तीन भुजाओं से बनी एक बंद आकृति को त्रिभुज कहते हैं। त्रिभुज में 3 भुजाएँ, 3 कोण और 3 शीर्ष होते हैं। त्रिभुज सबसे कम भुजाओं से बनने वाली बंद आकृति (बहुभुज) है। त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है।
आधार (Base) = \( b \), ऊँचाई (Height) = \( h \)
क्षेत्रफल (Area):
\( A = \dfrac{1}{2} b h \)
समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle):
क्षेत्रफल: \( A = \dfrac{1}{2} b h \)
कर्ण (Hypotenuse): \( c = \sqrt{b^2 + h^2} \)
समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle):
क्षेत्रफल: \( A = \dfrac{\sqrt{3}}{4} a^2 \)
परिमाप: \( P = 3a \)
विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle):
क्षेत्रफल (Heron’s Formula):
\( s = \dfrac{a + b + c}{2} \)
\( A = \sqrt{s(s-a)(s-b)(s-c)} \)
जहाँ \( a, b, c \) त्रिभुज की भुजाएँ हैं।
किसी एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का बिंदुपथ वृत्त कहलाता है। यह निश्चित बिंदु वृत्त का केंद्र कहलाता है। केंद्र और वृत्त की परिधि के किसी भी बिंदु के बीच की दूरी वृत्त की त्रिज्या (\( r \)) कहलाती है। वृत्त की सबसे बड़ी जीवा व्यास (\( d \)) कहलाती है। वृत्त के केंद्र पर बना कोण \( 360^\circ \) होता है। वृत्त में जीवाओं की संख्या अनंत होती है।
व्यास (Diameter): \( d = 2r \)
त्रिज्या (Radius): \( r = \dfrac{d}{2} \)
परिधि (Circumference): \( C = 2 \pi r = \pi d \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \pi r^2 \)
अर्द्धवृत्त (Semicircle) की परिधि: \( P_{\text{semi}} = \pi r + 2r = r(\pi + 2) \)
अर्द्धवृत्त वह आकृति है जो पूर्ण वृत्त का आधा हिस्सा होती है। इसका केंद्र और त्रिज्या पूर्ण वृत्त जैसी ही होती हैं। अर्द्धवृत्त का घुमाव (Curved Part) = वृत्त की अर्ध परिधि होती है।
त्रिज्या (Radius): \( r \)
व्यास (Diameter): \( d = 2r \)
वक्र परिधि (Curved Perimeter): \( P_{\text{curved}} = \pi r \)
सम्पूर्ण परिधि (Total Perimeter, including diameter): \( P_{\text{total}} = \pi r + 2r = r(\pi + 2) \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{1}{2} \pi r^2 \)
चार भुजाओं से घिरी हुई आकृति चतुर्भुज कहलाती है। चतुर्भुज के चारों कोणों का योग हमेशा \( 360^\circ \) होता है।
विकर्ण = \( d \), उनके लम्ब = \( p_1, p_2 \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{1}{2} \, d \, (p_1 + p_2) \) (जहाँ \( d \) विकर्ण है और \( p_1, p_2 \) क्रमशः विकर्ण पर लम्ब हैं)
परिमाप (Perimeter): \( P = a + b + c + d \) (जहाँ \( a, b, c, d \) चारों भुजाएँ हैं)
विशेष सूत्र:
यदि सभी भुजाएँ समान हों (समचतुर्भुज),
\( A = a^2 \sin \theta \), जहाँ \( \theta \) दो भुजाओं के बीच का कोण है।
आयत एक चार-भुजाओं वाली आकृति है जिसमें प्रत्येक कोण 90° का होता है। इसकी विपरीत भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं। विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं और समान लंबाई के होते हैं।
लंबाई (Length) = \( l \), चौड़ाई (Breadth) = \( b \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = l \cdot b \)
परिमाप (Perimeter): \( P = 2(l + b) \)
विकर्ण (Diagonal): \( d = \sqrt{l^2 + b^2} \)
विशेष सूत्र:
यदि diagonal ज्ञात हो तो side निकालने के लिए: \( l = \sqrt{d^2 - b^2} \) या \( b = \sqrt{d^2 - l^2} \)
वर्ग एक ऐसा बहुभुज है जिसमें चारों भुजाएँ समान होती हैं और सभी कोण 90° के होते हैं। विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं और समान लंबाई के होते हैं।
भुजा (Side) = \( a \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = a^2 \)
परिमाप (Perimeter): \( P = 4a \)
विकर्ण (Diagonal): \( d = \sqrt{2} \, a \)
विशेष सूत्र:
यदि diagonal ज्ञात हो तो side निकालने का सूत्र: \( a = \dfrac{d}{\sqrt{2}} \)
सम चतुर्भुज एक चार भुजाओं वाली आकृति है जिसमें सभी भुजाएँ समान होती हैं, लेकिन कोण 90° के नहीं होते।
विकर्ण = \( d_1, d_2 \)
भुजा = \( a = \dfrac{1}{2} \sqrt{d_1^2 + d_2^2} \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{1}{2} d_1 d_2 \)
परिमाप (Perimeter): \( P = 4a \)
विशेष सूत्र:
यदि कोण ज्ञात हो (\( \theta \) दो समानांतर भुजाओं के बीच),
\( A = a^2 \sin \theta \)
समांतर चतुर्भुज एक चार भुजाओं वाली आकृति है जिसमें विपरीत भुजाएँ समानांतर होती हैं।
आधार = \( b \), ऊँचाई = \( h \), साइड = \( a \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = b \cdot h \)
परिमाप (Perimeter): \( P = 2(a + b) \)
विशेष सूत्र:
यदि विकर्ण ज्ञात हो तो,
\( A = \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2 \times \sin \theta \)
जहाँ \( d_1, d_2 \) विकर्ण और \( \theta \) उनके बीच का कोण है।
समलम्ब चतुर्भुज एक चार भुजाओं वाली आकृति है जिसमें केवल एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ समानांतर होती हैं।
समान्तर भुजाएँ = \( a, b \), ऊँचाई = \( h \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{1}{2} (a + b) \, h \)
परिमाप (Perimeter): \( P = a + b + c + d \) (जहाँ c और d अन्य दो भुजाएँ हैं)
विशेष सूत्र: ऊँचाई निकालने के लिए: \( h = \dfrac{2A}{a+b} \)
पतंग एक चार भुजाओं वाली आकृति है जिसमें दो जोड़े समान लंबाई की भुजाएँ होती हैं। आम तौर पर इसके विकर्ण एक-दूसरे को लम्बवत काटते हैं।
विकर्ण = \( d_1, d_2 \)
भुजाएँ = दो समान लंबाई वाली भुजाएँ \( a, b \)
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{1}{2} \, d_1 \, d_2 \)
परिमाप (Perimeter): \( P = 2(a + b) \)
विशेष सूत्र:
यदि विकर्ण लंबवत हैं तो पतंग को दो समद्विबाहु त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है,
इसलिए Area formula भी लागू होता है।
घनाभ एक त्रिआयामी आकृति है जिसकी लंबाई, चौड़ाई, और ऊँचाई अलग होती हैं। घनाभ में कुल 6 पृष्ठ (सतह / फलक) होते हैं, 8 शीर्ष और 12 किनारे होते हैं।
लंबाई = \( l \), चौड़ाई = \( b \), ऊँचाई = \( h \)
पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area): \( \text{SA} = 2(lb + bh + hl) \)
आयतन (Volume): \( V = l \times b \times h \)
विकर्ण (Space Diagonal): \( d = \sqrt{l^2 + b^2 + h^2} \)
घन एक त्रिआयामी आकृति है जिसकी सभी भुजाएँ और कोण समान होते हैं। घन का प्रत्येक सतह वर्गाकार होता है।
भुजा = \( a \)
पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area): \( \text{SA} = 6a^2 \)
आयतन (Volume): \( V = a^3 \)
विकर्ण (Space Diagonal): \( d = \sqrt{3} \, a \)
बेलन एक त्रिआयामी आकृति है जिसमें दो समान और समानांतर गोलाकार आधार होते हैं। बेलन में एक वक्र और दो समतल पृष्ठ होते हैं।
त्रिज्या = \( r \), ऊँचाई = \( h \)
आयतन (Volume): \( V = \pi r^2 h \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area): \( \text{CSA} = 2 \pi r h \)
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area): \( \text{TSA} = 2 \pi r h + 2 \pi r^2 = 2 \pi r (h + r) \)
जहाँ: \( r = \) आधार की त्रिज्या, \( h = \) ऊँचाई
शंकु एक त्रिआयामी आकृति है जिसकी एक गोलाकार आधार होती है और एक शीर्ष बिंदु होता है।
त्रिज्या = \( r \), ऊँचाई = \( h \)
तिर्यक ऊँचाई (Slant Height): \( l = \sqrt{r^2 + h^2} \)
आयतन (Volume): \( V = \dfrac{1}{3} \pi r^2 h \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area): \( \text{CSA} = \pi r l \)
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area): \( \text{TSA} = \pi r (l + r) \)
जहाँ: \( r = \) आधार की त्रिज्या, \( h = \) ऊँचाई, \( l = \) तिर्यक ऊँचाई
गोला एक त्रिआयामी आकृति है जिसकी सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते हैं।
पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area): \( \text{SA} = 4 \pi r^2 \)
आयतन (Volume): \( V = \dfrac{4}{3} \pi r^3 \)
जहाँ: \( r = \) गोले की त्रिज्या (Radius of Sphere)
अर्धगोला वह त्रिआयामी आकृति है जो गोले के आधे हिस्से से बनती है।
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area): \( \text{CSA} = 2 \pi r^2 \)
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area): \( \text{TSA} = 3 \pi r^2 \)
आयतन (Volume): \( V = \dfrac{2}{3} \pi r^3 \)
जहाँ: \( r = \text{अर्धगोले की त्रिज्या (Radius of Hemisphere)} \)
सामान्य रूप:
ax2 + bx + c = 0 , (a ≠ 0)
द्विघात समीकरण एक द्विघात बहुपद है, जहाँ a, b, और c गुणांक होते हैं और x चर होता है।
Discriminant (विभेदक):
D = b2 − 4ac
मूलों का सूत्र (Roots Formula):
x = [-b ± √(b2 − 4ac)] / 2a
मूलों का योग (Sum of Roots):
α + β = −b / a
मूलों का गुणनफल (Product of Roots):
αβ = c / a
मूलों का स्वरूप (Nature of Roots):
यदि D > 0 → दो भिन्न वास्तविक मूल
यदि D = 0 → दो समान वास्तविक मूल
यदि D < 0 → कोई वास्तविक मूल नहीं
घातांकीय रूप (Factor Form):
ax2 + bx + c = a(x − α)(x − β)
Special Case:
यदि a + b + c = 0 ⇒ x = 1 एक मूल है
यदि a − b + c = 0 ⇒ x = −1 एक मूल है
दो पदों के वर्ग (Square of Two Terms):
\( (a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2 \)
\( (a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2 \)
दो पदों का गुणन (Product of Sum and Difference):
\( (a + b)(a - b) = a^2 - b^2 \)
तीन पदों का वर्ग (Square of Three Terms):
\( (a + b + c)^2 = a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca \)
दो पदों का घन (Cube of Two Terms):
\( (a + b)^3 = a^3 + b^3 + 3a^2b + 3ab^2 \)
\( (a - b)^3 = a^3 - b^3 - 3a^2b + 3ab^2 \)
दो पदों के घन का कारककरण (Factorization of Cube):
\( a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2) \)
\( a^3 - b^3 = (a - b)(a^2 + ab + b^2) \)
तीन पदों के घन (Cube of Three Terms):
\( (a + b + c)^3 = a^3 + b^3 + c^3 + 3(a + b)(b + c)(c + a) \)
विशेष स्थिति:
यदि \( a + b + c = 0 \), तो
\( a^3 + b^3 + c^3 = 3abc \)
सामान्य रूप (Basic Ratio):
यदि \( a/b = c/d \), तो अनुपात \( a:b = c:d \)
समानुपात (Proportion):
यदि दो अनुपात समान हों: \( \dfrac{a}{b} = \dfrac{c}{d} \), तो \( a:b = c:d \)
क्रॉस गुणा नियम (Cross Multiplication):
\( a \times d = b \times c \)
मिश्र अनुपात (Continued/Compound Ratio):
यदि \( a:b = c:d = e:f \), तो compound ratio = \( a:c:e : b:d:f \)
प्रतिशत से अनुपात:
\( \text{Ratio} = \text{Percentage} : (100 - \text{Percentage}) \)
अनुपात को प्रतिशत में बदलना:
\( a:b = \dfrac{a}{a+b} \times 100\% , \quad \dfrac{b}{a+b} \times 100\% \)
मिश्र अनुपात से कुल भाग:
यदि कुल राशि \( T \) और अनुपात \( a:b:c \) हो तो भाग = \( \dfrac{a}{a+b+c} \times T \)
विशेष उदाहरण:
अनुपात 2:3 और कुल राशि 500 →
पहला भाग = \( \dfrac{2}{2+3} \times 500 = 200 \)
दूसरा भाग = \( \dfrac{3}{5} \times 500 = 300 \)
साधारण ब्याज (Simple Interest):
\( \text{SI} = \dfrac{P \times R \times T}{100} \)
जहाँ:
P = मूलधन (Principal)
R = वार्षिक ब्याज दर (Rate of Interest)
T = समय (Time in years)
मिश्रधन (Amount):
\( A = P + \text{SI} \)
समय का सूत्र:
\( T = \dfrac{\text{SI} \times 100}{P \times R} \)
दर का सूत्र:
\( R = \dfrac{\text{SI} \times 100}{P \times T} \)
मूलधन का सूत्र:
\( P = \dfrac{\text{SI} \times 100}{R \times T} \)
विशेष स्थिति:
यदि ब्याज वर्षों के हिस्सों में दिया जाए, तो \( T \) को fraction of year में लें।
उदाहरण: 6 महीने → \( T = 0.5 \) वर्ष
चक्रवृद्धि मिश्रधन (Amount):
\( A = P \left(1 + \dfrac{R}{100}\right)^n \)
चक्रवृद्धि ब्याज (CI):
\( \text{CI} = A - P = P \left(1 + \dfrac{R}{100}\right)^n - P \)
जहाँ:
\( A = \) मिश्रधन (Amount)
\( P = \) मूलधन (Principal)
\( R = \) वार्षिक ब्याज दर (Rate of Interest per year)
\( n = \) समय अवधि (Number of Years)
\( \text{CI} = \) चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)
साल में बार-बार कंपाउंडिंग (Compounded Quarterly / Half-Yearly / Monthly):
यदि ब्याज साल में \( k \) बार कंपाउंड हो तो:
\( A = P \left(1 + \dfrac{R}{100k}\right)^{nk} \)
विशेष स्थिति:
यदि \( \text{CI} = \text{SI} \) तो, छोटे समय में CI ≈ SI (Simple Interest)
\( \text{SI} = \dfrac{P \times R \times n}{100} \)
लाभ (Profit): \( \text{Profit} = \text{SP} - \text{CP} \)
हानि (Loss): \( \text{Loss} = \text{CP} - \text{SP} \)
लाभ प्रतिशत (Profit %): \( \text{Profit %} = \dfrac{\text{Profit}}{\text{CP}} \times 100 \)
हानि प्रतिशत (Loss \%): \( \text{Loss %} = \dfrac{\text{Loss}}{\text{CP}} \times 100 \)
विक्रय मूल्य (Selling Price):
लाभ होने पर: \( \text{SP} = \text{CP} \left(1 + \dfrac{p}{100}\right) \)
हानि होने पर: \( \text{SP} = \text{CP} \left(1 - \dfrac{l}{100}\right) \)
क्रय मूल्य (Cost Price): \( \text{CP} = \dfrac{\text{SP}}{1 \pm \dfrac{p}{100}} \)
अंकित मूल्य (Marked Price): \( \text{MP} = \text{CP} + \text{Profit} \)
छूट (Discount): \( \text{Discount} = \text{MP} - \text{SP} \)
छूट प्रतिशत (Discount %): \( \text{Discount %} = \dfrac{\text{Discount}}{\text{MP}} \times 100 \)
विशेष स्थिति: यदि वस्तु समान क्रय मूल्य पर x% लाभ और x% हानि पर बेची जाए तो कुल परिणाम = हानि = \( \dfrac{x^2}{100} \%\)
प्रतिशत का मूल सूत्र: \( \text{Percentage} = \dfrac{\text{Actual Value}}{\text{Total Value}} \times 100 \)
प्रतिशत ज्ञात करने का सूत्र: \( x\% = \dfrac{x}{100} \)
प्रतिशत वृद्धि (Percentage Increase): \( \text{Increase %} = \dfrac{\text{Increase}}{\text{Original Value}} \times 100 \)
प्रतिशत कमी (Percentage Decrease): \( \text{Decrease %} = \dfrac{\text{Decrease}}{\text{Original Value}} \times 100 \)
नया मान (New Value):
वृद्धि के बाद: \( \text{New Value} = \text{Original} \times \left(1 + \dfrac{x}{100}\right) \)
कमी के बाद: \( \text{New Value} = \text{Original} \times \left(1 - \dfrac{x}{100}\right) \)
प्रतिशत को भिन्न में बदलना: \( x\% = \dfrac{x}{100} \)
भिन्न को प्रतिशत में बदलना: \( \dfrac{a}{b} \times 100\% \)
लाभ-हानि से सम्बन्ध:
लाभ% = \( \dfrac{\text{Profit}}{\text{Cost Price}} \times 100 \)
हानि% = \( \dfrac{\text{Loss}}{\text{Cost Price}} \times 100 \)
उदाहरण: 25% = \( \dfrac{25}{100} = \dfrac{1}{4} \)
दूरी का सूत्र (Distance):
\( \text{Distance} = \text{Speed} \times \text{Time} \)
\( D = S \times T \)
गति का सूत्र (Speed):
\( \text{Speed} = \dfrac{\text{Distance}}{\text{Time}} \)
\( S = \dfrac{D}{T} \)
समय का सूत्र (Time):
\( \text{Time} = \dfrac{\text{Distance}}{\text{Speed}} \)
\( T = \dfrac{D}{S} \)
औसत गति (Average Speed):
\( \text{Average Speed} = \dfrac{\text{Total Distance}}{\text{Total Time}} \)
सापेक्ष गति (Relative Speed):
एक ही दिशा में: \( S_1 - S_2 \)
विपरीत दिशा में: \( S_1 + S_2 \)
इकाई परिवर्तन (Unit Conversion):
\( 1 \text{ km/h} = \dfrac{5}{18} \text{ m/s} \)
\( 1 \text{ m/s} = \dfrac{18}{5} \text{ km/h} \)
विशेष स्थिति:
यदि दूरी समान हो तो औसत गति = \( \dfrac{2ab}{a+b} \)
(जहाँ \( a \) और \( b \) गतियाँ हैं)
ट्रेन से संबंधित सूत्र:
ट्रेन द्वारा पार की गई दूरी = \( \text{Speed} \times \text{Time} \)
खम्भा पार करने का समय = \( \dfrac{\text{Train Length}}{\text{Speed}} \)
घातांक के नियम:
1. समान आधार का गुणन: \( a^n \times a^m = a^{n+m} \)
2. समान आधार का भाग: \( a^n \div a^m = a^{n-m} \)
3. घातांक का घातांक: \( (a^n)^m = a^{nm} \)
4. शून्य घातांक: \( a^0 = 1 \), (जब \( a \neq 0 \))
5. ऋणात्मक घातांक: \( a^{-n} = \dfrac{1}{a^n} \)
6. गुणन पर घातांक का नियम: \( (ab)^n = a^n b^n \)
7. भाग पर घातांक का नियम: \( \left(\dfrac{a}{b}\right)^n = \dfrac{a^n}{b^n} \), जहाँ \( b \neq 0 \)
8. भिन्न घातांक: \( a^{\frac{m}{n}} = \sqrt[n]{a^m} \)
9. विशेष स्थिति:
\( 1^n = 1 \)
\( 0^n = 0 \), (n > 0)
समान्तर माध्य (Arithmetic Mean):
\( \text{A.M.} = \dfrac{\sum x}{N} \)
Grouped Data के लिए माध्य:
\( \bar{x} = \dfrac{\sum fx}{\sum f} \)
माध्यिका (Median):
यदि प्रेक्षणों की संख्या विषम हो:
\( \text{Median} = \left(\dfrac{N+1}{2}\right)^{th} \text{ पद} \)
यदि प्रेक्षणों की संख्या सम हो:
\( \text{Median} = \dfrac{\left(\dfrac{N}{2}\right)^{th} \text{ पद} + \left(\dfrac{N}{2}+1\right)^{th}
\text{ पद}}{2} \)
Grouped Data के लिए माध्यिका:
\( \text{Median} = l + \left(\dfrac{\dfrac{N}{2} - cf}{f}\right) \times h \)
बहुलक (Mode):
वह मान जो सबसे अधिक बार आता है।
Grouped Data के लिए बहुलक:
\( \text{Mode} = l + \left(\dfrac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2}\right) \times h \)
माध्य, माध्यिका और बहुलक में सम्बन्ध:
\( \text{Mode} = 3 \times \text{Median} - 2 \times \text{Mean} \)
परास (Range):
\( \text{Range} = \text{Highest value} - \text{Lowest value} \)
प्रत्यक्ष आवृत्ति वितरण में माध्य:
\( \bar{x} = \dfrac{\sum f x}{\sum f} \)
चरण विचलन विधि (Step Deviation Method):
\( \bar{x} = a + h \dfrac{\sum f u}{\sum f} \)
जहाँ:
\( l = \) माध्यिका/बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
\( h = \) वर्ग की चौड़ाई
\( f = \) आवृत्ति
\( cf = \) संचयी आवृत्ति
\( f_1, f_0, f_2 \) = संबंधित आवृत्तियाँ
चतुर्थांश (Quadrants):
चतुर्थांश – I : \( (+, +) \)
चतुर्थांश – II : \( (-, +) \)
चतुर्थांश – III : \( (-, -) \)
चतुर्थांश – IV : \( (+, -) \)
मूल बिंदु (Origin):
\( (0, 0) \)
दूरी का सूत्र (Distance Formula):
\( d = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2} \)
मध्य बिंदु का सूत्र (Mid-point Formula):
\( M = \left(\dfrac{x_1 + x_2}{2}, \dfrac{y_1 + y_2}{2}\right) \)
विभाजन सूत्र (Section Formula):
यदि कोई बिंदु रेखाखंड को \( m:n \) में आन्तरिक रूप से विभाजित करे:
\( \left(\dfrac{mx_2 + nx_1}{m+n}, \dfrac{my_2 + ny_1}{m+n}\right) \)
ढाल का सूत्र (Slope Formula):
\( m = \dfrac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1} \)
सीधी रेखा का समीकरण (Equation of Line):
\( y = mx + c \)
दो बिंदुओं से होकर जाने वाली रेखा:
\( y - y_1 = m(x - x_1) \)
त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of Triangle):
\( A = \dfrac{1}{2} \left| x_1(y_2-y_3) + x_2(y_3-y_1) + x_3(y_1-y_2) \right| \)
तीन बिंदुओं के समरेखीय होने की शर्त:
\( A = 0 \)
केन्द्रक (Centroid) का सूत्र:
\( G = \left(\dfrac{x_1+x_2+x_3}{3}, \dfrac{y_1+y_2+y_3}{3}\right) \)
बिंदुओं के बीच दूरी (Special Cases):
x-अक्ष पर: \( d = |x_2 - x_1| \)
y-अक्ष पर: \( d = |y_2 - y_1| \)
प्रायिकता का मूल सूत्र:
प्रायिकता = अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल परिणामों की संख्या
प्रतीकात्मक रूप:
P(A) = n(A) / n(S)
जहाँ S = Sample Space (नमूना समुच्चय)
और A = घटना (Event)
प्रायिकता का मान:
0 ≤ P(A) ≤ 1
निश्चित घटना (Sure Event):
P(S) = 1
असंभव घटना (Impossible Event):
P(Ø) = 0
पूरक घटना (Complementary Event):
P(A') = 1 − P(A)
दो घटनाओं के लिए:
P(A) + P(A') = 1
समान संभावना वाले परिणाम:
यदि सभी परिणाम समान संभावना वाले हों तो:
P(E) = अनुकूल परिणाम / कुल परिणाम
उदाहरण:
सिक्का उछालने पर Head आने की प्रायिकता = 1/2
पासा फेंकने पर 3 आने की प्रायिकता = 1/6
परिभाषा:
जिस बहुभुज की सभी भुजाएँ समान हों और सभी कोण समान हों, उसे समबहुभुज (Regular Polygon) कहते हैं।
भुजाओं की संख्या: n = भुजाओं की संख्या
प्रत्येक अन्तः कोण: \( \dfrac{(2n-4)\times 90^\circ}{n} \)
प्रत्येक बाह्य कोण: \( \dfrac{360^\circ}{n} \)
अन्तः कोणों का कुल योग: \( (2n-4)\times 90^\circ \)
बाह्य कोणों का कुल योग: \( 360^\circ \)
विकर्णों की संख्या: \( \dfrac{n(n-3)}{2} \)
केंद्रीय कोण (Central Angle): \( \dfrac{360^\circ}{n} \)
परिमाप (Perimeter):
\( P = n \times a \)
जहाँ \( a = \) एक भुजा की लंबाई और \( n = \) भुजाओं की संख्या
क्षेत्रफल (Area): \( A = \dfrac{n a^2}{4 \tan\left(\dfrac{180^\circ}{n}\right)} \)
उदाहरण (n = 6):
प्रत्येक अन्तः कोण = \(120^\circ\)
प्रत्येक बाह्य कोण = \(60^\circ\)
विकर्णों की संख्या = \( \dfrac{6(6-3)}{2} = 9 \)
प्रिज़्म एक त्रिआयामी आकृति है जिसके दो समान और समानांतर आधार (Base) होते हैं और सभी अन्य पृष्ठ आयताकार होते हैं।
आधार क्षेत्रफल = \( B \) (Base Area) ऊँचाई = \( h \) (Height of Prism)
आयतन (Volume): \( V = B \times h \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area): \( \text{LSA} = \text{Perimeter of Base (P)} \times h = P \cdot h \)
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area):
\( \text{TSA} = \text{LSA} + 2B = P \cdot h + 2B \)
विशेष उदाहरण:
त्रिभुजाकार प्रिज़्म:
आधार क्षेत्रफल: \( B = \dfrac{1}{2} \times \text{base} \times \text{height of triangle} \)
LSA: \( \text{LSA} = \text{Perimeter of triangle} \times h \)
TSA: \( \text{TSA} = \text{LSA} + 2B \)
Volume: \( V = B \times h \)
पिरामिड एक त्रिआयामी आकृति है जिसका एक आधार (Base) होता है और सभी अन्य पृष्ठ शिखर (Apex) से मिलते हैं। पिरामिड का आधार किसी भी बहुभुज (Polygon) का हो सकता है।
आधार क्षेत्रफल = \( B \) (Base Area)
ऊँचाई = \( h \) (Perpendicular height from base to apex)
तिर्यक ऊँचाई (Slant Height) = \( l \)
आयतन (Volume):
\( V = \dfrac{1}{3} B h \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area):
\( \text{LSA} = \dfrac{1}{2} \times \text{Perimeter of Base (P)} \times l = \dfrac{1}{2} P l \)
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area):
\( \text{TSA} = \text{LSA} + B = \dfrac{1}{2} P l + B \)
विशेष उदाहरण:
चारकोणीय पिरामिड (Square Pyramid):
आधार क्षेत्रफल: \( B = a^2 \), Perimeter: \( P = 4a \)
LSA: \( \text{LSA} = 2 a l \)
TSA: \( \text{TSA} = 2 a l + a^2 \)
Volume: \( V = \dfrac{1}{3} a^2 h \)
विशेष नोट:
किसी भी convex polyhedron में Euler's Formula हमेशा लागू होती है।
उदाहरण के लिए, Cube के लिए: \( V=8, E=12, F=6 \)
\( 8 + 6 = 12 + 2 \) ✅