परिभाषा: जब सीखने की प्रगति रुक जाती है और कोई उन्नति या अवनति नहीं होती, उसे पठार कहा जाता है।
पठार के कारण:
अधिगम वक्र: यह एक ग्राफीय रेखा है जो सीखने की प्रगति या अवनति को दर्शाती है। यह अभ्यास द्वारा सीखने की मात्रा, गति, और उन्नति की सीमा को प्रदर्शित करती है।
गेट्स व अन्य के अनुसार: अधिगम वक्र अभ्यास के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को ग्राफ पर प्रदर्शित करते हैं, जो सीखने की गति और प्रगति को समझने में सहायक है।
सरल रेखीय वक्र
उन्नतोदर वक्र (Negatively Accelerated)
नतोदर वक्र (Positively Accelerated)
S-आकारीय वक्र (S-Shaped Curve)
पठारी वक्र (Plateau Curve)
अधिगम वक्र को तीन अवस्थाओं में विभाजित किया जा सकता है:
सीखने की गति निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है:
अधिगम वक्र का महत्व: यह शिक्षकों और शिक्षार्थियों को प्रगति को समझने, कमियों को पहचानने, और शिक्षण रणनीतियों को समायोजित करने में मदद करता है।
पठार का समाधान: पठार को दूर करने के लिए प्रेरणा बढ़ाना, रुचिकर गतिविधियाँ शामिल करना, और कार्य को सरल बनाना उपयोगी हो सकता है।