वायु का संघटन
वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है, जिसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन (78%), ऑक्सीजन (21%), और अन्य गैसें (1%) शामिल हैं। यह जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण: हम जो हवा साँस लेते हैं, उसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्रमुख हैं।
- नाइट्रोजन: 78%, रासायनिक रूप से कम सक्रिय, प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड निर्माण में सहायक।
- ऑक्सीजन: 21%, जीवन के लिए आवश्यक, जलने और श्वसन क्रिया में उपयोग।
- अन्य गैसें:
- आर्गन (0.93%) – बल्बों और वेल्डिंग में।
- कार्बन डाइऑक्साइड (0.04%) – पौधों के लिए प्रकाश-संश्लेषण।
- हीलियम, नियोन, क्रिप्टॉन, जेनेन – विशेष उद्योगों और उपकरणों में।
- जलवाष्प: 0–4%, मौसम और वर्षा में भूमिका।
वायु के अन्य घटक और उनका उपयोग
- आर्गन: बल्बों में भराई और वेल्डिंग। उदाहरण: टंग्स्टन बल्ब में आर्गन गैस।
- कार्बन डाइऑक्साइड: पौधों का भोजन निर्माण, कोल्ड ड्रिंक में गैस। उदाहरण: CO₂ से पौधों का प्रकाश-संश्लेषण।
- हीलियम: हलके गुब्बारे और एयरशिप। उदाहरण: उत्सवों में उड़ते गुब्बारे।
- ओज़ोन: वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा। उदाहरण: ओज़ोन परत सूर्य की UV किरणों को रोकती है।
जलवाष्प और अन्य ठोस कण
वायु में जलवाष्प (नमी) और ठोस कण (जैसे धूल, परागकण, धुआँ) उपस्थित होते हैं।
- जलवाष्प: बादल, वर्षा और कोहरे का कारण। उदाहरण: बारिश से पहले वातावरण में नमी।
- ठोस कण: धूल, परागकण, नमक के कण। उदाहरण: हवा में उड़ती धूल और परागकण।
- वायु में सूक्ष्म जीवाणु: बैक्टीरिया, वायरस और फंगल कण। उदाहरण: बीमारियों का संचरण हवा के माध्यम से।
धूल और अन्य वायु प्रदूषक
वायु में ऐसे हानिकारक कण और गैसें जो प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न करते हैं।
- धूल: मिट्टी, रेत और अन्य सूक्ष्म कण। उदाहरण: रेगिस्तान से उड़ती धूल।
- धुआँ: उद्योग, वाहन और जलने वाली चीज़ों से। उदाहरण: शहरों में वाहन धुआँ।
- रासायनिक गैसें: सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड। उदाहरण: कारखानों का रासायनिक उत्सर्जन।
- स्वास्थ्य प्रभाव: अस्थमा, फेफड़े और हृदय रोग।
- वातावरणीय प्रभाव: अम्लीय वर्षा, वायु की गुणवत्ता में गिरावट।
वायु की विशेषताएँ और महत्व
- जीवन के लिए आवश्यक: ऑक्सीजन श्वसन के लिए, कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश-संश्लेषण के लिए।
- गति और ध्वनि का माध्यम: हवा में ध्वनि तरंगों का संचरण।
- जलवायु नियंत्रक: मौसम और तापमान बनाए रखना।
- ऊर्जा का स्रोत: पवन ऊर्जा के लिए हवा का उपयोग।
- प्रदूषण निगरानी: वायु में प्रदूषक गैसें और पार्टिकुलेट्स पर्यावरणीय संतुलन पर प्रभाव डालते हैं।
वायु संरक्षण
- महत्व: स्वच्छ हवा स्वास्थ्य, जीवन और पर्यावरण के लिए जरूरी।
- तरीके:
- वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाना।
- औद्योगिक और वाहन प्रदूषण नियंत्रण।
- नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग।
- जन जागरूकता और पर्यावरणीय शिक्षा।
वायु प्रदूषण
वायु में हानिकारक गैसों, धूल, धुआँ और रासायनिक पदार्थों का मिश्रण जो स्वास्थ्य, जीवन और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है। उदाहरण: दिल्ली में सर्दियों में धुंध (स्मॉग)।
- प्रभाव: श्वसन रोग, आंखों और त्वचा की समस्याएँ, दृश्यता में कमी।
- महत्व: स्वच्छ हवा जीवन के लिए आवश्यक, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से।
वायु प्रदूषण के कारण
मानवीय और प्राकृतिक गतिविधियाँ जो वायु में हानिकारक कण और गैसें जोड़ती हैं।
- मानवीय कारण:
- वाहन: पेट्रोल, डीजल से निकास। उदाहरण: शहरों में कारों का धुआँ।
- उद्योग: रासायनिक और कार्बन उत्सर्जन। उदाहरण: फैक्ट्रियों से SO₂, NO₂।
- कृषि: कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव। उदाहरण: खेतों से रसायन बहकर नदियों में।
- प्राकृतिक कारण:
- ज्वालामुखी विस्फोट। उदाहरण: राख और गैसों का उत्सर्जन।
- धूल भरी आँधियाँ। उदाहरण: रेगिस्तानी तूफान।
वायु प्रदूषण: समस्या और समाधान
समस्याएँ: स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव। उदाहरण: स्मॉग से श्वसन कठिनाई, जलवायु परिवर्तन।
समाधान:
- स्वच्छ ऊर्जा और ईंधन: CNG, इलेक्ट्रिक वाहन।
- उत्सर्जन नियंत्रण: कारखानों में फिल्टर, स्मॉग टॉवर।
- वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र: पेड़ CO₂ अवशोषित करते हैं।
- जन जागरूकता: पर्यावरण शिक्षा और अभियान।
- प्रदूषण निगरानी: AQI और सरकारी नियम।
वायु प्रदूषण के प्रभाव
- स्वास्थ्य: अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, हृदय रोग।
- पर्यावरण: पौधों का ह्रास, जलीय जीवन प्रभावित।
- दृश्यता: धुंध और स्मॉग के कारण कमी।
- आर्थिक प्रभाव: स्वास्थ्य खर्च, कृषि उत्पादकता में कमी।
अम्ल वर्षा
वायु में SO₂ और NO₂ जैसी गैसों के कारण वर्षा अम्लीय हो जाती है। उदाहरण: ताजमहल का रासायनिक क्षरण।
- कारण: औद्योगिक और वाहन उत्सर्जन।
- प्रभाव: मिट्टी और जल की अम्लता बढ़ना, स्मारकों और पौधों का ह्रास।
- समाधान: उत्सर्जन नियंत्रण, सल्फर कैप्चर तकनीक।
हरितगृह प्रभाव
वायुमंडल में CO₂, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसें सूर्य की गर्मी को रोकती हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है। उदाहरण: ग्लोबल वार्मिंग और हिमालय में ग्लेशियर पिघलना।
- कारण: जीवाश्म ईंधन का जलना, जंगलों की कटाई, कृषि गतिविधियाँ।
- प्रभाव: मौसम परिवर्तन, समुद्र स्तर बढ़ना, बर्फ और ग्लेशियर पिघलना।
- समाधान: नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, वृक्षारोपण, हरित तकनीक।
वायु प्रदूषण की निगरानी
- AQI (Air Quality Index): वायु की गुणवत्ता मापने का पैमाना।
- प्रदूषण घटक: PM2.5, PM10, CO, NO₂, SO₂, O₃।
- सरकारी उपाय: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाहन उत्सर्जन मानक।
व्यक्तिगत और सामूहिक बचाव उपाय
- मास्क का उपयोग (PM2.5 के लिए)।
- घर और स्कूल में वायु शुद्धिकरण।
- पेड-पौधे लगाना और हरित क्षेत्र बढ़ाना।
- स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग।