Insight Learning Theory : Gestalt Theory
वोल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler)
प्रतिपादक: मैक्स वर्थाइमर
प्रयोगकर्ता: वोल्फगैंग कोहलर
सहयोगकर्ता: काफ्का (कोफ्का)
प्रयोग: चिम्पांजी (वनमानुष) सुल्तान पर
उपनाम: गेस्टाल्टवाद, सूझ या अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांत
जर्मन शब्द: गेस्टाल्ट का अर्थ "पूर्ण आकार" या "समग्र रूप" है।
कोहलर ने चिम्पांजी (सुल्तान) पर प्रयोग किया।
प्रक्रिया:
सुल्तान को एक पिंजरे में रखा गया, जहाँ छत से केले लटक रहे थे, जो उसकी पहुँच से बाहर थे।
पिंजरे में कुछ डंडे और बक्से रखे गए।
सुल्तान ने शुरू में प्रयास और त्रुटि से काम किया, लेकिन अचानक उसे अंतर्दृष्टि (Insight) प्राप्त हुई।
उसने डंडों को जोड़ा और बक्सों को एक के ऊपर एक रखकर केले तक पहुँच गया।
दूसरा प्रयोग:
सुल्तान को एक कमरे में बंद किया गया, जहाँ छत से केले लटक रहे थे, जो उसकी पहुँच से बाहर थे।
कमरे में कुछ खाली बक्से (Boxes) रखे गए थे।
सुल्तान ने शुरू में केले प्राप्त करने के लिए कई असफल प्रयास किए।
उसने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और समग्र परिस्थिति का अध्ययन किया।
अंततः, सुल्तान ने अंतर्दृष्टि (Insight) का उपयोग कर बक्सों को एक के ऊपर एक रखा और केले प्राप्त कर लिए।
सुल्तान का बक्से प्रयोग
गेस्टाल्ट सिद्धांत समग्र दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें समस्या की प्रकृति को पूर्ण आकार में अध्ययन करने पर बल दिया जाता है।
यह सिद्धांत पूर्ण से अंश और स्थूल से सूक्ष्म की ओर अध्ययन का प्रतिपादन करता है।
गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों ने थॉर्नडाइक के प्रयास और त्रुटि तथा प्रयास और सफलता के सिद्धांतों का खंडन किया।
यह सिद्धांत विवेकशील और चिंतनशील बालकों के अधिगम पर जोर देता है, जहाँ बुद्धि और अंतर्दृष्टि महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सूझ का अर्थ: सूझ एक अचानक उत्पन्न होने वाला विचार है, जो किसी समस्या का समाधान कर देता है।
बुद्धि की आवश्यकता: सूझ-आधारित अधिगम के लिए बुद्धि और मस्तिष्क का सर्वाधिक उपयोग होता है।
गेस्टाल्टवाद का दृष्टिकोण: अधिगम केवल प्रयास और त्रुटि से नहीं, बल्कि सूझ (Insight) के माध्यम से होता है।
सुल्तान द्वारा बक्सों को देखना समग्र परिस्थिति का अध्ययन और उनका उपयोग करना अंतर्दृष्टि का परिणाम था।
गेस्टाल्ट नियमों का चित्रण
गेस्टाल्ट के प्रमुख नियम
पाठ्यक्रम निर्माण: पाठ्यक्रम को गेस्टाल्ट सिद्धांत पर आधारित करना चाहिए, जो समग्र समझ को प्रोत्साहित करता हो।
चिंतन और रचनात्मकता: यह सिद्धांत बालकों में चिंतन, मनन, स्वाध्याय, कल्पनाशीलता, और तार्किकता के गुणों का विकास करता है।
अनुसंधान और खोज विधि: अनुसंधान और खोज-आधारित शिक्षण विधियाँ इस सिद्धांत पर आधारित हैं।
रचनात्मक कार्य: यह सिद्धांत रचनात्मक कार्यों (जैसे कला, लेखन) और समस्या समाधान के लिए उपयोगी है।
गणित शिक्षण: गणित में समस्या समाधान विधियाँ इस सिद्धांत पर आधारित होती हैं।
गेस्टाल्ट बनाम अन्य सिद्धांत:
गेस्टाल्ट सिद्धांत थॉर्नडाइक के प्रयास और त्रुटि सिद्धांत का खंडन करता है और अधिगम को संज्ञानात्मक और अंतर्दृष्टि-आधारित प्रक्रिया मानता है।
यह टॉलमैन के चिन्ह अधिगम सिद्धांत से मिलता-जुलता है, क्योंकि दोनों संज्ञानात्मक दृष्टिकोण पर जोर देते हैं।
टॉलमैन का सिद्धांत संज्ञानात्मक मानचित्र और उद्देश्यपूर्ण व्यवहार पर केंद्रित है, जो संकेतों और अपेक्षाओं पर आधारित है।
वर्थाइमर और कोहलर का सिद्धांत अंतर्दृष्टि और समग्र समझ पर जोर देता है, जो अचानक समस्या समाधान को दर्शाता है।