परिचय
एडवर्ड ली थार्नडाइक (Edward Lee Thorndike) शिक्षा मनोविज्ञान के प्रमुख सिद्धांतकार थे। उन्होंने व्यवहारवाद (Behaviorism) पर आधारित अधिगम सिद्धांत विकसित किया। थार्नडाइक के अनुसार, अधिगम एक परीक्षण-अंति-परीक्षण (Trial and Error) प्रक्रिया है। उनके मुख्य नियमों ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली को प्रभावित किया है।
मुख्य तीन नियम
थार्नडाइक द्वारा दिए गए अधिगम के मुख्य तीन नियम निम्नलिखित हैं:
- अभ्यास का नियम (Law of Exercise): किसी क्रिया का बार-बार अभ्यास करने से वह मजबूत होती है, जबकि अभ्यास न करने से कमजोर। यह स्मृति और कौशल विकास में सहायक है।
- तत्परता का नियम (Law of Readiness): जब कोई क्रिया करने के लिए व्यक्ति तैयार होता है, तो सफलता सुखद होती है, अन्यथा दर्दनाक। यह प्रेरणा से जुड़ा है।
- प्रभाव का नियम (Law of Effect): यदि क्रिया सुखद परिणाम देती है, तो वह दोहराई जाती है; दुखद परिणाम से टाली जाती है। यह पुरस्कार-दंड पर आधारित है।
गौण पाँच नियम
थार्नडाइक द्वारा दिए गए पाँच गौण नियम निम्नलिखित हैं:
- मनोवृत्ति का नियम (Law of Attitude): व्यक्ति की मानसिक अवस्था (Set) अधिगम को प्रभावित करती है। सकारात्मक मनोवृत्ति अधिगम को आसान बनाती है।
- बहुअनुक्रिया का नियम (Law of Multiple Response): समस्या समाधान के लिए व्यक्ति विभिन्न प्रतिक्रियाएँ आजमाता है जब तक सही न मिले।
- आंशिक क्रिया का नियम (Law of Partial Activity): अधिगम में केवल सक्रिय भाग मजबूत होता है; निष्क्रिय भाग कमजोर रहता है।
- आत्मीकरण का नियम (Law of Self Realization): अधिगम धीरे-धीरे जटिलताओं को आत्मसात करने से होता है, सरल से जटिल की ओर।
- साहचर्य परिवर्तन का नियम (Law of Associative Change): दो उत्तेजनाओं के बीच संबंध मजबूत या कमजोर हो सकता है, विशेष रूप से प्रतिस्पर्धा या सहयोग से।
✅ आसान याद रखने की बातें
- मुख्य नियम: अभ्यास (Practice), तत्परता (Readiness), प्रभाव (Effect) - PRE
- गौण नियम: मनोवृत्ति, बहुअनुक्रिया, आंशिक, आत्मीकरण, साहचर्य - MBAA S
- आधार: परीक्षण-अंति-परीक्षण (Trial and Error)
सारांश
थार्नडाइक के नियम अधिगम को वैज्ञानिक आधार प्रदान करते हैं। ये शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में अभ्यास, प्रेरणा और प्रतिक्रिया के महत्व को रेखांकित करते हैं। आधुनिक शिक्षा में इनका उपयोग प्रोत्साहन और व्यवहार परिवर्तन के लिए किया जाता है।