शिक्षा-संबंधी संस्थान और योजनाएँ
प्रमुख शिक्षा-संबंधी संस्थान (Major Educational Institutions of India)
- NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद):
- स्थापना: 1 सितंबर 1961, नई दिल्ली।
- संगठन प्रकार: स्वायत्त संस्था (Autonomous Organization) - शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
के अधीन।
- उद्देश्य: विद्यालयी शिक्षा में सुधार, पाठ्यचर्या निर्माण, अनुसंधान एवं शिक्षक
प्रशिक्षण।
- प्रमुख प्रकाशन: पाठ्यपुस्तकें, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2005 एवं
2023।
- प्रमुख इकाइयाँ: RIEs (Regional Institutes of Education), CIET, PSSCIVE।
- NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद):
- स्थापना: 1993 (NCTE Act, 1993) - प्रभावी 17 अगस्त 1995।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों (D.El.Ed., B.Ed., M.Ed.) का मानकीकरण और गुणवत्ता
नियंत्रण।
- कार्य: संस्थानों को मान्यता देना, प्रशिक्षण मानक तय करना, पाठ्यक्रम दिशानिर्देश जारी
करना।
- UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग):
- स्थापना: 1953 में सिफारिश अनुसार, 1956 में UGC Act द्वारा संवैधानिक दर्जा।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: उच्च शिक्षा संस्थानों को अनुदान प्रदान करना, समन्वय और गुणवत्ता नियंत्रण।
- कार्य: विश्वविद्यालयों की मान्यता, NET परीक्षा का संचालन (पूर्व में UGC-NET, अब NTA)।
- AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद):
- स्थापना: नवंबर 1945; कानूनी दर्जा — 1987 (AICTE Act, 1987)।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: तकनीकी, प्रबंधन, वास्तुकला एवं फार्मेसी शिक्षा का नियमन और विकास।
- कार्य: इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों की मान्यता और निगरानी।
- NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद):
- स्थापना: 1994, बेंगलुरु (UGC द्वारा स्थापित)।
- उद्देश्य: उच्च शिक्षा संस्थानों का मूल्यांकन और प्रत्यायन।
- कार्य: गुणवत्ता मूल्यांकन, ग्रेड प्रदान करना (A++, A+, A ... C)।
- नारा: “Excellence, Credibility, and Relevance in Higher Education”।
- IGNOU (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय):
- स्थापना: 1985 (IGNOU Act, 1985)।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: दूरस्थ, मुक्त और ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना।
- कार्य: 3 करोड़ से अधिक छात्र, 2000+ केंद्र, ऑनलाइन एवं ODL मोड से शिक्षा।
- KVS (केंद्रीय विद्यालय संगठन):
- स्थापना: 15 दिसंबर 1963।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को एक समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
- कार्य: 1250+ विद्यालय, CBSE पाठ्यक्रम, 3-भाषा सूत्र का पालन।
- NVS (नवोदय विद्यालय समिति):
- स्थापना: 1986, शिक्षा मंत्रालय के अधीन।
- उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
देना।
- कार्य: जवाहर नवोदय विद्यालयों का संचालन (जवाहर नवोदय विद्यालय योजना - 1986)।
- CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड):
- स्थापना: 3 नवंबर 1962, नई दिल्ली।
- उद्देश्य: विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मानक तैयार करना।
- कार्य: कक्षा 10 और 12 की परीक्षा, CTET का संचालन, पाठ्यक्रम अद्यतन।
-
नोट: ये सभी संस्थान भारत की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, समावेशी और गुणवत्ता-युक्त बनाने में
योगदान देते हैं।
मुख्य उद्देश्य: “समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, और सतत विकास हेतु शिक्षण।”
प्रमुख परिषदें और बोर्ड (Major Educational Boards and Councils of India)
- CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - Central Board of Secondary Education):
- स्थापना: 3 नवंबर 1962, नई दिल्ली (CBSE Act के तहत पुनर्गठित)।
- पूर्व रूप: "Central Board of Secondary Education" की स्थापना मूल रूप से 1929 में हुई
थी।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- उद्देश्य: देशभर के विद्यालयों के लिए एक समान पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली लागू करना।
- कार्य:
- कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का संचालन।
- CTET (Central Teacher Eligibility Test) आयोजित करना।
- CCE (Continuous and Comprehensive Evaluation) जैसी मूल्यांकन प्रणाली लागू करना।
- शिक्षा में ICT, कौशल शिक्षा और वैकल्पिक विषयों का समावेश।
- CISCE (भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद - Council for the Indian School Certificate
Examinations):
- स्थापना: 1958, नई दिल्ली।
- पंजीकरण: सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अंतर्गत।
- उद्देश्य: भारत में निजी (Private/Independent) विद्यालयों के लिए समग्र और व्यावहारिक
पाठ्यक्रम प्रदान करना।
- कार्य:
- कक्षा 10 के लिए ICSE (Indian Certificate of Secondary Education) परीक्षा।
- कक्षा 12 के लिए ISC (Indian School Certificate) परीक्षा।
- Vocational stream (CVE) परीक्षा का संचालन।
- विशेषता: अंग्रेजी माध्यम शिक्षा, समग्र विकास, प्रोजेक्ट-आधारित मूल्यांकन पर बल।
- NCVET (राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद - National Council for Vocational
Education and Training):
- स्थापना: 5 दिसंबर 2018, नई दिल्ली (औपचारिक रूप से 2019 से कार्यरत)।
- गठित: NCVT (National Council for Vocational Training) और NSDA (National
Skill Development Agency) के विलय से।
- अधीन: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)।
- उद्देश्य: कौशल, व्यावसायिक शिक्षा, और प्रशिक्षण संस्थानों का मानकीकरण व प्रमाणन।
- कार्य:
- Qualification framework (NSQF) का कार्यान्वयन।
- स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रमों की गुणवत्ता निगरानी।
- कौशल प्रमाणन एवं उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम का समन्वय।
- SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद - State Council of Educational Research and
Training):
- स्थापना: उत्तर प्रदेश में 1981, लखनऊ।
- संगठन प्रकार: स्वायत्त संस्था — राज्य शिक्षा विभाग के अधीन।
- उद्देश्य: राज्य स्तर पर पाठ्यचर्या निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण, और शैक्षिक अनुसंधान।
- कार्य:
- राज्य की कक्षा 1–8 तक की पाठ्यपुस्तकें तैयार करना।
- DIET (District Institute of Education and Training) का संचालन और समन्वय।
- राज्य शिक्षा नीतियों का क्रियान्वयन और बाल-केंद्रित शिक्षण सामग्री तैयार करना।
- NCERT बनाम SCERT:
- NCERT: राष्ट्रीय स्तर पर नीति, शोध, और पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार करता है।
- SCERT: राज्य स्तर पर NCERT दिशानिर्देशों के आधार पर सामग्री और प्रशिक्षण लागू करता
है।
- दोनों का समन्वय: शिक्षण की गुणवत्ता, पाठ्यपुस्तक विकास और शिक्षक दक्षता सुधार हेतु।
-
नोट: ये सभी परिषदें और बोर्ड भारतीय शिक्षा व्यवस्था के ढाँचे को समन्वित, मानकीकृत और
गुणवत्ता-युक्त बनाने में सहायक हैं।
मुख्य उद्देश्य: “समान अवसर, कौशल-आधारित शिक्षा, और सतत अधिगम को बढ़ावा देना।”
प्रशिक्षण संस्थान
- DIET (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान):
- स्थापना: 1987 में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की सिफारिशों पर।
- उद्देश्य: प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण
प्रदान करना।
- कार्य:
- प्री-सर्विस एवं इन-सर्विस शिक्षक प्रशिक्षण।
- समावेशी एवं नवाचारी शिक्षण विधियाँ।
- विद्यालय स्तर पर शैक्षिक अनुसंधान और संसाधन विकास।
- IITs (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान):
- स्थापना: पहला IIT 1951 में खड़गपुर में स्थापित हुआ; अन्य प्रमुख IITs जैसे IIT
दिल्ली (1961), IIT बॉम्बे (1958), IIT कानपुर (1959)।
- उद्देश्य: उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देना।
- कार्य:
- इंजीनियरिंग, विज्ञान, और प्रौद्योगिकी में डिग्री एवं शोध।
- राष्ट्रीय विकास हेतु नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना।
- IIMs (भारतीय प्रबंधन संस्थान):
- स्थापना: पहला IIM 1961 में कोलकाता में तथा दूसरा अहमदाबाद में स्थापित
हुआ।
- उद्देश्य: देश में प्रबंधन शिक्षा, नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता विकसित करना।
- कार्य:
- MBA, कार्यकारी शिक्षा, और नीति अनुसंधान।
- उद्योग, शासन, और समाज के लिए रणनीतिक नेतृत्व तैयार करना।
- NIEPA (राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान):
- स्थापना: 1962 में UNESCO की सहायता से “National Institute of Educational
Planning and Administration” के रूप में।
- उद्देश्य: शैक्षिक नीति, योजना, प्रबंधन, और प्रशासन में क्षमता निर्माण।
- कार्य:
- शिक्षा नीतियों पर शोध एवं विश्लेषण।
- विद्यालय प्रशासन और नेतृत्व प्रशिक्षण।
- शिक्षा में गुणवत्ता और समानता सुधार हेतु परियोजनाएँ।
- NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद):
- स्थापना: 1 सितंबर 1961, नई दिल्ली।
- उद्देश्य: शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकास।
- कार्य:
- पाठ्यपुस्तकें और शिक्षण सामग्री तैयार करना।
- शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षिक शोध।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सहयोग।
- नोट: प्रशिक्षण संस्थान शिक्षकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं की दक्षता, नवाचार
और गुणवत्ता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रमुख शिक्षा योजनाएँ
- सर्व शिक्षा अभियान (SSA):
- स्थापना: 2001, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा।
- उद्देश्य: 6–14 वर्ष के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध
कराना (अनुच्छेद 21A, शिक्षा का अधिकार)।
- कार्य: विद्यालयों का निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति, बालिका शिक्षा, विकलांग बच्चों के
लिए समावेशी शिक्षा, और समुदाय की भागीदारी।
- समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan):
- स्थापना: 2018 में, SSA, RMSA और Teacher Education Scheme को एकीकृत
करके।
- उद्देश्य: प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और समावेशन
सुनिश्चित करना।
- कार्य: डिजिटल शिक्षा, सीखने के परिणाम सुधार, समावेशी शिक्षा, और शिक्षक क्षमता
निर्माण।
- राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA):
- स्थापना: 2009, माध्यमिक शिक्षा की पहुँच और गुणवत्ता सुधार हेतु।
- उद्देश्य: 14–18 वर्ष के बच्चों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण माध्यमिक शिक्षा प्रदान करना।
- कार्य: स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षकों का प्रशिक्षण, ICT प्रयोग, और
छात्रवृत्तियाँ।
- मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme):
- स्थापना: 15 अगस्त 1995, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक भोजन देकर नामांकन, उपस्थिति और
पोषण स्तर बढ़ाना।
- कार्य: अब “प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (PM POSHAN)” के नाम से चल रही है
(2021 से)।
- राष्ट्रीय साक्षरता मिशन (National Literacy Mission):
- स्थापना: 5 मई 1988, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा।
- उद्देश्य: 15 वर्ष से ऊपर के निरक्षर वयस्कों को कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करना।
- कार्य: “साक्षर भारत मिशन (2009)” इसके अंतर्गत; जन शिक्षण संस्थान (JSS) स्थापित किए
गए।
- राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA):
- स्थापना: 2013, UGC और शिक्षा मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: राज्य विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता, समानता और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- कार्य: कॉलेजों का उन्नयन, स्वायत्तता, नवाचार, और ग्रेडिंग सुधार।
- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS):
- स्थापना: 24 सितंबर 1969, महात्मा गांधी जन्मशती वर्ष के अवसर पर।
- उद्देश्य: युवाओं में समाजसेवा, नेतृत्व और नैतिक मूल्यों का विकास।
- कार्य: ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, और साक्षरता अभियान।
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजनाएँ:
- मुख्य योजनाएँ: प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक, मेधावी छात्र योजना, NSP पोर्टल (2015 से
डिजिटल)।
- उद्देश्य: आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली छात्रों को वित्तीय सहायता देना।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना:
- स्थापना: 22 जनवरी 2015, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: बालिका लिंगानुपात सुधारना और शिक्षा में समान अवसर।
- कार्य: जन-जागरूकता, बालिका नामांकन, और सशक्तिकरण अभियान।
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY):
- स्थापना: 15 जुलाई 2015, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा।
- कार्य: NSDC द्वारा संचालित, प्रशिक्षण, प्रमाणन, और रोजगार सहायता।
- ई-विद्या योजना:
- स्थापना: 2020, COVID-19 के दौरान “One Nation, One Digital Platform” पहल के तहत।
- उद्देश्य: डिजिटल शिक्षा को सुलभ और सर्वव्यापी बनाना।
- कार्य: DIKSHA पोर्टल, SWAYAM, TV चैनल, रेडियो और मोबाइल ऐप द्वारा शिक्षा।
- एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS):
- स्थापना: 1997–98, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: अनुसूचित जनजातियों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान
करना।
- कार्य: CBSE पैटर्न पर आधारित शिक्षा, विज्ञान और खेल प्रशिक्षण।
- SWAYAM (स्वयं पोर्टल):
- स्थापना: 2017, शिक्षा मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: सभी के लिए ऑनलाइन शिक्षा (MOOCs)।
- कार्य: NPTEL, IGNOU, AICTE द्वारा मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणन।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना (KGBV):
- स्थापना: 2004, SSA के अंतर्गत।
- उद्देश्य: ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को आवासीय शिक्षा।
- कार्य: छात्रावास, निःशुल्क शिक्षा, और संसाधन उपलब्ध कराना।
- इंस्पायर अवार्ड योजना (INSPIRE Programme):
- स्थापना: 2008, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा।
- उद्देश्य: विज्ञान में नवाचार और अनुसंधान के प्रति छात्रों को प्रेरित करना।
- कार्य: छात्रों को नकद पुरस्कार, मॉडल प्रदर्शनी, और छात्रवृत्ति।
-
नोट: भारत सरकार की ये योजनाएँ शिक्षा की गुणवत्ता, समानता, पहुँच, और डिजिटल सशक्तिकरण को सुनिश्चित
करती हैं — जो NEP 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
यूपी टीईटी और सीटीईटी के लिए अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: 29 जुलाई 2020 को घोषित। इसका उद्देश्य समग्र, बहुभाषी,
समावेशी और डिजिटल शिक्षा प्रणाली स्थापित करना है। यह 5+3+3+4 संरचना पर आधारित है और बाल्यावस्था
शिक्षा से उच्च शिक्षा तक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाती है।
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009: 1 अप्रैल 2010 से लागू। 6 से 14 वर्ष के बच्चों को
निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है। यह संविधान के अनुच्छेद 21A से संबंधित है।
- RPWD Act (Rights of Persons with Disabilities) 2016: 27 दिसंबर 2016 को लागू। इसमें विकलांगता
की श्रेणियाँ 7 से बढ़ाकर 21 की गईं। समावेशी शिक्षा, समान अवसर और विशेष सहायता पर बल दिया गया है।
- NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद): स्थापना 1961, नई दिल्ली। यह राष्ट्रीय
स्तर पर पाठ्यचर्या, पाठ्यपुस्तक, और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करती है।
- SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद): राज्य स्तर पर पाठ्यक्रम निर्माण,
शिक्षण-प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रणाली के लिए उत्तरदायी संस्थान।
- DIET (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान): स्थापना 1988 के बाद प्रारंभ। उद्देश्य प्राथमिक और
उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों का प्रशिक्षण, नवाचार, और शैक्षिक अनुसंधान को बढ़ावा देना।
- CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और CISCE (काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट
एग्जामिनेशंस): दोनों राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा बोर्ड हैं। CBSE राष्ट्रीय पाठ्यचर्या (NCF) पर
आधारित है जबकि CISCE में व्यापक और परियोजना आधारित मूल्यांकन पर बल है।
- NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद): स्थापना 1993। उद्देश्य शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों का
नियमन और मानकीकरण। CTET और TET जैसी परीक्षाओं के लिए आवश्यक मानदंड निर्धारित करता है।
- NCF (राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा): 2005 में तैयार की गई। इसका उद्देश्य बाल-केंद्रित,
रचनात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना है।
- PM eVIDYA कार्यक्रम: 2020 में प्रारंभ। इसका उद्देश्य डिजिटल माध्यम से शिक्षा तक समान पहुंच
प्रदान करना है — DIKSHA, SWAYAM, और One Class One Channel जैसी पहलें इसी के अंतर्गत आती हैं।
- शिक्षक की भूमिका: शिक्षण प्रक्रिया में एक facilitator (सुगमकर्ता) के रूप में कार्य
करना, समावेशी शिक्षा, ICT आधारित शिक्षण और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना।
- CTET/UPTET महत्व: परीक्षाओं में राष्ट्रीय नीतियों, शिक्षा योजनाओं, संस्थानों, पाठ्यचर्या
रूपरेखाओं और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर प्रश्न पूछे जाते हैं ताकि शिक्षण दक्षता और नीति की समझ
का मूल्यांकन किया जा सके।