हमारा उत्तर प्रदेश: संपूर्ण अध्ययन

स्थापना

24 जनवरी 1950

राजधानी

लखनऊ

जनसंख्या

लगभग 24 करोड़

क्षेत्रफल

240,928 वर्ग किमी

जिले

75

भूगोल
इतिहास
अर्थव्यवस्था
संस्कृति
प्रशासन

उत्तर प्रदेश: मूल तथ्य

भौगोलिक स्थिति

उत्तर प्रदेश भारत के उत्तरी भाग में स्थित है। इसकी सीमाएँ उत्तर में उत्तराखंड और नेपाल, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं।

जलवायु

उत्तर प्रदेश की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी है। ग्रीष्म ऋतु में तापमान 45°C तक पहुँच जाता है, जबकि शीत ऋतु में 5°C तक गिर जाता है। औसत वार्षिक वर्षा 100 से 200 सेमी के बीच होती है।

मृदा प्रकार

राज्य में मुख्यतः तीन प्रकार की मिट्टी पाई जाती है: जलोढ़ मिट्टी (गंगा मैदान), काली मिट्टी (बुंदेलखंड), और लाल मिट्टी (विंध्य क्षेत्र)। जलोढ़ मिट्टी सबसे उपजाऊ है और गेहूं, चावल, गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त है।

नदियाँ (Rivers of Uttar Pradesh)

  • गंगा नदी: उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण नदी, जो राज्य में 631 किमी बहती है। हरिद्वार से प्रवेश कर प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर से होकर बिहार में प्रवेश करती है।
  • यमुना नदी: गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी, राज्य में 1,376 किमी बहती है। प्रयागराज में गंगा से मिलती है।
  • घाघरा नदी: हिमालय से निकलने वाली यह नदी बहराइच, गोंडा, फैजाबाद से होकर बहती है और छपरा के पास गंगा में मिल जाती है।
  • गोमती नदी: पीलीभीत से निकलकर लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर से होकर गाजीपुर में गंगा में मिलती है।
  • सरयू नदी: यह नदी बहराइच, गोंडा, फैजाबाद से होकर बहती है और घाघरा में मिल जाती है।
  • बेतवा नदी: विंध्य पर्वत से निकलकर झांसी, ओरछा से होकर बहती है और यमुना में मिल जाती है।
नोट: नदियाँ राज्य की जीवनरेखा हैं, लेकिन प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से खतरा। सतत प्रबंधन आवश्यक, जैसे नमामी गंगे परियोजना।

पर्वत और पहाड़ियाँ (Mountains & Hills of Uttar Pradesh)

  • तराई एवं भाभर क्षेत्र: उत्तरी उत्तर प्रदेश में हिमालय की तलहटी में स्थित, यह क्षेत्र नम और दलदली है। यहाँ घने वन और वन्यजीव पाए जाते हैं।
  • शिवालिक पहाड़ियाँ: सहारनपुर जिले में स्थित, ये हिमालय की सबसे दक्षिणी श्रेणी हैं।
  • विंध्य पर्वतमाला: दक्षिणी उत्तर प्रदेश में फैली यह पर्वत श्रृंखला मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर जिलों में स्थित है।
  • कैमूर पहाड़ियाँ: सोनभद्र जिले में स्थित, ये पहाड़ियाँ खनिज संपदा से भरपूर हैं।
नोट: पहाड़ियाँ जैव विविधता और जल स्रोत प्रदान करती हैं, लेकिन वनों की कटाई से मिट्टी क्षरण हो रहा है। संरक्षण से पर्यटन बढ़ सकता है।

पठार (Plateaus of Uttar Pradesh)

  • बुंदेलखंड का पठार: यह पठारी क्षेत्र झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जिलों में फैला है। यहाँ की मिट्टी कम उपजाऊ है और जल संकट एक बड़ी समस्या है।
  • विंध्य पठार: मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में फैला यह पठार खनिज संपदा से भरपूर है।
  • बघेलखंड का पठार: सोनभद्र जिले का कुछ हिस्सा इस पठार में आता है।
नोट: पठार खनिज समृद्ध लेकिन जल संकटग्रस्त; सतत खनन और जल संरक्षण आवश्यक।

वन और वनस्पति (Forests & Vegetation of Uttar Pradesh)

वन क्षेत्र (2021):
6.88% (भौगोलिक क्षेत्र)
  • तराई और भाभर क्षेत्र के वन: उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन, साल प्रमुख वृक्ष।
  • दुधवा नेशनल पार्क: लखीमपुर खीरी जिले में स्थित, यह बाघ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
  • पीलीभीत टाइगर रिज़र्व: पीलीभीत जिले में स्थित, यह तराई क्षेत्र में बाघों का महत्वपूर्ण आवास है।
  • बुंदेलखंड और सोनभद्र के वन: शुष्क पर्णपाती वन, सागौन, बबूल प्रमुख वृक्ष।
  • प्रमुख वृक्ष: साल, शीशम, सागौन, आम, बबूल, नीम।
  • वन्य जीव संरक्षण: बाघ, हाथी, बारहसिंगा, मगरमच्छ, गिद्ध; दुधवा में संरक्षण।
नोट: वन जैव विविधता बनाए रखते हैं, लेकिन 2024 में 133 हेक्टेयर हानि हुई। इको-टूरिज्म से संरक्षण और आय बढ़ सकती है।

उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक महत्व

  • प्राचीन काल: उत्तर प्रदेश प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण साम्राज्यों का केंद्र रहा है। यहाँ वैदिक सभ्यता, महाजनपद (कौशल, वत्स, पांचाल), मौर्य साम्राज्य और गुप्त साम्राज्य का विकास हुआ।
  • मध्यकाल: दिल्ली सल्तनत और मुगल साम्राज्य के दौरान उत्तर प्रदेश भारतीय उपमहाद्वीप का राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र बना रहा। आगरा और फतेहपुर सीकरी मुगल साम्राज्य की राजधानी रहे।
  • भक्ति आंदोलन: उत्तर प्रदेश भक्ति आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। कबीर, रैदास, सूरदास, तुलसीदास जैसे संतों ने यहाँ जन्म लिया और अपनी रचनाएँ दीं।
  • 1857 का विद्रोह: उत्तर प्रदेश 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख केंद्र था। मेरठ, कानपुर, लखनऊ और झांसी में महत्वपूर्ण युद्ध हुए।
  • स्वतंत्रता आंदोलन: उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। चौरी-चौरा कांड, काकोरी कांड, नमक सत्याग्रह जैसी महत्वपूर्ण घटनाएँ यहाँ हुईं।

ऐतिहासिक स्थल

ताजमहल, आगरा

मुगल बादशाह शाहजहाँ द्वारा 1632-1653 के बीच बनवाया गया सफेद संगमरमर का मकबरा, UNESCO विश्व धरोहर स्थल।

आगरा का किला

मुगल सम्राट अकबर द्वारा 1565-1573 के बीच बनवाया गया लाल बलुआ पत्थर का किला, UNESCO विश्व धरोहर स्थल।

फतेहपुर सीकरी

अकबर द्वारा 1571-1585 के बीच बनवाया गया शहर, मुगल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण, UNESCO विश्व धरोहर स्थल।

सारनाथ, वाराणसी

बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था

सकल राज्य घरेलू उत्पाद (2022-23):
लगभग 24.39 लाख करोड़ रुपये
प्रति व्यक्ति आय (2022-23):
लगभग 98,747 रुपये

कृषि

  • प्रमुख फसलें: गेहूं, चावल, गन्ना, दलहन, तिलहन, आलू, जौ, मक्का
  • भारत में स्थान: सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक, दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक
  • कृषि योग्य भूमि: राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 65%
  • सिंचाई स्रोत: नहरें, नलकूप, तालाब, कुँए

उद्योग

  • चीनी उद्योग: भारत का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक, 150 से अधिक चीनी मिलें
  • वस्त्र उद्योग: कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, मुरादाबाद में केंद्रित
  • चमड़ा उद्योग: कानपुर और आगरा में केंद्रित, भारत का 60% चमड़ा निर्यात
  • हस्तशिल्प: मुरादाबाद (पीतल की वस्तुएं), फिरोजाबाद (कांच की चूड़ियां), सहारनपुर (लकड़ी की नक्काशी), वाराणसी (रेशमी साड़ियां)

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत

धार्मिक महत्व

  • हिंदू धर्म: वाराणसी (काशी), प्रयागराज, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, चित्रकूट, विंध्याचल जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल
  • बौद्ध धर्म: सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशाम्बी जैसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थल
  • जैन धर्म: श्रावस्ती, कौशाम्बी, कुशीनगर जैसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थस्थल

लोक कला और शिल्प

चिकनकारी

लखनऊ की प्रसिद्ध सुई कढ़ाई की कला, जो मलमल और रेशम के कपड़ों पर की जाती है।

जरदोजी

लखनऊ की सोने-चांदी के तारों से की जाने वाली कढ़ाई की कला।

बनारसी साड़ी

वाराणसी में बनने वाली रेशमी साड़ियाँ, जो जरी के काम और ज्यामितीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध हैं।

उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा

विधानसभा सीटें:
403
लोकसभा सीटें:
80 (सबसे अधिक)

प्रशासनिक प्रभाग

  • मंडल: 18 (आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, देवीपाटन, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, प्रयागराज)
  • जिले: 75
  • तहसील: 351
  • विकास खंड: 822

यातायात एवं परिवहन (Transport in Uttar Pradesh)

नोट: परिवहन विकास को गति देता है, लेकिन ट्रैफिक, प्रदूषण चुनौती। सतत परिवहन जैसे EV जरूरी। महत्वपूर्ण तथ्य: 50 विश्व स्तरीय रेल स्टेशन।