गैने का अधिगम सोपान सिद्धांत

R.M. Gagné

आर.एम. गैने

आर.एम. गैने (R.M. Gagné)

प्रतिपादक एवं पुस्तक

प्रतिपादक: आर.एम. गैने (R.M. Gagné)

पुस्तक: Conditions of Learning

गैने ने अधिगम को आठ स्तरों में श्रृंखलाबद्ध किया, जो एक सोपान (Hierarchy) के रूप में व्यवस्थित हैं, जो सरल से जटिल की ओर बढ़ते हैं। प्रत्येक स्तर पिछले स्तर पर आधारित होता है।

इस सोपान में सबसे निचला स्तर सांकेतिक सीखना और सबसे ऊपरी स्तर समस्या समाधान है।

अधिगम के आठ स्तर (सोपान)

  1. सांकेतिक अधिगम (Signal Learning):
    विवरण: यह अधिगम पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) पर आधारित है।
    उदाहरण: एक बच्चा घंटी की आवाज सुनकर भोजन की अपेक्षा करता है।
    शैक्षिक महत्व: छोटे बच्चों को अच्छी आदतें (जैसे समय पर खाना) सिखाने में उपयोगी।
  2. उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम (Stimulus-Response Learning):
    विवरण: यह थॉर्नडाइक के प्रयास और त्रुटि (Trial and Error), स्किनर के क्रिया-प्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning), और किम्बल के साधनात्मक अधिगम से मिलता-जुलता है।
    उदाहरण: बच्चे को बटन दबाने पर पुरस्कार मिलना।
    शैक्षिक महत्व: शाब्दिक दक्षताएँ (जैसे अक्षर या शब्द सीखना) सिखाने में उपयोगी।
  3. श्रृंखला अधिगम (Chain Learning):
    विवरण: व्यवहारों की एक श्रृंखला सीखना। गैने ने इसे दो प्रकार में वर्गीकृत किया:
    1. शाब्दिक श्रृंखला: अध्यापक विषयवस्तु को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे अधिगम का स्थानांतरण आसान होता है।
    2. अशाब्दिक श्रृंखला: चित्रों या अन्य दृश्य साधनों का उपयोग।
    उदाहरण: साइकिल चलाना, जिसमें पैडल मारना, संतुलन बनाना आदि एक श्रृंखला में सीखे जाते हैं।
    शैक्षिक महत्व: क्रमबद्ध शिक्षण और कौशल विकास में उपयोगी।
  4. शाब्दिक साहचर्य अधिगम (Verbal Association Learning):
    विवरण: शब्दों और उनके अर्थों के बीच संबंध स्थापित करना। अंडरवुड ने इस अधिगम को मानव अधिगम के लिए महत्वपूर्ण माना।
    उदाहरण: भाषा सीखना, जैसे "सेब" शब्द को फल के साथ जोड़ना।
    शैक्षिक महत्व: भाषा अधिगम और शब्दावली विकास के लिए उपयोगी।
  5. विभेदीकरण अधिगम (Discrimination Learning):
    विवरण: विभिन्न उद्दीपनों में अंतर करना। इसके लिए शाब्दिक और अशाब्दिक श्रृंखला अधिगम की पूर्व आवश्यकता है।
    उदाहरण: लाल और नीले रंग में अंतर करना।
    शैक्षिक महत्व: अवधारणाओं को समझने और वर्गीकरण में सहायक।
  6. संप्रत्यय अधिगम (Concept Learning):
    विवरण: सामान्यीकरण और अवधारणाओं का निर्माण। केएडलर (संभवतः 'केंडलर' का उल्लेख) ने इसका सर्वप्रथम उल्लेख किया।
    प्रक्रियाएँ: विश्लेषण, संश्लेषण, वर्गीकरण, विविधीकरण, और सामान्यीकरण।
    उदाहरण: "पक्षी" की अवधारणा बनाना, जिसमें विभिन्न पक्षियों को शामिल करना।
    शैक्षिक महत्व: जटिल अवधारणाओं को समझने में उपयोगी।
  7. नियम अधिगम (Rule Learning):
    विवरण: नियमों और सिद्धांतों को समझना और लागू करना। इसके लिए संप्रत्यय अधिगम की पूर्व आवश्यकता है।
    उदाहरण: गणितीय नियम (जैसे, 2 + 2 = 4) सीखना।
    शैक्षिक महत्व: तार्किक और नियम-आधारित शिक्षण में सहायक।
  8. समस्या समाधान अधिगम (Problem Solving Learning):
    विवरण: मौलिकता और सृजनात्मकता का उपयोग कर समस्याओं का समाधान करना।
    उदाहरण: गणितीय पहेली को हल करना।
    शैक्षिक महत्व: उच्च-स्तरीय चिंतन, रचनात्मकता, और तर्क को प्रोत्साहित करता है।

गैने द्वारा प्रतिपादित शिक्षण स्तर (Levels of Teaching)

उद्देश्य (Objectives):

  1. ज्ञान (Knowledge): तथ्यों और सूचनाओं को याद रखना।
  2. बोध (Comprehension): समझ और व्याख्या करना।
  3. अनुप्रयोग (Application): ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों में लागू करना।
  4. विश्लेषण (Analysis): जानकारी को छोटे-छोटे भागों में तोड़ना।
  5. संश्लेषण (Synthesis): विभिन्न तत्वों को जोड़कर नया निर्माण करना।
  6. मूल्यांकन (Evaluation): जानकारी की गुणवत्ता और उपयोगिता का आकलन करना।

शिक्षण स्तर (Levels of Teaching):

  1. स्मृति स्तर शिक्षण: तथ्यों को याद करने पर जोर।
  2. बोध स्तर शिक्षण: समझ और अर्थ ग्रहण करने पर जोर।
  3. चिंतन स्तर शिक्षण: रचनात्मकता, विश्लेषण, और समस्या समाधान पर जोर।

अधिगम परिस्थितियाँ (Learning Conditions)

गैने ने प्रत्येक अधिगम स्तर के लिए उपयुक्त परिस्थितियों पर जोर दिया, जैसे:

  • उपयुक्त उद्दीपन: शिक्षण सामग्री और विधियाँ।
  • प्रेरणा: विद्यार्थी की रुचि और लक्ष्य।
  • प्रतिपुष्टि: तत्काल फीडबैक और मार्गदर्शन।
  • अभ्यास: बार-बार अभ्यास से अधिगम को सुदृढ़ करना।

टिप्पणी

सांकेतिक अधिगम: पावलोव के सिद्धांत से प्रेरित, यह सबसे बुनियादी स्तर है।

श्रृंखला और साहचर्य: ये स्तर क्रमबद्ध और संरचनात्मक शिक्षण के लिए उपयोगी हैं।

उच्च स्तर (समस्या समाधान): रचनात्मकता और तर्क पर आधारित, जो जटिल शिक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।