शिक्षा और मनोविज्ञान

Education and Psychology

शिक्षा का आधुनिक अर्थ

आधुनिक समय में शिक्षा शब्द का उपयोग अनेक अर्थों में किया जाता है। यह न केवल ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, बल्कि व्यक्ति के समग्र विकास और सामाजिक कल्याण में योगदान देती है।

व्यक्ति जन्म के समय असहाय होता है और दूसरों की सहायता से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करता है। जैसे-जैसे वह बड़ा होता है, वह अपनी आवश्यकताओं को पूरा करना और अपने वातावरण से अनुकूलन करना सीखता है।

शिक्षा न केवल उसे वातावरण से अनुकूलन करने में सहायता देती है, बल्कि उसके व्यवहार में वांछनीय परिवर्तन भी लाती है, जिससे वह स्वयं और समाज का कल्याण करने में सफल होता है।

शिक्षा की आधुनिक परिभाषाएँ

फ्रैंडसन (Frandsen):
"आधुनिक शिक्षा का संबंध व्यक्ति और समाज, दोनों के कल्याण से है।" "Modern education is concerned with the welfare of both the individual and society." (Frandsen, p. 7)
डमविल (Dumville):
"अपने व्यापक अर्थ में शिक्षा में वे सभी प्रभाव शामिल रहते हैं, जो व्यक्ति पर उसके जन्म से मृत्यु तक पड़ते हैं।" "Education in its widest sense includes all the influences which act upon an individual during his passage from the cradle to the grave." (Dumville, p. 1)
रॉबर्ट उलिच (Robert Ulich):
"शिक्षा व्यक्तियों की, व्यक्तियों के द्वारा, और व्यक्तियों के लिए की जाने वाली प्रक्रिया है। यह सामाजिक प्रक्रिया है..." "Education is a process performed of the people, by the people, for the people..." (Robert Ulich, p. 318)
डॉ. एस. राधाकृष्णन (Dr. S. Radhakrishnan):
"शिक्षा को मनुष्य और समाज का निर्माण करना चाहिए। इस कार्य को किए बिना शिक्षा अनुपयोगी और अपूर्ण है।" "Education should be man-making and society-making..." (Dr. S. Radhakrishnan, p. 191)
डगलस और हॉलैंड (Douglas & Holland):
"शिक्षा शब्द का प्रयोग उन सभी परिवर्तनों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, जो एक व्यक्ति में उसके जीवनकाल में होते हैं।" "The term education is used to designate all the changes..." (Douglas & Holland, p. 3)

मनोविज्ञान का जन्म और विकास

रेबर्न के अनुसार, मनोविज्ञान ने अरस्तू के समय में दर्शनशास्त्र के अंग के रूप में अपना जीवन शुरू किया। कई शताब्दियों तक इसे दर्शनशास्त्र के हिस्से के रूप में अध्ययन किया गया। आधुनिक काल में मनोवैज्ञानिकों ने इसे दर्शनशास्त्र से पृथक कर एक स्वतंत्र विज्ञान बनाया।

मनोविज्ञान के अर्थ में क्रमशः परिवर्तन

1. आत्मा का विज्ञान

मनोविज्ञान शब्द यूनानी शब्दों Psyche (आत्मा) और Logos (अध्ययन) से बना है। प्राचीन काल में इसे आत्मा का अध्ययन माना जाता था। (प्लेटो, अरस्तू, डेकार्ट)

2. मस्तिष्क का विज्ञान

मध्य युग में दार्शनिकों ने मनोविज्ञान को मस्तिष्क का अध्ययन माना। (बी.एन. झा)

3. चेतना का विज्ञान

19वीं शताब्दी में वाइव्स, विलियम जेम्स, विल्हेम वुंट आदि ने इसे चेतना का विज्ञान माना।

4. व्यवहार का विज्ञान

20वीं शताब्दी में सबसे स्वीकृत अर्थ — मनुष्य के व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन।

"सबसे पहले मनोविज्ञान ने अपनी आत्मा का त्याग किया, फिर अपने मस्तिष्क का, फिर चेतना का। अब यह व्यवहार की विधि को स्वीकार करता है।" "First psychology lost its soul, then it lost its mind, then it lost its consciousness..." (Woodworth)

मनोविज्ञान की परिभाषाएँ

बोरिंग, लैंगफेल्ड, और वेल्ड:
"मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है।""Psychology is the study of human nature." (p. 1)
सी.ई. स्किनर:
"मनोविज्ञान व्यवहार और अनुभव का विज्ञान है।""Psychology is the science of behaviour and experience." (p. 6)
वुडवर्थ:
"मनोविज्ञान वातावरण के संबंध में व्यक्ति की क्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है।""Psychology is the scientific study of the activities of the individual in relation to his environment." (p. 20)
क्रो और क्रो:
"मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानव संबंधों का अध्ययन है।""Psychology is the study of human behaviour and human relationships." (p. 6)

टिप्पणी

शिक्षा और मनोविज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षा व्यक्ति और समाज के कल्याण के लिए वांछनीय परिवर्तन लाती है, जबकि मनोविज्ञान व्यवहार और अनुभवों को समझने में मदद करता है।

मनोविज्ञान का विकास आत्मा से व्यवहार तक की यात्रा को दर्शाता है, जो इसे एक वैज्ञानिक अनुशासन बनाता है।