30 प्रश्न
क) विषय-वस्तु
- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास, मानसिक विकास संवेगात्मक विकास, भाषा विकास अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास।
- बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक वंशानुक्रम, वातावरण (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयीय, संचार माध्यम)।
- सीखने का अर्थ तथा सिद्धान्त :- अधिगम (सीखने) का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ।
- अधिगम के नियम थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व।
- अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त, पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त, स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त, कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त, प्याजे का सिद्धान्त, व्योगास्की का सिद्धान्त सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकरण।
- शिक्षण एवं शिक्षण विधाएँ :- शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, सम्प्रेषण, शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल ।
- समावेशी शिक्षा-निर्देशन एवं परामर्श:- शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण यथाः अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता (दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक्/अस्थिबाधित). मानसिक दक्षता।
- समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी०एल०एम० एवं अभिवृत्तियाँ ।
- समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी।
- समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ। यथा-ब्रेललिपि आदि।
- समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र।
- परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग / संस्थाएँ ।
- मनोविज्ञानशाला उ०प्र०, प्रयागराज।
- मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र। (मण्डल स्तर पर)
- जिला चिकित्सालय ।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षत डायट मेण्टर।
- पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र।
- समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियाँ ।
- सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन।
- बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व।
ख) अध्ययन और अध्यापन
- बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं, बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों 'असफल' होते हैं।
- शिक्षण और अधिगम की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालकों की अध्ययन कार्यनीतियां: सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक संदर्भ।
- एक समस्या समाधानकर्ता और एक 'वैज्ञानिक अन्वेषक' के रूप में बालक।
- बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना।
- बोध और संवेदनाएं।
- प्रेरणा और अधिगम।
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक निजी एवं पर्यावरणीय।