – भारत में कई दल – गठबंधन सरकारें आम – NCERT
चुनावी सुधार – EVM, VVPAT, NOTA, आचार संहिता, मतदाता जागरूकता – NCERT
मुक्त एवं निष्पक्ष चुनाव – लोकतंत्र की जान – चुनाव आयोग की जिम्मेदारी – NCERT
पहला आम चुनाव – 1951-52 – सुकुमार सेन के नेतृत्व में –
लोकसभा की अधिकतम संख्या – 552 (530 राज्य + 20 केंद्र शासित + 2 एंग्लो-इंडियन नामित – अब नामित समाप्त) – NCERT
निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन – परिसीमन आयोग द्वारा – जनसंख्या के आधार पर – NCERT
महिला आरक्षण – नगरीय एवं पंचायत निकायों में 33% (कई राज्यों में 50%) – लोकसभा/विधानसभा में 106वाँ संशोधन (2023) – महत्वपूर्ण
मतदाता जागरूकता – SVEEP कार्यक्रम – चुनाव आयोग द्वारा – NCERT
अंतर्राष्ट्रीय तुलना – भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र –
चुनाव व्यय सीमा – चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित – पारदर्शिता के लिए – NCERT
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट – सत्ताधारी दल को सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से रोकता है – NCERT

परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

मताधिकार आयु – 18 वर्ष (61वाँ संशोधन)
अनुच्छेद – 326 (मताधिकार)
प्रणाली – First Past the Post
चुनाव आयोग – अनुच्छेद 324
पहला CEC – सुकुमार सेन
कार्यकाल – 6 वर्ष / 65 वर्ष
NOTA – 2013 से
EVM – पूर्ण उपयोग 2004
VVPAT – पारदर्शिता
लोकसभा – 543 निर्वाचित
राष्ट्रपति – अप्रत्यक्ष निर्वाचन
राज्यसभा – 6 वर्ष, 1/3 सेवानिवृत्त
दल-बदल – 10वीं अनुसूची
पहला चुनाव – 1951-52
सबसे बड़ा लोकतंत्र – भारत
गुप्त मतदान – आवश्यक
आचार संहिता – चुनाव आयोग
महिला आरक्षण – 106वाँ संशोधन
प्रचार समाप्ति – 48 घंटे पहले
सार्वभौमिक – बिना भेदभाव