लाभदायक एवं हानिकारक

विस्तृत नोट्स

🌿 मानव जीवन पर पौधों और जन्तुओं का प्रभाव (Impact of Plants & Animals on Human Life)

परिभाषा: पौधे और जन्तु मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। ये भोजन, वस्त्र, औषधि, आश्रय, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक संसाधन प्रदान करते हैं। साथ ही, कुछ जन्तु और पौधे मानव स्वास्थ्य एवं कृषि के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं। उदाहरण: गेहूँ भोजन देता है, जबकि साँप का विष मृत्युकारक हो सकता है।

🌱 लाभदायक प्रभाव (Beneficial Effects)

  • भोजन स्रोत: पौधे मानव का प्रमुख भोजन स्रोत हैं — जैसे चावल, गेहूँ, फल, और सब्जियाँ। जन्तु जैसे गाय, मुर्गी, और मछली भी पोषण प्रदान करते हैं।
  • औषधीय उपयोग: कई पौधों से जीवनरक्षक दवाएँ बनती हैं। उदाहरण: नीम, तुलसी, अश्वगंधा, सिनकोना (क्विनिन का स्रोत)।
  • रेशे और वस्त्र: कपास, जूट, और रेशम वस्त्र निर्माण में उपयोग होते हैं। उदाहरण: कपास से कपड़े, रेशम से साड़ी।
  • परागण और पारिस्थितिक भूमिका: मधुमक्खियाँ, तितलियाँ और पक्षी फूलों का परागण कर पौधों की प्रजनन प्रक्रिया में मदद करते हैं।
  • ऑक्सीजन और पर्यावरणीय संतुलन: पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, जिससे वायुमंडल शुद्ध रहता है।

⚠️ हानिकारक प्रभाव (Harmful Effects)

  • रोग फैलाने वाले जन्तु: मच्छर, मक्खी, चूहा आदि संक्रामक बीमारियाँ फैलाते हैं। उदाहरण: मलेरिया (मच्छर), प्लेग (चूहा)।
  • फसल नुकसान: कीट और टिड्डियाँ खेतों को नष्ट करती हैं। उदाहरण: 2020 में भारत में टिड्डी दल का हमला।
  • विषैले पौधे: कुछ पौधे मनुष्यों और जन्तुओं के लिए विषैले होते हैं। उदाहरण: धतूरा, ओलियंडर, पार्थेनियम।
  • एलर्जी उत्पन्न करने वाले पौधे: कुछ पौधों का पराग या स्पर्श एलर्जी उत्पन्न करता है। उदाहरण: गाजर घास (Parthenium hysterophorus)।
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🌾 लाभदायक और हानिकारक पौधे (Useful & Harmful Plants)

🌿 लाभदायक पौधे (Useful Plants)

परिभाषा: ऐसे पौधे जो मानव जीवन के लिए उपयोगी हैं — जैसे भोजन, औषधि, वस्त्र या पर्यावरण संरक्षण के लिए।

  • भोजन हेतु: चावल, गेहूँ, मक्का, आलू, गन्ना।
  • औषधीय उपयोग: तुलसी (सर्दी-जुकाम), हल्दी (घाव), एलोवेरा (त्वचा)।
  • औद्योगिक उपयोग: जूट (रस्सी, बोरे), रबर (टायर), बाँस (फर्नीचर)।
  • पर्यावरणीय लाभ: वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। उदाहरण: पीपल, नीम।

☠️ हानिकारक पौधे (Harmful Plants)

परिभाषा: ऐसे पौधे जो मनुष्य या जन्तुओं के लिए हानिकारक या विषैले होते हैं।

  • विषैले पौधे: धतूरा, अकोनाइट, कैस्टर बीज (रिसिन)।
  • एलर्जी उत्पन्न करने वाले पौधे: पार्थेनियम (गाजर घास), कुछ घास प्रजातियाँ।
  • हानिकारक खरपतवार: ये फसलों के पोषक तत्व छीन लेते हैं। उदाहरण: बथुआ, कुसा।
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🌼 लाभदायक पौधों का महत्व (Importance of Useful Plants)

परिभाषा: लाभदायक पौधे मानव सभ्यता की नींव हैं — वे भोजन, वस्त्र, औषधि, लकड़ी, ऊर्जा और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।

  • आर्थिक महत्व: कृषि, उद्योग और व्यापार पौधों पर निर्भर हैं। उदाहरण: चाय, कॉफी, जूट, कपास भारत के प्रमुख निर्यात उत्पाद हैं।
  • स्वास्थ्य महत्व: औषधीय पौधे प्राकृतिक उपचार में सहायक हैं। उदाहरण: अश्वगंधा, गिलोय, नीम।
  • पर्यावरणीय महत्व: पौधे ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, मिट्टी का कटाव रोकते हैं और जलचक्र संतुलित रखते हैं। उदाहरण: बरगद और नीम के वृक्ष।
  • सांस्कृतिक महत्व: कई पौधों का धार्मिक और सांस्कृतिक उपयोग होता है। उदाहरण: तुलसी पूजा, पीपल पूजा।
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🐾 जन्तुओं का महत्व (Importance of Animals)

  • भोजन स्रोत: दूध, अंडे, मांस, मछली, शहद।
  • कार्य सहायक: बैल खेती में, ऊँट और घोड़े परिवहन में उपयोगी।
  • औद्योगिक उपयोग: ऊन, रेशम, चमड़ा, मोती, और शहद उद्योग।
  • पारिस्थितिक महत्व: जन्तु परागण, बीज प्रकीर्णन और खाद चक्र में भूमिका निभाते हैं।
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🌍 निष्कर्ष (Conclusion)

मानव, पौधे और जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर हैं। पौधे और जन्तु जीवन के आधार हैं — ये पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन, पर्यावरणीय शुद्धता और मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं।

भोजन प्रदान करने वाले पौधे

ये पौधे अनाज, सब्जियाँ, फल, और मसाले प्रदान करते हैं। उदाहरण: गेहूँ से रोटी बनती है।

पौधा उपयोग होने वाला भाग उपयोग
चावल बीज खाद्य अनाज
गेहूँ बीज आटा, रोटी
पालक पत्तियाँ सब्जी
आम फल खाद्य फल
हल्दी जड़ मसाला

महत्व: भोजन मानव जीवन का आधार है। उदाहरण: मक्का से मकई की रोटी बनती है।

रेशे प्रदान करने वाले पौधे

ये पौधे कपड़े, रस्सी, और बोरे बनाने के लिए रेशे प्रदान करते हैं। उदाहरण: कपास से सूती कपड़े बनते हैं।

पौधा उपयोग होने वाला भाग उपयोग
कपास बीज के रेशे कपड़े
जूट तना बोरे, रस्सी
सन तना लिनन कपड़ा
सिसल पत्तियाँ रस्सी
नारियल फल का रेशा चटाई, रस्सी

महत्व: रेशे कपड़े और अन्य सामग्री के लिए आवश्यक हैं। उदाहरण: जूट से टिकाऊ बोरे बनते हैं।

औषधि प्रदान करने वाले पौधे

ये पौधे विभिन्न रोगों के उपचार के लिए औषधियाँ प्रदान करते हैं। उदाहरण: नीम की पत्तियाँ त्वचा रोगों में उपयोगी हैं।

पौधा उपयोग होने वाला भाग उपयोग
नीम पत्तियाँ, छाल त्वचा रोग, कीट repellent
तुलसी पत्तियाँ खाँसी, बुखार
एलोवेरा पत्तियों का गूदा त्वचा देखभाल, जलन
अदरक जड़ पाचन, सर्दी
हल्दी जड़ घाव भरना, सूजन
आँवला फल प्रतिरक्षा, बाल
अर्जुन छाल हृदय रोग
ब्राह्मी पत्तियाँ स्मृति वृद्धि
गिलोय तना प्रतिरक्षा, बुखार
सर्पगंधा जड़ उच्च रक्तचाप

महत्व: औषधीय पौधे प्राकृतिक उपचार प्रदान करते हैं। उदाहरण: तुलसी की चाय सर्दी में राहत देती है।

इमारती लकड़ी और ईंधन प्रदान करने वाले पौधे

ये पौधे फर्नीचर, निर्माण, और ईंधन के लिए लकड़ी प्रदान करते हैं। उदाहरण: सागौन से मजबूत फर्नीचर बनता है।

पौधा उपयोग होने वाला भाग उपयोग
सागौन तना फर्नीचर, निर्माण
शीशम तना फर्नीचर
देवदार तना निर्माण, लकड़ी
नीलगिरी तना ईंधन, कागज
बाँस तना निर्माण, फर्नीचर

महत्व: लकड़ी निर्माण और ऊर्जा के लिए आवश्यक है। उदाहरण: बाँस से मकान और टोकरी बनती है।

🐄 लाभदायक जन्तु (Beneficial Animals)

परिभाषा: वे जन्तु जो मानव जीवन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपयोगी होते हैं—खाद्य, कच्चा माल, सेवाएँ, या वैज्ञानिक अध्ययन प्रदान करते हैं। उदाहरण: गाय दूध देती है।

प्रमुख प्रकार और उदाहरण

  • खाद्य देने वाले जन्तु:
    • दुग्ध/डेयरी: गाय, भैस — दूध, घी, दही।
    • मांस/मछली: गाय-बकरी (कानून अनुसार), मुर्गी, मछली — प्रोटीन स्रोत।
    • अंडा: मुर्गी — अंडे।
  • उत्पाद देने वाले जन्तु:
    • रेशम: रेशमकीट (Silkworm) — कपड़ा उद्योग।
    • ऊनी उत्पाद: भेड़, याक — ऊन, कंबल।
    • चमड़ा, मोती, शहद: गाय/भैंस/बकरी (चमड़ा), मत्नसी/कच्चा मोती (सीप), मधुमक्खी — शहद।
  • सहायक जन्तु (Work & Transport):
    • बैल, घोड़ा, ऊँट — खेती/परिवहन व कार्य में सहायता।
  • प्रयोगशाला और अनुसंधान में सहायक:
    • चूहा, खरगोश, शुष्क जीवदर्शी मॉडल — चिकित्सा व जैववैज्ञानिक शोध के लिए प्रयोग।
  • पारिस्थितिक सेवाएँ:
    • मधुमक्खियाँ व तितलियाँ — परागण (Pollination) जो फसल उत्पादन के लिए अनिवार्य है।
    • कीटरोधी या कीट-नियंत्रक जंतु (जैसे सेरिलिएन प्रकार के परजीवी कीड़े) — जैविक नियंत्रण में सहायक।

उपयोग सारणी (Quick Reference)

जन्तु मुख्य उपयोग/उत्पाद
गाय दूध, घी, गोबर (उर्वरक/ईंधन)
मुर्गी अंडे, माँस
रेशम कीट रेशम ( कपड़ा )
घोड़ा / ऊँट परिवहन, कृषि कार्य
मधुमक्खी शहद, मोम, परागण सेवाएँ
चूहा प्रयोगशाला अनुसंधान

लाभ का सार

  • पोषण: प्रोटीन, वसा, विटामिन।
  • आर्थिक: रोजगार, कृषि एवं उद्योग (डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य)।
  • पारिस्थितिक: परागण, उर्वरक चक्र, जैव-विविधता संरक्षण।

🦟 हानिकारक जन्तु (Harmful Animals)

परिभाषा: वे जन्तु जो फसलों/मानव/पशुओं को प्रत्यक्ष नुकसान पहुँचाते हैं या रोग फैलाते हैं। उदाहरण: मच्छर मलेरिया फैलाते हैं।

मुख्य प्रकार और प्रभाव

  • कीट और कीट-दलों (Pests): टिड्डियाँ, कांटेदार कीट — फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान।
  • रोगवाहक जन्तु (Vectors): मच्छर (मलेरिया, डेंगू), टिक (लाइम रोग), मक्खियाँ (हैजा/फूड-बॉर्न रोग)।
  • घातक और विषैले जन्तु: साँप, स्कॉर्पियन — काटने पर विष।
  • परजीवी: जुग्नि/परजीवी कीड़े जो पशुओं/मनुष्यों में रोग पैदा करते हैं (例: फ्लुक्स, कीड़े)।

कृषि और स्वास्थ्य पर प्रभाव

  • फसल हानि → आर्थिक नुकसान और खाद्य सुरक्षा पर असर।
  • मानव स्वास्थ्य पर बोझ — संक्रामक रोगों से अस्पताल/उपचार की आवश्यकता बढ़ती है।

नियंत्रण और रोकथाम (Control & Prevention)

  • जैविक नियंत्रण: परजीवी, परजीवी-कीट एवं सहायक जीवों का उपयोग (उदा. बैक्टीरिया/कीट परजीवी)।
  • रासायनिक नियंत्रण: कीटनाशक/विषाणुनाशक — सावधानी व नियमन के साथ।
  • संयोजित कीट प्रबंधन (IPM): कृषि में रासायनिक, जैविक और कृषि अभ्यासों का संतुलन।
  • स्वास्थ्य उपाय: मच्छरदानी, साफ़ पानी, स्वच्छता, टीकाकरण और रोग-निगरानी (surveillance)।
  • जैवसुरक्षा व पर्बंधन: विषैले प्रजातियों से बचने के लिए चेतावनी, जहर नियंत्रण और आपात चिकित्सा सुविधाएँ।

घातक रोग और उदाहरण

  • मलेरिया — प्लास्मोडियम परजीवी; एनोफिलिस मच्छर के काटने से फैलता है।
  • डेंगू/चीकुनगुनिया — एडीज़ मच्छर; तीव्र बुखार और जोड़ों का दर्द।
  • रैबीज (Rabies) — ग्रस्त जानवर के काटने से फैलने वाला वायरस।

🌱 पारिस्थितिक एवं आर्थिक दृष्टि से समेकित विचार

  • किसी भी प्रजाति को केवल ‘लाभदायक’ या ‘हानिकारक’ कहना अक्सर सरल होता है—अधिकांश जंतु पारिस्थितिक संतुलन में बहुआयामी भूमिका निभाते हैं (केस्टोन-स्पीशीज़, ईकोसिस्टम-इंजीनियर्स)।
  • उदाहरण: चूहे खेतों में नुकसान कर सकते हैं पर यह भोजन-शृंखला का हिस्सा हैं; नीम कीट नियंत्रक है पर कुछ स्थानों पर खरपतवार भी बन सकता है।
  • सतत प्रबंधन (sustainable management) — जैविक नियंत्रण, संरक्षण, और सामुदायिक जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय हैं।

🔎 महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)

  • विश्व की कई आर्थिक फसलों (फल/सब्ज़ी/नट्स) का 70% से अधिक परागण जंतु (मुख्यतः मधुमक्खियाँ) पर निर्भर है।
  • जैविक खेती में लाभदायक जंतुओं (जैसे कीटभक्षी बग्स) का संरक्षण बहुत जरूरी है।
  • संगठित निगरानी और समय पर कार्रवाई से फसल हानि और रोग-प्रसार को बहुत घटाया जा सकता है।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. पौधे और जन्तु मानव जीवन को लाभ और हानि दोनों पहुँचाते हैं।
  2. लाभदायक पौधे भोजन, रेशे, और औषधि प्रदान करते हैं।
  3. हानिकारक पौधे विषाक्तता या एलर्जी का कारण बनते हैं।
  4. चावल के बीज खाद्य अनाज के रूप में उपयोगी हैं।
  5. गेहूँ से आटा और रोटी बनती है।
  6. पालक की पत्तियाँ सब्जी के रूप में खाई जाती हैं।
  7. आम का फल खाद्य फल है।
  8. हल्दी की जड़ मसाले और औषधि के लिए उपयोगी है।
  9. कपास के बीज के रेशे से कपड़े बनते हैं।
  10. जूट के तने से बोरे और रस्सी बनती है।
  11. सन से लिनन कपड़ा बनता है।
  12. सिसल की पत्तियों से रस्सी बनती है।
  13. नारियल के फल का रेशा चटाई के लिए उपयोगी है।
  14. नीम की पत्तियाँ त्वचा रोगों में उपयोगी हैं।
  15. तुलसी की पत्तियाँ खाँसी और बुखार में लाभकारी हैं।
  16. एलोवेरा का गूदा त्वचा देखभाल में उपयोगी है।
  17. अदरक की जड़ पाचन और सर्दी में मदद करती है।
  18. हल्दी की जड़ घाव भरने में उपयोगी है।
  19. आँवला का फल प्रतिरक्षा बढ़ाता है।
  20. अर्जुन की छाल हृदय रोगों में उपयोगी है।
  21. ब्राह्मी की पत्तियाँ स्मृति वृद्धि में मदद करती हैं।
  22. गिलोय का तना बुखार में उपयोगी है।
  23. सर्पगंधा की जड़ उच्च रक्तचाप में उपयोगी है।
  24. सागौन का तना फर्नीचर के लिए उपयोगी है।
  25. शीशम की लकड़ी फर्नीचर के लिए मजबूत है।
  26. देवदार का तना निर्माण में उपयोगी है।
  27. नीलगिरी का तना ईंधन और कागज के लिए उपयोगी है।
  28. बाँस का तना निर्माण और फर्नीचर के लिए उपयोगी है।
  29. गाय दूध और गोबर प्रदान करती है।
  30. मुर्गी अंडे और माँस देती है।
  31. रेशम कीट से रेशम प्राप्त होता है।
  32. घोड़ा परिवहन में सहायक है।
  33. चूहा प्रयोगशाला शोध में उपयोगी है।
  34. मधुमक्खी शहद और परागण प्रदान करती है।
  35. मच्छर मलेरिया फैलाता है।
  36. टिड्डी फसलों को नष्ट करती है।
  37. पार्थेनियम एलर्जी का कारण बनता है।
  38. धतूरा खाने से विषाक्तता होती है।
  39. लाभदायक पौधे पर्यावरण को ऑक्सीजन देते हैं।
  40. रेशे कपड़े और रस्सी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  41. औषधीय पौधे प्राकृतिक उपचार प्रदान करते हैं।
  42. लकड़ी निर्माण और ऊर्जा के लिए आवश्यक है।
  43. जन्तु भोजन और उत्पाद प्रदान करते हैं।
  44. सहायक जन्तु खेती और परिवहन में मदद करते हैं।
  45. प्रयोगशाला जन्तु दवाओं के परीक्षण में उपयोगी हैं।
  46. हानिकारक जन्तु रोग फैलाते हैं।
  47. पौधों का आर्थिक महत्व खेती और उद्योग में है।
  48. पौधे मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
  49. जन्तु पर्यावरणीय संतुलन में योगदान देते हैं।
  50. लाभदायक पौधे और जन्तु मानव जीवन का आधार हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. पौधों में लैंगिक जनन आनुवंशिक विविधता क्यों उत्पन्न करता है?





2. पौधों में अलैंगिक जनन के क्या लाभ हैं?





3. स्व-परागण और पर-परागण में क्या अंतर है?





4. बीज प्रकीर्णन के क्या तरीके हैं?





5. पौधों में कायिक प्रवर्धन क्यों उपयोगी है?





6. मुकुलन अलैंगिक जनन का एक तरीका है, इसका उदाहरण क्या है?





7. बीजाणु निर्माण से पौधों में जनन कैसे होता है?





8. फूल में नर जनन अंग कौन सा है?





9. फूल में मादा जनन अंग कौन सा है?





10. बाह्यदल का कार्य क्या है?





11. पंखुड़ियों का कार्य क्या है?





12. परागण क्या है?





13. परागण का एक एजेंट कौन सा है?





14. पराग नलिका का कार्य क्या है?





15. निषेचन का परिणाम क्या है?





16. बीज प्रकीर्णन का उद्देश्य क्या है?





17. हवा द्वारा बीज प्रकीर्णन का उदाहरण क्या है?





18. पानी द्वारा बीज प्रकीर्णन का उदाहरण क्या है?





19. जन्तुओं द्वारा बीज प्रकीर्णन का उदाहरण क्या है?





20. विस्फोट द्वारा बीज प्रकीर्णन का उदाहरण क्या है?





21. लैंगिक जनन का लाभ क्या है?





22. अलैंगिक जनन का लाभ क्या है?





23. जायांग में क्या होता है?





24. परागण के लिए हवा का उदाहरण कौन सा है?





25. पानी द्वारा परागण का उदाहरण क्या है?





26. युग्मनज क्या बनाता है?





27. खंडन का उदाहरण कौन सा है?





28. फल का कार्य क्या है?





29. बीजों में क्या होता है?





30. पौधों में परागण के एजेंट क्या हो सकते हैं?