एडवर्ड ली थॉर्नडाइक (Edward Lee Thorndike)
अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारवाद (Behaviorism) के प्रमुख विद्वान
एडवर्ड एल. थॉर्नडाइक (1874–1949)
थॉर्नडाइक को शैक्षिक मनोविज्ञान (Educational Psychology) का अग्रदूत माना जाता है। इन्होंने अधिगम, अभ्यास, प्रयास-त्रुटि (Trial and Error Learning) तथा अधिगम स्थानांतरण पर वैज्ञानिक अध्ययन किए।
प्रतिपादक: एडवर्ड ली थॉर्नडाइक (Edward Lee Thorndike)
संबंधित क्षेत्र: शैक्षिक मनोविज्ञान (Educational Psychology) एवं व्यवहारवाद (Behaviorism)
प्रमुख पुस्तकें (Important Books):
नोट: अधिगम स्थानांतरण की अवधारणा को आगे चलकर चार्ल्स एच. जड (Charles H. Judd), रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné), पर्किन्स एवं सालोमन (Perkins & Salomon) आदि मनोवैज्ञानिकों ने भी विकसित किया। फिर भी अधिगम स्थानांतरण की वैज्ञानिक व्याख्या का प्रमुख श्रेय थॉर्नडाइक को दिया जाता है।
अधिगम स्थानांतरण का अर्थ है — पहले से सीखी गई जानकारी, कौशल, आदत या अनुभव का नए अधिगम पर प्रभाव पड़ना। यह प्रभाव सकारात्मक, नकारात्मक या तटस्थ हो सकता है।
विद्यालय, खेल, भाषा, तकनीक, संगीत, वाहन चलाने तथा दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में अधिगम स्थानांतरण देखने को मिलता है।
(A) सकारात्मक स्थानांतरण (Positive Transfer)
परिभाषा: जब पहले सीखी गई जानकारी या कौशल नए अधिगम को आसान, तेज़ और अधिक प्रभावी बना देता है, तब उसे सकारात्मक स्थानांतरण कहते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
वास्तविक जीवन के उदाहरण:
सकारात्मक स्थानांतरण के उप-प्रकार:
(B) नकारात्मक स्थानांतरण (Negative Transfer)
परिभाषा: जब पूर्व अधिगम नए अधिगम में बाधा, भ्रम या त्रुटि उत्पन्न करता है, तब उसे नकारात्मक स्थानांतरण कहते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
वास्तविक जीवन के उदाहरण:
(C) शून्य स्थानांतरण (Zero Transfer)
परिभाषा: जब एक अधिगम का दूसरे अधिगम पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता, तब उसे शून्य स्थानांतरण कहते हैं।
मुख्य विशेषता:
वास्तविक जीवन के उदाहरण:
महत्वपूर्ण टिप्पणी:
आधुनिक मनोविज्ञान के अनुसार पूर्ण “शून्य स्थानांतरण” बहुत कम देखने को मिलता है,
क्योंकि कई कौशल अप्रत्यक्ष रूप से ध्यान, स्मृति, रचनात्मकता या समस्या-समाधान
क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
सारांश (Summary)
| प्रकार | प्रभाव | उदाहरण |
|---|---|---|
| सकारात्मक स्थानांतरण | नया अधिगम आसान बनाता है | साइकिल → मोटरसाइकिल |
| नकारात्मक स्थानांतरण | नए अधिगम में बाधा उत्पन्न करता है | भारत से अमेरिका ड्राइविंग |
| शून्य स्थानांतरण | कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं | तैराकी → कविता लेखन |
(A) जड का सिद्धांत (Theory of Generalization – Judd): सिद्धांत की समझ होने पर स्थानांतरण बढ़ता है। केवल अभ्यास पर्याप्त नहीं
(B) गैग्ने (Gagné): अधिगम पदानुक्रम (Learning Hierarchy)। सरल कौशल → जटिल कौशल
(C) आधुनिक दृष्टिकोण (Perkins & Salomon): सचेत अभ्यास, चिंतन (Metacognition), संदर्भ-आधारित शिक्षण
Bandura का सामाजिक अधिगम सिद्धांत – स्थानांतरण अनुकरण से संभव
Maslow – प्रेरणा स्थानांतरण को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है
Learning Curve – स्थानांतरण की योजना बनाने में सहायक
Plateau Effect – स्थानांतरण बाधित हो सकता है, रणनीति बदलनी चाहिए
अधिगम स्थानांतरण का शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना है जिसका उपयोग वे जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में कर सकें।
यदि विद्यार्थी विद्यालय में सीखी गई बातों को वास्तविक जीवन, समस्या-समाधान, निर्णय लेने तथा व्यवहार में उपयोग कर पाते हैं, तो यही अधिगम स्थानांतरण की सफलता मानी जाती है।
अधिगम स्थानांतरण शिक्षा मनोविज्ञान की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह स्पष्ट करता है कि सीखना केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन की वास्तविक परिस्थितियों में उपयोगी भी होना चाहिए।
जब विद्यार्थी विद्यालय में सीखे गए ज्ञान, कौशल एवं अनुभवों का उपयोग नई समस्याओं, कार्यों तथा दैनिक जीवन में करते हैं, तब वास्तविक अधिगम होता है।
सकारात्मक स्थानांतरण शिक्षा को सरल, प्रभावी एवं जीवनोपयोगी बनाता है, जबकि नकारात्मक स्थानांतरण सीखने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसलिए शिक्षक का दायित्व है कि वह शिक्षण को पूर्व ज्ञान से जोड़े, समझ-आधारित शिक्षण दे, तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करे।
एक प्रभावी शिक्षक वही माना जाता है जो विद्यार्थियों में सकारात्मक स्थानांतरण को बढ़ाए, नकारात्मक स्थानांतरण को कम करे, तथा शिक्षा को वास्तविक जीवन से जोड़कर उन्हें आजीवन सीखने के लिए प्रेरित करे।
इस प्रकार, अधिगम स्थानांतरण शिक्षा को केवल सैद्धांतिक न बनाकर व्यवहारिक, उपयोगी एवं स्थायी बनाता है।