परिभाषा: विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) वे बच्चे हैं जिनमें किसी प्रकार की विकलांगता है तथा उन्हें विशेष देखभाल, सहायता एवं संसाधनों की आवश्यकता होती है। यह विकलांगताएँ शारीरिक, संवेदी, विकासात्मक या व्यवहारिक हो सकती हैं।
श्रेणियाँ: CWSN की विकलांगताओं को चार प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
परिभाषा: पढ़ने से संबंधित विकलांगता, जिसमें बच्चा अक्षरों को उलटकर देखता या लिखता है।
विशेषताएँ: पढ़ने की दर धीमी, समझने में कठिनाई।
कारण: आनुवंशिक/न्यूरोबायोलॉजिकल, मस्तिष्क की भाषा प्रसंस्करण में समस्या।
लक्षण: अक्षरों को पहचानने में कठिनाई, ध्वनियों को जोड़ने में समस्या, स्पेलिंग त्रुटियाँ।
पहचान: मानकीकृत परीक्षण, कम से कम 6 माह की समस्या।
परिभाषा: लिखने से संबंधित विकलांगता, जिसमें विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में कठिनाई।
विशेषताएँ: लिखावट अस्पष्ट, व्याकरण/वर्तनी त्रुटियाँ।
कारण: न्यूरोडेवलपमेंटल, फाइन मोटर स्किल्स में समस्या।
लक्षण: अक्षर बनाने में कठिनाई, विचार संगठित न करना, दूरी/स्थान की समस्या।
पहचान: लिखित कार्य मूल्यांकन, 6 माह से अधिक समस्या।
परिभाषा: गणित से संबंधित विकलांगता, जिसमें संख्याओं को समझने/गणना करने में कठिनाई।
विशेषताएँ: संख्याओं के बीच संबंध समझने में समस्या।
कारण: आनुवंशिक, मस्तिष्क की गणित प्रसंस्करण में कमी।
लक्षण: गणित तथ्यों को याद न रखना, पैटर्न पहचानने में कठिनाई, समय/धन की समस्या।
पहचान: गणित परीक्षण, लगातार समस्या।
परिभाषा: भाषा विकलांगता, जिसमें बोलने या समझने में समस्या।
विशेषताएँ: भाषा प्रसंस्करण प्रभावित।
कारण: न्यूरोलॉजिकल क्षति।
लक्षण: बोलने/समझने में कठिनाई, पढ़ने/लिखने में समस्या।
पहचान: भाषा मूल्यांकन।
परिभाषा: मोटर स्किल्स से संबंधित, जिसमें दैनिक कार्यों में कठिनाई।
विशेषताएँ: समन्वय की कमी।
कारण: न्यूरोडेवलपमेंटल।
लक्षण: पेंसिल पकड़ने में समस्या, कूदने/बोलने में कठिनाई।
पहचान: मोटर टेस्ट।
परिभाषा: ध्यान एवं व्यवहार नियंत्रण में समस्या।
विशेषताएँ: अति सक्रियता, आवेगशीलता।
कारण: न्यूरोडेवलपमेंटल, आनुवंशिक।
लक्षण: ध्यान भटकना, अत्यधिक गतिविधि, स्कूल प्रदर्शन कम।
पहचान: व्यवहार मूल्यांकन।
परिभाषा: सामाजिक एवं संचार विकलांगता, दोहरावदार व्यवहार।
विशेषताएँ: सामाजिक अंतर्क्रिया में कमी।
कारण: न्यूरोबिहेवियरल, आनुवंशिक।
लक्षण: संचार विलंब, दोहराव, सामाजिक अलगाव।
पहचान: 2 वर्ष की उम्र से।
परिभाषा: सुनने की प्रसंस्करण में समस्या, सुनाई न देना नहीं।
विशेषताएँ: ध्वनियों को समझने में कठिनाई।
कारण: ऑडिटरी सिस्टम में व्यवधान।
लक्षण: बोली समझने में समस्या।
पहचान: ऑडियोलॉजिकल टेस्ट।