जे.पी. गिलफोर्ड का परिचय
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) एक प्रसिद्ध अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे, जिनका जन्म 1897 में हुआ और मृत्यु
1987 में हुई। वे बुद्धि और सृजनात्मकता के अध्ययन में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। गिलफोर्ड ने
बुद्धि के संरचना मॉडल (Structure of Intellect Model) को विकसित किया, जिसमें उन्होंने बुद्धि को 150 से
अधिक विभिन्न घटकों में वर्गीकृत किया। उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान अपसारी और अभिसारी चिंतन का सिद्धांत
है, जिसने शिक्षा और मनोविज्ञान के क्षेत्र में सृजनात्मकता के अध्ययन को नई दिशा दी। उनकी पुस्तक "The
Nature of Human Intelligence" (1967) इस क्षेत्र में मील का पत्थर मानी जाती है।
गिलफोर्ड के महत्वपूर्ण कार्य
- बुद्धि का संरचना मॉडल (Structure of Intellect): गिलफोर्ड ने
बुद्धि को तीन आयामों—संचालन, सामग्री और उत्पाद—में वर्गीकृत किया, जिससे 150 से अधिक बौद्धिक क्षमताएँ
सामने आईं।
- अपसारी और अभिसारी चिंतन: गिलफोर्ड ने अपसारी चिंतन को सृजनात्मक
सोच और अभिसारी चिंतन को तार्किक और एकल समाधान पर केंद्रित सोच के रूप में परिभाषित किया।
- सृजनात्मकता पर शोध: उन्होंने सृजनात्मकता को मापने और विकसित करने
के लिए कई तकनीकों का विकास किया, जैसे विचार प्रवाह, लचीलापन और मौलिकता।
- शैक्षिक अनुप्रयोग: उनके सिद्धांतों ने शिक्षकों को रचनात्मक और
नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाने में मदद की।
मुख्य पुस्तकें और प्रकाशन
- The Nature of Human Intelligence (1967): बुद्धि की प्रकृति पर
उनका प्रमुख कार्य, जिसमें SI मॉडल विस्तार से वर्णित है।
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- Creativity: सृजनात्मकता पर उनके शोध का संकलन।
- मनोमितीय विधियों और सांख्यिकी पर पुस्तकें, जो मनोविज्ञान के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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अपसारी चिंतन क्या है?
गिलफोर्ड के अनुसार अपसारी चिंतन में विचार प्रवाह आवश्यक है। जब किसी व्यक्ति के सामने कोई समस्या रखी जाती
है और उस समस्या के समाधान के लिए वह व्यक्ति अपनी कल्पना शक्ति और सृजनात्मकता का प्रयोग करता है तथा उस
समस्या के समाधान के रूप में एक से अधिक हल प्रस्तुत करता है, तो इस प्रकार के चिंतन को अपसारी चिंतन कहते
हैं। यह चिंतन सृजनात्मकता और नवीन विचारों को प्रोत्साहित करता है, जहाँ एक समस्या के लिए बहुविध समाधान
खोजे जाते हैं।
आउट-ऑफ-द-बॉक्स चिंतन
अपसारी चिंतन आउट-ऑफ-द-बॉक्स (out-of-the-box) चिंतन पर आधारित है। आउट-ऑफ-द-बॉक्स चिंतन का मतलब होता है
सामान्य सोच से अलग सोच पैदा कर किसी चीज के बारे में नई सूचना या दृष्टिकोण उत्पन्न करना। यह रूढ़िगत सोच
से परे जाकर नवीन और अप्रत्याशित समाधान खोजने की प्रक्रिया है।
उदाहरण
जब कक्षा में एक शिक्षक किसी विद्यार्थी से प्रश्न करता है कि "यदि तुम्हारे पंख लगे होते हैं, तो तुम क्या
करते?"
इस प्रश्न का एक उपयुक्त उत्तर नहीं है, अतः ऐसी स्थिति में बालक इस प्रश्न पर कल्पना करेगा और फिर अपने
विचार प्रस्तुत करेगा। उदाहरण के रूप में:
- मुझे पंख बहुत पसंद है, अगर मेरे पंख होते, तो मैं पूरी दुनिया की सैर करता।
- अगर मेरे पंख होते, तो मैं आसमान में पक्षियों के साथ उड़ने की रेस लगाता।
अतः यहाँ पर बालक ने अपसारी चिंतन का प्रयोग करके प्रश्न का उत्तर दिया है। यह दर्शाता है कि कैसे एक ही
प्रश्न के लिए बहुविध रचनात्मक उत्तर दिए जा सकते हैं।
विशेषताएँ
- विचारों का प्रवाह: एक समस्या के लिए कई समाधान।
- कल्पना शक्ति: रचनात्मक और मौलिक विचार।
- लचीलापन: विभिन्न दृष्टिकोण अपनाना।
- मौलिकता: सामान्य से अलग सोचना।
शैक्षणिक महत्व
अपसारी चिंतन शिक्षा में सृजनात्मकता विकसित करने के लिए आवश्यक है। यह विद्यार्थियों को समस्या समाधान,
नवाचार और आलोचनात्मक सोच सिखाता है। शिक्षक इस प्रकार के प्रश्नों द्वारा कक्षा को सक्रिय और रचनात्मक
बनाते हैं।
✅ आसान याद रखने की बातें
- परिभाषा: एक समस्या, कई समाधान - कल्पना और सृजनात्मकता से।
- आधार: आउट-ऑफ-द-बॉक्स सोच।
- उदाहरण: "पंख होते तो..." - बहुविध उत्तर।
- गिलफोर्ड का योगदान: बुद्धि का संरचना मॉडल और सृजनात्मकता।
सारांश
अपसारी चिंतन सृजनात्मक सोच का मूल है, जो जे.पी. गिलफोर्ड के सिद्धांत पर आधारित है। उनके बुद्धि के संरचना
मॉडल और सृजनात्मकता पर कार्य ने शिक्षा और मनोविज्ञान को नई दिशा दी। यह विद्यार्थियों को सामान्य सीमाओं
से परे सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है और शिक्षा को अधिक रोचक बनाता है।
अभिसारी चिंतन क्या है?
अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking) वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति उपलब्ध जानकारी और ज्ञात तथ्यों का
उपयोग
करके एक समस्या का एकल, सही या सबसे उपयुक्त समाधान खोजता है। गिलफोर्ड के अनुसार, यह चिंतन तार्किक,
विश्लेषणात्मक और एक दिशा में केंद्रित होता है, जहाँ कई विकल्पों को संकीर्ण करके एक सर्वोत्तम उत्तर पर
पहुँचा
जाता है। यह IQ परीक्षणों और मानकीकृत परीक्षाओं में अधिक उपयोगी है।
अभिसारी चिंतन की विशेषताएँ
- एकल समाधान: एक समस्या का एक सही उत्तर।
- तार्किक सोच: नियमों और पैटर्न का पालन।
- विश्लेषण: जानकारी को तोड़कर समझना।
- स्मृति आधारित: ज्ञात तथ्यों का उपयोग।
- समयबद्ध: तेज और कुशल निर्णय।
उदाहरण
कक्षा में शिक्षक पूछता है: "2 + 2 = ?"
उत्तर: 4। यहाँ बालक तार्किक गणना से एकल सही उत्तर देता है। एक अन्य उदाहरण: "भारत की राजधानी क्या है?"
उत्तर:
नई दिल्ली। ये प्रश्न अभिसारी चिंतन को प्रोत्साहित करते हैं, जहाँ एक ही सही उत्तर होता है।
अपसारी चिंतन से अंतर
अभिसारी और अपसारी चिंतन दोनों गिलफोर्ड के मॉडल का हिस्सा हैं, लेकिन इनमें महत्वपूर्ण अंतर हैं:
| विशेषता |
अभिसारी चिंतन |
अपसारी चिंतन |
| समाधान की संख्या |
एकल सही उत्तर |
एक से अधिक रचनात्मक उत्तर |
| फोकस |
तार्किक और विश्लेषणात्मक |
कल्पनाशील और सृजनात्मक |
| उपयोग |
IQ परीक्षण, समस्या समाधान |
नवाचार, ब्रेनस्टॉर्मिंग |
| उदाहरण |
गणितीय प्रश्न |
"पंख होते तो..." |
शैक्षणिक महत्व
अभिसारी चिंतन शिक्षा में बुनियादी ज्ञान, तर्क और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। यह परीक्षाओं,
विज्ञान
और गणित में उपयोगी है। गिलफोर्ड के अनुसार, दोनों प्रकार के चिंतन का संतुलन सृजनात्मक और बौद्धिक विकास के
लिए
आवश्यक है।
✅ आसान याद रखने की बातें
- परिभाषा: एक समस्या, एक सही समाधान - तार्किक सोच से।
- अंतर: अपसारी = कई उत्तर, अभिसारी = एक उत्तर।
- उदाहरण: "2+2=?" - उत्तर: 4।
- गिलफोर्ड का योगदान: चिंतन के दो प्रकार।
सारांश
अभिसारी चिंतन तार्किक सोच का आधार है, जो गिलफोर्ड के सिद्धांत पर आधारित है। यह अपसारी चिंतन के साथ मिलकर
पूर्ण बौद्धिक विकास सुनिश्चित करता है। शिक्षा में इसका उपयोग समस्या समाधान और मूल्यांकन में किया जाता
है।
बुद्धि का संरचना मॉडल क्या है?
बुद्धि का संरचना मॉडल (Structure of Intellect Model - SI) जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा विकसित एक बहुआयामी सिद्धांत है, जो बुद्धि को एकल कारक के बजाय कई स्वतंत्र क्षमताओं का संयोजन मानता है। यह मॉडल 1950 के दशक में विकसित हुआ और बाद में विस्तारित किया गया। इसमें बुद्धि को 120 से 180 विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं में विभाजित किया गया है, जो तीन मुख्य आयामों पर आधारित हैं। यह मॉडल बुद्धि परीक्षणों और शिक्षा में सृजनात्मकता को मापने के लिए उपयोगी है।
मॉडल के तीन मुख्य आयाम
SI मॉडल तीन आयामों पर आधारित है, जो एक क्यूबिकल संरचना बनाते हैं:
| आयाम |
विवरण |
उदाहरण |
| संचालन (Operations) |
मानसिक प्रक्रियाएँ जो व्यक्ति कैसे सोचता है। 5 प्रकार: संज्ञान (Cognition), स्मृति (Memory), अभिसरण (Convergent Production), अपसरण (Divergent Production), मूल्यांकन (Evaluation)। |
समस्या हल करना (अभिसरण) या नए विचार उत्पन्न करना (अपसरण)। |
| सामग्री (Contents) |
सोच की सामग्री या प्रकार। 6 प्रकार: आकृति (Figural), प्रतीक (Symbolic), अर्थपूर्ण (Semantic), व्यवहार (Behavioral), संख्यात्मक (Numeric)। |
शब्दों (अर्थपूर्ण) या आकृतियों (आकृति) पर सोचना। |
| उत्पाद (Products) |
सोच का परिणाम। 6 प्रकार: इकाई (Units), कक्षा (Classes), संबंध (Relations), प्रणाली (Systems), रूपांतरण (Transformations), निहितार्थ (Implications)। |
इकाई पहचानना या प्रणाली समझना। |
इन तीन आयामों के संयोजन से 5 × 6 × 6 = 180 संभावित क्षमताएँ बनती हैं, जिनमें से 100 से अधिक की पहचान की गई है।
मॉडल के घटक
- संज्ञान (Cognition): जानकारी को जानना या पहचानना।
- स्मृति (Memory): जानकारी को संग्रहीत और पुनः प्राप्त करना।
- अभिसरण उत्पादन (Convergent Production): ज्ञात जानकारी से एकल सही उत्तर उत्पन्न करना।
- अपसरण उत्पादन (Divergent Production): कई संभावित उत्तर उत्पन्न करना (सृजनात्मकता)।
- मूल्यांकन (Evaluation): निर्णय लेना और तुलना करना।
ये संचालन विभिन्न सामग्री और उत्पादों के साथ संयोजित होकर विशिष्ट क्षमताएँ बनाते हैं।
उदाहरण
अपसरण उत्पादन + अर्थपूर्ण सामग्री + इकाई उत्पाद = रचनात्मक लेखन क्षमता।
संज्ञान + संख्यात्मक सामग्री + संबंध उत्पाद = गणितीय संबंध समझना।
शैक्षणिक महत्व
यह मॉडल शिक्षा में बहुआयामी बुद्धि को पहचानने में मदद करता है। शिक्षक विशिष्ट क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जैसे सृजनात्मकता (अपसरण) को बढ़ावा देना। यह IQ परीक्षणों को विस्तारित करता है और व्यक्तिगत शिक्षा योजना में उपयोगी है।
✅ आसान याद रखने की बातें
- तीन आयाम: संचालन (5), सामग्री (6), उत्पाद (6) - 180 क्षमताएँ।
- संचालन प्रकार: संज्ञान, स्मृति, अभिसरण, अपसरण, मूल्यांकन।
- उद्देश्य: बुद्धि को बहुआयामी मानना।
सारांश
बुद्धि का संरचना मॉडल गिलफोर्ड का क्रांतिकारी सिद्धांत है, जो बुद्धि को जटिल नेटवर्क के रूप में देखता है। यह शिक्षा और मनोविज्ञान में सृजनात्मकता और क्षमता विकास के लिए आधार प्रदान करता है।