किशोरावस्था

दीक्षा लिंक: https://diksha.gov.in/dial/YYYYYY

विस्तृत नोट्स

किशोरावस्था: परिचय

जीवन काल की वह अवधि जब शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आ जाती है, किशोरावस्था कहलाती है। यह अवधि सामान्यतः 11-12 वर्ष से प्रारंभ होकर 18-19 वर्ष तक रहती है। इस दौरान शारीरिक, मानसिक, और संवेदनात्मक परिवर्तन होते हैं जो व्यक्ति को वयस्कता के लिए तैयार करते हैं।

उम्र के साथ शारीरिक बदलाव

किशोरावस्था में शरीर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • लंबाई में वृद्धि: किशोरावस्था में हड्डियों और मांसपेशियों का तेजी से विकास होता है, जिससे लंबाई बढ़ती है।
  • शारीरिक बनावट में परिवर्तन: कंधे चौड़े (लड़कों में) और कूल्हे चौड़े (लड़कियों में) होने जैसे बदलाव।
  • स्वर में बदलाव: लड़कों का स्वर गहरा और भारी हो जाता है, जबकि लड़कियों का स्वर उच्च तारत्व (पिच) वाला होता है। लड़कों में स्वर यंत्र के उभार को कंठ मणि (एडम्स ऐपल) कहते हैं।
  • स्वेद और तेल ग्रंथियों में सक्रियता: पसीने और तैलीय स्राव बढ़ते हैं, जिससे मुहांसे हो सकते हैं।
  • जननांगों की परिपक्वता: नर और मादा जननांग परिपक्व होकर प्रजनन के लिए तैयार होते हैं।
  • मानसिक और संवेदनात्मक विकास: स्वतंत्र सोच, भावनात्मक संवेदनशीलता, और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

स्वास्थ्य पोषण योजना

किशोरावस्था में तेजी से होने वाले शारीरिक विकास के लिए संतुलित आहार आवश्यक है। पोषण योजना में शामिल होना चाहिए:

  • प्रोटीन (दाल, अंडा, दूध) मांसपेशियों और ऊतकों के लिए।
  • कार्बोहाइड्रेट (अनाज, चावल) ऊर्जा के लिए।
  • विटामिन और खनिज (फल, सब्जियाँ) रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए।
  • कैल्शियम और आयरन (दूध, पालक) हड्डियों और रक्त के लिए।
  • पर्याप्त पानी और कम जंक फूड।

नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

द्वितीय लैंगिक लक्षण

कुछ लक्षण जो किशोरावस्था में विकसित होते हैं और पुरुष व स्त्री के अंतर को स्पष्ट करते हैं, द्वितीय लैंगिक लक्षण कहलाते हैं। उदाहरण:

  • लड़कों में: चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ, कंधों का चौड़ा होना, मांसपेशियों का विकास।
  • लड़कियों में: स्तनों का विकास, कूल्हों का चौड़ा होना, शरीर का गोलाकार होना।

ये परिवर्तन हार्मोनों के प्रभाव से होते हैं। वृषण में टेस्टोस्टेरोन और अण्डाशय में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव शुरू होता है।

प्रजनन और जनन स्वास्थ्य

प्रजनन स्वास्थ्य में शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक स्वास्थ्य शामिल है।

  • ऋतु स्राव चक्र (मासिक धर्म): लड़कियों में 11-12 वर्ष की आयु से शुरू होकर 45-50 वर्ष तक चलता है। यह प्रत्येक 28-30 दिन में होता है। पहला मासिक धर्म रजोदर्शन और अंतिम रजोनिवृत्ति कहलाता है।
  • विवाह की आयु: लड़कियों के लिए न्यूनतम 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष। इससे पहले विवाह शारीरिक और मानसिक रूप से हानिकारक है।
  • स्वच्छता: मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, जैसे सैनिटरी पैड का उपयोग और नियमित स्नान, महत्वपूर्ण है।

लिंग निर्धारण

मनुष्य में 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं। 22 जोड़े शारीरिक लक्षणों (रंग, लंबाई) के लिए उत्तरदायी हैं, जबकि 23वाँ जोड़ा लिंग गुणसूत्र (X और Y) है।

  • XX: लड़की।
  • XY: लड़का। Y गुणसूत्र लड़का होने के लिए उत्तरदायी है।

भारत सरकार ने लिंगानुपात असमानता को दूर करने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (22 जनवरी 2015) और PCPNDT Act 1994 (कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रसव पूर्व लिंग जाँच पर प्रतिबंध) लागू किया।

धूम्रपान और मादक द्रव्यों के दुष्प्रभाव

धूम्रपान और मादक द्रव्यों का सेवन किशोरों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

  • धूम्रपान: फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, श्वसन समस्याएँ।
  • मादक द्रव्य: मस्तिष्क क्षति, यकृत रोग, मानसिक विकार।
  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस: 31 मई को मनाया जाता है।

किशोरों को इनके प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।

जनसंख्या वृद्धि: कारण और कुप्रभाव

2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की जनसंख्या लगभग 121 करोड़ थी, और यह विश्व में दूसरा स्थान रखता है। विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है।

कारण:

  • उच्च जन्म दर।
  • निम्न मृत्यु दर (चिकित्सा सुधार के कारण)।
  • शिक्षा और जागरूकता की कमी।
  • प्रजनन-निरोध विधियों का कम उपयोग।

कुप्रभाव:

  • संसाधनों की कमी (पानी, भोजन, आवास)।
  • बेरोजगारी और गरीबी।
  • पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का ह्रास।

प्रजनन-निरोध विधियों का प्रसार

जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रजनन-निरोध विधियाँ महत्वपूर्ण हैं। इनमें शामिल हैं:

  • अस्थायी विधियाँ: कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियाँ, कॉपर-टी।
  • स्थायी विधियाँ: नसबंदी (पुरुषों में), ट्यूबेक्टॉमी (महिलाओं में)।

इन विधियों का प्रसार जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से किया जाता है।

परिवार कल्याण कार्यक्रम

भारत सरकार ने परिवार कल्याण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं:

  • मिशन इंद्रधनुष: 25 दिसंबर 2014 को शुरू, 2020 तक बच्चों को डिप्थीरिया, खसरा, पोलियो आदि के सात टीकों से पूर्ण टीकाकरण।
  • जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK): 1 जून 2011 को शुरू, गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ।
  • जननी सुरक्षा योजना: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत, गरीब गर्भवती महिलाओं के लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: 102 (राष्ट्रीय) और 108 (प्रादेशिक) नंबरों पर एम्बुलेंस सेवाएँ।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. किशोरावस्था 11-12 से 18-19 वर्ष की आयु तक होती है।
  2. किशोरावस्था में जनन परिपक्वता प्राप्त होती है।
  3. लंबाई में वृद्धि किशोरावस्था का प्रमुख शारीरिक बदलाव है।
  4. लड़कों में कंधे चौड़े होते हैं।
  5. लड़कियों में कूल्हे चौड़े होते हैं।
  6. लड़कों का स्वर गहरा और भारी हो जाता है।
  7. लड़कियों का स्वर उच्च तारत्व वाला होता है।
  8. कंठ मणि लड़कों में स्वर यंत्र का उभार है।
  9. स्वेद ग्रंथियाँ किशोरावस्था में अधिक सक्रिय होती हैं।
  10. तेल ग्रंथियाँ मुहांसों का कारण बन सकती हैं।
  11. जननांग किशोरावस्था में परिपक्व होते हैं।
  12. मानसिक विकास किशोरावस्था में स्वतंत्र सोच को बढ़ाता है।
  13. संतुलित आहार किशोरावस्था में आवश्यक है।
  14. प्रोटीन मांसपेशियों के लिए जरूरी है।
  15. कैल्शियम हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है।
  16. आयरन रक्त निर्माण के लिए आवश्यक है।
  17. नियमित व्यायाम स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
  18. द्वितीय लैंगिक लक्षण पुरुष-स्त्री अंतर को दर्शाते हैं।
  19. लड़कों में दाढ़ी और मूंछ विकसित होती है।
  20. लड़कियों में स्तन विकास होता है।
  21. टेस्टोस्टेरोन पुरुष हार्मोन है।
  22. एस्ट्रोजन स्त्री हार्मोन है।
  23. अंतःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाविहीन होती हैं।
  24. हार्मोन रक्त में सीधे स्रावित होते हैं।
  25. ऋतु स्राव चक्र 28-30 दिन का होता है।
  26. रजोदर्शन पहला मासिक धर्म है।
  27. रजोनिवृत्ति 45-50 वर्ष में होती है।
  28. लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
  29. लड़कों के विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है।
  30. 18 वर्ष से पहले विवाह हानिकारक है।
  31. मनुष्य में 46 गुणसूत्र होते हैं।
  32. 23वाँ जोड़ा लिंग गुणसूत्र है।
  33. XX गुणसूत्र लड़की के लिए उत्तरदायी है।
  34. XY गुणसूत्र लड़का होने के लिए उत्तरदायी है।
  35. Y गुणसूत्र पुरुष लिंग निर्धारण करता है।
  36. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना 22 जनवरी 2015 को शुरू हुई।
  37. PCPNDT Act 1994 कन्या भ्रूण हत्या रोकता है।
  38. धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का कारण बनता है।
  39. मादक द्रव्य मस्तिष्क को नुकसान पहुँचाते हैं।
  40. विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को मनाया जाता है।
  41. भारत की जनसंख्या 2011 में 121 करोड़ थी।
  42. भारत जनसंख्या में विश्व में दूसरे स्थान पर है।
  43. विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है।
  44. उच्च जन्म दर जनसंख्या वृद्धि का कारण है।
  45. निम्न मृत्यु दर जनसंख्या वृद्धि में योगदान देती है।
  46. शिक्षा की कमी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ाती है।
  47. संसाधनों की कमी जनसंख्या वृद्धि का कुप्रभाव है।
  48. बेरोजगारी जनसंख्या वृद्धि का परिणाम है।
  49. पर्यावरण प्रदूषण जनसंख्या वृद्धि से बढ़ता है।
  50. कंडोम एक अस्थायी प्रजनन-निरोध विधि है।
  51. नसबंदी एक स्थायी प्रजनन-निरोध विधि है।
  52. प्रजनन-निरोध विधियाँ जनसंख्या नियंत्रण में मदद करती हैं।
  53. मिशन इंद्रधनुष 25 दिसंबर 2014 को शुरू हुआ।
  54. मिशन इंद्रधनुष सात टीकों का लक्ष्य रखता है।
  55. जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम 1 जून 2011 को शुरू हुआ।
  56. जननी सुरक्षा योजना मातृ मृत्यु दर कम करती है।
  57. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाएँ प्रदान करता है।
  58. किशोरावस्था में भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ती है।
  59. स्वच्छता मासिक धर्म के दौरान महत्वपूर्ण है।
  60. सैनिटरी पैड का उपयोग स्वच्छता बनाए रखता है।
  61. किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।
  62. टेस्टोस्टेरोन दाढ़ी और मूंछ के लिए उत्तरदायी है।
  63. एस्ट्रोजन स्तन विकास के लिए उत्तरदायी है।
  64. किशोरावस्था में जंक फूड कम खाना चाहिए।
  65. पर्याप्त नींद किशोर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
  66. कन्या भ्रूण हत्या गैरकानूनी है।
  67. लिंग जाँच पर प्रतिबंध PCPNDT Act द्वारा है।
  68. किशोरावस्था तनाव और संघर्ष की अवस्था है।
  69. मादक द्रव्यों से यकृत रोग हो सकता है।
  70. जनसंख्या नियंत्रण के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है।
  71. कॉपर-टी एक गर्भनिरोधक उपकरण है।
  72. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
  73. किशोरावस्था में हार्मोन परिवर्तन प्रमुख हैं।
  74. संतुलित आहार किशोरों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. किशोरावस्था की आयु सीमा क्या है?





2. किशोरावस्था में क्या प्राप्त होता है?





3. किशोरावस्था में लड़कों का स्वर कैसा होता है?





4. कंठ मणि क्या है?





5. द्वितीय लैंगिक लक्षण का उदाहरण है:





6. लड़कियों में द्वितीय लैंगिक लक्षण है:





7. टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कहाँ बनता है?





8. एस्ट्रोजन हार्मोन का प्रभाव है:





9. पहला मासिक धर्म क्या कहलाता है?





10. रजोनिवृत्ति कब होती है?





11. लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु क्या है?





12. मनुष्य में कितने गुणसूत्र होते हैं?





13. लड़का होने के लिए कौन सा गुणसूत्र उत्तरदायी है?





14. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना कब शुरू हुई?





15. PCPNDT Act का उद्देश्य क्या है?





16. धूम्रपान का दुष्प्रभाव है:





17. विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब मनाया जाता है?





18. भारत की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?





19. विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है?





20. मिशन इंद्रधनुष कब शुरू हुआ?





21. मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य क्या है?





22. जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम कब शुरू हुआ?





23. जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य है:





24. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एम्बुलेंस सेवा के लिए नंबर है:





25. जनसंख्या वृद्धि का प्रमुख कारण है:





26. जनसंख्या वृद्धि का कुप्रभाव है:





27. अस्थायी प्रजनन-निरोध विधि का उदाहरण है:





28. स्थायी प्रजनन-निरोध विधि का उदाहरण है:





29. किशोरावस्था को स्टेनले हॉल ने क्या कहा?





30. संतुलित आहार में क्या शामिल होना चाहिए?