बाल विकास से संबंधित सिद्धांत यह स्पष्ट करते हैं कि बालक का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक और नैतिक विकास किस प्रकार तथा किन नियमों के अनुसार होता है। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से बाल विकास की व्याख्या की है।
प्रतिपादक: अर्नाल्ड गेसल (Arnold Gesell)
देश: अमेरिका
मुख्य विचार
परिपक्वता सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास मुख्यतः वंशानुक्रम और जैविक परिपक्वता पर निर्भर करता है। विकास का क्रम जन्मजात होता है और यह अपने निर्धारित समय पर स्वतः घटित होता है।
प्रमुख विशेषताएँ
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud)
देश: ऑस्ट्रिया
मुख्य विचार
फ्रायड के अनुसार बाल विकास मुख्यतः अवचेतन इच्छाओं और लैंगिक ऊर्जा (Libido) पर आधारित होता है।
विकास की अवस्थाएँ
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: एरिक एरिक्सन (Erik Erikson)
देश: जर्मनी/अमेरिका
मुख्य विचार
एरिक्सन के अनुसार बाल विकास सामाजिक अनुभवों और वातावरण से प्रभावित होता है। प्रत्येक अवस्था में एक संकट (Crisis) होता है।
प्रमुख अवस्थाएँ (संक्षेप)
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: जीन पियाजे (Jean Piaget)
देश: स्विट्ज़रलैंड
मुख्य विचार
बालक का विकास उसकी सोचने, समझने और तर्क करने की क्षमता के अनुसार होता है।
विकास की अवस्थाएँ
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: स्किनर, पावलोव, वॉटसन
मुख्य विचार
बाल विकास अधिगम और पर्यावरणीय अनुभवों का परिणाम है।
प्रमुख सिद्धांत
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: लेव व्यगोत्स्की (Lev Vygotsky)
देश: रूस
मुख्य विचार
बाल विकास सामाजिक संपर्क, भाषा और संस्कृति से प्रभावित होता है।
प्रमुख अवधारणाएँ
शैक्षिक महत्व
प्रतिपादक: अब्राहम मास्लो, कार्ल रोजर्स
देश: अमेरिका
मुख्य विचार
बाल विकास आत्म-सम्मान, स्वतंत्रता और आत्म-वास्तवीकरण पर आधारित है।
शैक्षिक महत्व
वृद्धि से तात्पर्य शरीर में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तन से है, जैसे – ऊँचाई, वजन, अंगों का आकार, मांसपेशियों का विकास आदि। वृद्धि बाल विकास की एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है, जो कुछ निश्चित सिद्धांतों के अनुसार होती है।
मुख्य विचार
इस सिद्धांत के अनुसार वृद्धि सिर से पैर की ओर होती है। अर्थात् शरीर के ऊपरी भाग पहले विकसित होते हैं और निचले भाग बाद में।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि शरीर के मध्य भाग से बाहरी अंगों की ओर होती है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि और विकास पहले सामान्य प्रतिक्रियाओं से शुरू होकर विशिष्ट प्रतिक्रियाओं की ओर बढ़ता है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अचानक नहीं होती।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
हर बालक की वृद्धि की गति और स्तर अलग-अलग होता है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि और विकास मुख्यतः जैविक परिपक्वता पर निर्भर करता है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि शरीर के सभी अंगों में समन्वित रूप से होती है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
मुख्य विचार
वृद्धि एक पूर्वानुमेय पैटर्न का अनुसरण करती है।
उदाहरण
शैक्षिक महत्व
वृद्धि के सिद्धांत यह स्पष्ट करते हैं कि शारीरिक वृद्धि एक नियमबद्ध, क्रमिक और जैविक प्रक्रिया है। शिक्षक और अभिभावक यदि इन सिद्धांतों को समझते हैं, तो वे बालक के विकास को अधिक स्वस्थ और प्रभावी दिशा दे सकते हैं।