मौसम एवं जलवायु
Geography · Exam Special · NCERTमौसम (Weather) – किसी स्थान का वायुमंडलीय दशा का अल्पकालिक (दिन-प्रतिदिन या कुछ घंटों का) वर्णन – NCERT।
जलवायु (Climate) – किसी स्थान की दीर्घकालिक (30 वर्ष या अधिक) औसत वायुमंडलीय दशा – NCERT।
मुख्य अंतर – मौसम परिवर्तनशील एवं अल्पकालिक, जलवायु स्थिर एवं दीर्घकालिक –
जलवायु विज्ञान – जलवायु का वैज्ञानिक अध्ययन – NCERT।
मौसम विज्ञान – मौसम का वैज्ञानिक अध्ययन एवं पूर्वानुमान – NCERT।
जलवायु के मुख्य तत्व – तापमान, वायुदाब, पवन, आर्द्रता एवं वर्षा – NCERT।
तापमान – वायुमंडल की गर्मी या ठंडक की मात्रा – सबसे महत्वपूर्ण तत्व – NCERT।
समताप रेखा (Isotherm) – समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा –
वायुदाब – वायुमंडल का किसी सतह पर पड़ने वाला दबाव – NCERT।
समदाब रेखा (Isobar) – समान वायुदाब वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा –
पवन – वायुदाब के अंतर के कारण हवा का क्षैतिज संचलन – NCERT।
पवन की दिशा – उच्च दाब से निम्न दाब की ओर – NCERT।
आर्द्रता – वायु में जलवाष्प की मात्रा – NCERT।
सापेक्ष आर्द्रता – वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा का उस तापमान पर धारण क्षमता से अनुपात – NCERT।
वर्षा – वायुमंडल से जल का पृथ्वी पर गिरना (वर्षा, हिम, ओला) – NCERT।
समवर्षा रेखा (Isohyet) – समान वर्षा वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा –
जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक – अक्षांश, ऊँचाई, वायुदाब एवं पवन, समुद्र से दूरी, महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति – NCERT।
अक्षांश (Latitude) – भूमध्य रेखा से दूरी बढ़ने पर तापमान घटता है – NCERT।
ऊँचाई (Altitude) – ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है (6.5°C प्रति 1000 मीटर) –
समुद्र से दूरी (Continentality) – समुद्र के निकट सम जलवायु, आंतरिक भागों में विषम जलवायु – NCERT।
महासागरीय धाराएँ – गर्म धाराएँ तापमान बढ़ाती हैं, ठंडी धाराएँ घटाती हैं – NCERT।
स्थलाकृति / राहत – पर्वत पवन को रोकते हैं, वर्षा के वितरण को प्रभावित करते हैं – NCERT।
वायुदाब एवं पवन तंत्र – मानसून, व्यापारिक पवन, पछुआ पवन जलवायु निर्धारित करते हैं – NCERT।
सूर्यातप (Insolation) – सूर्य से प्राप्त ऊर्जा – जलवायु का मूल स्रोत – NCERT।
भारत की जलवायु – मानसूनी जलवायु – उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय – NCERT।
मानसून शब्द – अरबी शब्द ‘मौसिम’ से बना – मौसम का अर्थ –
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक – अक्षांशीय स्थिति, हिमालय, थार मरुस्थल, हिंद महासागर, जेट स्ट्रीम – NCERT।
हिमालय की भूमिका – ठंडी मध्य एशियाई पवनों को रोकता है एवं मानसूनी पवनों को बाध्य करता है – NCERT।
कर्क रेखा – भारत के लगभग मध्य से गुजरती है – जलवायु को दो भागों में बाँटती है – NCERT।
भारत में वर्षा का मुख्य स्रोत – दक्षिण-पश्चिम मानसून – कुल वर्षा का लगभग 75-80% –
दक्षिण-पश्चिम मानसून – जून से सितंबर – अरब सागर शाखा एवं बंगाल की खाड़ी शाखा – NCERT।
मानसून का आगमन – सामान्यतः 1 जून को केरल तट पर –
मानसून का वापसी (Retreating Monsoon) – अक्टूबर-नवंबर – उत्तर-पूर्वी मानसून – NCERT।
उत्तर-पूर्वी मानसून – तमिलनाडु एवं आंध्र तट पर वर्षा का मुख्य स्रोत –
मानसून की परिवर्तनशीलता – समय, मात्रा एवं वितरण में अनिश्चितता – NCERT।
एल-नीनो का प्रभाव – मानसून को कमजोर कर सकता है – महत्वपूर्ण।
ला-नीना – सामान्यतः अच्छे मानसून से जुड़ा – महत्वपूर्ण।
भारत की चार मुख्य ऋतुएँ – शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शरद ऋतु – NCERT।
शीत ऋतु – दिसंबर से फरवरी – उत्तर भारत में ठंड अधिक – NCERT।
ग्रीष्म ऋतु – मार्च से मई – लू चलती है – NCERT।
वर्षा ऋतु (दक्षिण-पश्चिम मानसून) – जून से सितंबर – NCERT।
शरद ऋतु (मानसून की वापसी) – अक्टूबर-नवंबर – NCERT।
लू – ग्रीष्म ऋतु में उत्तर भारत में चलने वाली गर्म एवं शुष्क पवन –
काल बैसाखी – पश्चिम बंगाल में ग्रीष्म काल की तूफानी वर्षा – NCERT।
मैंगो शॉवर – केरल एवं कर्नाटक में आम की फसल के समय पूर्व मानसूनी वर्षा – NCERT।
सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान – मासिनराम (मेघालय) – विश्व के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में –
सबसे कम वर्षा वाले क्षेत्र – जैसलमेर (राजस्थान) एवं लद्दाख – NCERT।
वर्षा का वितरण – पश्चिमी घाट के पवनमुखी ढाल पर अधिक, विमुख ढाल पर कम (वृष्टि छाया) – NCERT।
वृष्टि छाया क्षेत्र (Rain Shadow) – पर्वत के विमुख भाग में कम वर्षा – जैसे दक्कन पठार –
भारत में औसत वार्षिक वर्षा – लगभग 118 सेमी – NCERT।
जेट स्ट्रीम – ऊपरी क्षोभमंडल में तीव्र पवन – मानसून को प्रभावित करती है – NCERT।
टीटीसीजेड (ITCZ) – अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र – मानसून की गति को नियंत्रित करता है – NCERT।
सम जलवायु – समुद्री प्रभाव वाले क्षेत्रों में (जैसे मुंबई) – NCERT।
विषम जलवायु – महाद्वीपीय प्रभाव वाले क्षेत्रों में (जैसे दिल्ली) – NCERT।
पश्चिमी विक्षोभ – शीत ऋतु में भूमध्यसागरीय क्षेत्र से आने वाले चक्रवात – उत्तर भारत में वर्षा –
उष्णकटिबंधीय चक्रवात – बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर में – तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं – NCERT।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) – मौसम पूर्वानुमान एवं जलवायु अध्ययन का प्रमुख संगठन – महत्वपूर्ण।
परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
मौसम – अल्पकालिक
जलवायु – दीर्घकालिक (30+ वर्ष)
समताप रेखा – Isotherm
समदाब रेखा – Isobar
समवर्षा रेखा – Isohyet
ऊँचाई – 6.5°C / 1000 मी
अक्षांश – तापमान निर्धारित
मानसून – ‘मौसिम’ से
दक्षिण-पश्चिम मानसून – 75-80% वर्षा
आगमन – 1 जून (केरल)
उत्तर-पूर्वी मानसून – तमिलनाडु
लू – ग्रीष्म, उत्तर भारत
काल बैसाखी – पश्चिम बंगाल
मासिनराम – सर्वाधिक वर्षा
वृष्टि छाया – विमुख ढाल
पश्चिमी विक्षोभ – शीत ऋतु वर्षा
ITCZ – मानसून नियंत्रण
जेट स्ट्रीम – ऊपरी वायु
हिमालय – ठंडी पवन रोकता
IMD – मौसम विभाग