परिचय

भोजन, स्वास्थ्य, और स्वच्छता मानव जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं, जो पर्यावरण अध्ययन का हिस्सा हैं। यह अध्याय भोजन के प्रकार, पोषण, बीमारियों, और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों को कवर करता है। ये विषय SSC, PCS, TET, IAS, और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान और पर्यावरण अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस पेज में विस्तृत नोट्स दिए गए हैं, जो परीक्षा preparation के लिए उपयोगी हैं।

भोजन क्या है?

भोजन वह पदार्थ है जो जीवधारियों को ऊर्जा, वृद्धि, और जीवन प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। यह पौधों, जंतुओं, या अन्य स्रोतों से प्राप्त होता है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, और खनिज जैसे घटक शामिल होते हैं।

भोजन के आधार पर जीवों के प्रकार

जीवों को उनके भोजन की प्रकृति के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में बाँटा जाता है:

प्रकार विवरण उदाहरण
शाकाहारी (Herbivores) केवल पौधों का भोजन करने वाले जीव। गाय, हिरण, खरगोश
मांसाहारी (Carnivores) केवल मांस खाने वाले जीव। शेर, चीता, बाज
सर्वाहारी (Omnivores) पौधे और मांस दोनों खाने वाले जीव। मनुष्य, भालू, कौआ
परजीवी (Parasites) दूसरे जीवों पर निर्भर रहने वाले। जूं, टेपवर्म
मृतजीवी (Saprophytes) सड़े-गले पदार्थों से भोजन प्राप्त करने वाले। कवक, कुछ बैक्टीरिया

पौधों के खाये जाने वाले भाग

पौधों के विभिन्न भाग मनुष्यों और जंतुओं के लिए भोजन का स्रोत हैं:

पौधे का भाग उदाहरण
जड़ गाजर, मूली, शकरकंद, चुकंदर, टर्निप, ककड़ी के जड़ भाग
तना / कंद आलू, गन्ना, अदरक, अरबी, रतालू, सूरन
पत्तियाँ पालक, मेथी, धनिया, कोलार्ड, लेट्यूस, पुदीना, बंद गोभी
फूल केला, फूलगोभी, ब्रोकोली, करेला फूल, लौकी का फूल
फल सेब, आम, टमाटर, खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, शिमला मिर्च
बीज / अंकुर गेहूँ, चावल, मूंगफली, राजमा, उड़द, मक्का, सूरजमुखी के बीज
बीज पुट / फलियां चना, मटर, सोयाबीन, दालें
लताएँ / कली / अंकुर मूली का अंकुर, अलसी के अंकुर, ब्रोकली के अंकुर

🌱 अतिरिक्त तथ्य:

भोजन पकाने के अलग-अलग तरीके

भोजन को स्वादिष्ट, सुरक्षित और पचने योग्य बनाने के लिए विभिन्न तरीकों से पकाया जाता है। हर तरीका भोजन के पोषण और स्वाद को अलग रूप में प्रभावित करता है।

🌟 अतिरिक्त तथ्य:

भोजन के घटक

भोजन में निम्नलिखित पोषक तत्व शामिल होते हैं:

घटक कार्य स्रोत
कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा प्रदान करते हैं। चावल, गेहूँ, आलू
प्रोटीन शारीरिक वृद्धि और मरम्मत। दाल, अंडा, मछली
वसा ऊर्जा भंडारण और गर्मी। घी, तेल, मेवे
विटामिन विशिष्ट शारीरिक कार्य। फल, सब्जियाँ
खनिज हड्डियों, दाँतों, और रक्त के लिए। दूध, पालक, नमक
रेशा (Fiber) पाचन में सहायता। सब्जियाँ, अनाज
जल शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक। पानी, फल

संतुलित आहार

संतुलित आहार वह भोजन है जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में मौजूद हों। यह शरीर को स्वस्थ रखता है और रोगों से बचाता है। संतुलित आहार में शामिल हैं:

मिड डे मील

भारत में सभी बच्चों को संतुलित आहार नहीं मिल पाता, खास तौर से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को। इसलिए सरकार ने प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्तर तक के उन सभी बच्चों को जो सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, मुफ्त संतुलित आहार देने का निर्णय 2001 में लिया था। परन्तु इस निर्णय को 2004 में लागू किया गया। इस तरह 2004 में पूरे भारत के सभी सरकारी स्कूलों में 'मिड डे मील' योजना शुरू हुई। इसके अंतर्गत उच्च प्राइमरी स्तर तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को दोपहर में मुफ्त संतुलित आहार प्रदान किया जाता है।

🎯 उद्देश्य:

💡 लाभ:

🍲 पोषण और भोजन:

मिड डे मील में बच्चों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स युक्त संतुलित आहार प्रदान किया जाता है। भोजन में शामिल होते हैं:

📊 तथ्य और आंकड़े:

📌 अतिरिक्त तथ्य:

क्षेत्रीय व्यंजन और राज्यवार खाद्य पदार्थ

भारत के विभिन्न राज्यों के व्यंजन अपनी विविधता, स्वाद और पोषण के लिए प्रसिद्ध हैं। प्रत्येक राज्य का व्यंजन स्थानीय जलवायु, कृषि और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है:

राज्य/क्षेत्र प्रसिद्ध व्यंजन/खाद्य पदार्थ विशेषताएँ और पोषण
उत्तर भारत छोले-भटूरे, राजमा-चावल, पराठा अधिकतर गेहूँ आधारित व्यंजन। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट युक्त। मसालेदार।
दक्षिण भारत इडली, डोसा, सांभर, रसम चावल और दाल आधारित। हल्का और सुपाच्य। प्रोटीन युक्त।
पूर्वी भारत लिट्टी-चोखा, मछली करी, रसगुल्ला चावल और मछली प्रमुख। मिठाइयों में सूजी, दूध और चावल। प्रोटीन और कैल्शियम युक्त।
पश्चिमी भारत ढोकला, वड़ा पाव, पाव भाजी अनाज और दाल आधारित। हल्के स्नैक्स और पोषक तत्वों से भरपूर। मसालेदार।
उत्तर-पूर्वी भारत मॉमोज़, टमाटर-चिली करी, सत्तू सब्जियों और मांस आधारित। प्रोटीन और फाइबर युक्त। हल्का और सुपाच्य।
केरल और दक्षिण-पश्चिम संपूर्ण राइस थाली, एपम, इडियप्पम नारियल और मसालों का अधिक उपयोग। हेल्दी फैट और फाइबर युक्त।
असम मसूर टेंगा (मछली), बाँस, चावल मछली आधारित हल्के व्यंजन। प्रोटीन युक्त।
गोवा मछली (नारियल के तेल में बनी) मछली और नारियल तेल से बने स्वादिष्ट व्यंजन।
गुजरात ढोकला, खांडवी, लेमन राइस हल्के, सुपाच्य, और मसालेदार।
जम्मू और कश्मीर तबक माज़ (भेड़ का मांस), कलाड़ी पनीर, राजमा, कहवा मांस और डेयरी आधारित। प्रोटीन और ऊर्जा युक्त।
महाराष्ट्र शाकपुरी, बड़ा पाव, पाव-भाजी शाकाहारी और स्नैक्स में प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट। मसालेदार।
नागालैंड बाँस के कोपल, मोमोज़ सब्जी और मांस आधारित। फाइबर और प्रोटीन युक्त।
पंजाब सरसों का साग, मक्के की रोटी घी और मक्खन का उपयोग। उच्च कैलोरी और प्रोटीन।
राजस्थान मलाई घेवर, चूरमा-बाटी मीठा और गेहूँ आधारित। ऊर्जा युक्त।
पश्चिम बंगाल दाब जिनगरी (झींगा), रसगुल्ला, सन्देश मछली और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध। प्रोटीन और कैल्शियम युक्त।
केरल अवियल (मिश्रित सब्जी), टैपिओका सब्जियों और स्टार्च आधारित। हल्का और सुपाच्य।

📌 तथ्य और विशेषताएँ:

भोजन का संरक्षण

भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न विधियाँ हैं:

बीमारियाँ और उनके प्रकार

बीमारियाँ विभिन्न कारणों से होती हैं। इनके प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:

प्रकार विवरण उदाहरण
जीवाणु जनित रोग बैक्टीरिया के कारण होने वाले रोग। क्षय रोग (TB), टाइफाइड, हैजा
विषाणु जनित रोग वायरस के कारण होने वाले रोग। इन्फ्लूएंजा, डेंगू, कोविड-19
प्रोटोजोआ जनित रोग प्रोटोजोआ के कारण होने वाले रोग। मलेरिया, अमीबियासिस
फफूंद (कवक) जनित रोग कवक के कारण होने वाले रोग। दाद, कैंडिडिआसिस
अभावजन्य रोग पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग। रक्ताल्पता, स्कर्वी, रतौंधी

विटामिन और खनिज

विटामिन और खनिज स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक हैं:

पोषक तत्व कार्य स्रोत कमी से रोग
विटामिन A दृष्टि और त्वचा के लिए। गाजर, पालक, दूध रतौंधी
विटामिन B1 तंत्रिका तंत्र के लिए। अनाज, मूंगफली बेरी-बेरी
विटामिन C प्रतिरक्षा और मसूड़ों के लिए। नींबू, संतरा स्कर्वी
विटामिन D हड्डियों के लिए। सूर्य प्रकाश, मछली रिकेट्स
कैल्शियम हड्डियाँ और दाँत। दूध, पनीर ऑस्टियोपोरोसिस
लौह (Iron) रक्त निर्माण। पालक, मांस रक्ताल्पता
आयोडीन थायराइड कार्य। नमक, मछली घेंघा

कुछ बीमारियों के घरेलू उपचार

कुछ सामान्य बीमारियों के लिए घरेलू उपचार प्रभावी हो सकते हैं:

कचरा: बीमारियों की जड़

कचरा बीमारियों का प्रमुख कारण है, क्योंकि यह बैक्टीरिया और कीटों का प्रजनन स्थल बनता है।

कचरे के प्रकार

प्रकार विवरण उदाहरण
जैव-क्षयकारी सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित। खाद्य अवशेष, पत्तियाँ
गैर-जैव-क्षयकारी अपघटित नहीं होता। प्लास्टिक, काँच
खतरनाक कचरा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक। बैटरी, रासायनिक कचरा

कचरा कम करने के उपाय

स्वच्छ भारत अभियान: एक नई शुरुआत

स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान है। इसके उद्देश्य हैं:

यह अभियान पर्यावरण और स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।

शैक्षणिक महत्व

भोजन, स्वास्थ्य, और स्वच्छता से संबंधित विषय SSC, PCS, TET, IAS, और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण हैं। ये विषय पर्यावरण अध्ययन, सामान्य ज्ञान, और विज्ञान के प्रश्नों में पूछे जाते हैं। छात्रों को भोजन के घटक, बीमारियों के प्रकार, और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों को समझना और याद रखना चाहिए।

✅ आसान याद रखने की बातें

अतिरिक्त महत्वपूर्ण बिंदु

सारांश

भोजन, स्वास्थ्य, और स्वच्छता पर्यावरण अध्ययन के महत्वपूर्ण विषय हैं। भोजन के घटक, संतुलित आहार, और क्षेत्रीय व्यंजन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। बीमारियाँ (जीवाणु, विषाणु, अभावजन्य) और उनके घरेलू उपचार, साथ ही कचरा प्रबंधन और स्वच्छ भारत अभियान, पर्यावरण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। यह जानकारी SSC, PCS, TET, IAS, और Railway परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।