6. जीव जगत

दीक्षा लिंक: https://diksha.gov.in/dial/8G864B

विस्तृत नोट्स

सजीवों के मुख्य लक्षण

सभी सजीवों में कुछ सामान्य लक्षण पाए जाते हैं, जो उन्हें निर्जीवों से अलग करते हैं:

  1. पोषण – सजीव अपने जीवन के लिए भोजन प्राप्त करते हैं।
    • स्वपोषी – हरे पौधे सूर्य के प्रकाश, जल और CO₂ से भोजन बनाते हैं (प्रकाश संश्लेषण)। उदाहरण: गेहूँ, सूरजमुखी।
    • परपोषी – अपना भोजन अन्य जीवों से प्राप्त करते हैं।
      • शाकाहारी: गाय, बकरी, हिरण
      • मांसाहारी: शेर, चीता, बिल्ली
      • सर्वाहारी: मनुष्य, भालू, कौवा
  2. श्वसन – ऑक्सीजन ग्रहण कर भोजन से ऊर्जा प्राप्त करना और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ना।
    • मनुष्य व अधिकांश स्थलीय जीव फेफड़ों से श्वसन करते हैं।
    • मछलियाँ गलफड़ों से श्वसन करती हैं।
    • मेंढक पानी में त्वचा और जमीन पर फेफड़ों से श्वसन करता है।
    • पौधे रंध्रों से गैसों का आदान-प्रदान करते हैं।
  3. उत्सर्जन – शरीर से अपशिष्ट पदार्थ निकालना।
    • मनुष्य में: मूत्र, पसीना, CO₂
    • पौधों में: गोंद (नीम), रेजिन (हींग), टैनिन (कत्था)
  4. संवेदनशीलता – उद्दीपन (प्रकाश, ताप, स्पर्श, ध्वनि) के प्रति प्रतिक्रिया।
    • छुईमुई की पत्तियाँ छूने पर बंद हो जाती हैं।
    • सूरजमुखी सूर्य की दिशा में घूमता है।
    • मनुष्य गर्म वस्तु छूते ही हाथ हटा लेता है।
  5. वृद्धि – समय के साथ आकार और भार में बढ़ना।
    • बच्चा वयस्क बनता है।
    • पौधों में जीवनभर वृद्धि होती है, जैसे बरगद।
  6. प्रजनन – अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करना।
    • मनुष्य बच्चों को जन्म देता है।
    • आम का पेड़ बीज से नया पौधा बनाता है।
    • अमीबा एक कोशिका के दो भागों में विभाजित होकर प्रजनन करता है।
  7. कोशिका – जीवन की मूल इकाई।
    • एककोशिकीय जीव: अमीबा, बैक्टीरिया, यीस्ट
    • अनेककोशिकीय जीव: मनुष्य, आम का पेड़

सजीव और निर्जीव में अंतर

विशेषता सजीव निर्जीव
जैविक क्रियाएँ होती हैं (पोषण, श्वसन, प्रजनन) नहीं होतीं
संवेदनशीलता उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं नहीं करते
वृद्धि आंतरिक प्रक्रिया से वृद्धि बाहरी कारणों से (जैसे पत्थर पर काई जमना)

महत्वपूर्ण तथ्य (परीक्षा उपयोगी)

  • सजीवों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत – सूर्य
  • मनुष्य का औसत जीवनकाल – 60-70 वर्ष
  • सबसे अधिक आयु वाला वृक्ष – सिकोया (3000-4000 वर्ष)
  • पृथ्वी पर सबसे बड़ा जीव – नीला व्हेल
  • अमीबा – एककोशिकीय, परपोषी, छद्मपाद से गति करता है।

वर्गीकरण

गुणों के आधार पर अलग-अलग समूह बनाने की प्रक्रिया वर्गीकरण है।

थियोफ्रैस्ट्स को वनस्पति विज्ञान का जनक, कैरोलस लीनियस को वर्गीकरण का जनक, और अरस्तु को जंतु विज्ञान का जनक कहा जाता है।

उदाहरण: जंतुओं को मेरुदंड के आधार पर अकशेरुकी और कशेरुकी में बाँटा जाता है।

जंतुओं का वर्गीकरण

जंतुओं को उनके शरीर की बनावट, मेरुदंड की उपस्थिति, प्रजनन के तरीके और रहने के स्थान के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

1. कोशिका संरचना के आधार पर

  • एककोशिकीय जंतु – जिनका पूरा शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है। उदाहरण – अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना, प्लास्मोडियम। तथ्य: प्लास्मोडियम मलेरिया रोग फैलाता है।
  • बहुकोशिकीय जंतु – जिनका शरीर कई कोशिकाओं से बना होता है। उदाहरण – हाइड्रा, घोंघा, मछली, मेंढक, हाथी।

2. मेरुदंड (Backbone) के आधार पर

  • अकशेरुकी जंतु – जिनके पास मेरुदंड नहीं होता। उदाहरण – केचुआ, तिलचट्टा, मकड़ी, झींगा, तितली। तथ्य: पृथ्वी पर लगभग 97% जंतु अकशेरुकी हैं।
  • कशेरुकी जंतु – जिनके पास मेरुदंड होता है। उदाहरण – मछली, मेंढक, पक्षी, गाय, मनुष्य।

3. प्रजनन के आधार पर

  • अंडज – जो अंडे देते हैं। उदाहरण – मछली, मेंढक, पक्षी, सरीसृप (साँप, छिपकली)।
  • जरायुज – जो सीधे बच्चे को जन्म देते हैं। उदाहरण – मनुष्य, गाय, बकरी, कुत्ता, बिल्ली।

4. वास स्थान (Habitat) के आधार पर

  • जलीय जंतु – जो पानी में रहते हैं। उदाहरण – मछली, केंकड़ा, डॉल्फिन, व्हेल। तथ्य: व्हेल सबसे बड़ा स्तनपायी है, लेकिन जलीय है।
  • वायवीय जंतु – जो मुख्य रूप से उड़ते हैं। उदाहरण – चील, कबूतर, तोता, चमगादड़ (स्तनपायी)।
  • स्थलीय जंतु – जो जमीन पर रहते हैं। उदाहरण – कुत्ता, हाथी, शेर, बकरी।
  • उभयचर जंतु – जो पानी और जमीन दोनों में रह सकते हैं। उदाहरण – मेंढक, कछुआ, मगरमच्छ, सलामेंडर।

परीक्षा में उपयोगी तथ्य:

  • चमगादड़ एकमात्र उड़ने वाला स्तनपायी है।
  • मगरमच्छ अपने बच्चों की रक्षा करता है – यह सरीसृप में दुर्लभ है।
  • उभयचर शब्द का अर्थ है – "दो जीवन" (पानी + जमीन)।

पौधों का वर्गीकरण

1. पुष्पी पौधे (Flowering Plants) – इन पौधों पर फूल और फल लगते हैं। फूलों में बीज बनने की क्षमता होती है। उदाहरण: गुलाब, सरसों, आम, सूरजमुखी, मटर।

2. अपुष्पी पौधे (Non-Flowering Plants) – इन पर फूल नहीं लगते, बीज नहीं बनते, इनका प्रजनन बीजाणुओं (Spores) द्वारा होता है। उदाहरण: कवक (Fungi), शैवाल (Algae), मॉस (Moss), फर्न (Fern)।


तने के आधार पर वर्गीकरण

3. शाक (Herbs) – इनका तना कोमल, हरा और ऊँचाई 1 मीटर से कम होती है। जीवनकाल सामान्यतः एक मौसम का होता है। उदाहरण: मक्का, मटर, धनिया, पालक।

4. झाड़ी (Shrubs) – इनका तना कठोर होता है, ऊँचाई लगभग 1 से 3 मीटर होती है। शाखाएँ तने के पास से निकलती हैं। उदाहरण: गुलाब, गुड़हल, करौंदा, अनार।

5. वृक्ष (Trees) – इनका तना मोटा, मजबूत और ऊँचाई 3 मीटर से अधिक होती है। जीवनकाल कई वर्षों का होता है। उदाहरण: नीम, आम, बरगद, पीपल।


जीवनकाल के आधार पर वर्गीकरण

6. एकवर्षीय पौधे (Annual Plants) – इनका जीवन चक्र एक वर्ष या एक मौसम में पूरा हो जाता है। उदाहरण: गेहूँ, मक्का, सरसों, धान।

7. द्विवर्षीय पौधे (Biennial Plants) – ये पौधे दो वर्षों में जीवन चक्र पूरा करते हैं। पहले वर्ष में जड़, तना और पत्तियाँ बनती हैं, दूसरे वर्ष में फूल और फल आते हैं। उदाहरण: गाजर, मूली, चुकंदर।

8. बहुवर्षीय पौधे (Perennial Plants) – ये कई वर्षों तक जीवित रहते हैं और बार-बार फूल और फल देते हैं। उदाहरण: आम, नारियल, गुलाब, अंगूर की बेल।


अतिरिक्त तथ्य (Competitive Exams में पूछे जाने वाले)

  • दुनिया का सबसे ऊँचा पेड़ – रेडवुड (Redwood), लगभग 115 मीटर।
  • दुनिया का सबसे बड़ा फूल – रैफलेसिया (Rafflesia arnoldii), व्यास लगभग 1 मीटर।
  • भारत का राष्ट्रीय वृक्ष – बरगद
  • भारत का राष्ट्रीय फूल – कमल
  • जीवित सबसे पुराना वृक्ष – ब्रिसलकोन पाइन (Bristlecone Pine), आयु लगभग 5000 वर्ष।
  • सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा – बाँस (Bamboo)

पौधों के विभिन्न भाग – संरचना और कार्य

पौधे मुख्यतः दो भागों में बँटे होते हैं:

  1. जड़ तंत्र (Root System) – पौधे का जमीन के नीचे का भाग।
  2. प्ररोह तंत्र (Shoot System) – जमीन के ऊपर का भाग, जिसमें तना, पत्तियाँ, फूल और फल शामिल होते हैं।

1. जड़ तंत्र (Root System)

  • मूसला जड़ (Tap Root) – एक मुख्य मोटी जड़ (प्राथमिक) और उससे निकलने वाली शाखाएँ (द्वितीयक, तृतीयक)। उदाहरण: चना, मटर, गाजर, मूली।
  • रेशेदार या अपस्थानिक जड़ (Fibrous Root) – तने के आधार से निकलने वाली पतली रेशेदार जड़ें। उदाहरण: गेहूँ, धान, प्याज।
  • विशेष प्रकार की जड़ें:
    • सहारा देने वाली जड़ – जैसे मक्का, गन्ना।
    • श्वसन जड़ – जलभराव वाले पौधों में, जैसे सुंदरबन के मैंग्रोव पेड़।
    • भंडारण जड़ – भोजन संग्रह के लिए, जैसे गाजर, मूली, शलजम।

कार्य: पौधे को जमीन में स्थिर रखना, जल और खनिज अवशोषित करना, भोजन संग्रह करना।


2. प्ररोह तंत्र (Shoot System)

  • तना – पर्व संधि (Node) और पर्व (Internode) से बना होता है। कार्य: पत्तियों और फूलों को सहारा देना, जल और भोजन का संवहन करना। उदाहरण: सूरजमुखी का मजबूत तना, मनीप्लांट का लचीला तना।
  • पत्ती – पर्णाधार, पर्णवृंत, पर्ण फलक और रंध्र से बनी होती है। कार्य: प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, वाष्पोत्सर्जन। उदाहरण: आम की चौड़ी पत्तियाँ, नीम की संयुक्त पत्तियाँ।
  • पुष्प – बाह्यदल, दल, पुंकेसर, स्त्रीकेसर से बने होते हैं। कार्य: प्रजनन। उदाहरण: गुलाब का फूल, सूरजमुखी का पुष्पगुच्छ।

पौधों के अंगों का रूपांतरण

  • जड़ का रूपांतरण:
    • गाजर – शंकु आकार
    • मूली – तुर्क आकार
    • शलजम – कुंभी आकार
  • तने का रूपांतरण:
    • आलू – कंद
    • अदरक – राइजोम
    • अरबी – कॉर्म

कार्य: भोजन संग्रह, प्रजनन और पौधे को सहारा।


भोजन संग्रह और सहारा/आरोहण

  • जड़ें (गाजर, मूली) और तने (आलू, अदरक) भोजन संग्रह करते हैं।
  • प्रतान (Tendril): तने या पत्ती के धागे-नुमा भाग जो सहारा लेकर चढ़ते हैं। उदाहरण: अंगूर, मटर, लौकी।

परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्य

  • पौधों में भोजन का निर्माण – पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा।
  • श्वसन जड़ का उदाहरण – सुंदरबन के मैंग्रोव पेड़।
  • सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा – बाँस।
  • पत्तियों का रंध्र – गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन के लिए।
  • पौधे के पुष्प का नर भाग – पुंकेसर, मादा भाग – स्त्रीकेसर।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. सजीवों में पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, संवेदनशीलता जैसी जैविक क्रियाएँ होती हैं।
  2. हरे पौधे स्वपोषी होते हैं, भोजन स्वयं बनाते हैं।
  3. शाकाहारी जंतु पौधों से भोजन लेते हैं, जैसे बकरी।
  4. मांसाहारी जंतु अन्य जंतुओं को खाते हैं, जैसे शेर।
  5. सर्वाहारी जंतु पौधे और जंतु दोनों खाते हैं, जैसे मनुष्य।
  6. श्वसन में जीव ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
  7. मनुष्य फेफड़ों से श्वसन करते हैं।
  8. मछली गलफड़ों से श्वसन करती है।
  9. मेंढक पानी में त्वचा और जमीन पर फेफड़ों से श्वसन करता है।
  10. उत्सर्जन अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की क्रिया है।
  11. जंतुओं के उत्सर्जी पदार्थ: मल, मूत्र, पसीना।
  12. पौधों के उत्सर्जी पदार्थ: गोंद, रेजिन, टैनिन।
  13. संवेदनशीलता उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया है।
  14. छुईमुई स्पर्श पर पत्तियाँ बंद करती है।
  15. रातरानी रात में खिलती है।
  16. वृद्धि जीवों के आकार में वृद्धि है।
  17. पौधों में वृद्धि जीवन पर्यंत होती है।
  18. प्रजनन से जीव अपने समान जीव उत्पन्न करते हैं।
  19. मनुष्य का जीवनकाल 60-70 वर्ष है।
  20. सिकोया वृक्ष का जीवनकाल 3000-4000 वर्ष है।
  21. कोशिका सजीवों की रचनात्मक इकाई है।
  22. सूक्ष्म जीव एक कोशिकीय होते हैं, जैसे अमीबा।
  23. वर्गीकरण गुणों के आधार पर समूह बनाने की प्रक्रिया है।
  24. थियोफ्रैस्ट्स वनस्पति विज्ञान के जनक हैं।
  25. कैरोलस लीनियस वर्गीकरण के जनक हैं।
  26. एकल कोशिकीय जंतु: अमीबा, पैरामीशियम।
  27. बहुकोशिकीय जंतु: मछली, मेंढक।
  28. अकशेरुकी जंतुओं में मेरुदंड नहीं होता, जैसे केचुआ।
  29. कशेरुकी जंतुओं में मेरुदंड होता है, जैसे गाय।
  30. अंडज जंतु अंडे देते हैं, जैसे पक्षी।
  31. जरायुज जंतु बच्चे देते हैं, जैसे मनुष्य।
  32. जलीय जंतु जल में रहते हैं, जैसे मछली।
  33. वायवीय जंतु वायु में उड़ते हैं, जैसे चील।
  34. उभयचर जंतु जल और स्थल दोनों पर रहते हैं, जैसे मेंढक।
  35. पुष्पी पौधों पर पुष्प और फल लगते हैं, जैसे आम।
  36. अपुष्पी पौधों पर पुष्प नहीं लगते, जैसे मॉस।
  37. शाक छोटे, कोमल तने वाले पौधे हैं, जैसे मटर।
  38. झाड़ियाँ 1-3 मीटर ऊँची होती हैं, जैसे गुलाब।
  39. वृक्ष 3 मीटर से अधिक ऊँचे होते हैं, जैसे नीम।
  40. एकवर्षीय पौधे एक वर्ष में नष्ट हो जाते हैं, जैसे गेहूँ।
  41. द्विवर्षीय पौधे दो वर्ष में जीवन चक्र पूरा करते हैं, जैसे केला।
  42. बहुवर्षीय पौधे कई वर्ष जीवित रहते हैं, जैसे बरगद।
  43. मूसला जड़ गहरी और मोटी होती है, जैसे चना।
  44. अपस्थानिक जड़ रेशेदार होती है, जैसे धान।
  45. जड़ें पौधों को स्थिर रखती हैं और जल अवशोषित करती हैं।
  46. तना जल और भोजन का संवहन करता है।
  47. पत्तियाँ प्रकाश संश्लेषण और श्वसन करती हैं।
  48. पुष्प पौधे का जनन अंग है।
  49. गाजर की जड़ शंकु रूप की होती है।
  50. प्रतान आरोहण में मदद करती हैं, जैसे मटर।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. सजीवों की जैविक क्रियाएँ क्या हैं?





2. स्वपोषी जीव कौन हैं?





3. शाकाहारी जंतु का उदाहरण है?





4. मांसाहारी जंतु का उदाहरण है?





5. श्वसन में क्या होता है?





6. मछली श्वसन के लिए क्या उपयोग करती है?





7. उत्सर्जन क्या है?





8. पौधों का उत्सर्जी पदार्थ है?





9. छुईमुई संवेदनशीलता का उदाहरण है?





10. रातरानी किस उद्दीपन के प्रति संवेदनशील है?





11. कोशिका क्या है?





12. सूक्ष्म जीव का उदाहरण है?





13. वर्गीकरण का जनक कौन है?





14. अकशेरुकी जंतु का उदाहरण है?





15. कशेरुकी जंतु का उदाहरण है?





16. अंडज जंतु का उदाहरण है?





17. उभयचर जंतु का उदाहरण है?





18. पुष्पी पौधे का उदाहरण है?





19. अपुष्पी पौधे का उदाहरण है?





20. शाक का उदाहरण है?





21. वृक्ष का उदाहरण है?





22. एकवर्षीय पौधे का उदाहरण है?





23. मूसला जड़ का उदाहरण है?





24. अपस्थानिक जड़ का उदाहरण है?





25. पत्ती का कार्य क्या है?





26. पुष्प का कार्य क्या है?





27. गाजर की जड़ का रूप क्या है?





28. आलू क्या है?





29. प्रतान का कार्य क्या है?





30. सिकोया वृक्ष का जीवनकाल कितना है?





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